सिरोही। प्रदेशभर में मंत्रालयिक कर्मचारियों की ओर से अपनी मांगों को लेकर चलाए जा रहे स्वाभिमान बचाओ आंदोलन को अब नया स्वरूप दिया जा रहा है। आंदोलन के अगले चरण में 18 एवं 19 जून को सदबुद्धि महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन के जिला अध्यक्ष कांतिलाल माली गोयली ने सभी कर्मचारियों से बड़ी संख्या में भाग लेकर आंदोलन को सफल बनाने और अपनी एकजुटता का परिचय देने की अपील की है। जिला अध्यक्ष कांतिलाल माली ने बताया कि आंदोलन के तहत 18 जून 2026 (बुधवार) को प्रदेश के सभी ब्लॉक एवं पंचायत समिति मुख्यालयों पर सदबुद्धि महायज्ञ आयोजित किया जाएगा। इसके अगले दिन 19 जून 2026 (गुरुवार) को जिला मुख्यालय में महायज्ञ का आयोजन होगा, जिसमें जिलेभर के मंत्रालयिक कर्मचारियों से हर हाल में उपस्थित रहने का आग्रह किया गया है।
सरकार तक पहुंचे कर्मचारियों की आवाज
कांतिलाल माली ने कहा कि संगठन लंबे समय से सरकार के समक्ष अपनी न्यायोचित मांगें शांतिपूर्ण और गांधीवादी तरीके से रखता आ रहा है, लेकिन बार-बार आग्रह और निवेदन करने के बावजूद भी अब तक किसी प्रकार का सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। इससे प्रदेशभर के मंत्रालयिक कर्मचारियों में गहरा रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि मंत्रालयिक कर्मचारी किसी विशेष सुविधा की नहीं, बल्कि अपने वैधानिक अधिकारों और हक की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद लगातार उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 16 हजार से अधिक मंत्रालयिक कार्मिक लंबे समय से सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए लोकतांत्रिक एवं अहिंसात्मक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं।
एकजुटता दिखाने का आह्वान
जिला अध्यक्ष ने सभी कर्मचारियों से अपील करते हुए कहा कि 18 जून को अपने-अपने ब्लॉक स्तर पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर सदबुद्धि महायज्ञ को सफल बनाएं तथा सरकार का ध्यान कर्मचारियों की समस्याओं की ओर आकर्षित करें। वहीं 19 जून को जिला मुख्यालय सिरोही में आयोजित होने वाले महायज्ञ में भारी संख्या में भाग लेकर कर्मचारी एकता का मजबूत संदेश दें। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की एकजुटता ही आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है। यदि सभी कर्मचारी संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे तो सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना पड़ेगा।
सोशल मीडिया पर भी चलाया जाएगा अभियान
कांतिलाल माली ने बताया कि आंदोलन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया का भी व्यापक उपयोग किया जाएगा। उन्होंने सभी कर्मचारियों और संगठन के पदाधिकारियों से एक्स (पूर्व में ट्विटर), फेसबुक और व्हाट्सएप सहित विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर आंदोलन से जुड़ी गतिविधियों को अधिक से अधिक साझा करने, ट्वीट, री-ट्वीट और पोस्ट शेयर करने की अपील की, ताकि कर्मचारियों की आवाज प्रदेश सरकार तक मजबूती से पहुंच सके।
सरकार से शीघ्र निर्णय की मांग
जिला अध्यक्ष माली ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह मंत्रालयिक कर्मचारियों की वर्षों से लंबित न्यायसंगत मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर कर्मचारियों में व्याप्त असंतोष को समाप्त करे। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य टकराव नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से समाधान प्राप्त करना है। यदि सरकार समय रहते सकारात्मक पहल करती है तो कर्मचारियों में विश्वास का वातावरण मजबूत होगा और प्रशासनिक व्यवस्था भी अधिक प्रभावी ढंग से संचालित हो सकेगी। उन्होंने अंत में संगठन के नारे जय हिंद, जय संगठन और कर्मचारी एकता जिंदाबाद के साथ सभी कर्मचारियों से आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया।












