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सिरोही कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर को मिला एक्सीलेंस पुरस्कार

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लखपति दीदी योजना में उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य स्तर पर हुआ सम्मान

सिरोही। लोक सेवा दिवस के अवसर पर जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में सिरोही जिला कलेक्टर रोहिताश्वसिंह तोमर को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के हाथों सीएम एक्सीलेंस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें फ्लैगशिप योजनाओं की श्रेणी में बारां जिले में पदस्थापन के दौरान लखपति दीदी योजना के तहत किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदान किया गया। यह उपलब्धि न केवल सिरोही जिले के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे राज्य प्रशासनिक तंत्र के लिए प्रेरणादायक उदाहरण भी बनकर उभरी है। तोमर के नेतृत्व में बारां जिले में ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में जो बदलाव देखने को मिला, उसने इस योजना को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। लखपति दीदी योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोडऩे की सुविधाएं प्रदान की जाती हैं, ताकि वे अपनी आय बढ़ाकर सालाना एक लाख रुपए या उससे अधिक कमा सकें।
योजना की प्रारंभिक अवस्था को चरम तक पहुंचाया
बारां जिले में जब रोहिताश्वसिंह तोमर ने पदभार संभाला, तब यह योजना प्रारंभिक अवस्था में थी। कई समूह सक्रिय नहीं थे और महिलाओं को योजना के लाभों की पूरी जानकारी भी नहीं थी। ऐसे में तोमर ने इसे मिशन मोड में लागू करते हुए व्यापक बदलाव की शुरुआत की। तोमर के नेतृत्व में प्रशासन ने गांव-गांव जाकर महिलाओं को योजना से जोडऩे का अभियान चलाया। उन्होंने केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर जाकर समूहों की समस्याओं को समझा और उनका समाधान किया। अधिकारियों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से घर-घर जाकर महिलाओं को योजना के बारे में जानकारी दी गई। महिलाओं को सिलाई, बुनाई, डेयरी, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प आदि क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया गया।
बैंकिंग और वित्तीय समावेशन
स्वयं सहायता समूहों को बैंक से जोडक़र उन्हें आसान ऋण सुविधा उपलब्ध कराई गई। महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों को स्थानीय और ऑनलाइन बाजारों से जोडऩे के प्रयास किए गए, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई। तोमर के प्रयासों का सबसे बड़ा प्रभाव महिलाओं की आय में वृद्धि के रूप में सामने आया। कई महिलाएं, जो पहले आर्थिक रूप से निर्भर थीं, आज स्वयं अपने परिवार की आय का प्रमुख स्रोत बन चुकी हैं।
बारां जिले में हजारों महिलाओं ने इस योजना के माध्यम से अपनी आय को बढ़ाकर लखपति दीदी बनने का लक्ष्य हासिल किया। इससे न केवल उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ, बल्कि समाज में उनकी स्थिति भी मजबूत हुई।
सामाजिक बदलाव की मिसाल बना बारां मॉडल
बारां जिले में लागू किया गया यह मॉडल केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का भी कारण बना। परिवारों में निर्णय लेने की क्षमता में उनकी भागीदारी बढ़ी
बेटियों की शिक्षा पर जोर बढ़ा। यह मॉडल अब अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बन चुका है और राज्य स्तर पर इसे अपनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। तोमर ने इस योजना को सफल बनाने के लिए केवल प्रशासनिक मशीनरी पर निर्भर नहीं रहे, बल्कि स्थानीय समुदाय, स्वयंसेवी संस्थाओं और बैंकिंग संस्थानों को भी साथ जोड़ा। पुरस्कार प्रदान करते समय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने रोहिताश्व सिंह तोमर के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के नवाचार और समर्पण से ही सरकारी योजनाएं वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचती हैं। उन्होंने कहा कि बारां में किया गया कार्य अन्य जिलों के लिए मार्गदर्शक है और इससे राज्य की विकास यात्रा को नई दिशा मिलेगी। वर्तमान में सिरोही के जिला कलेक्टर के रूप में कार्यरत तोमर की इस उपलब्धि से जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों में खुशी की लहर है। सिरोही के लोगों का मानना है कि जिस प्रकार उन्होंने बारां में उत्कृष्ट कार्य किया, उसी तरह वे यहां भी विकास की नई इबारत लिखेंगे। रोहिताश्व सिंह तोमर की कार्यशैली युवा प्रशासनिक अधिकारियों के लिए प्रेरणा बन रही है। उनका फोकस हमेशा परिणामों पर रहता है और वे हर योजना को आम जनता तक पहुंचाने के लिए नवाचार करने से पीछे नहीं हटते। उनकी यह उपलब्धि यह दर्शाती है कि यदि इच्छाशक्ति और समर्पण हो, तो सरकारी योजनाओं के माध्यम से समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। लखपति दीदी योजना की सफलता के बाद अब राज्य सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। आने वाले समय में इन समूहों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोडऩे, ई-कॉमर्स के माध्यम से उत्पादों की बिक्री बढ़ाने और नई तकनीकों का उपयोग करने पर जोर दिया जाएगा।
एक अधिकारी, जिसने बदल दी हजारों जिंदगियां
रोहिताश्व सिंह तोमर को मिला सीएम एक्सीलेंस पुरस्कार केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उन हजारों महिलाओं की मेहनत और संघर्ष की भी पहचान है, जिनके जीवन में इस योजना के माध्यम से सकारात्मक बदलाव आया है। बारां जिले में उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों ने यह साबित कर दिया है कि सही नेतृत्व और प्रभावी क्रियान्वयन से सरकारी योजनाएं वास्तव में समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकती हैं।

Kamlesh Purohit
Kamlesh Purohit
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