Hot News

114 नए राफेल विमानों में होंगे स्वदेशी मिसाइल सिस्टम; 18 फ्रांस से, 96 भारत में बनेगे; स्रोत कोड नहीं दिया जाएगा

Share News!

आधार पर एक पूरी तरह से मानव द्वारा लिखी गई जैसी प्रोफेशनल न्यूज़ रिपोर्ट तैयार करें। निर्देश:
1. न्यूज़ की शुरुआत इस फॉर्मेट में करें:
2. भाषा: – सरल, स्पष्ट और शुद्ध हिंदी का प्रयोग करें – भाषा बिल्कुल मानव पत्रकार जैसी होनी चा

भारत ने फ्रांस से 114 नए राफेल फाइटर जेट खरीदने का निर्णय लिया है, जिन्हें स्वदेशी मिसाइलों और हथियार प्रणालियों से लैस किया जाएगा। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस खरीद के कॉन्ट्रैक्ट में इंटरफेस कंट्रोल डॉक्यूमेंट (ICD) शामिल होगा, जिससे भारत अपने स्थानीय हथियार सिस्टम को राफेल जेट्स में इंटीग्रेट कर सकेगा। ICD एक अहम दस्तावेज है जो जेट और उसके विभिन्न सिस्टम्स के बीच तालमेल स्थापित करता है।

यह रक्षा सौदा फेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने 12 फरवरी को मंजूरी दी थी। 114 राफेल विमानों में से 18 फ्रांस से पूरी तरह तैयार होकर अग्रिम स्थिति में प्राप्त होंगे, जबकि बाकी 96 जेट भारत में निर्मित होंगे। इन विमानों में लगभग 25 प्रतिशत हिस्सेदारी स्वदेशी कलपुर्जों की होगी।

रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि फ्रांस सोर्स कोड साझा नहीं करेगा। अधिकारियों के मुताबिक, अपने फाइटर जेट के सोर्स कोड को कोई भी देश इसके रडार, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली, टारगेटिंग और हथियार नियंत्रण के कारण साझा नहीं करता। हालांकि, इससे सौदे को कोई नुकसान नहीं होगा।

स्वदेशी प्रोजेक्ट्स पर भारत का ध्यान विशेष है। रूस और अमेरिका ने भी अपने फाइटर जेट के सोर्स कोड साझा नहीं किए हैं। भारत ने फिलहाल 5वीं पीढ़ी के जेट खरीदने का कोई निर्णय नहीं लिया है, बल्कि Tejas Mark 1A, AMCA और लंबी दूरी की मिसाइलों जैसे स्वदेशी प्रोजेक्ट्स पर जोर दे रहा है। सरकार का लक्ष्य विदेशी हथियार प्रणालियों पर निर्भरता को कम करना है, खासतौर पर बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) तकनीक के मामले में।

भारतीय वायु सेना ने सितंबर 2025 तक 114 अतिरिक्त राफेल विमानों की मांग की थी। वर्तमान में, वायु सेना के पास 36 राफेल और नौसेना के पास 26 मरीन वेरिएंट राफेल हैं। एक ही प्रकार के ज्यादा विमान होने से रखरखाव की लागत घटेगी। अंबाला एयरबेस पर पहले से ही राफेल का ट्रेनिंग और MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर, ओवरहॉल) सेंटर संचालन में है, जिसके कारण नए विमानों के शामिल होने की प्रक्रिया सुचारू रहेगी।

इस सौदे के पूरा होने के बाद, भारत में कुल 176 राफेल विमान होंगे, हालांकि इसे पूरा होने में कुछ समय लग सकता है। 2016 में आठवां दर्जा प्राप्त यह डील 58,000 करोड़ रुपए की थी, जिसने भारतीय वायुसेना की ताकत में महत्वपूर्ण वृद्धि की है। राफेल मरीन विमानों के फीचर्स वायु सेना के मौजूदा राफेल से भी एडवांस हैं।

Shopping Cart
Scroll to Top
क्रिकेट के 73 नियम बदले