मुंबई। साई तमंहारक, जिन्होंने महाराष्ट्र की फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई है, ने हाल ही में अपने करियर, चुनौतियों और फिल्मों की सफलता और असफलता पर अपने विचार साझा किए। लंबे समय से फिल्म जगत में सक्रिय साई तमंहारक ने बताया कि वे किस तरह फिल्मी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं।
साई ने अपने इंटरव्यू में कहा, “फिल्म इंडस्ट्री में बने रहना आसान काम नहीं है। हर दिन कुछ नया सीखना पड़ता है और लोगों की रुचि बनाए रखना भी चुनौतीपूर्ण होता है। मैं हमेशा अपने काम को लेकर ईमानदार रही हूँ और इसी वजह से मुझे अलग-अलग भाषाओं में काम करने का मौका मिला।”
उन्होंने आगे बताया कि उनके लिए सफलता और असफलता दोनों ही महत्वपूर्ण हैं, लेकिन वे दोनों को बहुत गंभीरता से नहीं लेतीं। “ सफलता और असफलता दोनों ही कड़ी मेहनत के हिस्से हैं, इनसे सीखना जरूरी है। हालांकि, मैं अपनी फिल्मों की प्रतिक्रिया को जानते हुए भी, उसे बहुत गंभीरता से नहीं लेती, क्योंकि यह मेरा पुनः प्रयास करने का उत्साह बनाता है।”
साई ने लोगों की धारणाओं को चुनौती देने की भी बात कही। उनका मानना है कि वह हमेशा नए किरदार निभाकर और विविधता लाकर कहीं एक ही तरह की छवि से बाहर निकलना चाहती हैं। उन्होंने कहा, “लोगों की सोच को बदलना मेरे लिए एक मिशन है। मैं उन कलाकारों में से हूँ जो सिर्फ अभिनय के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी सोच और कार्यशैली से भी लोगों के मन में जगह बनाना चाहती हैं।”
अपने करियर के सफर को याद करते हुए साई ने कहा, “कभी-कभी कुछ कार्यक्षेत्र में बदलाव लाना आवश्यक होता है। मैंने ऐसा किया और मैंने कई भाषाओं में काम किया जो मेरे लिए एक सीखने का अनुभव रहा। इससे मुझे अभिनय की नयी विधाओं को समझने और अपनाने का मौका मिला।”
उन्होंने यह भी माना कि इंडस्ट्री में टिके रहने के लिये धीरज और लगातार मेहनत बेहद जरूरी है। “कुछ पल का फेम आपको स्थायी सफलता नहीं देता। इसके लिये थोड़ी बहुत काबिलियत के साथ साथ, लगातार काम करते रहना और बेहतरीन परिणाम देना होता है।”
साई तमंहारक का मानना है कि अभिनय के प्रति उनका समर्पण और उनकी कड़ी मेहनत ही उन्हें लंबे समय तक इस उद्योग में स्थापित रखेगी। उनके अनुभव और दृष्टिकोण ने अनेक नए कलाकारों के लिए प्रेरणा का काम किया है।












