
निर्देशक शेनिल देवो ने हाल ही में अपने नए प्रोजेक्ट ‘डकैट’ को लेकर एक विस्तृत चर्चा की, जिसमें उन्होंने आदिवी साश के साथ काम करने का अनुभव, ₹65 करोड़ के बजट पर बनी इस फिल्म की विशालता और इसके निर्माण की चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
‘डकैट’ एक ऐसी फिल्म है जिसने बाजार में अपनी अलग पहचान बनाई है, न सिर्फ इसकी कहानी बल्कि इसके विजुअल लेंग्वेज और कलाकारों के प्रदर्शन को लेकर भी काफ़ी सराहना मिली है। शेनिल बताते हैं कि कैसे उन्होंने फिल्म की पटकथा को दृश्य भाषा में तब्दील किया और कलाकारों के हावभाव को स्क्रीन पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
शेनिल देवो ने कहा, “आदिवी साश के साथ काम करना एक उत्साहजनक अनुभव था, उनकी अनुशासन और परफॉर्मेंस की गहराई ने पूरी टीम को प्रभावित किया।” उन्होंने यह भी साझा किया कि इतने बड़े बजट वाली फिल्म बनाने में कई तकनीकी और प्रोडक्शन सम्बंधित चुनौतियां आईं, जिनका सामना वह और उनकी टीम ने दक्षता से किया।
निर्देशक ने यह भी बताया कि फिल्म की कहानी कहने के लिए विजुअल इफेक्ट्स और सिनेमैटोग्राफी का विशेष महत्व था और उन्होंने इस पर विशेष ध्यान दिया। “हम चाहते थे कि दर्शक फिल्म की दुनिया में डूब जाएं और हर सीन उन्हें कहानी के करीब ले जाए,” शेनिल ने कहा।
साथ ही, उन्होंने बताया कि कैसे शूटिंग के दौरान, लोकेशंस की अतिरिक्त जटिलताएं और उच्च तकनीकी उपकरणों का उपयोग फिल्म के उत्पादन को और भी चुनौतीपूर्ण बनाता रहा। पर टीम ने मिलकर हर बाधा को पार करते हुए अंततः एक उत्कृष्ट फिल्म प्रस्तुत की।
फिल्म ‘डकैट’ की रिलीज के बाद इसकी आलोचनात्मक और व्यावसायिक सफलता ने यह प्रमाणित किया कि शेनिल देवो की न केवल निर्देशन की क्षमता है, बल्कि वे कहानी कहने की एक अनूठी दृष्टि रखते हैं। आदिवी साश के साथ उनका सहयोग निश्चित रूप से भारतीय सिनेमा में एक नई मिसाल स्थापित कर रहा है।
इस फिल्म के ज़रिये शेनिल देवो ने साबित कर दिया है कि एक बड़े बजट की फिल्म को भी बिना कोई समझौता किए सटीक दृष्टि और मेहनत से बनाया जा सकता है। दर्शक और फिल्म प्रेमी दोनों इस प्रयास की सराहना कर रहे हैं, जो भविष्य में भारतीय सिनेमा के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।












