Hot News

‘भूत बंगला’ मूवी रिव्यू: मरे हुए जोक्स चलते फिरते

Share News!

नई दिल्ली। बॉलीवुड के प्रमुख अभिनेता अक्षय कुमार और अनुभवी निर्देशक प्रियदर्शन अपनी नई फिल्म “भूत बंगला” के साथ दर्शकों के सामने आए हैं। यह फिल्म हॉरर-कॉमेडी शैली में बनी है, लेकिन इसके बारे में दर्शकों और समीक्षकों के मत दर्शाते हैं कि यह एक थका देने वाला और फार्मूला-आधारित प्रयास है जो उनके पुराने तेज को पुनः खोजने का प्रयास करता है।

अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी ने पहले भी कई सुपरहिट कॉमेडी और हॉरर-कॉमेडी फ़िल्में दी हैं। उनके इतिहास को देखते हुए, “भूत बंगला” से उम्मीदें काफी ऊँची थीं। हालांकि, यह फिल्म पुरानी सफलता के वजन तले दबती हुई नजर आती है और अनुभवहीन स्क्रिप्ट तथा पटकथित झलक पेश करती है। फिल्म का स्वरूप दर्शकों को नया कुछ नहीं देता, बल्कि पुरानी शैली का थका देने वाला पुनरावृत्तिपूर्ण संस्करण प्रतीत होता है।

फिल्म के कथानक में जादू-टोना और भुतहा बंगले के क्लिच शामिल हैं, जो पहले हजारों बार देखे और सुने जा चुके हैं। निर्देशक की नयी सोच और नवाचार की कमी फिल्म के हर पहलू में देखने को मिलती है। अक्षय कुमार के अभिनय में भी उस चीख-पूछ की चमक कम दिखती है जो उनकी पिछली फिल्मों में हमें लुभा चुकी थी। फिल्म की कॉमेडी अधिकतर अभद्र और अतिप्रशंसित लगती है, जो दर्शकों से जुड़ने में विफल होती है।

सिनेमा प्रेमी और समीक्षक यह मानते हैं कि “भूत बंगला” किसी भी नयेपन को प्रस्तुत करने में असफल है। यह एक ऐसी फिल्म है, जो केवल अपने पुराने दौर की प्रसिद्धि का निशान छोड़ना चाहती है, पर सफल नहीं हो पाती। बॉक्स ऑफिस पर भी फिल्म का प्रदर्शन औसत से कम बताया जा रहा है, जो दर्शाता है कि दर्शक इसका बेसब्री से इंतजार नहीं कर रहे थे।

कुल मिलाकर, “भूत बंगला” अक्षय कुमार और प्रियदर्शन के लिए एक निराशाजनक प्रस्तुति साबित हुई है। जिन्हें हॉरर-कॉमेडी से कुछ नया और ताजगी भरा अनुभव मिलने की उम्मीद थी, वे इस फिल्म से निराश हो सकते हैं। अगर ये कलाकार फिर से अपने पुरानी फार्मूले में फंसकर नहीं निकले, तो उनका भविष्य और भी अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

फिल्म की कहानी, संवाद और निर्देशन में नवीनता की कमी इसके सबसे बड़े नुकसान हैं। हॉरर और कॉमेडी दोनों के सही तालमेल के अभाव ने फिल्म की अपील को बहुत हद तक नुकसान पहुंचाया है। ऐसी स्थितियों में दर्शक और समीक्षक दोनों की प्रतिक्रियाएँ स्पष्ट कर रही हैं कि इस जोड़ी को दोबारा नई ऊर्जा और विचारधारा के साथ काम करना होगा ताकि वे फिर से अपनी मशहूर पहचान बना सकें।

Shopping Cart
Scroll to Top
क्रिकेट के 73 नियम बदले