हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में मणिमहेश यात्रा पर प्रशासन ने रोक लगाने का फैसला किया है। एसडीएम भरमौर ने पुलिस थाना प्रभारी को आदेश दिए हैं कि मणिमहेश परिक्रमा मार्ग के अहम स्थल धंछो, गौरीकुंड और मणिमहेश में पुलिस जवानों की तैनाती कर विशेष निगरानी की जाए। यात्रियों को धंछो से आगे जाने से रोका जाएगा। प्रशासन ने यह कड़ा कदम इसलिए उठाया है क्योंकि कुछ श्रद्धालु बिना अनुमति के चोरी-छिपे मणिमहेश की ओर जाने लगे हैं, जबकि अभी क्षेत्र में बर्फवारी बनी हुई है और रास्ते खराब हालत में हैं।
भरमौर क्षेत्र में अभी भी चार से पांच फीट से अधिक बर्फ जमी हुई है और हाल ही में ताजी हिमपात हुई है, जिससे स्थिति और सख्त हो गई है। मणिमहेश जाने वाले मार्ग 2025 की भारी बारिश और बादल फटने की वजह से गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इस कारण यात्रा अत्यंत जोखिमपूर्ण एवं जानलेवा साबित हो सकती है। एसडीएम भरमौर ने कहा है कि वे इस साल कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट 14 अप्रैल को खोलने जा रहे हैं, जिसके लिए श्रद्धालु भी आने लगे हैं, लेकिन उन्हें मणिमहेश की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
एसडीएम ने हडसर मेन गेट पर वाहनों की कड़ी जांच का आदेश भी दिया है। यहां सभी वाहनों की जांच की जाएगी तथा मणिमहेश जाने वाले श्रद्धालुओं को मार्ग के अस्थिर और जोखिमपूर्ण होने के बारे में बताया जाएगा। इसका उद्देश्य यात्रियों को सावधान करना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है। इसके साथ ही, ग्राम पंचायत हडसर और आसपास की पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सूचना बोर्ड और पोस्टर लगाकर स्थानीय जनता और यात्रियों को स्थिति से अवगत कराएं।
याद रहे कि पिछले वर्ष भारी बारिश और बादल फटने की वजह से 25 हजार से अधिक श्रद्धालु फंसे थे और इस दौरान लगभग 26 यात्रियों की मौत हुई थी। भरमौर यात्रा के रास्ते बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। अभी भी वे पूरी तरह बहाल नहीं हो सके हैं। मणिमहेश की आधिकारिक यात्रा अगस्त महीने में कृष्ण जन्माष्टमी से शुरू होकर राधाष्टमी पर समाप्त होती है। इस साल प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहले से ही इस प्रतिबंध को लागू किया है ताकि श्रद्धालुओं की जान को खतरा न हो।












