Hot News

Author name: Kamlesh Purohit

‘Pallichattambi’ movie review: Tovino Thomas’ ahistorical period drama undone by heavy-handed approach
मनोरंजन

‘पल्लीछत्तांबी’ मूवी रिव्यू: तोविनो थॉमस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वाली फिल्म भारी-भरकम अंदाज में कमजोर

केरल के स्वतंत्रता संग्राम के उथल-पुथल भरे दौर को प्रस्तुत करते हुए दिजो जोस एंटोनी निर्देशित ‘पल्लीछत्तांबी’ फिल्म ने रिलीज के बाद दर्शकों और आलोचकों का ध्यान खींचा है। इस फिल्म की पटकथा और निर्देशन में एक पुराना और ठहराव भरा नजरिया देखने को मिलता है, जो आधुनिक सिनेमाई शैली से मेल नहीं खाता। फिल्म की कहानी स्वतंत्रता संग्राम के संघर्षों और नायकों पर आधारित है, लेकिन इसकी प्रस्तुति में नया और ताजा दृष्टिकोण न होने के कारण यह अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ पाती। तोविनो थॉमस द्वारा निभाया गया मुख्य किरदार अपनी दमदार एक्ट्रिंग के बावजूद इस भारी-भरकम निर्देशन के अधीन दब जाता है। निर्देशक दिजो जोस एंटोनी ने जो ऐतिहासिक संदर्भ चुना है, वह विषय के लिए संभ्रांत और महत्वपूर्ण है, लेकिन फिल्म निर्माण के तरीके में उन्होंने पुरानी पद्धतियों से ज्यादा कुछ नया अपनाने की कोशिश नहीं की। यह फिल्म आज के दर्शकों की बढ़ती अपेक्षाओं को पूरी तरह से पूरा करने में असमर्थ रहती है। फिल्म की पटकथा में कई जगह संवादों और दृश्यों की धीमी गति से कहानी में रूचि कम होती है। इसकी वजह यह है कि कथानक को आधुनिक रुझानों के अनुसार नहीं बदला गया है, जिससे फिल्म दर्शकों के लिए बोझिल प्रतीत होती है। तकनीकी पक्ष से देखें तो फिल्म की छायांकन और पृष्ठभूमि संगीत अपनी भूमिका ठीक-ठाक निभाते हैं, लेकिन वह भी निर्देशक के पुराने सोच के दायरे में कहीं खो जाते हैं। यह कदम फिल्म की समग्र प्रस्तुति को और कमजोर करता है। इसके अलावा, ‘पल्लीछत्तांबी’ की गहराई और नैतिक जटिलताओं की पूरी तरह से पड़ताल न कर पाना भी इसके कमजोर पक्षों में गिना जा सकता है। यह ऐतिहासिक ड्रामा बनाम कलाकारों के प्रदर्शन के बीच संघर्ष बनी रहती है। आखिरकार, ‘पल्लीछत्तांबी’ आज के समय के लिए वह प्रभावपूर्ण ऐतिहासिक फिल्म साबित नहीं होती, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। पुराने फिल्म निर्माण तरीकों के चलते यह एक गंभीर विषय को अपेक्षित गंभीरता में प्रस्तुत नहीं कर पाई। फिल्म प्रेमियों और इतिहास के प्रति रुचि रखने वालों के लिए यह फिल्म एक प्रयास जरूर है, लेकिन निश्चित ही इसे एक समय-सापेक्ष, ताजा और प्रभावशाली प्रस्तुति की जरूरत थी जिससे यह और अधिक जीवंत और असरदार साबित हो सके।

ECB to review injury replacements rule after fresh round of criticism
खेल जगत

ईसीबी चोट रिप्लेसमेंट नियम की समीक्षा करेगा नई आलोचनाओं के बाद

लैंकेशायर क्रिकेट टीम एक अप्रत्याशित स्थिति में है क्योंकि टोम बेली को अजित सिंह डाले की जगह एक समान विकल्प के रूप में नहीं चुना गया। यह निर्णय टीम के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि डाले के चोटिल होने के बाद उनकी जगह पर एक विश्वसनीय खिलाड़ी की आवश्यकता थी। अजित सिंह डाले, जो लैंकेशायर के मुख्य तेज गेंदबाजों में से एक हैं, हाल ही में चोट के कारण टीम से बाहर हो गए हैं। उनकी अनुपस्थिति में, टीम प्रबंधन ने टोम बेली को उनके स्थान पर भेजने का प्रस्ताव दिया, लेकिन यह प्रस्ताव फंसा रह गया। टोम बेली ने इस भूमिका को स्वीकार करने से मना कर दिया, जिसके बाद टीम के चयनकर्ताओं को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना पड़ा। टोम बेली के मना करने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें व्यक्तिगत परिस्थितियाँ, फिटनेस संबंधित मुद्दे या अन्य पेशेवर प्रतिबद्धताएं शामिल हो सकती हैं। हालांकि, इस फैसले ने लैंकेशायर की टीम में गहरी असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। चयनकर्ता अब जल्द से जल्द एक उपयुक्त रिप्लेसमेंट खोजने के लिए प्रयासरत हैं ताकि आगामी मैचों में टीम की मजबूती बनी रहे। क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के दौर में टीम का संतुलन बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है। तेज गेंदबाजों की कमी से विपक्षी टीमों को फायदा हो सकता है, और इसीलिए लैंकेशायर को अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा। लैंकेशायर के मुख्य कोच ने एक बयान में कहा, “हम टीम के लिए सबसे अच्छा विकल्प चुनने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। टोम बेली के साथ हुई परिस्थिति टीम के लिए अप्रत्याशित थी, लेकिन हम जल्द ही एक मजबूत समाधान लेकर आएंगे।” इस घटना ने क्रिकेट जगत में भी चर्चा छेड़ दी है, जहां कई लोग चयन प्रक्रिया और खिलाड़ी सहयोग के महत्व पर विचार कर रहे हैं। आगामी मैचों में लैंकेशायर का प्रदर्शन अब इस बात पर निर्भर करेगा कि वे अपने विकल्पों का सही चयन कैसे करते हैं। अंततः, यह मामला क्रिकेट की रणनीतिक जटिलताओं को दर्शाता है, जहां चोटिल खिलाड़ियों के स्थान पर उपलब्ध खेलाडि़यों की भूमिका बेहद अहम होती है। लैंकेशायर की टीम की निगाहें अब भविष्य की योजनाओं पर टिकी हैं, और वह पूरी उम्मीद के साथ अपने अगले मैचों की तैयारी कर रही है।

‘Lee Cronin’s The Mummy’ review: Vile, derivative franchise resurrection is wrapped in borrowed bandages
मनोरंजन

ली क्रोनिन की ‘द ममी’ समीक्षा: घटिया और पुरानी फ्रैंचाइज़ी की पुनरुद्धार, उधार लिए गए पट्टों में लिपटी हुई

ली क्रोनिन की नई फिल्म ‘द ममी’ ने हॉरर और एडवेंचर प्रेमियों के बीच मिश्रित प्रतिक्रिया उत्पन्न की है। फिल्म में कई तत्व और दृश्य हैं जो प्रेरित करते हैं, लेकिन अधिकांश भाग में यह नई खोजों से दूर लगता है। फिल्म की कहानी हमें फिर से ममी की एक पुरानी लेजेंडरी दुनिया में ले जाती है, जहां रहस्य, खून-खराबा और परंपरागत हॉरर एस्थेटिक्स का मेल दिखाई देता है। लेकिन इस बार, दर्शकों को ऐसा प्रतीत होता है कि फिल्म ने न केवल पुरानी कहानियों को दोहराया है, बल्कि असली नवाचार की कमी महसूस होती है। ली क्रोनिन ने निश्चित रूप से कई रोमांचक तत्व पेश किए हैं, जैसे प्राचीन रहस्यों का अनावरण और भयावह पात्रों का निर्माण, लेकिन इसके बावजूद अधिकांश विषय पहले से परिचित लगते हैं। यह एक भाव देता है जैसे कि पुरानी कब्रों को फिर से खोला गया हो, और उनमें से खतरनाक राक्षसों को बाहर निकाला गया हो। अगर हम पुनरुद्धार को इस तरह से समझें, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि शायद कब्र को कुछ और समय के लिए बंद ही रखा जाना चाहिए। क्योंकि अंततः, भले ही वे राक्षस हों, लेकिन वे भी सम्मान और बेहतर देखभाल के हकदार हैं। इस दृष्टि से, ‘द ममी’ कुछ मायनों में एक अधूरी कोशिश ही प्रतीत होती है। तकनीकी रूप से फिल्म अच्छी है, लेकिन कहानी और पात्रों में नवीनता की कमी दर्शकों के बीच उत्साह को प्रभावित करती है। फिल्म का उत्पादन स्तर ऊंचा है, पर कथानक और पटकथा में नई जान डालने की जरूरत है।मूलतः, यह फिल्म पुराने प्रशंसकों को खुश करने के साथ-साथ नए अनुसंधान और कल्पना की उम्मीद रखने वालों के लिए निराशाजनक साबित हो सकती है।

संसद के स्पेशल सेशन का आज तीसरा दिन:कल महिला आरक्षण बिल गिरा; प्रियंक बोलीं- पुराना विधेयक लाइए, हम समर्थन को तैयार
राजनीति

संसद के विशेष सत्र का आज तीसरा दिन: कल महिला आरक्षण बिल हुआ अस्वीकृत; प्रियंका गांधी बोलीं- पुराना विधेयक लाकर समर्थन को तैयार

नई दिल्ली। संसद के विशेष सत्र का आज तीसरा दिन है, जिसमें केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण बिल पर महत्वपूर्ण चर्चा की। इस सत्र को तीन दिन के लिए बुलाया गया था और शुक्रवार को महिला आरक्षण बिल पर मतदान हुआ। हालांकि, सरकार बहुमत हासिल करने में नाकाम रही और बिल पारित नहीं हो सका। इस दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार को वह पुराना विधेयक फिर से तत्काल संसद में पेश करना चाहिए, जिसे पहले सभी पार्टियों ने मिलकर पारित किया था। उन्होंने कहा, “सरकार को सोमवार को ही संसद का सत्र बुलाकर वह पुराना विधेयक पेश करना चाहिए। हम सभी उस विधेयक के पक्ष में मतदान करेंगे और समर्थन देंगे। इससे यह साफ हो जाएगा कि महिला आरक्षण के विरोध में कौन है।” महिला आरक्षण बिल पर वोटिंग में सरकार को दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया, जिससे यह विधेयक अस्वीकृत हो गया। यह बिल महिलाओं को संसद और विधानसभा में कम से कम 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान करता है। इसके पक्ष और विपक्ष में कई तर्क सामने आए। समर्थक इसे महिलाओं के राजनीतिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानते हैं, जबकि विरोधी इसे विभिन्न कारणों से लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताते हैं। संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल पर हुई चर्चा और वोटिंग के दौरान विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने मत व्यक्त किए। विपक्षी दलों ने भी सरकार से आग्रह किया कि महिला आरक्षण पर समान सहमति के साथ कोई समाधान निकाला जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि महिला आरक्षण बिल पर स्थिरता और व्यापक राजनीतिक समर्थन की आवश्यकता है, ताकि महिलाओं के लिए प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके। इसके बिना संसद में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाना चुनौतीपूर्ण होगा। संसद के इस विशेष सत्र के तीसरे दिन की प्रमुख घटनाओं और अपडेट के लिए लोग लगातार ब्लॉग और समाचारों पर नजर बनाए रखे हुए हैं। आने वाले समय में इस बिल और महिला आरक्षण से जुड़ी राजनीतिक प्रक्रियाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस सत्र की समाप्ति के बाद राजनीतिक दलों की रणनीतियां और सरकार की आगामी योजना इस विषय पर उजागर होंगी। महिला आरक्षण बिल का मुद्दा न केवल संसद बल्कि पूरे देश की राजनीति में भी गरमाता रहेगा।

भास्कर अपडेट्स:पुणे एयरपोर्ट पर वायुसेना के विमान के साथ हादसा, रनवे बंद हुआ
राजनीति

पुणे एयरपोर्ट पर वायुसेना के विमान के साथ हादसा, रनवे अस्थायी बंद

पुणे एयरपोर्ट का रनवे शुक्रवार रात भारतीय वायुसेना (IAF) के एक विमान के हादसे के कारण अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। वायुसेना द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस विमान की हार्ड लैंडिंग के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। हालांकि, एयरक्रू पूरी तरह सुरक्षित बताया गया है और किसी भी नागरिक संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। घटना के तुरंत बाद रनवे को फिर से चालू करने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। पुणे एयरपोर्ट ड्यूल-यूज मॉडल पर काम करता है, जहां नागरिक उड़ानों के साथ-साथ वायुसेना के संचालन भी होते हैं। इसलिए इस तरह की घटनाओं का असर दोनों तरफ होता है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि सामान्य संचालन बहाल होने में लगभग पांच घंटे का समय लग सकता है। इसके कारण नागरिक उड़ानों को कुछ देर के लिए स्थगित या रद्द करना पड़ा है, जिससे यात्रियों को असुविधा हुई है। वायुसेना के एयरक्रू की सुरक्षा पहले की तरह बनी हुई है और वह इस हादसे में सुरक्षित हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रनवे की मरम्मत के बाद उड़ान सेवाएं यथाशीघ्र पुनः शुरू कर दी जाएंगी। पुणे एयरपोर्ट पर इस हादसे का कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा है, क्योंकि आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें तत्पर हैं। आज की अन्य बड़ी खबरें भारत वियना में वर्ल्ड बॉर्डर सिक्योरिटी कांग्रेस 2026 में शामिल रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत ने ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में 14 से 16 अप्रैल के बीच आयोजित विश्व सीमा सुरक्षा कांग्रेस 2026 में अपनी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा से जुड़ी रणनीतियाँ प्रस्तुत कीं। प्रतिनिधिमंडल ने समुद्री सुरक्षा के लिए अपनाए गए प्रभावी उपायों को वैश्विक मंच पर साझा किया, जिसमें मजबूत और लचीले समुद्री शासन तंत्र के निर्माण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। चारधाम यात्रा: पहले दिन 18.25 लाख श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया चारधाम यात्रा के लिए 2713 श्रद्धालुओं ने शुक्रवार को ऑफलाइन पंजीकरण करवाया। ऑनलाइन पंजीकरण भी जारी है, जिसमें अब तक करीब 18.23 लाख श्रद्धालु पंजीकृत हो चुके हैं। पहली बार आयोजित मैनुअल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के तहत श्रद्धालुओं को विभिन्न ट्रांजिट पॉइंट्स पर सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उदयपुर में पेंट की दुकान में भीषण आग राजस्थान के उदयपुर में आरके सर्कल के पास एक पेंट की दुकान में शुक्रवार को भीषण आग लग गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने तीव्र कार्रवाई कर आग पर काबू पा लिया। घटना में किसी भी प्रकार का मानव जीवनहानि की सूचना नहीं है। आग लगने के कारणों की जांच जारी है। दक्षिण दिल्ली के चितरंजन पार्क में पिता-पुत्र की चाकू से हत्या चितरंजन पार्क के एक अपार्टमेंट में हुए इस वारदात में राकेश सूद और उनके बेटे करण सूद की हत्या पैसे के विवाद में की गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को संदेह है कि इसमें दो से अधिक लोगों का हाथ हो सकता है। मृतकों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुणे एयरपोर्ट पर हुई इस अप्रत्याशित घटना ने नागरिक और वायुसेना दोनों पर प्रभाव डाला है। अधिकारियों ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और नवीनतम सूचनाओं के लिए एयरपोर्ट की वेबसाइट व सोशल मीडिया चैनलों को फॉलो करने का अनुरोध किया है। एयरपोर्ट संचालन सामान्य होने तक आवश्यक सुरक्षा मानदंडों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।

Rodrigues: 'When time came to capitalise, we were not able to'
खेल जगत

रॉड्रिग्स: ‘जब अवसर आया, हम उसे भुका नहीं पाए’

टी20 सीरीज के पहले मैच में भारतीय महिला क्रिकेट टीम को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद युवा बल्लेबाज जेमिमा रॉड्रिग्स ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने माना कि टीम के सामने अवसर जरूर आया था, लेकिन वे उसे भुका नहीं पाए। रॉड्रिग्स ने कहा, “जब समय आया था कि हम अपनी जिम्मेदारी संभालें, हम उसमें सफल नहीं हो सके। लेकिन मैं अगले मैच में लौटकर फिर से यह जिम्मेदारी उठाना चाहूंगी।” उन्होंने अपने आत्मविश्वास का प्रदर्शन करते हुए कहा कि टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करना उनका मुख्य लक्ष्य होगा। टीम इंडिया ने पहले टी20 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को टक्कर देते हुए खेल को रोमांचक बनाया, लेकिन अन्ततः मुकाबला दक्षिण अफ्रीका के नाम रहा। विशेषज्ञों ने दोनों टीमों के बीच मुकाबले की गुणवत्ता को सराहा लेकिन भारतीय बल्लेबाजों की निरंतरता को ही दावे की कमी बताया गया। रॉड्रिग्स जैसे युवा प्रतिभाएं भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए भविष्य का भरोसा हैं। उनकी यह हार के बाद आने वाली बात स्थिति को लेकर उनकी सकारात्मक सोच को दर्शाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीम की जिम्मेदारी उन्हें समझ है और वे अगली पारी में अपनी पूरी ताकत लगाकर टीम को जीत दिलाना चाहती हैं। महिला क्रिकेट फैंस को भी उम्मीद है कि आने वाले मैचों में रॉड्रिग्स और उनकी टीम बेहतर प्रदर्शन करेंगे और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ श्रृंखला अपने नाम करेंगे। टीम के कोच और अन्य खिलाड़ियों ने भी हार के बाद शांत मानसिकता बनाए रखने और अगले मैचों के लिए तैयार रहने का आश्वासन दिया है। इस हार के बावजूद, भारतीय महिला क्रिकेट टीम के पास आगे बढ़ने का अवसर है और जेमिमा रॉड्रिग्स जैसे खिलाड़ी इसे निश्चित रूप से भुनाएंगे। आगामी मैचों में उनकी वापसी और बेहतर खेल देखना दर्शकों के लिए आनंददायक रहेगा।

Sarfaraz named head coach as Pakistan name four newbies for Bangladesh Tests
खेल जगत

सरफराज़ बने हेड कोच, बांग्लादेश टेस्ट के लिए पाकिस्तान टीम में शामिल हुए चार नए खिलाड़ी

पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए अपनी टीम का ऐलान कर दिया है, जिसमें चार नए खिलाड़ियों को मौका दिया गया है। इस टीम में अब्दुल्ला फज़ल, अमद बट्ट, अज़ान अवैस और ग़ाज़ी घोरी जैसे नए चेहरे शामिल हैं। साथ ही, असद शफीक को बैटिंग कोच और उमर गुल को बॉलिंग कोच के तौर पर टीम के बैक रूम स्टाफ में जोड़ा गया है। सरफराज़ अहमद, जो की पहले भी पाकिस्तान टीम के कप्तान और खिलाड़ी रह चुके हैं, को हेड कोच के रूप में नियुक्त किया गया है। उनके मार्गदर्शन में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन बनाना टीम की एक बड़ी चुनौती होगी। नए खिलाड़ीयों को टीम में शामिल किये जाने से यह संकेत मिलता है कि पाकिस्तान आगामी श्रृंखलाओं के लिए मजबूत और प्रतिस्पर्धी टीम बनाने की दिशा में काम कर रहा है। अब्दुल्ला फज़ल, अमद बट्ट, अज़ान अवैस और ग़ाज़ी घोरी जैसे नवागंतुक खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी योग्यता साबित करने का अवसर मिलेगा। खासकर बांग्लादेश के मुताबिक़ स्थिति और विकेट के अनुकूल तैयारी के लिए ये खिलाड़ी अहम भूमिका निभा सकते हैं। नई टीम की रणनीति और संरचना पर असद शफीक और उमर गुल का भी अनुभव काफी मूल्यवान साबित होगा। असद शफीक, जिन्होंने बल्लेबाजी में गहराई और अनुशासन लाने का काम किया है, अब कोच के रूप में युवा बल्लेबाजों को मार्गदर्शन देंगे। वहीं, उमर गुल का गेंदबाजी का अनुभव टीम के तेज गेंदबाजों के लिए फायदेमंद रहेगा और वे गेंदबाज़ी की बारीकियों पर ध्यान देंगे। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अधिकारियों ने भी आश्वासन दिया है कि इस संयोजन से टीम को मजबूती मिलेगी और वे बांग्लादेश की मजबूत टीम के खिलाफ अच्छे परिणाम देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। आगामी मैचों में टीम की यह नई रचना कितनी प्रभावी होती है, यह देखने वाली बात होगी। भारतीय उपमहाद्वीप के घरेलू क्रिकेट में निखरकर सामने आने वाले ये युवा खिलाड़ी अपने प्रदर्शन से फैंस की उम्मीदों पर खरे उतरना चाहेंगे। साथ ही, अनुभवी खिलाड़ियों से सीखकर टीम की रणनीति में सुधार करने का मौका भी मिलेगा। इस सीरीज से पहले पाकिस्तान को अपने घरेलू क्रिकेट और प्रशिक्षण शिविरों में भी ध्यान केंद्रित करना होगा ताकि खिलाड़ी पूरी तरह फिट और तैयार हो सकें। क्रिकेट विशेषज्ञों की नजरें इस नए संयोजन और खिलाड़ियों की भूमिका पर होंगी। इस प्रकार, पाकिस्तान क्रिकेट की नई रणनीति और युवा खिलाड़ियों को मौका देने की नीति से आगामी बांग्लादेश टेस्ट सीरीज काफी दिलचस्प और प्रतिस्पर्धी साबित हो सकती है।

पीएम मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे:महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल पर बात कर सकते हैं
राजनीति

पीएम मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे, महिला आरक्षण बिल पर संभावित चर्चा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे देश को एक महत्वपूर्ण संबोधन करेंगे। हालांकि अभी संबोधन के विषय को आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि वे महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल को लेकर अपने विचार साझा कर सकते हैं। यह संबोधन टीवी और डिजिटल माध्यमों पर सीधे प्रसारित किया जाएगा। बीते शुक्रवार को लोकसभा में केंद्र सरकार का 131वां संविधान संशोधन बिल, जो संसद की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान लेकर आया था, पास नहीं हो पाया। इस बिल के पक्ष में 298 सांसदों ने मतदान किया जबकि 230 विपक्ष में थे। कुल 528 सांसदों ने वोट डाला, लेकिन आवश्यक दो-तिहाई बहुमत 352 वोटों का हासिल न हो पाने के कारण यह बिल 54 वोटों से असफल रहा। यह मोदी सरकार का 12 साल के शासन काल में पहली बार ऐसा अनुभव है जब कोई सरकारी बिल सदन में पास नहीं हो पाया। सरकार ने अन्य दो बिलों पर वोटिंग कराने से भी इनकार किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि ये बिल भी मुख्य बिल से जुड़े होने के कारण अलग से वोटिंग की आवश्यकता नहीं है। इससे पहले सरकार ने लोकसभा में महिला आरक्षण, परिसीमन और सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए तीन महत्वपूर्ण बिल पेश किए थे। महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के अंतर्गत लोकसभा और राज्य विधानसभा में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जानी थीं। हालांकि, इस आरक्षण को लागू करने के लिए परिसीमन की प्रक्रिया आवश्यक है, जिसमें सीमाओं और सीटों की संख्या का निर्धारण होता है। नया परिसीमन आयोग इस कार्य को पूरा करेगा और तब ही महिला आरक्षण लागू हो सकेगा। अभी इस प्रक्रिया में देरी के कारण यह आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव में लागू नहीं हो पाएगा, बल्कि 2034 से प्रभावी होगा। यह ध्यान देने योग्य है कि दो दशकों के बाद पहली बार कोई सरकारी विधेयक संसद में गिरा है। 2002 का आतंकवाद निवारण अधिनियम (पोटा) के बाद यह घटना अब सामने आई है। महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर उठे सवालों ने राजनीतिक बहस को तूल दिया है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस विषय पर टिप्पणी करते हुए कहा कि संसद में बिल गिरना लोकतंत्र की जीत है। उनका आरोप था कि सरकार सीटों की संख्या बढ़ाकर सत्ता में बने रहने की भूख रखती है और महिला आरक्षण को भी राजनीतिक हथियार बनाया जा रहा था। उन्होंने कहा, ‘हमें महिला विरोधी कहकर मसीहा नहीं बन सकते।’ सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने 17 अप्रैल को सोशल मीडिया के माध्यम से राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करने की अपील भी की थी। इसके बावजूद यह बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका, जिससे राजनीति की दुनिया में नई गहमागहमी पैदा हो गई है। विश्लेषकों के अनुसार इस बिल के असफल होने से सरकार को आगामी जनगणना परिणामों के बाद परिसीमन और महिला आरक्षण को लागू करने में लंबा वक्त लग सकता है। इससे 2029 के लोकसभा चुनावों में महिला आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाएगा, जो राजनीतिक दलों की रणनीति पर भी असर डाल सकता है। देशभर के मीडियाकर्मियों और आम जनता की निगाहें आज के प्रधानमंत्री के संबोधन पर टिकी हैं कि वे इस संवेदनशील विषय पर कितनी स्पष्टता से अपनी सोच पेश करते हैं। सरकार की आगामी रणनीतियां और ऐलान राजनीतिक हलकों में बड़ी उत्सुकता का विषय रहेगा।

DC bowl first against RCB in Bengaluru
खेल जगत

बींगलुरु में RCB के खिलाफ DC ने किया पहले गेंदबाजी का फैसला

बींगलुरु से अपडेट: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के एक रोमांचक मुकाबले में, दिल्ली कैपिटल्स (DC) और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के बीच दोपहर की मैच के लिए दोनों टीमों की ओर से कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह मुकाबला क्रिकेट प्रेमियों के लिए काफी आकर्षक रहेगा क्योंकि दोनों टीमें अपनी पिछली प्रदर्शन की मजबूती के साथ मैदान में उतरी हैं। डेल्ही के लिए यह मुकाबला महत्वपूर्ण है क्योंकि वे प्वाइंट्स टेबल में बेहतर स्थिति बनाना चाहते हैं। वहीं, बैंगलोर की टीम घरेलू मैदान का पूरा लाभ उठाने के इरादे से उतरेगी। दोनों टीमों की रोटेशन न करने की नीति से यह संकेत मिलता है कि कप्तान और कोच अपनी मुख्य रणनीति पर भरोसा कर रहे हैं। मैच के पहले निर्णायक पल में दिल्ली कैपिटल्स ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का विकल्प चुना। इस फैसले ने दर्शकों में उत्साह भर दिया है, क्योंकि पिच की स्थिति इस तरह की गेंदबाजी को प्रोत्साहित करती है। दोनों टीमों की unchanged इलेवन देखने को मिली जिसकी वजह से फैंस को अपनी पसंदीदा टीम के स्टार खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिला है। पूर्व मैचों के आधार पर, दिल्ली की मजबूत गेंदबाजी लाइनअप ने कई मुकाबलों में विरोधी टीमों को दबाव में रखा है, वहीं बैंगलोर की बल्लेबाजी काफी आक्रामक रही है। अब देखना होगा कि आज के इस पासिंग मुकाबले में कौन बाजी मारेगा। मुख्य खिलाड़ी और कप्तान हर खिलाड़ी ने अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाई है। आज की इस भिड़ंत में दर्शकों को तेज गेंदबाजी के साथ-साथ दमदार बल्लेबाजी का भी पुरा मजा मिलेगा। टीम प्रबंधन ने भी मैच की तैयारी में कोई कमी नहीं छोड़ी है। इस IPL सत्र में दोनों टीमों का प्रदर्शन शानदार रहा है और यह मुकाबला उनकी रणनीतियों को आजमाने का एक बड़ा अवसर होगा। दोनो टीमों की तैयारियों को देखकर यह कहा जा सकता है कि यह मुकाबला लंबे समय तक याद रखा जाएगा। हमारी नजरें इस मुकाबले पर बनी रहेंगी क्योंकि खेल के हर पल में कुछ नया देखने को मिलेगा। अन्य मैचों की तरह, इस मैच की भी अपडेट्स और विश्लेषण आपको समय-समय पर उपलब्ध कराए जाएँगे। हमेशा की तरह, क्रिकेट प्रेमी इस मैच का उत्साहपूर्वक इंतजार कर रहे हैं।

‘Chiyaan 63’: Vikram teams up with Anand Shankar and Sathya Jyothi Films
मनोरंजन

चियान 63: विक्रम का आनंद शंकर और सत्य ज्योति फिल्म्स के साथ नया साझेदारी

तमिल सिनेमा जगत के लोकप्रिय अभिनेता विक्रम की आगामी फिल्म ‘चियान 63’ को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बढ़ती जा रही है। इस फिल्म में संगीतकार संतोश नारायणन संगीत देंगे जबकि आरडी राजशेखर सिनेमेटोग्राफी को संभालेंगे। यह परियोजना आनंद शंकर के निर्देशन में और सत्य ज्योति फिल्म्स के बैनर तले निर्मित हो रही है। फिल्म ‘चियान 63’ की घोषणा होते ही इसकी सिनेमाई टीम को लेकर कई प्रशंसकों और मीडिया में चर्चा शुरू हो गई है। संतोश नारायणन, जो अपनी अनोखी धुन और आधुनिक संगीत के लिए जाने जाते हैं, इस बार भी फिल्म के लिए खास संगीत तैयार करने वाले हैं, जो निश्चित रूप से कहानी की गहराई और भावनाओं को और भी ज्यादा प्रभावशाली बनाएगा। सिनेमेटोग्राफर आरडी राजशेखर ने तमिल सिनेमा में कई सफल फिल्मों में अपनी छाप छोड़ी है। उनकी कैमरा तकनीक और विजुअल स्टोरीटेलिंग कौशल फिल्म को सिनेमाई दृष्टि से उत्कृष्ट बनाएंगे। उनकी कला से ‘चियान 63’ की छवि दर्शकों के दिलों में गहराई से बैठने वाली होगी। विक्रम, जो पिछले कई वर्षों से दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के शाही कलाकार के रूप में पहचाने जाते हैं, इस फिल्म के माध्यम से एक बार फिर अपनी काबिलियत साबित करेंगे। उनकी मेहनत और समर्पण से ‘चियान 63’ एक यादगार फिल्म बन सकती है, जो दर्शकों को मनोरंजन के साथ साथ एक प्रेरक कहानी भी प्रदान करेगी। फिल्म के निर्माताओं ने अभी तक फिल्म की कहानी के बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन टीम के सदस्य और सहयोगी लगातार सोशल मीडिया पर अपडेट देते रहते हैं, जिससे फिल्म के प्रति रुचि बनी रहती है। इस फिल्म की शूटिंग जल्द ही शुरू होने की योजना है और इसे जल्द ही बड़े पर्दे पर देखने को मिलेगा। ‘चियान 63’ का निर्माण सत्य ज्योति फिल्म्स कर रहा है, जो फिल्म इंडस्ट्री में अपने बेहतरीन प्रोडक्शंस के लिए जाने जाते हैं। इस प्रोडक्शन हाउस की पिछली फिल्मों ने दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों से अच्छा रिस्पॉन्स प्राप्त किया है। ऐसे में इस फिल्म से भी उम्मीदें काफी ऊंची हैं। कुल मिलाकर, ‘चियान 63’ के संगीत, निर्देशन और सिनेमेटोग्राफी के संयोजन से यह फिल्म तमिल सिनेमा के इतिहास में एक उल्लेखनीय स्थान बनाने की दिशा में अग्रसर है। दर्शक इस फिल्म के रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद है कि यह फिल्म सभी को अपनी कहानी, संगीत और विजुअल ट्रीट से मंत्रमुग्ध कर देगी।

Shopping Cart
Scroll to Top