
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के लिए रविवार को झांसी रेलवे स्टेशन पर पंजाब मेल ट्रेन को चेन पुलिंग के जरिए रोकना पड़ा। उमा भारती जब प्लेटफॉर्म पहुंचीं, तो नई दिल्ली जाने वाली पंजाब मेल पहले ही आधा प्लेटफॉर्म छोड़ चुकी थी। उनकी यात्रा को लेकर उनके समर्थकों ने तुरंत चेन पुलिंग की, जिससे ट्रेन को करीब पांच मिनट तक रुका रहना पड़ा। इस दौरान ट्रेन का फर्स्ट एसी कोच A-1 यार्ड में पहुंच चुका था, इसलिए उमा भारती B-1 कोच में सवार हुईं।
इस घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री का कहना था कि ट्रेन निर्धारित समय से पहले ही चल पड़ी थी, जो रेलवे की अव्यवस्था का प्रमाण है। उन्होंने कहा, “आज जो मेरे साथ हुआ, वो आम यात्रियों के साथ भी अक्सर होता है। खासकर मथुरा, झांसी और ललितपुर स्टेशन पर ऐसी दिक्कतें अधिक होती हैं। वरिष्ठ नागरिक, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए ये स्थिति और कठिनाई पैदा करती है।”
उमा भारती का दावा: ट्रेन समय से पहले रवाना हुई
उमा भारती ने बताया कि वे दोपहर 2:18 बजे झांसी स्टेशन पर पहुंच गई थीं, जबकि उनकी ट्रेन 2:23 बजे रवाना होनी थी। वे एस्केलेटर से प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ रही थीं, मगर रेलवे अधिकारियों ने उन्हें ई-कार्ट इस्तेमाल करने के लिए कहा। जब ई-कार्ट ट्रैक के सामने पहुंचा, तो एक ट्रेन गुजरने के कारण उन्हें पांच मिनट तक वहीं ठहरना पड़ा। इसके बाद उन्होंने हाथ ठेला लिया, जिससे वे देर हो गईं और ट्रेन छूट गई।
रेल मंत्री को लिखे पत्र में रेलवे व्यवस्था पर उठाए सवाल
इस घटना को लेकर उमा भारती ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने रेलवे की संवेदनशीलता की कमी पर चिंता जताई और कहा कि मथुरा जैसे स्टेशनों पर भी यात्रियों के लिए सुविधाओं की सही व्यवस्था नहीं है। उन्होंने झांसी रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की। उन्होंने कहा, “मैं ट्रेन आने से पहले आई थी, लेकिन ट्रेन समय से पहले आई और चली गई। मंच के बीच में चल रही व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत है।”
उन्होंने यह भी बताया कि जब वे प्लेटफॉर्म के 1 नंबर से 4 नंबर की ओर जा रही थीं, तो ट्रैक पर लंबी गाड़ी चल रही थी, जिसके कारण इंतजार करना पड़ा। बाद में हाथ ठेला ट्रैक में फंसा था, जिसके निकाले जाने में भी समय लगा। ट्रेन अपने निर्धारित समय से पहले पहुंचने और पहले छूटने के कारण ये परेशानी उत्पन्न हुई।
रेलवे का पक्ष और जांच
मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि चेन पुलिंग उमा भारती के समर्थकों ने नहीं बल्कि अन्य यात्रियों ने की थी। उन्होंने कहा कि रेलवे के सिस्टम में ट्रेन निर्धारित समय से पहले प्लेटफॉर्म छोड़ने की व्यवस्था नहीं होती है। हालांकि, ट्रेन निर्धारित समय से पहले प्लेटफॉर्म पर पहुंच जाती है। रेलवे इस घटना की जांच कर रहा है ताकि पता चल सके कि ट्रेन टाइम से पहले रवाना हुई या नहीं।
यात्रियों के लिए जरूरी सुधार
उमा भारती ने इस घटना का हवाला देते हुए रेलवे अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे ऐसे घटनाओं को गंभीरता से लें और यात्रियों की सुविधाओं में सुधार करें। उन्होंने कहा, “मेरे साथ जो हुआ, वह आम जनता के लिए एक चेतावनी है। महिलाएं, बुजुर्ग, दिव्यांग और बच्चे लिए लोग रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा चाहते हैं। रनवे की प्रणाली में ऐसे बदलाव जरूरी हैं कि कोई यात्री ऐसी परेशानी का शिकार न हो।”
यह पूरी घटना रेलवे स्टेशन पर बेहतर प्रबंधन और समन्वय की जरूरत को दर्शाती है ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थिति न उत्पन्न हो और यात्रियों को सुविधा समय के अनुसार मिल सके।











