
श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर में चौधरी चरण सिंह जयंती के अवसर पर किसान दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, खेतिहर किसान, तथा स्थानीय प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को उनकी अहम भूमिका के प्रति जागरूक करना एवं उनकी समस्याओं को समझते हुए समाधान प्रदान करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा विशेष भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने चौ. चरण सिंह के योगदान को याद करते हुए किसानों के कल्याण के लिए उनकी नीतियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चौ. चरण सिंह ने भारतीय कृषि क्षेत्र को नई दिशा दी और किसानों के हित में अनेक क्रांतिकारी कदम उठाए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा किसान हितैषी योजनाओं का भी उद्घाटन किया गया, जिससे किसानों को तकनीकी सहायता एवं नई कृषि तकनीकों का लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों ने भी किसानों की समस्याओं पर चर्चा की और उन्हें समाधान हेतु तत्परता दर्शाई। किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए और सुझाव दिए। सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत ग्रामीण नृत्य और गीत प्रस्तुत किए गए, जो दर्शकों द्वारा काफी सराहे गए। अंत में विश्वविद्यालय द्वारा कृषक सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसानों को सम्मानित किया गया।
यह आयोजन न केवल चौ. चरण सिंह की स्मृति का सम्मान था, बल्कि यह किसानों के प्रति समाज की जागरूकता बढ़ाने का भी माध्यम बना। विश्वविद्यालय के इस प्रयास को स्थानीय समाज ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और इसे निरंतर जारी रखने की उम्मीद जताई। इस प्रकार, किसान दिवस पर किए गए इस आयोजन ने कृषि क्षेत्र की प्रगति और किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण संदेश दिया।
श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर में चौधरी चरण सिंह जयंती के अवसर पर किसान दिवस मनाने का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन किसानों के सम्मान तथा उनकी समस्याओं को उजागर करने के लिए किया गया, जिसके अंतर्गत कई जागरूकता अभियानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संचालन भी हुआ। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारियों के अलावा स्थानीय किसानों, कृषि विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के कुलपति के संबोधन से हुई, जिन्होंने चौधरी चरण सिंह के कृषि क्षेत्र में योगदान को याद करते हुए कहा कि वे हमारे किसानों के सच्चे प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने कृषि विकास, सतत कृषि प्रथाओं और किसान हितैषी योजनाओं पर भी जोर दिया। इसके बाद विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों ने नई कृषि तकनीकों और उन्नत बीज उत्पादन के बारे में जानकारी दी, जिससे किसानों का जीवन स्तर सुधारने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण था किसानों के अनुभव साझा करने का सत्र, जिसमें विभिन्न जिलों से आए किसान अपने खेती के अनुभव और आधुनिक कृषि पद्धतियों के बारे में चर्चा करने लगे। यह सत्र बेहद सफल रहा और इससे कई नवीन विचार सामने आए। साथ ही, किसानों को सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली सहायताओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी किसानों को जोड़ा रखा, जिसमें लोक गीत और नृत्य प्रस्तुत किए गए। अंत में, एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जहां उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसानों को पुरस्कार प्रदान किए गए। इस प्रकार, इस कार्यक्रम ने न केवल चौधरी चरण सिंह की यादों को सम्मानित किया, बल्कि किसानों के लिए एक प्रेरणा स्रोत भी बनकर उभरा।












