20 अप्रैल को बालोतरा के पचपदरा रिफाइनरी में आग लगने की घटना ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है। यह हादसा उस वक्त हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रिफाइनरी के उद्घाटन के लिए आने वाले थे, लेकिन दुर्घटना के कारण उनका दौरा स्थगित कर दिया गया। हादसे के लगभग 20 घंटे बाद सुरक्षा एजेंसियां और तकनीकी विशेषज्ञ मौके पर पहुंचकर गहन जांच कर रहे हैं।
पचपदरा रिफाइनरी में सोमवार दोपहर करीब 2 बजे हीट एक्सचेंजर सर्किट में हाइड्रोकार्बन की लीकेज के चलते अचानक आग लग गई। इस आग ने कुछ ही मिनटों में तेजी पकड़ ली और बड़ी लपटों के साथ धुआं पूरे क्षेत्र में फैल गया। कई किलोमीटर दूर से भी आग की लपटें और धुंए को देखा जा सकता था, जिसने स्थानीय लोगों में डर और चिंता की स्थिति पैदा कर दी।
आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड की टीमों ने संयुक्त रूप से काम किया और कई घंटे की मशक्कत के बाद आग को नियंत्रण में लाने में सफलता मिली। इस बीच रिफाइनरी के बहुमंजिली डोम को प्रधानमंत्री की जनसभा के लिए तैयार किया गया था, लेकिन प्रधानमंत्री के दौरे के स्थगित होने के साथ ही मंगलवार सुबह से क्रेन की मदद से इसे हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
रिफाइनरी परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और बाहरी लोगों का किसी भी प्रकार का प्रवेश पूरी तरह बंद है ताकि जांच कार्य सुगमता से हो सके। सुरक्षा एजेंसियां घटना के कारणों का पता लगाने में लगी हुई हैं और तकनीकी टीमें सामान एकत्रित कर रही हैं ताकि अग्निकांड की सही कारणों का खुलासा हो सके।
प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज दोपहर लगभग 12:35 बजे पचपदरा रिफाइनरी पहुंचकर स्थिति का जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री का निरीक्षण घटनास्थल पर कार्रवाई की गति और प्रभावित क्षेत्र का अवलोकन करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान कर्मचारियों और अधिकारियों की तैयारियों में आई कमी पर भी सवाल उठाने की उम्मीद है।
यह दुर्घटना राज्य के लिए गहरा सदमा साबित हुई है क्योंकि यह रिफाइनरी 13 साल की लंबी प्रतीक्षा के बाद पूर्ण होने वाली थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बेहतर टेक्नोलॉजी और कुशल इंजीनियर्स के मौजूद होने के बावजूद इस स्तर की सुरक्षा चूक गंभीर चिंता की बात है। यह सवाल उठता है कि क्या सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन पर्याप्त रूप से किया गया था।
पीएम मोदी के दौरे के टलने से रिफाइनरी परिसर में उदासी और निराशा का माहौल है। सुरक्षा एजेंसियां, तकनीकी टीमें और शासन प्रशासन मिलकर ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने पर फोकस कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की अप्रत्याशित घटनाओं से बचा जा सके।
अग्निकांड की पल-पल की अपडेट और विस्तृत रिपोर्ट के लिए संबंधित ब्लॉग और खबर चैनल निरंतर जानकारी प्रदान कर रहे हैं। राज्य प्रशासन का लक्ष्य है कि जल्द से जल्द जांच के निष्कर्ष जारी किए जाएं और पचपदरा रिफाइनरी की गतिविधियां पुनः सामान्य हो सकें।












