
चेन्नई के पेरुम्बक्कम स्थित एक प्रमुख निवासी समुदाय, बोलिनेनी हिलसाइड, तमिलनाडु में सबसे बड़े सौर छत प्रतिष्ठान के लिए सम्मानित किया गया है। यह 1295 इकाइयों वाला गेटेड कम्युनिटी, जो ओल्ड महाबलीपुरम रोड के पास स्थित है, राज्य की सौर ऊर्जा पहल में एक मिसाल बन गया है।
बोलिनेनी हिलसाइड को यह पुरस्कार रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशंस (आरडब्ल्यूए) की श्रेणी में मिला है, जो तमिलनाडु के सौर ऊर्जा विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इसके छत पर लगाए गए सोलर पैनल न केवल पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को दर्शाते हैं बल्कि ऊर्जा की बचत और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी प्रोत्साहित करते हैं।
इस परियोजना की शुरुआत कुछ वर्ष पहले हुई थी, जब समुदाय ने मिलकर नवीनीकृत ऊर्जा स्रोतों पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया। स्थानीय प्राधिकरणों और सौर ऊर्जा कंपनियों की सहभागिता से इसे सुगम बनाया गया। इस प्रतिष्ठान की क्षमता हजारों घरों को ऊर्जा प्रदान करने के बराबर है, जिससे न केवल बिजली बिलों में कमी आई है, बल्कि बिजली की मांग पर भी सकारात्मक असर पड़ा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की पहलें पूरे राज्य में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने में सहायक साबित होंगी। बिलकुल स्पष्ट है कि बोलिनेनी हिलसाइड का यह कदम अन्य आरडब्ल्यूए के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा, जो पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक बचत दोनों को प्राथमिकता देते हैं।
समुदाय के सदस्यों ने इस उपलब्धि को साझा करने पर खुशी जताई और भविष्य में भी ऐसे पर्यावरणीय अनुकूल प्रोजेक्ट्स के लिए प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया। तमिलनाडु सरकार ने भी इस पहल को सार्वजनिक रूप से सराहा है और कहा है कि राज्य में सौर ऊर्जा क्षेत्र का विकास निरंतर तेजी से हो रहा है।
इस सफलता के साथ, बोलिनेनी हिलसाइड ने साबित कर दिया है कि सामूहिक प्रयासों से न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि व्यापक स्तर पर भी स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में प्रभावी परिवर्तन लाया जा सकता है। आने वाले समय में अन्य रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशंस भी इस मॉडल को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे, जिससे तमिलनाडु में सौर ऊर्जा की उपलब्धता और उपयोग बढ़ेगा।












