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माइंड मैट्रिक्स प्रतियोगिता का भव्य आयोजन

जोधपुर के जी.डी. मेमोरियल ग्रुप ऑफ कॉलेज में ज्ञान और प्रतिभा का उत्सव जोधपुर। सेक्टर चार, कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड स्थित जी.डी. मेमोरियल ग्रुप ऑफ कॉलेज में 25 अप्रे्रल को माइंड मैट्रिक्स प्रतियोगिता का भव्य एवं आकर्षक आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता, तर्कशक्ति और समसामयिक विषयों पर पकड़ को परखने के लिए विशेष रूप से प्रश्नोत्तरी सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साह और आत्मविश्वास के साथ हिस्सा लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के निदेशक प्रो. जे.जे. मिश्रा की ओर से सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने ज्ञान की देवी माँ सरस्वती का स्मरण करते हुए कार्यक्रम की सफलता की कामना की। वातावरण पूरी तरह शैक्षणिक ऊर्जा और सकारात्मकता से भर गया। छह टीमों के बीच हुआ रोमांचक मुकाबला प्रतियोगिता में ग्रुप ऑफ कॉलेज की कुल 6 टीमों ने भाग लिया। सभी टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा अत्यंत रोचक और ज्ञानवर्धक रही। प्रतिभागियों ने सामान्य ज्ञान, करंट अफेयर्स, तार्किक प्रश्नों और विषय आधारित क्विज के विभिन्न चरणों में शानदार प्रदर्शन किया। हर राउंड के साथ प्रतियोगिता का स्तर और भी चुनौतीपूर्ण होता गया, जिससे प्रतिभागियों की बौद्धिक क्षमता का वास्तविक परीक्षण हो सका। दर्शकों के रूप में उपस्थित विद्यार्थियों ने भी हर सही उत्तर पर तालियों से उत्साहवर्धन किया। प्रतियोगिता में कला संकाय की टीम—गर्वित चौहान, अमित एवं कुसुम देवासी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। तीनों प्रतिभागियों ने अपने सटीक उत्तरों और बेहतरीन टीमवर्क के बल पर सभी राउंड में बढ़त बनाए रखी और अंतत: विजेता बनने में सफल रहे। उपविजेता बनी गोमी देवी महिला शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय की टीम वहीं, गोमी देवी महिला शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय की टीम की सौम्या पुरोहित, कल्पना चौधरी एवं गोमती ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए उपविजेता का स्थान प्राप्त किया। इस टीम ने कई कठिन प्रश्नों के सटीक उत्तर देकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया और अंत तक कड़ी टक्कर दी। विजेताओं को किया गया सम्मानित महाविद्यालय प्रशासन की ओर से विजेता टीम (आर्ट्स) को 1100 तथा उपविजेता टीम (एजुकेशन) को 500 नगद पुरस्कार के साथ प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। पुरस्कार वितरण के दौरान विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था। इस अवसर पर शिक्षकों ने विजेता एवं उपविजेता टीमों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समकालीन विषयों पर आधारित प्रश्नों ने बढ़ाया उत्साह कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से समकालीन विषयों पर आधारित विविध प्रश्न पूछे गए। इनमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं, विज्ञान, इतिहास, साहित्य तथा सामाजिक विषयों से जुड़े प्रश्न शामिल थे। प्रतिभागियों ने न केवल सही उत्तर दिए, बल्कि कई प्रश्नों पर अपने विचार भी प्रस्तुत किए, जिससे कार्यक्रम और भी ज्ञानवर्धक बन गया। यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों के लिए सीखने और अपनी समझ को विस्तार देने का बेहतरीन मंच साबित हुई। मंच संचालन और आयोजन में रही महत्वपूर्ण भूमिका कार्यक्रम का मंच संचालन सहायक आचार्य राधिका पारिक की ओर से प्रभावी एवं आकर्षक ढंग से किया गया। उन्होंने पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित करते हुए प्रतिभागियों और दर्शकों को जोड़े रखा। प्रतियोगिता के समन्वयक के रूप में डॉ. गीता सांखला, डॉ. आदिति मुथा तथा सहायक आचार्य वीवा सिंह चम्पावत ने तकनीकी एवं क्विज मास्टर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनके कुशल मार्गदर्शन और समन्वय के कारण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। माइंड मैट्रिक्स प्रतियोगिता जैसे आयोजन न केवल विद्यार्थियों के ज्ञान को बढ़ाते हैं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, टीमवर्क और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का भी विकास करते हैं। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा इस तरह के आयोजन समय-समय पर किए जाते हैं, जिससे विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। निदेशक ने किया उत्साहवर्धन कार्यक्रम के अंत में निदेशक प्रो. जे.जे. मिश्रा ने सभी प्रतिभागियों, महाविद्यालय के सहायक आचार्यों एवं विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं और भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर किए जाएंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे इसी तरह अपनी प्रतिभा को निखारते रहें और शिक्षा के साथ-साथ प्रतिस्पर्धात्मक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभाएं। कार्यक्रम के सफल आयोजन से महाविद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने इसे एक यादगार अनुभव बताया।  

Sai Tamhankar interview: The ‘Matka King’ actor on working across languages and her quest for longevity
मनोरंजन

भाषाओं के पार काम करने वाली ‘मटका किंग’ अभिनेत्री और उनके दीर्घकालिक सफर की खोज

मुंबई। साई तमंहारक, जिन्होंने महाराष्ट्र की फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई है, ने हाल ही में अपने करियर, चुनौतियों और फिल्मों की सफलता और असफलता पर अपने विचार साझा किए। लंबे समय से फिल्म जगत में सक्रिय साई तमंहारक ने बताया कि वे किस तरह फिल्मी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं। साई ने अपने इंटरव्यू में कहा, “फिल्म इंडस्ट्री में बने रहना आसान काम नहीं है। हर दिन कुछ नया सीखना पड़ता है और लोगों की रुचि बनाए रखना भी चुनौतीपूर्ण होता है। मैं हमेशा अपने काम को लेकर ईमानदार रही हूँ और इसी वजह से मुझे अलग-अलग भाषाओं में काम करने का मौका मिला।” उन्होंने आगे बताया कि उनके लिए सफलता और असफलता दोनों ही महत्वपूर्ण हैं, लेकिन वे दोनों को बहुत गंभीरता से नहीं लेतीं। “ सफलता और असफलता दोनों ही कड़ी मेहनत के हिस्से हैं, इनसे सीखना जरूरी है। हालांकि, मैं अपनी फिल्मों की प्रतिक्रिया को जानते हुए भी, उसे बहुत गंभीरता से नहीं लेती, क्योंकि यह मेरा पुनः प्रयास करने का उत्साह बनाता है।” साई ने लोगों की धारणाओं को चुनौती देने की भी बात कही। उनका मानना है कि वह हमेशा नए किरदार निभाकर और विविधता लाकर कहीं एक ही तरह की छवि से बाहर निकलना चाहती हैं। उन्होंने कहा, “लोगों की सोच को बदलना मेरे लिए एक मिशन है। मैं उन कलाकारों में से हूँ जो सिर्फ अभिनय के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी सोच और कार्यशैली से भी लोगों के मन में जगह बनाना चाहती हैं।” अपने करियर के सफर को याद करते हुए साई ने कहा, “कभी-कभी कुछ कार्यक्षेत्र में बदलाव लाना आवश्यक होता है। मैंने ऐसा किया और मैंने कई भाषाओं में काम किया जो मेरे लिए एक सीखने का अनुभव रहा। इससे मुझे अभिनय की नयी विधाओं को समझने और अपनाने का मौका मिला।” उन्होंने यह भी माना कि इंडस्ट्री में टिके रहने के लिये धीरज और लगातार मेहनत बेहद जरूरी है। “कुछ पल का फेम आपको स्थायी सफलता नहीं देता। इसके लिये थोड़ी बहुत काबिलियत के साथ साथ, लगातार काम करते रहना और बेहतरीन परिणाम देना होता है।” साई तमंहारक का मानना है कि अभिनय के प्रति उनका समर्पण और उनकी कड़ी मेहनत ही उन्हें लंबे समय तक इस उद्योग में स्थापित रखेगी। उनके अनुभव और दृष्टिकोण ने अनेक नए कलाकारों के लिए प्रेरणा का काम किया है।

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सिरोही कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर को मिला एक्सीलेंस पुरस्कार

लखपति दीदी योजना में उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य स्तर पर हुआ सम्मान सिरोही। लोक सेवा दिवस के अवसर पर जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में सिरोही जिला कलेक्टर रोहिताश्वसिंह तोमर को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एवं मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के हाथों सीएम एक्सीलेंस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें फ्लैगशिप योजनाओं की श्रेणी में बारां जिले में पदस्थापन के दौरान लखपति दीदी योजना के तहत किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदान किया गया। यह उपलब्धि न केवल सिरोही जिले के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे राज्य प्रशासनिक तंत्र के लिए प्रेरणादायक उदाहरण भी बनकर उभरी है। तोमर के नेतृत्व में बारां जिले में ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में जो बदलाव देखने को मिला, उसने इस योजना को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। लखपति दीदी योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोडऩे की सुविधाएं प्रदान की जाती हैं, ताकि वे अपनी आय बढ़ाकर सालाना एक लाख रुपए या उससे अधिक कमा सकें। योजना की प्रारंभिक अवस्था को चरम तक पहुंचाया बारां जिले में जब रोहिताश्वसिंह तोमर ने पदभार संभाला, तब यह योजना प्रारंभिक अवस्था में थी। कई समूह सक्रिय नहीं थे और महिलाओं को योजना के लाभों की पूरी जानकारी भी नहीं थी। ऐसे में तोमर ने इसे मिशन मोड में लागू करते हुए व्यापक बदलाव की शुरुआत की। तोमर के नेतृत्व में प्रशासन ने गांव-गांव जाकर महिलाओं को योजना से जोडऩे का अभियान चलाया। उन्होंने केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर जाकर समूहों की समस्याओं को समझा और उनका समाधान किया। अधिकारियों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से घर-घर जाकर महिलाओं को योजना के बारे में जानकारी दी गई। महिलाओं को सिलाई, बुनाई, डेयरी, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प आदि क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया गया। बैंकिंग और वित्तीय समावेशन स्वयं सहायता समूहों को बैंक से जोडक़र उन्हें आसान ऋण सुविधा उपलब्ध कराई गई। महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों को स्थानीय और ऑनलाइन बाजारों से जोडऩे के प्रयास किए गए, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई। तोमर के प्रयासों का सबसे बड़ा प्रभाव महिलाओं की आय में वृद्धि के रूप में सामने आया। कई महिलाएं, जो पहले आर्थिक रूप से निर्भर थीं, आज स्वयं अपने परिवार की आय का प्रमुख स्रोत बन चुकी हैं। बारां जिले में हजारों महिलाओं ने इस योजना के माध्यम से अपनी आय को बढ़ाकर लखपति दीदी बनने का लक्ष्य हासिल किया। इससे न केवल उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ, बल्कि समाज में उनकी स्थिति भी मजबूत हुई। सामाजिक बदलाव की मिसाल बना बारां मॉडल बारां जिले में लागू किया गया यह मॉडल केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का भी कारण बना। परिवारों में निर्णय लेने की क्षमता में उनकी भागीदारी बढ़ी बेटियों की शिक्षा पर जोर बढ़ा। यह मॉडल अब अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बन चुका है और राज्य स्तर पर इसे अपनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। तोमर ने इस योजना को सफल बनाने के लिए केवल प्रशासनिक मशीनरी पर निर्भर नहीं रहे, बल्कि स्थानीय समुदाय, स्वयंसेवी संस्थाओं और बैंकिंग संस्थानों को भी साथ जोड़ा। पुरस्कार प्रदान करते समय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने रोहिताश्व सिंह तोमर के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के नवाचार और समर्पण से ही सरकारी योजनाएं वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचती हैं। उन्होंने कहा कि बारां में किया गया कार्य अन्य जिलों के लिए मार्गदर्शक है और इससे राज्य की विकास यात्रा को नई दिशा मिलेगी। वर्तमान में सिरोही के जिला कलेक्टर के रूप में कार्यरत तोमर की इस उपलब्धि से जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों में खुशी की लहर है। सिरोही के लोगों का मानना है कि जिस प्रकार उन्होंने बारां में उत्कृष्ट कार्य किया, उसी तरह वे यहां भी विकास की नई इबारत लिखेंगे। रोहिताश्व सिंह तोमर की कार्यशैली युवा प्रशासनिक अधिकारियों के लिए प्रेरणा बन रही है। उनका फोकस हमेशा परिणामों पर रहता है और वे हर योजना को आम जनता तक पहुंचाने के लिए नवाचार करने से पीछे नहीं हटते। उनकी यह उपलब्धि यह दर्शाती है कि यदि इच्छाशक्ति और समर्पण हो, तो सरकारी योजनाओं के माध्यम से समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। लखपति दीदी योजना की सफलता के बाद अब राज्य सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। आने वाले समय में इन समूहों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोडऩे, ई-कॉमर्स के माध्यम से उत्पादों की बिक्री बढ़ाने और नई तकनीकों का उपयोग करने पर जोर दिया जाएगा। एक अधिकारी, जिसने बदल दी हजारों जिंदगियां रोहिताश्व सिंह तोमर को मिला सीएम एक्सीलेंस पुरस्कार केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उन हजारों महिलाओं की मेहनत और संघर्ष की भी पहचान है, जिनके जीवन में इस योजना के माध्यम से सकारात्मक बदलाव आया है। बारां जिले में उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों ने यह साबित कर दिया है कि सही नेतृत्व और प्रभावी क्रियान्वयन से सरकारी योजनाएं वास्तव में समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकती हैं।

RR look to arrest their slide against struggling LSG
खेल जगत

आरआर की खराब फॉर्म को रोकने का प्रयास, मुकाबला करेंगे संघर्ष कर रहे एलएसजी से

राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच आगामी मैच के लिए उत्सुकता बढ़ गई है क्योंकि दोनों ही टीमें अपनी पिछली हारों से उबरने की कोशिश कर रही हैं। राजस्थान रॉयल्स ने अपने पिछले दो मैच गंवाए हैं, जबकि लखनऊ सुपर जायंट्स को तीन मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। राजस्थान रॉयल्स इस सीजन में अपनी पावरफुल खेल रणनीति के लिए जानी जाती है, लेकिन लगातार हार ने उनके मनोबल को प्रभावित किया है। टीम की जरूरत है कि वे अपनी कमजोरियों को पहचानकर सुधार करें, खासकर बल्लेबाजी और गेंदबाजी के बीच सामंजस्य बढ़ाकर। दूसरी ओर, लखनऊ सुपर जायंट्स भी अपने प्रदर्शन में सुधार करना चाहते हैं। तीन मैचों में हार ने टीम पर दबाव बढ़ा दिया है। उनकी कोशिश होगी कि वे आगामी मैचों में नई रणनीतियों को अपनाकर हार का सिलसिला तोड़ें। विश्लेषकों का मानना है कि यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए निर्णायक होगा क्योंकि जीत से ही शीर्ष चार में जगह बनाने की उम्मीद बढ़ेगी। मौजूदा फॉर्म और टीमों की रणनीति को देखते हुए यह मैच क्रिकेट प्रेमियों के लिए बेहद रोचक रहेगा। राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स की टीमें दोनों ही अपनी सीमाओं को जानते हैं और इस मैच में वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने की कोशिश करेंगी। फैंस को उम्मीद है कि यह मुकाबला उच्चतम स्तर का होगा और दोनों टीमों की जीत की चाहत मैच को रोमांचक बनाएगी।

‘Jana Nayagan’ movie leak case: KVN Productions opposes anticipatory bail plea of man named in confession statement
मनोरंजन

‘जाना नायकन’ मूवी लीक केस: KVN प्रोडक्शंस ने स्वीकारोक्ति बयान में नामजद व्यक्ति की अग्रिम जमानत याचिका का विरोध किया

नई दिल्ली। न्यायमूर्ति सी. कुमारप्पन ने KVN प्रोडक्शंस को 30 अप्रैल, 2026 तक अपनी इम्प्लीडिंग पिटीशन दाखिल करने का समय दिया है। यह आदेश उस मामले में आया है जिसमें ‘जाना नायकन’ फिल्म लीक होने से जुड़ा विवाद छिड़ा हुआ है। फिल्म के लीक होने के मामले की जांच के दौरान एक व्यक्ति ने स्वीकारोक्ति बयान दिया था, जिसमें उसने अपनी भूमिका स्वीकार की। इसके बाद आरोपी ने अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की, जिसका KVN प्रोडक्शंस ने कड़ा विरोध किया। सुनवाई के दौरान KVN प्रोडक्शंस के वकील ने कोर्ट को बताया कि फिल्म के लीक होने से कंपनी को भारी आर्थिक और प्रतिष्ठात्मक क्षति पहुँची है। उन्होंने कहा कि आरोपी की अग्रिम जमानत से जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। वहीं अभियोजन पक्ष ने भी आरोपित के खिलाफ ठोस सबूत रखने का दावा किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यान से सुना और इस संदर्भ में उत्पादन कंपनी को अपनी दलीलें पूर्ण रूप से प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त समय देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि ऐसा गंभीर मामला है, अतः याचिका पर अंतिम निर्णय लेने से पहले सभी तथ्यों का अवलोकन आवश्यक है। ‘जाना नायकन’ फिल्म का लीक मामला फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक गंभीर चेतावनी माना जा रहा है। ऐसे प्रकरणों से न केवल फिल्म निर्माता प्रभावित होते हैं, बल्कि कलाकार, वितरक और अन्य हितधारकों को भी नुकसान उठाना पड़ता है। बॉलीवुड में पाइरेसी और लीकिंग को रोकने के लिए अब कड़े कानून और प्रभावी निगरानी की जरूरत महसूस की जा रही है। फिलहाल, केस की अगली सुनवाई 30 अप्रैल, 2026 को होगी, जब KVN प्रोडक्शंस अपनी इम्प्लीडिंग पिटीशन कोर्ट में दायर करेगा और मामले पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इससे पहले दोनों पक्षों को नियमों का पालन करते हुए न्यायालय में तथ्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। इस प्रकार यह मामला फिल्म इंडस्ट्री तथा कानूनी दायरे में काफी महत्व रखता है और इसके परिणाम इस प्रकार के मामलों में बहस को नया आयाम दे सकते हैं।

Jude Bellingham buys minority stake in Hundred franchise Birmingham Phoenix
खेल जगत

जूडे बेल्लिनघम ने हॉन्ड्रेड फ्रैंचाइजी बर्मिंघम फीनिक्स में लिया अल्पसंख्यक हिस्सा

स्पोर्ट्स की दुनिया में हाल ही में एक बड़ी खबर सामने आई है जिसमें रियल मैड्रिड के स्टार खिलाड़ी और बर्मिंघम सिटी के पूर्व फुटबॉलर जूडे बेल्लिनघम ने अपने होम सिटी क्लब में लगभग £1 मिलियन का निवेश किया है। यह निवेश क्लब के हॉन्ड्रेड फ्रैंचाइजी, बर्मिंघम फीनिक्स का हिस्सा बनने के रूप में हुआ है। जूडे बेल्लिनघम ने इंग्लैंड के फुटबॉल प्रशंसकों के दिलों में अपनी विशिष्ट प्रतिभा और कड़ी मेहनत से अलग पहचान बनाई है। उन्होंने ना केवल अपने क्लब रियल मैड्रिड में अपनी जगह बनाई है, बल्कि बर्मिंघम के लिए भी गर्व का विषय बने हुए हैं। इस निवेश से यह साफ संकेत मिलता है कि वह अपने मूल क्षेत्र और समुदाय के प्रति गहरा जुड़ाव महसूस करते हैं। बर्मिंघम फीनिक्स एक प्रमुख फ्रैंचाइजी है जो हॉन्ड्रेड क्रिकेट टूर्नामेंट में खेलती है। यह फ्रैंचाइजी स्थानीय प्रतिभाओं को विकसित करने और खेल के प्रति उत्साह बढ़ाने के लिए जानी जाती है। बेल्लिनघम के निवेश से क्लब को वित्तीय मजबूती मिलेगी और वे भविष्य में और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक प्रदर्शन करने में सक्षम होंगे। क्लब के अधिकारियों ने इस निवेश को बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया के साथ स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि बेल्लिनघम का यह कदम खेल के विकास और स्थानीय समुदाय के सांस्कृतिक उत्थान के लिए महत्वपूर्ण है। “यह न केवल क्लब के लिए बल्कि पूरे शहर के लिए गर्व की बात है कि एक सफल खिलाड़ी अपने शहर में वापस आकर इसे आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है,” अधिकारियों ने बताया। इस निवेश से उम्मीद की जा रही है कि बर्मिंघम फीनिक्स की टीम को नई ऊर्जा और संसाधन मिलेंगे, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सके। साथ ही इस कदम से युवाओं में खेल के प्रति उत्साह बढ़ेगा और उनके लिए नई प्रेरणा का स्रोत बनेगा। जूडे बेल्लिनघम के इस वित्तीय योगदान को देखकर साफ है कि उन्होंने न केवल अपने करियर को नई ऊँचाइयों पर पहुंचाया है, बल्कि अपने जड़ों से भी गहरा संबंध बनाए रखा है। यह कदम बर्मिंघम जैसे शहरों के लिए मिसाल बन सकता है जहाँ खेल प्रतिभाओं का विकास हो और वे अपने शहर की प्रगति में योगदान करें।

भास्कर अपडेट्स:तेलंगाना में हाउसकीपिंग स्टाफ ने किया 2.65 करोड़ का घोटाला:दो बैंक मैनेजर समेत 4 गिरफ्तार
राजनीति

तेलंगाना हाउसकीपिंग स्टाफ पर 2.65 करोड़ का घोटाला: दो बैंक मैनेजर सहित 4 गिरफ्तार

तेलंगाना के नलगोंडा जिले में बैंक से करोड़ों का घोटाला, चार आरोपी गिरफ्तार तेलंगाना के नलगोंडा जिले से एक बड़े बैंक घोटाले की खबर सामने आई है, जिसमें सरकारी बैंक की शाखा से 2.65 करोड़ रुपए की हेराफेरी की गई है। इस मामले में दो बैंक मैनेजर और हाउसकीपिंग स्टाफ समेत कुल चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि ये आरोपी मिलकर बैंक की नॉन-ब्रांच ऑनलाइन KYC अपडेट सिस्टम की खामी का फायदा उठाकर खातों से पैसे अवैध तरीके से ट्रांसफर करते रहे। एसपी शरत चंद्र पवार ने बताया कि मुख्य आरोपी बैंक में कॉन्ट्रैक्ट पर हाउसकीपिंग स्टाफ के रूप में तैनात था। इस स्टाफ ने दो बैंक मैनेजरों और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर यह घोटाला अंजाम दिया। आरोपियों ने बैंक के डॉर्मेंट लेकिन एक्टिव बैलेंस वाले खातों का दुरुपयोग करते हुए लगभग 2.65 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खातों में ट्रांसफर किए गए 2.42 करोड़ रुपए भी बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया कि इस घोटाले का खुलासा तब हुआ जब बैंक के नियमित ऑडिट में संदिग्ध लेनदेन का पता चला। जांच में पता चला कि आरोपी नॉन-ब्रांच ऑनलाइन KYC अपडेट सिस्टम की खामियों का इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे खातों की जानकारी को बिना शाखा में रिपोर्ट किए ही अपडेट किया जा रहा था। यह व्यवस्था बैंक के डाटा प्रोटेक्शन और नियमों के खिलाफ थी, जिसका फायदा उठाते हुए ये आरोपी लंबे समय तक बड़ी रकम हेराफेर करते रहे। नलगोंडा पुलिस की टीम ने सक्रिय जांच के बाद आरोपियों को पकड़कर बैंक के करीब 2.42 करोड़ रुपये जब्त कर लिए हैं। मामला गंभीरता से देखने पर स्थानीय प्रशासन ने बताया कि बैंक की आंतरिक सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसे मामले न हों। इस दौरान पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से पूछताछ जारी है और अधिकारियों का मानना है कि इस घोटाले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। बैंक प्रशासन भी इस घोटाले को लेकर पूरी तरह से सहयोग दे रहा है। अन्य बड़ी खबरों में, दिल्ली ब्लास्ट केस में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को कोर्ट ने 45 दिन की अतिरिक्त मोहलत दी है। NIA ने कहा है कि जांच अभी जारी है और इसे पूरा करने के लिए और समय चाहिए। कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए एजेंसी को अतिरिक्त समय प्रदान किया है। फिलहाल, इस मामले में जांच के विस्तार और गिरफ्तारियों को लेकर कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इस प्रकार, नलगोंडा बैंक घोटाले से साफ होता है कि वित्तीय संस्थानों में सुरक्षात्मक उपायों को मजबूत करने की जरूरत है, ताकि आम जनता का भरोसा बरकरार रहे और ऐसी गलत गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।

Mochakk brings Brazil’s electronic fire to India this May
मनोरंजन

मोकाक भारत में मई में लेकर आ रहा है ब्राज़ील की इलेक्ट्रॉनिक धुन

ब्राजील के प्रसिद्ध डीजे और म्यूजिक प्रोड्यूसर मोकाक जल्द ही भारत में अपने संगीत का जादू बिखेरने जा रहे हैं। मोकाक इस मई महीने में गोवा, मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह उनके लिए भारत में एक भव्य डेब्यू होगा जो इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं होगा। मोकाक का संगीत ब्राजील की समृद्ध संगीत परंपरा और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक बीट्स का एक अनूठा संयोजन है। उनकी धुनों में ऊर्जा, उत्साह और तकनीकी कौशल की झलक मिलती है, जो पूरी दुनिया में उन्हें लोकप्रिय बनाती है। भारत में उनके आने का मतलब है कि देश में इलेक्ट्रॉनिक डांस म्यूजिक का नया अध्याय शुरू होने वाला है। गोवा, जो अपनी उत्सवों और समुद्री किनारे के लिए जाना जाता है, मोकाक के संगीत के लिए आदर्श स्थान होगा। इसके बाद मुंबई, भारत की आर्थिक राजधानी, जहां मोकाक मुंबई की चमक-दमक और विविधता को अपने संगीत के साथ जीवंत करेंगे। दिल्ली और बेंगलुरु भी उनकी प्रस्तुति के मुख्य केंद्र होंगे, जहां संगीत प्रेमी उनकी धुनों पर झूम उठेंगे। इस कार्यक्रम की विशेषता यह है कि यह न केवल एक संगीत कार्यक्रम है बल्कि यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी प्रतीक है। मोकाक के संगीत में ब्राजील की आत्मा और भारत की युवा ऊर्जा का सुंदर मेल देखने को मिलेगा। यह आयोजन भारतीय संगीत प्रेमियों के लिए एक अनूठा अनुभव प्रदान करेगा और इलेक्ट्रॉनिक संगीत को नए स्तर पर पहुंचेगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त डीजे मोकाक ने कई बड़े संगीत समारोहों में भाग लिया है और उनकी धुनों ने लाखों दिलों को छुआ है। उनकी भारत यात्रा संगीत प्रेमियों के लिए एक अवसर होगी कि वे इस संगीत महाकाव्य का हिस्सा बनें। निकट भविष्य में मोकाक के प्रदर्शन के लिए टिकट उपलब्ध होंगे, जिनकी डिमांड सुनिश्चित रूप से बहुत अधिक होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि उनका यह रुक-रुक कर नहीं, बल्कि भारत में एक समृद्ध संगीत यात्रा की शुरुआत है। इस प्रकार, मोकाक का भारत में आगमन संगीत जगत के लिए उत्साह और नवीनता लेकर आ रहा है। संगीत प्रेमी इस मौके को हाथ से जाने नहीं देंगे और मोकाक के साथ इस संगीत यात्रा में शामिल होकर अद्भुत अनुभव प्राप्त करेंगे।

Finch and du Plessis question Axar's tactics in SRH loss
खेल जगत

फिंच और डु प्लेसिस ने SRH की हार में अक्षर की रणनीति पर उठाए सवाल

क्रिकेट जगत में दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान द्वारा लेफ्ट-हैंडेड बल्लेबाज अभिषेक शर्मा के खिलाफ मैचअप से बचने का निर्णय चर्चा का विषय बना हुआ है। इस कदम को लेकर विशेषज्ञों ने कप्तान की रणनीति पर सवाल उठाए हैं, जबकि शार्दुल ठाकुर की कमी और टीम की हार के बाद आलोचनाएं और भी तेज हो गई हैं। दिल्ली कैपिटल्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेले गए हालिया मुकाबले में बल्लेबाज अभिषेक शर्मा को लेफ्ट-हैंडेड होने के कारण सीधे मुकाबले से बचा लिया गया। ऐसा माना जा रहा है कि कप्तान ने रणनीतिक कारणों से इस मैचअप से खुद को बचाया, जिससे टीम का संतुलन बाधित हुआ और अंततः यह मैच एसआरएच के पक्ष में समाप्त हुआ। पूर्व क्रिकेटर और विशेषज्ञ फिंच और डु प्लेसिस ने इस रणनीति पर संदेह जताया है। फिंच ने अपने विश्लेषण में कहा, “जब आप किसी बल्लेबाज का मनोवैज्ञानिक और तकनीकी फायदा लेने का अवसर पाते हैं, तो उसे चुनौती देने से पीछे हटना उचित नहीं होता। यह टीम की जीत की संभावनाओं को कम कर सकता है।” डु प्लेसिस ने भी अपने विचारों में कहा कि कप्तान की यह चाल न केवल टीम के आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकती है बल्कि विपक्षी टीम के खेल को भी बढ़ावा देती है। दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह हार निराशाजनक रही, खासकर तब जब टीम की गेंदबाजी आक्रमण में शार्दुल ठाकुर की कमी महसूस की गई। उनकी अनुपस्थिति ने bowling रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए और कप्तान के फैसलों को और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया। प्रशंसक और क्रिकेट विश्लेषक दोनों ही इस हार पर कप्तान की पसंदीदा रणनीतियों और फैसलों से संतुष्ट नहीं दिखे। अभिषेक शर्मा के खिलाफ इस तरह की टालमटोल रणनीति ने इस बात पर पुनः विचार करने के लिए कहा है कि क्या कप्तान को अपने फैसलों में अधिक साहसिक और जोखिम लेने की आवश्यकता है। इस बीच, दिल्ली कैपिटल्स की टीम को इस हार से सीख लेकर आगामी मैचों में बेहतर प्रदर्शन करने की चुनौती का सामना करना होगा। समग्र रूप से, यह मामला दर्शाता है कि क्रिकेट में रणनीति का महत्व कितना प्रधान होता है और कैसे एक गलत निर्णय टीम की जीत पर असर डाल सकता है। फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि कप्तान और टीम प्रबंधन भविष्य में ऐसी रणनीतियों को लेकर अधिक गंभीर और बेहतर निर्णय लेंगे ताकि टीम का प्रदर्शन और प्रभावी हो सके।

पहलगाम आतंकी हमले का एक साल, सेना बोली-न्याय हमेशा होगा:मोदी ने कहा- भारत आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा, नापाक मंसूबे कामयाब नहीं होंगे
राजनीति

पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी: सेना ने दिया न्याय का वादा, मोदी ने कहा- भारत आतंकवाद के आगे कभी झुकेगा नहीं

आज पहलगाम आतंकी हमले को एक साल पूरा हो गया है। इस आतंकी वारदात को याद करते हुए कश्मीर के सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ घाटी में रह रहे स्थानीय लोगों तथा पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही हैं। खास तौर पर घाटी में काम करने वाले हर पोनी, सर्विस प्रोवाइडर और लोकल गाइड के लिए QR कोड आधारित स्पेशल चेकिंग सिस्टम लागू किया गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके। 22 अप्रैल 2025 को बैसरन घाटी में हुए इस हमले में आतंकियों ने शांति से घूम रहे सैलानियों पर बेरहमी से गोलीबारी की थी, जिसमें 26 लोगों की मृत्यु हो गई थी। आतंकवाद ने इस घाटी और पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था, लेकिन सरकार और सेना ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सुरक्षा प्रबंध और नियंत्रण सख्त कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस भयंकर आतंकी हमले की एक वर्षगांठ पर एक भावुक पोस्ट में कहा है, “पिछले साल आज ही के दिन पहलगाम में हुए इस दमनकारी आतंकी हमले में अपनी जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को हम हमेशा याद रखेंगे। यह देश आतंकवाद के किसी भी रूप के सामने कभी झुकेगा नहीं। आतंकवाद के नापाक मंसूबे हमेशा असफल रहेंगे। हम अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी ताकत से जुटे हैं।” भारतीय सेना ने भी इस बरसी के मौके पर दो बयान जारी किए हैं, जिनमें आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ संकल्प और सुरक्षा बलों की तत्परता की पुष्टि की गई है। सेना ने कहा कि घाटी में किसी भी सीमा उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। 26 शहीदों की याद में परिवारों की वेदना इस हमले की वर्षगांठ पर उन परिवारों की कहानियां भी सामने आईं, जिन्होंने अपने अपनों को खोया है। करनाल के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल, जिन्होंने छह दिन पहले ही शादी की थी, उनकी यादें आज भी उनके घर में आजाद नहीं हुई हैं। विनय के पिता का कहना है कि बेटे की स्मृति में मेडिकल कॉलेज या विश्वविद्यालय का नाम रखकर उसकी सेवा भावना को अमर किया जाना चाहिए। कोलकाता के सॉफ्टवेयर इंजीनियर बितान अधिकारी की मां अब मिठाइयां भी नहीं बनातीं, क्योंकि उनका बेटा ही नहीं रहा। उन्होंने बताया कि बेटे की मौत से परिवार का जीवन पूरी तरह बदल गया है। कानपुर के कारोबारी शुभम द्विवेदी और उनकी पत्नी की दुखद कहानी ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। शुभम की हत्या के बाद उनका परिवार हर महीने 22 तारीख को उनके स्मरण में भोज कराता है और शुभम को शहीद मानने की मांग करता है। मुंबई के पुणे निवासी इंटीरियर डिजाइनर संतोष जगदाले ने आतंकियों से लोहा लेते हुए अपनी बेटी को बचाया, लेकिन खुद शहीद हो गए। उनकी बहादुरी का परिवार लंबे समय तक सम्मान करता रहेगा। उनकी बेटी ने कहा है कि अब वे अपने वेतन का एक हिस्सा जरूरतमंदों की सेवा में लगाएंगी। सुरक्षा बढ़ाने के प्रयास और आगे की राह बता दें कि घाटी में अभी भी बैसरन घाटी को बंद रखा गया है और भारतीय सेना ने बार-बार यह साफ किया है कि घाटी में किसी भी सीमा रेखा का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पीड़ित परिवारों और आतंकवाद के शिकार हुए लोगों को न्याय दिलाने का वादा करते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हैं। यह हमला सुरक्षा बलों और आम नागरिकों दोनों के लिए एक कड़ा सबक साबित हुआ है। घाटी की सुंदरता और पर्यटन के महत्व को ध्यान में रखते हुए सरकार और सेना मिलकर आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं ताकि यहां के लोग स्वतंत्र और सुरक्षित महसूस कर सकें। आतंकवाद के इस काले स्याह अध्याय को याद करते हुए पूरे देश के लोग शहीदों की शहादत को सदैव याद रखेंगे और उनके परिवारों के साथ खड़े रहेंगे।

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