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Author name: Kamlesh Purohit

पंजाब-चंडीगढ़ दिनभर,10 बड़ी खबरें:AAP मंत्री के घर से 2 बैग भर ले गई ED; कनाडा से 9 हजार पंजाबी डिपोर्ट होंगे; युवती की अंडरगारमेंट में बीच सड़क मॉडलिंग
राजनीति

AAP मंत्री के घर से ED ने 2 बैग जब्त किए; कनाडा से 9 हजार पंजाबी डिपोर्ट होंगे; युवती की सड़क पर अंडरगारमेंट में मॉडलिंग

आम आदमी पार्टी के मंत्री संजीव अरोड़ा के घर समेत कुल 13 स्थानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने छापेमारी की। मंत्री के परिजन और कर्मचारी भी पूछताछ के दायरे में आए। इस रेड में मंत्री के घर से दो बड़े बैग सामग्री लेकर टीम निकलती नजर आई। इसी के साथ पंजाब और चंडीगढ़ के 10 चुने हुए बड़े समाचारों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत है। 1. AAP मंत्री संजीव अरोड़ा के घर लगभग 29 घंटे चली रेड संजय अरोड़ा के घर, व्यापारिक परिसरों व उनके सहयोगियों के ठिकानों पर ED ने करीब 29 घंटे की छापेमारी की। जांच एजेंसी को शक है कि मंत्री अवैध सट्टेबाजी के लिए राजनीतिक संरक्षण प्रदान कर अवैध लाभ उठा रहे हैं। साथ ही कंपनियों के जरिये मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। इस कार्रवाई में कई फर्जी निर्यात बिल, फंड राउंड-ट्रिपिंग और जीएसटी फर्जीवाड़े की जांच भी शामिल है। 2. अमृतसर में 450 करोड़ मूल्य की ड्रग्स के साथ दो तस्कर पकड़े गए पुलिस ने 64.62 किलोग्राम हेरोइन के साथ दो आरोपी गिरफ्तार किए हैं। जांच में यह ड्रग पाकिस्तान से लाई गई बताई जा रही है। मामला SSOC अमृतसर में दर्ज है और पुलिस दंगे के तार नेपाल और पाकिस्तान आधारित गिरोहों से जोड़ रही है। पंजाब DGP गौरव यादव ने इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को समाप्त करने का आश्वासन दिया है। 3. डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड हटाने की समय सीमा बढ़ाई गई यूनियन टेरिटरी प्रशासन ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट को सूचित किया है कि डंपिंग ग्राउंड को मई के पहले सप्ताह तक हटाने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन ने बेमौसम बारिश को देरी का कारण बताया है। वहीं अदालत में याचिकाकर्ता द्वारा दस्तावेजों में कथित हेराफेरी का आरोप भी लगाया गया है। 4. चंडीगढ़ में आधा घंटे तक बिना हिले-डुले खड़ा रहा युवक एक युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वह करीब 30 मिनट तक पूरी तरह स्थिर खड़ा दिखा। उसके हाथ में बीड़ी है और उसकी आंखें बंद हैं। स्थानीय लोग इसे जॉम्बी ड्रग्स के प्रभाव से जोड़ रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक की पहचान करने का प्रयास जारी है। 5. जंजीरों से बंधी मां को महिला आयोग ने छुड़ाया अमृतसर के ग्रीन एवेन्यू में जंजीरों से बंधी महिला को महिला आयोग की पहल पर पुलिस ने रिहा कर वृद्धाश्रम में शिफ्ट किया। महिला के बेटे व बहू के बीच विवाद की खबरें भी सामने आई हैं। जंजीरों में बंधने की स्थिति और महिला के इलाज की व्यवस्था करवाई गई है। 6. फिनाइल पीने वाली महिला के साथी पूर्व सरपंच ने किया सफाई कपूरथला में फिनाइल पीने का वीडियो वायरल होने के बाद महिला के साथी और पूर्व सरपंच रविंदर कुमार बब्बी ने बयान जारी किया। उन्होंने आरोप लगाए कि महिला ने कई बार ऐसे ड्रामे किए हैं और उनके साथ भी मजबूरन नहीं बल्कि महिला की सहमति से समय गुजारा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 7. विदेश भेजने में धोखाधड़ी का खुलासा, एक स्पॉन्सरशिप पर 10 से अधिक लोगों को भेजा जा रहा पंजाब में विदेश भेजने के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक महिला ने खुलासा किया कि स्थानीय एजेंट फर्जी दस्तावेज बनाकर कनाडा में स्टूडेंट वर्क परमिट में धोखाधड़ी कर रहे हैं। इससे जुड़े कई संदिग्ध मामले इमिग्रेशन ऑडिट में मिले, लेकिन कार्रवाई सीमित रही। 8. पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपरजाइंट्स कल चंडीगढ़ में मुकाबला लड़ेंगे IPL के तहत पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपरजाइंट्स की टीमें चंडीगढ़ पहुंच चुकी हैं। मैच रविवार शाम साढ़े सात बजे आयोजित होगा। प्रशासन ने 8 पार्किंग स्पॉट तैयार किए हैं, जिसमें 3 VIP पार्किंग शामिल हैं। पंजाब के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह पर कप्तानों की नजरें टिकी हुई हैं। पंजाब टीम ने इस सीजन में अभी तक कोई मैच नहीं हारा है। 9. कनाडा में 9 हजार पंजाबी छात्र डिपोर्टेशन के खतरे में कनाडा में नया C-12 बिल पास होने के बाद करीब 9 हजार पंजाबी शरणार्थियों पर डिपोर्टेशन की कार्रवाई संभावित है। इस बिल के तहत उनके शरणार्थी अधिकार खत्म कर दिए गए हैं। छात्रों और अन्य लोगों ने विरोध प्रदर्शन किए हैं। कनाडा सरकार ने वर्क परमिट खत्म होने पर एक साल के भीतर शरण के लिए आवेदन करने को कहा है। 10. लुधियाना में पुल पर अंडरगारमेंट में मॉडलिंग करती युवती का वीडियो वायरल लुधियाना का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें युवती पुल के ऊपर वेस्टर्न ड्रेस के स्थान पर अंडरगारमेंट में मॉडलिंग करती नजर आ रही है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और युवती को समझाने की बात कही गई है। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे खतरनाक ट्रेंड से स्वयं और दूसरों की जान खतरे में पड़ती है। यह सभी खबरें पंजाब-चंडीगढ़ में दिन भर की सबसे महत्वपूर्ण और विश्वसनीय सूचनाएं हैं। अधिक जानकारी के लिए वीडियो के लिंक पर क्लिक कर दिनभर की खबरें देखी जा सकती हैं। धन्यवाद।

‘Glory’ trailer: Netflix series promises high-stakes boxing drama with thrills and suspense
मनोरंजन

‘Glory’ ट्रेलर: Netflix सीरीज़ में रहता है रोमांच और सस्पेंस से भरा हाई-स्टेक बॉक्सिंग ड्रामा

नई दिल्ली। Netflix पर आने वाली नई वेब सीरीज़ ‘Glory’ ने भारतीय बॉकसिंग के दुनिया में एक नया मोड़ पेश करने की तैयारी कर ली है। इस सीरीज़ में दिव्येंदु शर्मा और पुलकित शर्मा मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, जो दर्शकों को एक थ्रिलर से भरपूर कहानी में ले जाएगी जिसमें बदला, महत्वाकांक्षा और हत्या का रहस्य जुड़ा हुआ है। ‘Glory’ का कथानक भारतीय बॉक्सिंग के प्रतिस्पर्धी और दबावपूर्ण माहौल पर आधारित है। यह सीरीज़ केवल खेल की लड़ाईयों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें व्यक्तिगत सपनों, जज़्बातों और आर्थिक संघर्षों को भी बखूबी दिखाया गया है। कहानी में वहीं ट्विस्ट और टर्न दिखाई देते हैं जो दर्शकों को अंत तक स्क्रीन से जोड़ कर रखते हैं। इस सीरीज़ के निर्माताओं ने दर्शाया है कि कैसे एक युवा बॉक्सर की जिंदगी में एक हत्या का रहस्य उसकी जिंदगी को पूरी तरह बदल देता है। यही घटना कहानी को एक सस्पेंस थ्रिलर में तब्दील कर देती है, जिसमें हर मोड़ पर दर्शक यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि असली दुश्मन कौन है। दिव्येंदु और पुलकित शर्मा की परफॉर्मेंस को उद्योग विशेषज्ञ भी काफी प्रशंसा कर रहे हैं, जिन्होंने अपनी भूमिका में गहराई और वास्तविकता का तत्व जोड़ा है। दर्शकों को उम्मीद है कि ‘Glory’ बॉक्सिंग के प्रति भी जागरूकता फैलाएगी और भारतीय स्पोर्ट्स ड्रामा जॉनर में एक नया मुकाम स्थापित करेगी। Netflix की यह नई वेब सीरीज़ ‘Glory’ ना केवल मनोरंजन का माध्यम बनेगी, बल्कि उन खिलाड़ियों की कठिन मेहनत और जद्दोजहद को भी उजागर करेगी जो अपने सपनों को साकार करने के लिए लगातार संघर्ष करते हैं। यह सीरीज़ जल्द ही प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली है और इसे लेकर दर्शकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। ‘Glory’ का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया है और इसे लेकर सकारात्मक रिव्यू भी आ रहे हैं। यह वेब सीरीज़ उन सभी के लिए एक शानदार विकल्प साबित होगी जो बॉक्सिंग, थ्रिलर और एक्शन ड्रामे से प्यार करते हैं। Netflix ने एक बार फिर अपनी कंटेंट क्वालिटी को साबित करते हुए ऐसी कहानी चुनी है जो भारतीय खेल और थ्रिलर प्रेमियों दोनों के लिए खास रहेगी। ‘Glory’ के जरिए भारतीय बॉकसिंग की दुनिया को एक नए नजरिए से देखा जा सकेगा।

All-round Jess Jonassen guides Yorkshire to maiden Tier 1 victory
खेल जगत

हरफनमौला जेस जॉनेसन ने यॉर्कशायर को पहली टियर 1 जीत दिलाई

लॉरेन विनफील्ड-हिल ने अपनी उत्कृष्ट इनिंग्स से ब्लेज़ टीम को शुरुआती मजबूत आधार दिया, जब उन्होंने 90 रनों की भव्य पारी खेली। यह प्रदर्शन टीम के लिए महत्वपूर्ण था, खासकर तब जब ब्लेज़ ने 126 रन पर केवल एक विकेट खोया था। हालांकि, इसके बाद ब्लेज़ की टीम ने बेहद निराशाजनक ढंग से पारी का पतन देखा। उनकी मजबूत स्थिति से अचानक हुई इस गिरावट ने मैच के नतीजे को काफी प्रभावित किया। इस प्रकार के पतन को क्रिकेट की दुनिया में ‘डिसास्ट्रस कॉलैप्स’ के रूप में जाना जाता है। विनफील्ड-हिल के अलावा, टीम के अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन इस हार के पीछे एक बड़ा कारण रहा। उन्होंने मजबूत शुरुआत दी, लेकिन मध्य और अंत के हिस्सों में बल्लेबाजी पारी अपने नियंत्रण से बाहर हो गई। इस मैच से यह सीखने को मिलता है कि टीम एक अच्छी स्थिति में रहकर भी कभी-कभी दबाव के चलते मैच गंवा सकती है। कप्तान और कोच के लिए यह महत्वपूर्ण होगा कि वे खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत रखने पर काम करें ताकि इस तरह के पतन दोबारा न हों। कुल मिलाकर, लॉरेन विनफील्ड-हिल की व्यक्तिगत पारी से काफी उम्मीदें बनीं, लेकिन टीम पूरे मैच में उस स्तर पर नहीं पहुंच सकी। ब्लेज़ की टीम को सुधार की आवश्यकता है, खासकर बल्लेबाजी की निरंतरता बनाए रखने में। इस घटना से क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा शुरू हो गई है कि कैसे एक टीम की मैच में शुरुआत कितनी अहम होती है और फिर भी उनका प्रदर्शन निखारने के लिए श्रमरत होना जरूरी होता है।

CJI बोले- AI से डरने की जरूरत नहीं, संतुलन जरूरी:टेक्नोलॉजी सिर्फ मददगार हो सकती है, जज की जगह नहीं ले सकती
राजनीति

CJI बोले: AI से डरने की जरूरत नहीं, जरूरी है संतुलन; टेक्नोलॉजी केवल मददगार हो सकती है, जज की जगह नहीं ले सकती

बेंगलुरु। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने शनिवार को बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि न्यायपालिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग आवश्यक है, लेकिन इसके प्रति भय या अधिक निर्भरता से बचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक केवल न्याय प्रक्रिया को मददगार बना सकती है, लेकिन यह न्यायाधीशों की जगह नहीं ले सकती। उन्होंने कार्यक्रम में ‘रीइमैजिनिंग द ज्यूडिशियरी इन द एरा ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ विषय पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि AI के उपयोग में संतुलन बनाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। तकनीक से कार्य तेज और आसान हो सकता है, किंतु कोई भी निर्णय हमेशा इंसानी सोच, अनुभव और संवैधानिक समझ पर आधारित होना चाहिए। CJI ने न्यायिक अधिकारियों से आग्रह किया कि वे तकनीकी प्रगति से प्रभावित न होकर अपनी स्वतंत्र सोच बनाए रखें। कार्यक्रम में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और सुप्रीम कोर्ट के अन्य वरिष्ठ जज भी उपस्थित थे। CJI का AI पर नियंत्रण की बात मुख्य जस्टिस सूर्यकांत ने विशिष्ट रूप से कहा कि जज जटिल मामलों में ध्यान और धैर्य के साथ निर्णय लेते हैं, उसी तरह AI टूल्स का इस्तेमाल भी विवेकपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि AI के माध्यम से फैसले सहायता के रूप में काम करेंगे, लेकिन अंतिम निर्णय की जिम्मेदारी हमेशा मानव न्यायाधीश की होगी। उन्होंने यह भी चेताया कि AI केवल आंकड़ों और एल्गोरिद्म पर निर्भर करता है, इसमें मानवता, नैतिकता और सामाजिक संदर्भ की समझ नहीं होती। अतः अत्यधिक निर्भरता से न्याय प्रक्रिया कमजोर पड़ सकती है। गलत जानकारी और न्याय व्यवस्था पर संभावित प्रभाव CJI ने बताया कि हाल के समय में कई AI आधारित प्लेटफॉर्म्स पर त्रुटिपूर्ण निर्णय, नकली कानूनी संदर्भ और गलत जानकारियां सामने आई हैं, जो न्याय व्यवस्था की नींव को हिला सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गलतियां मामूली नहीं हैं बल्कि न्यायिक प्रणाली के लिए गंभीर खतरा हैं। AI का दुरुपयोग और न्यायालय के समय की हानि सीजेआई ने कहा कि AI का गलत उपयोग कर भ्रामक याचिकाएं और कमजोर दावे बनाकर कोर्ट का समय खराब किया जा सकता है। ऐसे में वास्तविक मामलों पर प्रभाव पड़ता है। इसलिए उन्होंने जोर देकर कहा कि AI से तैयार किसी भी सामग्री की जांच और पुष्टि आवश्यक होगी, क्योंकि इसकी जिम्मेदारी मशीन पर नहीं छोड़ी जा सकती। न्यायिक अधिकारियों को सभी तथ्यों की स्वयं जांच करनी होगी। न्याय एक मानवीय प्रक्रिया उन्होंने कहा कि न्याय एक मानवीय प्रक्रिया है जिसमें अनुभव, सोच और नैतिक मूल्य शामिल होते हैं, जिसे कोई भी तकनीक पूरी तरह से प्रतिस्थापित नहीं कर सकती। वर्तमान में न्यायपालिका बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहां जरूरी है कि तकनीक को अपनाया जाए, लेकिन अपनी पहचान और मूल्यों को बनाये रखा जाए। पूर्व में भी AI पर विचार सीजेआई सूर्यकांत ने इससे पहले भी AI को लेकर अपने विचार व्यक्त किए हैं। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के बेंगलुरु के राष्ट्रीय सम्मेलन-2026 में उन्होंने कहा था कि AI को न्यायिक प्रणाली में इस प्रकार शामिल किया जाना चाहिए जिससे यह व्यवस्था को मजबूत करे, न कि कमजोर। उन्होंने यह भी बताया कि AI बड़ी मात्रा में डेटा संभालने, पैटर्न पहचानने और प्रक्रियाओं में देरी कम करने में मदद कर सकता है, लेकिन फैसले हमेशा इंसानों के हाथ में रहेंगे। इस प्रकार न्यायपालिका में AI का उपयोग भविष्य के लिए आवश्यक है, लेकिन इसके साथ सतर्कता, संतुलन और मानवीय दृष्टिकोण की आवश्यकता बनी रहेगी।

‘Toaster’ team interview | Rajkummar Rao | Sanya Malhotra | Abhishek Banerjee
मनोरंजन

‘टोस्टर’ टीम का इंटरव्यू | राजकुमार राव | सान्या मल्होत्रा | अभिषेक बनर्जी

मुंबई, : हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता राजकुमार राव, जिन्होंने कई बेहतरीन भूमिकाओं से दर्शकों का दिल जीता है, ने हाल ही में अपनी नई फिल्म ‘टोस्टर’ के साथ प्रोड्यूसर के तौर पर भी कदम रखा है। इस फिल्म में उनके साथ सान्या मल्होत्रा, अर्चना पुरन सिंह और अभिषेक बनर्जी भी मुख्य भूमिका में हैं। इस अभूतपूर्व परियोजना को लेकर कलाकारों ने खुलकर अपने विचार साझा किए। राजकुमार राव ने बताया कि ‘टोस्टर’ जैसी कॉमेडी फिल्म को बनाना एक चुनौतीपूर्ण परंतु रोमांचक अनुभव रहा है। उनका मानना है कि कॉमेडी में संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी होता है ताकि दर्शकों को हंसी के साथ-साथ कहानी की गहराई भी समझ में आए। उन्होंने कहा, “कॉमेडी करना सिर्फ मजाक उड़ाने का नाम नहीं है, बल्कि उसमें संवेदना और सही टाइमिंग का बड़ा योगदान होता है।” सान्या मल्होत्रा ने फिल्म में अपनी भूमिका को लेकर उत्साह जताते हुए साझा किया कि कैसे इस फिल्म ने उन्हें एक नया रूप देते हुए अभिनय की एक अलग दिशा दी है। अर्चना पुरन सिंह ने भी बताया कि टीम वर्क और सकारात्मक माहौल ने इस फिल्म को खास बनाया है। अभिषेक बनर्जी ने प्रोडक्शन के साथ जुड़ने के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य फिल्मों में नई सोच और ताजगी लाना है। इस अवसर पर राजकुमार राव ने यह भी बताया कि अभिनेता के तौर पर अपनी भूमिकाओं में वे विभिन्नताओं को कैसे समझते और निभाते हैं। उन्होंने कहा कि हर किरदार में कुछ अलग करना जरूरी होता है ताकि दर्शकों को नए-नए अनुभव मिल सकें। ‘टोस्टर’ के जरिए उन्होंने अपने अभिनय और निर्देशन दोनों में नए आयाम तलाशे हैं। फिल्म ‘टोस्टर’ को लेकर टीम ने बताया कि यह एक ऐसी कहानी है जिसमें रोजमर्रा की जिंदगी की छोटी-छोटी घटनाओं में हास्य और संदेश दोनों देखने को मिलेंगे। उन्होंने दर्शकों से अपील की कि वे इसे थियेटर में जाकर जरूर देखें क्योंकि यह मनोरंजन के साथ-साथ सोचने पर मजबूर भी करती है। इस प्रकार, ‘टोस्टर’ टीम ने कॉमेडी की दुनिया में नई कोशिशों के साथ हिंदी सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाने का प्रयास किया है। फिल्म के जरिए राजकुमार राव और उनकी टीम ने साबित कर दिया है कि अभिनय के साथ-साथ प्रोडक्शन में भी उनकी पकड़ मजबूत है। यह फिल्म न केवल दर्शकों को हंसाएगी बल्कि उन्हें अपने आस-पास की दुनिया को देखने का नया नजरिया भी देगी।

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समारोहों पर संकट: गैस सिलेंडर की कमी पर लोढ़ा ने मांगा तुरंत समाधान

ग्रामीण क्षेत्रों में शादी-ब्याह और धार्मिक आयोजनों पर असर, आपूर्ति सुधारने के दिए सुझाव सिरोही। जिले में कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की लगातार बनी हुई किल्लत अब एक गंभीर जनसमस्या का रूप लेती जा रही है। इस मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा से सीधे फोन पर बात कर स्थिति से अवगत कराया और तत्काल समाधान की मांग की। लोढ़ा ने मंत्री का ध्यान विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की ओर आकर्षित करते हुए बताया कि वहां कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी कमी के कारण शादी-विवाह और धार्मिक समारोहों के आयोजन में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के सामाजिक और पारिवारिक आयोजनों में गैस की उपलब्धता बेहद जरूरी होती है, लेकिन वर्तमान स्थिति में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंत्री को भेजे गए पत्र में संयम लोढ़ा ने विस्तार से बताया कि सिरोही जिले की ग्रामीण गैस एजेंसियों को कॉमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति अनियमित रूप से हो रही है। कई एजेंसियों को पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है। इसका सीधा असर आमजन पर पड़ रहा है, खासकर उन परिवारों पर जिनके यहां विवाह या अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होने वाले हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई जगहों पर लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिलने के कारण वैकल्पिक व्यवस्थाएं करनी पड़ रही हैं, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। प्रशासनिक प्राथमिकता से वितरण की मांग पूर्व विधायक लोढ़ा ने मंत्री से आग्रह किया कि इस समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन को निर्देशित किया जाए कि वह कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों का वितरण प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करे। विशेष रूप से शादी-विवाह और धार्मिक आयोजनों के लिए सिलेंडरों की उपलब्धता को प्राथमिकता दी जाए, ताकि सामाजिक कार्यक्रमों में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे आयोजनों के लिए सिलेंडरों का वितरण प्रशासनिक अनुमति के आधार पर किया जाए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और वास्तविक जरूरतमंदों को ही प्राथमिकता मिल सके। मांग के अनुसार आपूर्ति के निर्देश देने की अपील लोढ़ा ने मंत्री सुमित गोदारा से यह भी मांग की कि गैस आपूर्ति करने वाली कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं कि वे जिले की वास्तविक मांग के अनुसार कॉमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करें। वर्तमान में आपूर्ति की कमी के कारण स्थिति बिगड़ती जा रही है, जिसे समय रहते नियंत्रित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि कंपनियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएं और आपूर्ति प्रणाली को मजबूत किया जाए, तो इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है। व्यावसायिक और सामाजिक उपयोग में संतुलन जरूरी लोढ़ा ने अपने सुझाव में यह भी उल्लेख किया कि कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों के वितरण में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। एक ओर जहां शादी-विवाह और धार्मिक आयोजनों के लिए प्राथमिकता दी जानी चाहिए, वहीं शेष सिलेंडरों को व्यावसायिक उपयोग के लिए भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित न हों। उन्होंने कहा कि यदि इस दिशा में स्पष्ट नीति बनाई जाती है, तो दोनों प्रकार की आवश्यकताओं को संतुलित किया जा सकता है और किसी भी वर्ग को असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।  

TCS नासिक केस- मानवाधिकार आयोग ने रिपोर्ट मांगी:फरार आरोपी निदा ने खुद को प्रेग्नेंट बताया, कोर्ट से अग्रिम जमानत मांगी
राजनीति

TCS नासिक केस: मानवाधिकार आयोग ने रिपोर्ट मांगी, फरार आरोपी निदा ने खुद को गर्भवती बताया, कोर्ट से अग्रिम जमानत मांगी

नासिक: महाराष्ट्र के नासिक स्थित TCS कार्यालय में धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के बीच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के डीजीपी समेत विभिन्न विभागों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। वहीं, इस मामले की मुख्य आरोपी निदा खान, जो फिलहाल फरार है, ने कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दी है और दावा किया है कि वह गर्भवती है। इस बीच, निदा के पिता ने कहा है कि उनकी बेटी के खिलाफ साजिश रची गई है। उन्होंने बताया कि निदा ने कभी शिकायत कर चुकी महिला से सीधे संपर्क नहीं किया और न ही किसी को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया है। परिवार ने यह भी कहा कि वे सभी धर्मों का सम्मान करते हैं और यह मामला नासिक के एक स्थानीय विवाद से जुड़ा है। विशेष जांच टीम (SIT) ने मुंबई के मुंब्रा में निदा के पति से करीब चार घंटे तक पूछताछ की है। पुलिस द्वारा अब तक इस मामले में आठ व्यक्तियों के खिलाफ नौ FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें से सात को हिरासत में लिया गया है। इनमें छह पुरुष तथा एक महिला HR शामिल है। धर्मांतरण का आरोप FIR में नहीं: निदा के वकील बाबा सैयद ने कहा कि FIR में धर्मांतरण का उल्लेख नहीं है। निदा को एक मामले में नामजद किया गया है, परन्तु जुड़ा आरोप धर्मांतरण का नहीं है। TCS का रुख: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, TCS ने 9 अप्रैल को निदा को निलंबित कर दिया था। कंपनी ने इसे गंभीर मामला बताया है और निदा के सभी सिस्टम एक्सेस बंद कर दिए गए हैं। निदा ने दिसंबर 2021 में कंपनी जॉइन की थी और वह प्रोसेस एसोसिएट के पद पर कार्यरत थीं। SIT की जांच और आरोप: पुलिस की जांच में सामने आया है कि आठ महिला कर्मचारियों ने अपने सीनियर पर मानसिक और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। ये घटनाएं फरवरी 2022 से मार्च 2023 के बीच की बताई गई हैं। शिकायतों में आरोप है कि कुछ आरोपी शादी का झांसा देकर आपत्तिजनक शारीरिक संबंध बनाते थे, आपत्तिजनक टिप्पणियां करते थे और निजी जीवन में बाधा डालते थे। एक मामले में एक पदाधिकारी ने महिला को नमाज पढ़ने के लिए मजबूर करने और उसके धर्म का अपमान करने का भी आरोप लगा है। कुछ पीड़ितों ने शिकायत की थी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मामला सार्वजनिक हुआ और SIT को जांच सौंपी गई। सीएम देवेंद्र फडणवीस की प्रतिक्रिया: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले को गंभीर बताया और कहा कि सरकार पूरे मॉड्यूल का पर्दाफाश करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और इस मामले की गहन जांच हेतु केंद्रीय एजेंसियों की मदद भी ली जा रही है। यह मामला नासिक के IT क्षेत्र के माहौल और महिला सुरक्षा पर चिंता जताने वाला है। सरकार और पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई से उम्मीद है कि पीड़ितों को न्याय मिलेगा और कार्यस्थल पर यौन और मानसिक उत्पीड़न जैसी घटनाओं पर रोक लगेगी। अधिक पढ़ें: नासिक TCS में यौन शोषण और धर्मांतरण केस के पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था, जिसमें विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर नई कर्मचारियों को निशाना बनाया जाता था। शिकायत करने पर मैनेजर द्वारा फटकारे जाने की बात भी सामने आई है।

‘Mr X’ movie review: Arya-Gautham Karthik’s promising mission undone by excess
मनोरंजन

‘मिस्टर एक्स’ मूवी रिव्यू: आर्य-गौतम कार्तिक की उम्मीद भरी मिशन Excess से अधूरी रह गई

‘मिस्टर एक्स’ फिल्म की समीक्षा: एक महत्वाकांक्षी जासूसी थ्रिलर जिसमें शुरुआत ज़बरदस्त है लेकिन अत्यधिक एक्शन ने फीका किया आकर्षण नई दिल्ली। ‘मिस्टर एक्स’ एक ऐसी जासूसी थ्रिलर फिल्म है जिसने अपनी शुरुआत से ही दर्शकों का ध्यान खींचा। आर्य और गौतम कार्तिक की मुख्य भूमिका में यह फिल्म एक उम्मीद भरे मिशन की कहानी कहती है, जिसमें रोमांच और अनिश्चितता दोनों की भरमार है। हालांकि, इस फिल्म की ताकत इसकी शुरुआत में ही नजर आती है, लेकिन लंबे-चौड़े और बार-बार दोहराए गए एक्शन दृश्यों ने इसके जादू को कुछ हद तक कम कर दिया है। फिल्म की कहानी में एक अंडरकवर एजेंट का सफर दिखाया गया है, जो एक बड़े षड्यंत्र को बेनकाब करने के मिशन पर है। इसकी पटकथा दर्शकों को तनाव और उत्सुकता में बांधे रखती है, खासकर पहले पचास मिनटों में जहां थ्रिलर की मात्रा उचित और प्रभावशाली रहती है। आर्य ने अपने किरदार में दमदार प्रदर्शन दिया है और उनकी केमिस्ट्री गौतम कार्तिक के साथ अच्छी बनी हुई है। दोनों कलाकारों ने पटकथा को मजबूती से अपने अभिनय से संजोया है। फिल्म के तकनीकी पहलुओं में सिनेमैटोग्राफी अच्छी रही, खासकर शहरी और विदेशी लोकेशनों का चित्रण आकर्षक है। संगीत भी कहानी के मूड को सही तरीके से पकड़ने में सफल रहा। परंतु, फिल्म का मुख्य मुद्दा इसका कथानक नहीं, बल्कि भारी-भरकम और लंबे चलने वाले एक्शन दृश्य हैं, जो कई बार कहानी की रफ्तार को धीमा करते हैं। ऐसे दृश्य जहां तेजी से आगे बढ़ने वाले दृश्यों में निरंतरता खो जाती है और दर्शक ऊब महसूस करने लगते हैं। निर्देशक गौतम कार्तिक ने अपने पहले कृतियों के अनुभव को साबित करने की पूरी कोशिश की है, लेकिन कुछ जगहों पर नया प्रयोग और परिपक्वता का अभाव दिखाई देता है। उनकी कोशिशों के बावजूद, फिल्म को बेहतर बनाना पड़ा होता यदि एक्शन को थोड़ा संक्षिप्त और तंगदिमाग बना कर कहानी पर ज्यादा ध्यान दिया जाता। फिल्म प्रेमियों को ‘मिस्टर एक्स’ जरूर देखना चाहिए, खासकर उन लोगों के लिए जो जासूसी और थ्रिलर शैली के शौकीन हैं। फिल्म की शुरुआत दर्शाती है कि इसमें काफी संभावनाएं थीं, और यदि इसकी पटकथा को थोड़ा बेहतर तराशा जाता, तो यह एक बेहतरीन जासूसी फिल्म साबित हो सकती थी। कुल मिलाकर, ‘मिस्टर एक्स’ एक मिश्रित अनुभव है जिसमें उम्मीद के साथ-साथ निराशा भी छुपी है। अंततः, यह फिल्म आपको कुछ अद्भुत सीन और परफॉर्मेंस जरूर दिखाएगी, लेकिन पूरी तरह से संतुष्ट करना थोड़ा मुश्किल होगा। यदि आप कार्रवाई और जासूसी से भरपूर मनोरंजन के लिए तैयार हैं, तो ‘मिस्टर एक्स’ आपके लिए एक देखी जा सकने वाली फिल्म है।

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सिरोही में जनसेवा का नया अध्याय विधायक जनसेवा केंद्र

मंत्री देवासी ने शुरु किया केंद्र, पहले दिन ही मिली आमजन को राहत    प्रदेशध्यक्ष मदन राठौड़, सांसद लुम्बाराम चौधरी भी रहे मौजूद सिरोही। राजस्थान की राजनीति और जनसेवा के क्षेत्र में एक सकारात्मक पहल करते हुए राज्य सरकार के मंत्री एवं स्थानीय विधायक ओटाराम देवासी ने सिरोही में विधायक जनसेवा केंद्र का शुभारंभ किया। इस केंद्र की खास बात यह रही कि उदघाटन के पहले ही दिन इसे औपचारिकता तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि आमजन की समस्याओं का समाधान और सहायता कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया। यह पहल न केवल प्रशासनिक कार्यों को सरल बनाएगी, बल्कि आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का एक मजबूत माध्यम भी बनेगी। इस सेवा केंद्र के शुभारंभ के साथ ही यह संदेश साफ तौर पर दिया गया कि सरकार अब जनता की समस्याओं के समाधान के लिए एक व्यवस्थित और सुलभ व्यवस्था बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। पहले दिन ही कई लोगों के कार्यों का निस्तारण कर यह केंद्र लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरा। जनसेवा केंद्र के उदघाटन के साथ ही आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनने और समाधान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। यहां आने वाले लोगों ने बताया कि पहले उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कई कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब एक ही स्थान पर उनकी बात सुनी जा रही है और त्वरित कार्रवाई भी हो रही है। केंद्र पर नियुक्त स्टाफ को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है ताकि वे विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों को समझकर तुरंत उचित दिशा में कार्यवाही कर सकें। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। दुखद घटना में मिली सहायता इस मौके पर एक संवेदनशील पहल भी देखने को मिली, जिसने प्रशासन की मानवीयता को उजागर किया। मनोरा निवासी घांची समाज की एक बेटी की हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से दुखद मृत्यु हो गई थी। यह घटना पूरे क्षेत्र के लिए बेहद पीड़ादायक रही। इस मामले में मंत्री ओटाराम देवासी के विशेष प्रयासों से पीडि़त परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान मंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और सांसद के हाथों से पीडि़त परिवार को 5 लाख रुपए का चेक सौंपा गया। इस सहायता ने न केवल परिवार को आर्थिक संबल दिया, बल्कि यह भी दर्शाया कि सरकार जनता के दुख-दर्द में उनके साथ खड़ी है। अन्य लाभार्थियों को भी मिला सहयोग इस कार्यक्रम में केवल एक परिवार ही नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों के माध्यम से कई अन्य जरूरतमंद लोगों को भी सहायता राशि के चेक वितरित किए गए। इसमें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, चिकित्सा सहायता, दुर्घटना सहायता और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभार्थी शामिल रहे। पंचायत समिति सिरोही में शुरू किया गया यह विधायक सेवा केंद्र क्षेत्र के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा साबित होने जा रहा है। यहां पर नियुक्त स्टाफ नागरिकों की समस्याओं को सुनकर संबंधित विभागों तक पहुंचाने और उनका समाधान कराने का कार्य करेगा। इस केंद्र के माध्यम से सरकारी योजनाओं की जानकारी और आवेदन सहायता, पेंशन, राशन, चिकित्सा और शिक्षा से जुड़े मामलों का समाधान,बिजली, पानी, सडक़ जैसी मूलभूत समस्याओं पर कार्रवाई, शिकायत दर्ज कर उसका फॉलो-अप,दस्तावेजी सहायता और मार्गदर्शन दिया जाएगा। यह केंद्र प्रशासन और जनता के बीच एक सेतु का कार्य करेगा, जिससे लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह सेवा केंद्र केवल एक स्थानीय पहल नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान के लिए एक मॉडल के रूप में उभर रहा है। बताया जा रहा है कि यह प्रदेश का पहला विधायक सेवा केंद्र है, जो इस स्तर पर आमजन के लिए समर्पित किया गया है। इस पहल से अन्य जिलों और विधायकों को भी प्रेरणा मिलेगी और भविष्य में ऐसे केंद्र पूरे प्रदेश में स्थापित किए जा सकते हैं। इससे शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी और जनहितैषी बन सकेगी। जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी कार्यक्रम में मंत्री ओटाराम देवासी के साथ-साथ प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, सांसद लुुंबाराम चौधरी और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस पहल को और भी मजबूत बनाया। सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि जनता की सेवा ही उनका मुख्य उद्देश्य है और यह केंद्र उसी दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस केंद्र का अधिक से अधिक उपयोग करें और अपनी समस्याओं को बिना किसी संकोच के यहां प्रस्तुत करें। पारदर्शिता और जवाबदेही की ओर कदम विधायक सेवा केंद्र की स्थापना से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि प्रशासन अब पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दे रहा है। यह केंद्र न केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम बनेगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचे। भविष्य में इस केंद्र के माध्यम से डिजिटल सेवाओं को भी जोड़ा जा सकता है, जिससे लोग ऑनलाइन भी अपनी शिकायत दर्ज कर सकेंगे और उसकी स्थिति ट्रैक कर सकेंगे। यह केंद्र केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक गंभीर और समर्पित प्रयास है। अब यह जिम्मेदारी आमजन की भी है कि वे इस सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें और इसे सफल बनाएं, ताकि यह मॉडल पूरे प्रदेश में लागू किया जा सके। इनको मिला आर्थिक सहयोग जिले में कृषि विभाग की ओर से संचालित योजनाओं के तहत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। सूची में शामिल लाभार्थियों में कई ऐसे किसान हैं, जिन्हें सिंचाई, खेती के आधुनिकीकरण और उत्पादन बढ़ाने के लिए अनुदान दिया गया है। पहले क्रम उथमण को 16 लाख 91 हजार रुपए की सहायता पाली हाउस योजना के तहत दी गई। यह योजना किसानों को सिंचाई सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्रेरित करती है, जिससे फसल उत्पादन में वृद्धि होती है। इस तरह की बड़ी राशि मिलने से किसान अब आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर सकेंगे। दूसरे लाभाथी उथमण निवासी गोपालसिंह पुत्र सुखसिंह को 12 हजार 896 रुपए की सहायता प्लास्टिक मल्च योजना के तहत दी गई। यह तकनीक खेतों में नमी बनाए रखने, खरपतवार नियंत्रण और उत्पादन बढ़ाने में मदद करती है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पशुपालन विभाग द्वारा मंगला पशु बीमा योजना के तहत लाभार्थियों को

Glenton Stuurman's Kent spell cut short by injury
खेल जगत

ग्लेंटन स्टूरमैन का केंट खेल चोट के कारण अधूरा रह गया

दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज ग्लेंटन स्टूरमैन के केंट के लिए खेलना अचानक चोट के कारण बंद हो गया है। हाल ही में की गई मेडिकल जांचों के बाद यह पता चला है कि वह कम से कम छह सप्ताह तक क्रिकट के मैदान से बाहर रहेंगे। केंट काउंटी क्रिकेट क्लब की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि स्टूरमैन की चोट गंभीर है और उनके ठीक होने के लिए पर्याप्त आराम की आवश्यकता है। इस वजह से वह आगामी मैचों में हिस्सा नहीं ले पाएंगे और देश लौट कर पूरी तरह स्वस्थ होने पर पुनः खेल में लौटेंगे। ग्लेंटन स्टूरमैन ने पिछले सीजन में अपनी शानदार गेंदबाजी से टीम को कई अहम जीत दिलाई थी। उनकी चोट ने केंट की गेंदबाजी की मजबूती पर असर डाला है, क्योंकि टीम को अब इस मोर्चे पर नए विकल्पों की तलाश करनी पड़ेगी। दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज और केंट के मुख्य कोच दोनों ने इस बात पर चिंता जताई है कि स्टूरमैन की अनुपस्थिति से टीम के प्रदर्शन पर नुकसान हो सकता है। कोच ने कहा, “स्टूरमैन एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो मैच का रुख पलट सकते हैं। उनकी गैरमौजूदगी में हम नई रणनीतियां अपनाएंगे लेकिन उनकी कमी महसूस होगी।” साउथ अफ्रीका क्रिकेट बोर्ड ने भी इस मामले पर ध्यान देते हुए कहा कि खिलाड़ियों की स्वास्थ्य सुरक्षा सबसे प्राथमिकता है। उन्होंने स्टूरमैन को जल्द स्वास्थ्य लाभ की शुभकामनाएं दी हैं। चोट के कारण वापस लौटते हुए ग्लेंटन स्टूरमैन ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर प्रशंसकों को धन्यवाद दिया और जल्द वापसी का वादा किया। उन्होंने लिखा, “चोट कठिन होती है लेकिन मैं पूरी ताकत से वापसी करुंगा। सभी का सहयोग और शुभकामना के लिए धन्यवाद।” केंट प्रशासन अब टीम की योजना में संशोधन कर रहा है और दूसरे गेंदबाजों को मौका देने की तैयारी में है। आगामी मैचों में टीम की रणनीति पर नजदीकी नजर रखी जाएगी। इस चोट ने स्टूरमैन के करियर को अस्थायी रूप से प्रभावित किया है, परन्तु विशेषज्ञों का मानना है कि वे जल्द ही मैदान पर वापस आकर अपने प्रदर्शन से सभी को आश्चर्यचकित करेंगे। प्रशंसक और क्रिकेट जगत उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। अंततः, ग्लेंटन स्टूरमैन की इस चोट ने टीम के लिए एक चुनौती प्रस्तुत की है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि वह जल्द ही पूरी तरह स्वास्थ्य लाभ कर अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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