
जैसलमेर, जिसे ‘गोल्डन सिटी’ के नाम से भी जाना जाता है, आज राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। थार मरुस्थल के बीच स्थित यह ऐतिहासिक शहर अपनी स्वर्णिम रेत, भव्य किले और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। वर्तमान समय में जैसलमेर तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जहां एक ओर पारंपरिक वास्तुकला और विरासत को संरक्षित किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर आधुनिक सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है।
स्मार्ट सिटी और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत जैसलमेर में आधारभूत संरचना को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। शहर की सड़कों का नवीनीकरण, जल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार, और बिजली सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ ही डिजिटल सेवाओं और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे नागरिकों को सरकारी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। पर्यटन को ध्यान में रखते हुए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख स्थलों के आसपास बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है।
पर्यटन जैसलमेर की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। जैसलमेर किला, जो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में जाना जाता है, हर साल हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है। इसके अलावा सम सैंड ड्यून्स में डेजर्ट सफारी, ऊंट की सवारी और सांस्कृतिक कार्यक्रम पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बने हुए हैं। होटल उद्योग, लोक कलाकारों और स्थानीय व्यापारियों को इस बढ़ते पर्यटन से बड़ा लाभ मिल रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सुधार देखने को मिल रहा है। नए स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना के साथ-साथ मौजूदा संस्थानों का उन्नयन किया जा रहा है। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए जल संरक्षण और हरित परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि मरुस्थलीय क्षेत्र में प्राकृतिक संतुलन बना रहे।
इन सभी प्रयासों के चलते जैसलमेर न केवल एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में बल्कि एक उभरते हुए आधुनिक शहर के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। आने वाले समय में यह शहर पर्यटन, संस्कृति और विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकता है, जिससे पूरे राजस्थान को आर्थिक और सामाजिक रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है।












