
ग्रामीण क्षेत्रों में शादी-ब्याह और धार्मिक आयोजनों पर असर, आपूर्ति सुधारने के दिए सुझाव
सिरोही। जिले में कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की लगातार बनी हुई किल्लत अब एक गंभीर जनसमस्या का रूप लेती जा रही है। इस मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा से सीधे फोन पर बात कर स्थिति से अवगत कराया और तत्काल समाधान की मांग की। लोढ़ा ने मंत्री का ध्यान विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की ओर आकर्षित करते हुए बताया कि वहां कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी कमी के कारण शादी-विवाह और धार्मिक समारोहों के आयोजन में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के सामाजिक और पारिवारिक आयोजनों में गैस की उपलब्धता बेहद जरूरी होती है, लेकिन वर्तमान स्थिति में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंत्री को भेजे गए पत्र में संयम लोढ़ा ने विस्तार से बताया कि सिरोही जिले की ग्रामीण गैस एजेंसियों को कॉमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति अनियमित रूप से हो रही है। कई एजेंसियों को पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है। इसका सीधा असर आमजन पर पड़ रहा है, खासकर उन परिवारों पर जिनके यहां विवाह या अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होने वाले हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई जगहों पर लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिलने के कारण वैकल्पिक व्यवस्थाएं करनी पड़ रही हैं, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
प्रशासनिक प्राथमिकता से वितरण की मांग
पूर्व विधायक लोढ़ा ने मंत्री से आग्रह किया कि इस समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन को निर्देशित किया जाए कि वह कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों का वितरण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करे। विशेष रूप से शादी-विवाह और धार्मिक आयोजनों के लिए सिलेंडरों की उपलब्धता को प्राथमिकता दी जाए, ताकि सामाजिक कार्यक्रमों में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे आयोजनों के लिए सिलेंडरों का वितरण प्रशासनिक अनुमति के आधार पर किया जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और वास्तविक जरूरतमंदों को ही प्राथमिकता मिल सके।
मांग के अनुसार आपूर्ति के निर्देश देने की अपील
लोढ़ा ने मंत्री सुमित गोदारा से यह भी मांग की कि गैस आपूर्ति करने वाली कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि वे जिले की वास्तविक मांग के अनुसार कॉमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करें। वर्तमान में आपूर्ति की कमी के कारण स्थिति बिगड़ती जा रही है, जिसे समय रहते नियंत्रित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि कंपनियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएं और आपूर्ति प्रणाली को मजबूत किया जाए, तो इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है।
व्यावसायिक और सामाजिक उपयोग में संतुलन जरूरी
लोढ़ा ने अपने सुझाव में यह भी उल्लेख किया कि कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों के वितरण में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। एक ओर जहां शादी-विवाह और धार्मिक आयोजनों के लिए प्राथमिकता दी जानी चाहिए, वहीं शेष सिलेंडरों को व्यावसायिक उपयोग के लिए भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित न हों। उन्होंने कहा कि यदि इस दिशा में स्पष्ट नीति बनाई जाती है, तो दोनों प्रकार की आवश्यकताओं को संतुलित किया जा सकता है और किसी भी वर्ग को असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।












