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संयम दीक्षा: कोमल कुमारी के वर्षीदान वरघोड़े से गूंजा भटाना

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महावीर जैन
सिरोही। जिले की रेवदर तहसील के भटाना गांव में मुमुक्षु कोमल कुमारी पुखराज परमार का भव्य वर्षीदान वरघोड़ा निकाला गया। आराध्यदेव शांतिनाथ भगवान की पावन छाया में सूरिमंत्र समाराधक आचार्य रविरत्नसूरीऔर जयेशरत्नसूरी आदि साधु-साध्वी भगवंतों के शुभ सानिध्य में यह आयोजन हुआ। वरघोड़े में ढोल, शहनाई, मंडलियां, बैंड-बाजे, घोड़ी का रथ और मुमुक्षु की बग्गी जैसे अनेक आकर्षण शामिल थे। मुमुक्षु कोमल अपनी माता मंजुला बेन पुखराज परमार परिवार के साथ बग्गी में बैठकर दीक्षा से पहले अनेक वस्तुओं का उदारतापूर्वक दान कर वर्षीदान किया। यह वरघोड़ा नगर में घूमते हुए जैन मंदिर पहुंचा, जहां धर्मसभा में परिवर्तित हुआ। इस दौरान धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य ने कहा कि दीक्षा देने वाले और ग्रहण करने वाले दोनों ही प्रशंसा के पात्र हैं। माता-पिता अपनी पुत्री को मोह-माया छोडक़र दीक्षा दिलाते हैं, जबकि मुमुक्षु संसार की ममता का त्याग कर दीक्षा ग्रहण करती है। मुमुक्षु कोमल ने चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) की डिग्री प्राप्त की हुई है और वह आईसीआईसीआई बैंक में कार्यरत थीं। मुमुक्षु कोमल में वैराग्य का भाव शत्रुंजय महातीर्थ पालीताना की 99 बार पैदल यात्रा करते-करते जागृत हुआ। पालीताना में विराजित दादा आदिनाथ भगवान के पथ पर चलने की प्रेरणा से उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और गुरु चरणों में संयम की ट्रेनिंग ली। अब वह चालीस अंगीकार करने जा रही हैं। उन्होंने बताया कि संयम जीवन में सीए का मतलब चार्टर्ड एकाउंटेंट नहीं, बल्कि चारित्र अंगीकार करना है। संघ के अग्रणी केवल भाई ने बताया कि बुधवार को सुबह शुभ मुहूर्त में आचार्य भगवंत मुमुक्षु कोमल को ओघा प्रदान कर दीक्षा ग्रहण करवाएंगे।

Kamlesh Purohit
Kamlesh Purohit
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