
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के दौरे पर रहेंगे। उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन करना है। प्रधानमंत्री सुबह 11:15 बजे सहारनपुर पहुंचेंगे, जहां वे वाइल्डलाइफ सेक्शन का निरीक्षण करेंगे और फिर मां डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उनके साथ रहेंगे।
प्रधानमंत्री का हेलिकॉप्टर सहारनपुर के गणेशपुर हेलीपैड पर पहुंचेगा, जहां से वे मनोहरपुर जाएंगे। वहां बनाए गए पंडाल में वे कॉरिडोर से जुड़ा वीडियो देखेंगे और वाइल्डलाइफ कॉरिडोर की समीक्षा करेंगे। समीक्षा के बाद प्रधानमंत्री कार से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे यानी एलिवेटेड कॉरिडोर पर पहुंचकर निरीक्षण करेंगे। तत्पश्चात वे उत्तराखंड सीमा पर स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ जय मां डाट काली मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना करेंगे।
दोपहर करीब 12:30 बजे वे देहरादून में जनसभा को सम्बोधित करेंगे और वहीं से इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। 212 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे लगभग 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बना है, जो करीब 4 वर्षों में तैयार हुआ है। इसका लगभग 64 प्रतिशत हिस्सा यानी 135 किलोमीटर उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। उद्घाटन के बाद दिल्ली से देहरादून तक की यात्रा का समय लगभग छह घंटे से घटकर तीन घंटे तक पहुंच जाएगा, जिससे क्षेत्र में यातायात और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
सहारनपुर में पीएम के स्वागत के लिए तलवारबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। मंदिर परिसर को वृंदावन और पश्चिम बंगाल से मंगाए गए सौ किलो से अधिक ताजा फूलों से सजाया गया है। सुरक्षा के लिहाज से तीन हजार से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। इसमें पीएसी और आरएएफ की टीमें भी शामिल हैं। एसपीजी और खुफिया एजेंसियों ने हेलीपैड, जनसभा स्थल तथा पूरे रूट का बड़े पैमाने पर निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया है।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर में छह लेन वाली सड़क के साथ दस इंटरचेंجز, तीन रेलवे ओवरब्रिज और चार बड़े पुल बनाए गए हैं। इसके अलावा, इसमें 12 वे-साइड सुविधाएं और एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम भी लगाया गया है। विशेष बात यह है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए 12 किलोमीटर लंबा वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया गया है, जिसे एशिया का सबसे लंबा माना जा रहा है। इसके अलावा आठ एनिमल पास, दो 200-200 मीटर के हाथी अंडरपास और डाट काली मंदिर के समीप 370 मीटर लंबी टनल भी शामिल है, जिससे स्थानीय जीव-जंतुओं की आवाजाही सुरक्षित बनी रहेगी।
लोकसभा चुनाव के बाद सहारनपुर के लिए यह प्रधानमंत्री का पहला दौरा है। इससे पहले वे 6 अप्रैल 2024 को सहारनपुर आ चुके हैं। इसके पूर्व सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सहारनपुर जाकर तैयारियों का जायजा लिया था। इस दौरे से क्षेत्र में विकास को नया impetus मिलने की उम्मीद है, साथ ही धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी बढ़ेगा।











