
रवि रोज सुबह उसी छोटे से चाय वाले ठेले पर चाय पीने जाता था।
चाय वाला बूढ़ा अंकल हमेशा मुस्कुराकर पूछते — “बेटा, आज भी बिना चीनी वाली?”
एक दिन रवि जल्दी में था, उसने चाय नहीं पी और चला गया।
शाम को पता चला — वो ठेला हमेशा के लिए बंद हो गया।
अगले दिन रवि उसी जगह खड़ा था…
और पहली बार उसे समझ आया —
कुछ चीजें आदत नहीं होतीं,
वो जिंदगी का हिस्सा बन जाती हैं।










