सिरोही। जब जिम्मेदार अफसर खुद साइकिल की घंटी के साथ सडक़ों पर उतरें, तो संदेश केवल शब्दों में नहीं, बल्कि पूरे शहर की सोच में उतर जाता है। सिरोही में इन दिनों कुछ ऐसा ही प्रेरणादायी दृश्य देखने को मिल रहा है, जहां पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पेट्रोल-डीजल बचाने, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए साइकिल पर कार्यालय और निरीक्षण कार्य कर नई मिसाल पेश कर रहे हैं।
जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर द्वारा शुरू की गई यह संदेशात्मक पहल अब जिले के पुलिस अधिकारियों तक भी पहुंच चुकी है। रविवार शाम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित पुलिस अधिकारियों ने साइकिल पर शहर में सांयकालीन गश्त कर आमजन को ऊर्जा संरक्षण और फिटनेस का संदेश दिया। अधिकारियों की इस अनूठी मुहिम को शहरवासियों ने उत्साह और सराहना के साथ देखा। सडक़ों पर जब पुलिस अधिकारी साइकिल से गश्त करते नजर आए, तो लोगों में उत्सुकता के साथ सकारात्मक सोच भी जागृत हुई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक किशोरसिंह चौहान, डीएसपी मुकेश चौधरी, सब इंस्पेक्टर प्रेमसिंह तथा कोतवाली के सहायक उपनिरीक्षक सचिंद्र रतनू ने शहर के विभिन्न मार्गों पर साइकिल से गश्त की। इस दौरान अधिकारियों ने यातायात व्यवस्था का जायजा लिया तथा आमजन से कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील भी की।
प्रदूषण घटाने और ईंधन बचाने की अपील
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण और ईंधन की खपत को देखते हुए साइकिल चलाने जैसी आदतों को बढ़ावा देना बेहद आवश्यक है। साइकिल न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अधिकारियों ने कहा कि यदि छोटी दूरी के लिए लोग मोटर वाहनों की बजाय साइकिल का उपयोग करें, तो पेट्रोल और डीजल की बड़ी मात्रा में बचत की जा सकती है तथा प्रदूषण को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है। साइकिल गश्त के दौरान अधिकारियों ने शहर के प्रमुख मार्गों, बाजार क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण किया। साथ ही व्यापारियों और आमजन से संवाद कर यातायात नियमों की पालना, हेलमेट पहनने और सडक़ सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की अपील भी की। इस पहल का उद्देश्य केवल गश्त करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी का संदेश देना भी रहा। पुलिस विभाग की इस अनूठी पहल को लोगों ने प्रेरणादायी बताया। कई युवाओं ने कहा कि जब अधिकारी स्वयं साइकिल चलाकर उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं, तो इससे फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण के प्रति नई जागरूकता पैदा होगी।












