केवल शादी नहीं बल्कि सेवा का संकल्प, रामपुरा में बेटी के विवाह ने जगाई करुणा की अलख
बेटी के विवाह में दिखा गौसेवा का अनूठा संगम खौड़ (पाली)। अक्सर शादियां सिर्फ उत्सव बनकर रह जाती हैं, लेकिन ग्राम पंचायत बडेरावास के गांव रामपुरा में एक विवाह ने इस परंपरा को नई दिशा दे दी। सरपंच लीला चौधरी और अमराराम चौधरी ने अपनी पुत्री के विवाह को सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए इसे गौसेवा के महाअभियान में बदल दिया। रविवार रात जहां आमतौर पर बंदोली की धूम होती है, वहीं यहां गौ भक्ति संध्या का आयोजन हुआ। रामपुरा खैरवा स्थित प्रभु प्रेमी गौशाला में सजी इस संध्या ने पूरे क्षेत्र को सेवा, संवेदना और संस्कारों के रंग में रंग दिया। प्रसिद्ध गायक ओम मुंडेल और उनकी टीम ने जैसे ही मंच संभाला, वातावरण भक्ति में डूब गया। गौ माता री सेवा सूं मोटो ना कोई धरम जैसे भजनों पर श्रोता देर रात तक झूमते रहे। यह महज सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक ऐसा भावनात्मक जागरण था, जहां हर व्यक्ति ने खुद को गौसेवा से जुड़ा हुआ महसूस किया। यह आयोजन रामपुरा खैरवा स्थित प्रभु प्रेमी गौशाला में हुआ, जिसने पूरे क्षेत्र में सेवा और संस्कार का संदेश फैलाया। गौ भक्ति संध्या में प्रसिद्ध गायक ओम मुंडेल और उनकी टीम ने गौ माता की महिमा का ऐसा रस घोला कि पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा। गौ माता री सेवा सूं मोटो ना कोई धरम… जैसे भजनों पर श्रोता देर रात तक झूमते रहे। यह केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि गौसेवा के प्रति भावनात्मक जागरण का सजीव दृश्य था, जहां हर व्यक्ति ने खुद को इस पुण्य कार्य से जुड़ा महसूस किया। घोषणाओं की गूंज, गौशाला विकास के लिए उमड़ा सहयोग इस प्रेरणादायक आयोजन में भामाशाहों ने दिल खोलकर सहयोग की घोषणाएं कीं, जिससे गौशाला विकास को नई दिशा मिली। पुनाराम लच्छाराम देवड़ा (कराड़ी, हाल पुणे) ने गौशाला में कार्यालय निर्माण की घोषणा की। अचलाराम नाराराम पंवार (गोदावास) एवं महेंद्रकुमार देवाराम राठौड़ (आंकड़ावास) ने संयुक्त रूप से स्वराज 733 मॉडल ट्रैक्टर भेंट करने का संकल्प लिया। भंवरलाल, खरताराम, रमेश कुमार, पुखराज पुत्र गोमाराम आगलेचा ने लगभग 7 लाख रुपए की लागत से पक्षी घर व चबूतरा बनाने की घोषणा की। रामलाल पुत्र मोतीलाल सेणचा (रामपुरा, हाल गांधीधाम) ने ट्रैक्टर ट्रॉली देने की घोषणा की। कन्याबाई पत्नी वेनाराम मुलेवा एवं भंवर शिवसेना ने चारा कुतर मशीन भेंट करने का संकल्प लिया। सुखीबाई पत्नी दिवंगत लुंबाराम काग ने ट्रैक्टर कल्टीवेटर, तथा भंवरलाल पुत्र मूलाराम पंवार (बाड़सा, पुणे) ने सीड ड्रिल कल्टीवेटर देने की घोषणा की। विद्यादेवी पत्नी खरताराम काग (सोडावास, हाल मुंबई) ने गौ माता हेल्प मशीन भेंट की। डूंगाराम पुत्र हेमाराम वर्पा (गोदावास) ने डिस्क प्लाऊ (दो तवी) देने का संकल्प लिया। नारायणलाल पुत्र पकाराम काग ने गौशाला से जुड़े सभी जेसीबी कार्य अपनी मशीन से निशुल्क करने की घोषणा की। इसके साथ ही विंजाराम भीलवाड़ा, दुर्गाराम सेंणचा, कोलाराम सेंणचा, देवीलाल अड़ाणिया सोनी, लुंबाराम चोयल, पपसा चोयल, मुकेशकुमार आगलेचा, तिलोकराम, डूंगाराम सेंणचा, मांगीलाल आगलेचा, देवाराम केनपुरा, शेराराम सेंणचा, डूंगाराम काग, नारायणलाल मुलेवा मेवाड़, चंपादेवी चौहान, पिंकीदेवी सेंणचा, गुडियाबाई पाली, प्रवीणकुमार नथाराम आगलेचा (रामपुरा) एवं रताराम-रुपाराम देवासी (केनपुरा) सहित अनेक भामाशाहों ने नकद राशि देकर गौशाला को सशक्त बनाने में योगदान दिया। सम्मान और आभार, सेवा ही सबसे बड़ा संस्कार सरपंच लीला चौधरी और अमराराम चौधरी ने सभी भामाशाहों का साफा, शॉल और माला पहनाकर अभिनंदन किया। अमराराम चौधरी ने भावुक शब्दों में कहा किबेटी का विवाह तो केवल एक निमित्त है, हमारा उद्देश्य गौसेवा के इस पुण्य कार्य को आगे बढ़ाना है। जिन दानदाताओं ने सहयोग दिया, हम उनके सदैव आभारी रहेंगे। जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने बढ़ाई गरिमा इस प्रेरणादायक आयोजन में कैबिनेट मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक जोराराम कुमावत, सांसद पीपी चौधरी, पाली प्रधान मोहनीदेवी पुखराज पटेल, अखिल भारतीय सीरवी समाज के महासचिव भंवर चौधरी, सहित आसपास के गांवों के पंच-पटेल और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। एक संदेश जो दिलों में बस गया यह आयोजन सिर्फ एक शादी नहीं, बल्कि समाज को जोडऩे, सेवा को बढ़ावा देने और संस्कारों को जीवित रखने का उदाहरण बन गया। रामपुरा की इस पहल ने साबित कर दिया कि जब खुशियों में सेवा का रंग घुल जाता है, तो वह अवसर प्रेरणा की मिसाल बन जाता है।



















