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Author name: Kamlesh Purohit

‘Vaazha 3’: Vipin Das confirms third part to hit Malayalam franchise
मनोरंजन

‘Vaazha 3’: विपिन दास ने मलयालम फ्रैंचाइज़ी के तीसरे भाग की पुष्टि की

मलयालम सिनेमा जगत में हाल ही में चर्चा का विषय बनी फिल्म ‘Vaazha 3’ को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी प्रकाश में आई है। इस बार यह फिल्म पूरी तरह से महिला कलाकारों की टीम के साथ तैयार की जाएगी, जिसे पहली बार निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखने वाले विष्णु श्रीजीथ द्वारा निर्देशित किया जाएगा। विपिन दास, जो कि फिल्म सीरीज़ के प्रमुख निर्माता हैं, ने अपने साक्षात्कार में स्पष्ट किया कि ‘Vaazha 3’ पूरी तरह से महिलाओं की भूमिका पर केंद्रित होगी, जिससे साबित होता है कि मलयालम फिल्म उद्योग में महिला प्रतिभाओं को महत्व दिया जा रहा है। साथ ही, विष्णु श्रीजीथ का निर्देशन इस प्रोजेक्ट के लिए नई उर्जा लेकर आएगा क्योंकि वह एक शुरुआत कर रहे हैं, जो इस फिल्म को एक अलग पहचान देगा। फिल्म ‘Vaazha’ की पिछली दो कड़ियाँ दर्शकों और आलोचकों दोनों के बीच काफी सराही गई थीं और इस फ्रैंचाइज़ी ने मलयालम सिनेमा में अपनी एक खास जगह बनाई है। तीसरे भाग में पूरी तरह से महिला कलाकारों द्वारा कहानी को प्रस्तुत करने का यह निर्णय दर्शकों के लिए एक नई उम्मीद और उत्साह लेकर आया है। निर्माता विपिन दास ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य न केवल सिनेमाई मनोरंजन प्रदान करना है बल्कि समाज में नारी सशक्तिकरण और महिलाओं की विविध प्रतिभाओं को उजागर करना भी है। उन्होंने यह भी कहा कि विष्णु श्रीजीथ के निर्देशन में यह फिल्म एक नया अनुभव होगा, जो कि दर्शकों के लिए यादगार साबित होगा। इसके अलावा, इस फिल्म की शूटिंग और रिलीज़ की तारीख के संबंध में अभी आधिकारिक घोषणा बाकी है। लेकिन फिल्म से जुड़ी यह खबर मलयालम फिल्म प्रेमियों के बीच उत्साह की लहर दौड़ा चुकी है। उम्मीद की जा रही है कि ‘Vaazha 3’ पूर्ववर्ती फिल्मों की तरह ही सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। इस परियोजना की सफलता के लिए पूरी टीम कड़ी मेहनत कर रही है और जल्द ही इस फिल्म के और भी अपडेट्स सामने आने की उम्मीद है। मलयालम सिनेमा में महिलाओं के बढ़ते योगदान के इस नए अध्याय पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

Will LSG unleash 'match-ready' Mayank against RCB?
खेल जगत

क्या LSG मैच के लिए तैयार मायंक को RCB के खिलाफ मैदान में उतार पाएगा

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का दूसरा हाफ शुरू होने को है और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के तेज गेंदबाज ने आखिरकार फिटनेस पूरी कर ली है। शुरुआती कुछ हफ्तों में चोट के कारण बाहर रहने वाले इस गेंदबाज ने साइडलाइन पर मेहनत करते हुए अपनी फिटनेस को बेहतर बनाया। अब वह पूरी तरह से मैच खेलने के लिए तैयार हैं। LSG के प्रशिक्षकों और फिजियो से मिली जानकारी के अनुसार तेज गेंदबाज ने अपनी कसरत और रिहैबिलिटेशन पर पूरा ध्यान दिया है। टीम की रणनीति में भी अब उनकी वापसी को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। टीम प्रबंधन का मानना है कि उनकी मौजूदगी से बैटिंग लाइनअप के सामने गेंदबाजी में मजबूती आएगी। IPL के इस सीज़न में LSG की गेंदबाजी ऑलमैनाइटी को परखने का समय था क्योंकि टीम को शुरूआती मैचों में गेंदबाजी विभाग में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा। अब जब फास्ट बॉलर पूरी तरह फॉर्म में लौट चुका है, तो इसका सीधा असर टीम के प्रदर्शन पर पड़ेगा। वह अपनी गति और उम्दा स्विंग के दम पर विरोधी टीम को दबाव में ला सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि LSG का यह तेज गेंदबाज खासतौर से RCB के खिलाफ मैच में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। RCB की बल्लेबाजी पंक्ति पर दबाव बनाने के लिए उनकी स्विंग और गति दोनों ज़रूरी होंगे। इसके अलावा, उनकी वापसी से टीम के नए खिलाड़ियों को भी स्पोर्ट्समैनशिप में मदद मिलेगी। मैच से पहले कोचिंग स्टाफ ने गेंदबाज की फिटनेस और स्ट्रेंथ पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि सभी खिलाड़ी अपनी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेंगे और LSG की टीम मैदान पर बेहतरीन खेल दिखाएगी। इस सीज़न LSG के लिए यह एक महत्वपूर्ण मोड़ होगा, जहां वे अपने सभी दिग्गज खिलाड़ियों के साथ पक्ष को मजबूत बना सकते हैं और प्लेऑफ़ की अपनी दौड़ को मजबूत कर सकते हैं। मैदान पर मायंक और तेज गेंदबाज के प्रदर्शन पर सभी की नजरें होंगी।

NSA डोभाल बोले-जंग का मकसद दुश्मन का मनोबल तोड़ना:देश की सुरक्षा सिर्फ सेना की ताकत से तय नहीं होती, जनता की इच्छाशक्ति सबसे जरूरी
राजनीति

NSA डोभाल बोले- जंग का मकसद दुश्मन का मनोबल तोड़ना, देश की सुरक्षा में जनता की इच्छाशक्ति सबसे जरूरी

नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने मंगलवार को राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी (RRU) के पांचवें दीक्षांत समारोह के दौरान महत्वपूर्ण बातें कही। देश की सुरक्षा केवल उसकी सैन्य शक्ति पर निर्भर नहीं करती, बल्कि जनता की इच्छाशक्ति और मनोबल सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में आयोजित इस समारोह में डोभाल ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा एक जटिल और बहुआयामी विषय है, जिसमें सेना, तकनीक, संसाधन, कूटनीति के साथ मानव शक्ति भी शामिल है। डोभाल ने कहा, “देश की ताकत आंकते समय सबसे बड़ी गलती यह होती है कि लोगों के मनोबल को नजरअंदाज कर दिया जाता है। युद्ध का मकसद केवल दुश्मन की सैन्य ताकत को हराना नहीं, बल्कि उसके मनोबल को तोड़ना भी है।” उनका स्पष्ट मानना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सेना, पुलिस या खुफिया एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह देशवासी की सामूहिक जिम्मेदारी है। दीक्षांत समारोह में मानद PhD से नवाजे जाने के पश्चात् डोभाल ने युवाओं को भी यह संदेश दिया कि सुरक्षा के क्षेत्र में कोई ‘सिल्वर मेडल’ नहीं होता। “आप या तो जीतते हैं या हारते हैं। अगर आप जीतते हैं तो इतिहास बनाते हैं, और अगर हारते हैं तो इतिहास बन जाते हैं,” उन्होंने कहा। इस सम्मान को स्वीकार करते हुए डोभाल ने कहा कि यह उनके लिए अत्यंत गर्व और जिम्मेदारी का विषय है। कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए मानद PhD प्रदान की, जो देश के प्रति उनकी निष्ठा और समर्पण को दर्शाता है। डोभाल ने आगे कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा किसी एक अंग के बूते की बात नहीं है। एक समृद्ध और सुरक्षित राष्ट्र के लिए तकनीकी उन्नति, संसाधनों का समुचित प्रबंधन, कूटनीति तथा हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। यही वजह है कि रक्षा और सुरक्षा केवल सीमाओं तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक, और मानसिक दृढ़ता के स्तर पर भी मजबूत होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि देश के युवा सुरक्षा की इस जटिल प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और उन्हें इसके लिए प्रशिक्षित और जागरूक करना हमारा कर्तव्य है। डोभाल की बातों से यह साफ होता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा एक साझा प्रयास है, जिसमें हर भारतीय का योगदान अनिवार्य है। डोभाल ने इससे पहले भी तानाशाही और खराब शासन के खतरे पर प्रकाश डाला था। उन्होंने कहा था कि बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल जैसे देशों में राजनीतिक अस्थिरता और खराब प्रशासन का देश कमजोर होने का कारण बनता है। इस संदर्भ में उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती को अत्यंत आवश्यक बताया। राष्ट्रीय सुरक्षा पर डोभाल के विचार और उनके अनुभव देश के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शक सिद्ध हो सकते हैं। उनकी बातों से यह स्पष्ट होता है कि सिर्फ सैन्य शक्ति से नहीं, बल्कि देश की जनता की एकजुटता और मनोबल से ही भारत को सशक्त और सुरक्षित बनाया जा सकता है।

टाटा सन्स चेयरमैन बोले- नासिक की घटना परेशान करने वाली:सीनियर अफसर से जांच करा रहे, TCS कैंपस में यौन उत्पीड़न, जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप हैं
राजनीति

टाटा सन्स के चेयरमैन ने नासिक की घटना को बताया गंभीर, जांच के आदेश दिए

टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने TCS नासिक ऑफिस में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों को बहुत गंभीर और चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा कि मामले की सीनियर अधिकारियों द्वारा त्वरित और निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह प्रतिक्रिया कंपनी की उस घोषणा के बाद आई है जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनके यहां उत्पीड़न के लिए शून्य सहिष्णुता नीति लागू है। महाराष्ट्र के नासिक स्थित TCS कार्यालय में आठ महिला कर्मचारियों ने यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप लगाए हैं। आरोप लगाने वाली महिलाओं का कहना है कि उनके वरिष्ठों ने मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया और उनकी शिकायतें HR विभाग द्वारा अनसुनी की गईं। इस मामले में पुलिस ने कंपनी के सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मुस्लिम टीम लीडर और एक महिला HR मैनेजर भी शामिल हैं। पुलिस ने इस गंभीर मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है, जो पूरी विस्तार से जांच कर उचित कानूनी कदम उठा रहा है। जब आरोपों की जानकारी कंपनी को मिली, तो उसने तत्काल संबंधित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। कंपनी अब अपनी प्रक्रियाओं और कार्यस्थल की सुरक्षा नीतियों की पुनः समीक्षा भी कर रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। इस घटना ने नासिक की IT कंपनी में कार्यबल के माहौल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोपितों पर जबरन नमाज पढ़ने, हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के भी आरोप हैं, जिसके कारण स्थानीय हिंदू संगठनों ने कैंपस में हंगामा भी किया। कंपनी और पुलिस दोनों ही इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और न्याय सुनिश्चित करने का पूर्ण प्रयास कर रहे हैं। टाटा सन्स के चेयरमैन की ये प्रतिक्रिया घटना के सार्वजनिक होने के बाद पहली औपचारिक प्रतिक्रिया है, जो यह दर्शाती है कि कंपनी इस मामले की जांच और पुनरावलोकन में पूर्ण पारदर्शिता और ज़िम्मेदारी दिखाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।

Dolorblind to showcase latest EP No Signal at Bengaluru event
मनोरंजन

डोलरब्लाइंड बैंगलोर में नवीनतम EP ‘नो सिग्नल’ पेश करेंगे

बैंगलोर. संगीत निर्माता और विजुअल आर्टिस्ट डोलरब्लाइंड का भारत दौरा इस सप्ताह बैंगलोर में समाप्त हो रहा है। इस अवसर पर वे अपने नवीनतम EP “नो सिग्नल” को पहली बार यहां प्रस्तुत करेंगे, जो उनके क्लब और इलेक्ट्रॉनिक संगीत के प्रशंसकों के लिए एक उत्कृष्ट संगीतमय अनुभव साबित होगा। डोलरब्लाइंड, जिन्होंने अपनी अनूठी ध्वनि शैली और विज़ुअल आर्ट के माध्यम से संगीत की दुनिया में अपनी पहचान बनाई है, ने इस दौरे के दौरान देश के कई प्रमुख शहरों में अपनी प्रस्तुति दी। ‘नो सिग्नल’ EP की बात करें तो यह नई धुनों, प्रयोगात्मक बीट्स और गहरे टोन का मिश्रण है जो सुनने वालों को एक नई ध्वनि यात्रा पर ले जाता है। बैंगलोर में आयोजित इस आयोजन में स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के संगीत प्रेमी भारी संख्या में इकठ्ठा हुए। इस कार्यक्रम के दौरान डोलरब्लाइंड ने न केवल संगीत प्रस्तुत किया, बल्कि विजुअल आर्ट इन्स्टालेशन्स भी प्रदर्शित किए, जो उनके संगीत के अनुभव को और भी समृद्ध बनाते हैं। डोलरब्लाइंड के मुताबिक, “भारत एक विविध और ऊर्जावान देश है, जहां संगीत के प्रति जुनून को देखना बेहद रोमांचक है। इस दौरे ने मुझे अपने संगीत को सीधे लोगों के दिलों तक पहुंचाने का अवसर दिया।” विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक संगीत के क्षेत्र में डोलरब्लाइंड ने सीधा-सरल लेकिन प्रभावशाली अंदाज में नई दिशा दी है। उनकी प्रस्तुतियां न केवल संगीत की शैली को नया आयाम देती हैं, बल्कि सांस्कृतिक अनुभवों को भी जोड़ती हैं। इस दौरे के समापन पर डोलरब्लाइंड ने अपने प्रशंसकों के प्रति आभार व्यक्त किया और भविष्य में और भी नए प्रोजेक्ट्स की जानकारी साझा की। उनके नवीनतम EP “नो सिग्नल” को संगीत प्रेमियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और इसे कई डिजिटल प्लेटफार्मों पर उपलब्ध कराया गया है। कुल मिलाकर, डोलरब्लाइंड का यह दौरा भारतीय संगीत परिदृश्य में एक नया अध्याय जोड़ने वाला साबित हुआ है, जहां इलेक्ट्रॉनिक संगीत के जरिए लोगों को अनुभवात्मक संगीत से रूबरू करवाया जा रहा है।

Mitchell Starc, Deepti Sharma named as Wisden's Leading Cricketers in the World
खेल जगत

मिचेल स्टार्क और दीप्ति शर्मा को विस्डन की विश्व के प्रमुख क्रिकेटरों में मान्यता

नई दिल्ली। विश्व क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में से एक, विस्डन क्रिकेटर्स अल्मनाक की नवीनतम संस्करण में चार भारतीय खिलाड़ियों को ‘वर्ष के पांच प्रमुख क्रिकेटरों’ की सूची में शामिल किया गया है। इस उपलब्धि ने भारतीय क्रिकेट की तारीफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से साबित की है। विस्डन क्रिकेटर्स अल्मनाक, जिसे क्रिकेट का बाइबिल भी कहा जाता है, प्रत्येक वर्ष विश्व क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को सम्मानित करता है। इस बार की सूची में मिचेल स्टार्क और दीप्ति शर्मा के साथ चार भारतीय क्रिकेटरों का नाम आना देश के लिए गौरव की बात है। ये खिलाड़ी खेल के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी शानदार प्रदर्शन के कारण चुने गए हैं। भारतीय क्रिकेट संघ ने इस मौके पर कहा कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों के कठिन परिश्रम, समर्पण और देश की क्रिकेट संरचना की सफलता का परिणाम है। भारतीय कप्तान ने भी इन खिलाड़ियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी मेहनत युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत है। विशेषज्ञों का मानना है कि विस्डन का यह चयन भारतीय क्रिकेट के लगातार प्रगति और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता का प्रमाण है। उल्लेखनीय है कि इस सूची में शामिल किए गए भारतीय खिलाड़ी विभिन्न प्रारूपों में उत्कृष्ट प्रदर्शन देकर विश्व क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ चुके हैं। इस उपलब्धि से भारतीय क्रिकेट में भविष्य के लिए नए उत्साह का संचार होगा, जो युवाओं को विश्व स्तर पर क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित करेगा। इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय सम्मान न केवल खिलाड़ियों के लिए बल्कि टीम इंडिया के लिए भी गर्व का कारण हैं। अंत में, यह कहना गलत नहीं होगा कि भारत ने क्रिकेट के विश्व मानचित्र पर अपनी पकड़ और मजबूत की है और विस्डन द्वारा चार भारतीय खिलाड़ियों को इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल करना इसका जीवंत उदाहरण है। इस सफलता की कहानी अभी समाप्त नहीं हुई है, बल्कि यह नए अध्याय की शुरुआत है।

शाह बोले- बंगाल में बाबरी मस्जिद नहीं बनने देंगे:राहुल आज मुर्शिदाबाद सहित 3 जिलों में जाएंगे; EC ने वोटरों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया
राजनीति

शाह बोले- बंगाल में बाबरी मस्जिद नहीं बनने देंगे: राहुल आज मुर्शिदाबाद सहित तीन जिलों में जाएंगे; EC ने वोटरों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया

पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी जारी है। सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह ने रानीगंज में अपनी चुनावी सभा को संबोधित करते हुए बड़ी बात कही। शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और हुमायूं कबीर दोनों एक ही तरह के नेता हैं, जो राज्य में अराजकता फैला रहे हैं। उन्होंने भाजपा की ओर से यह साफ किया कि सत्ता में आने पर वे बंगाल में बाबरी मस्जिद के निर्माण को किसी भी हालत में नहीं होने देंगे। अमित शाह की यह टिप्पणी बीरभूम में एक अन्य सभा के दौरान आई, जहां उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता राजनीतिक हिंसा का जवाब अपने वोट से देगी तथा 5 मई को भाजपा सरकार का गठन होगा। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर भ्रष्टाचार और राजनीतिक हिंसा के गंभीर आरोप लगाए। शाह ने आश्वस्त किया कि चुनाव समाप्त होने के तुरंत बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उधर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी मंगलवार को पश्चिम बंगाल पहुंचेंगे। वह मुर्शिदाबाद जिले के समसेरगंज, मालदा जिले के चंचल और उत्तर दिनाजपुर जिले के रायगंज में चुनावी सभाएं करेंगे। राहुल गांधी के इस दौरे का मकसद क्षेत्रीय मतदाताओं से संपर्क बढ़ाना और चुनाव प्रचार को गति देना है। वहीं, चुनाव आयोग ने कानून व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों के लिए बंगाल के मतदाताओं हेतु 24×7 हेल्पलाइन और ईमेल सुविधा शुरू कर दी है। आयोग ने मतदान प्रक्रिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए टोल-फ्री नंबर 18003450008 जारी किया है, जहां मतदाता अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। साथ ही, wbfreeandfairpolls@gmail.com पर ईमेल के माध्यम से भी शिकायतें भेजी जा सकती हैं। ये सेवाएं 4 मई तक सक्रिय रहेंगी। पश्चिम बंगाल में चुनाव को लेकर सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां अपने अंतिम पड़ाव पर हैं। राजनीतिक दलों के बीच तीव्र प्रतिस्पर्धा के बीच आम जनता की निगाहें शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव पर टिकी हैं। आगामी दिनों में मतदाताओं के फैसले से राज्य की राजनीतिक दिशा तय होगी। अंत में यह कहा जा सकता है कि इस बार की गर्म लड़ाई में मतदाता ही निर्णायक साबित होंगे और सभी दलों को उनके विश्वास पर खरा उतरना होगा। चुनाव आयोग भी निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सम्पन्न कराने के लिए हरसंभव कदम उठा रहा है ताकि पश्चिम बंगाल की जनता के अधिकार सुरक्षित रहें।

Praful Hinge's stunning debut ends RR's four-match winning streak
खेल जगत

प्रफुल हिंगे के शानदार पदार्पण ने RR की चार मैचों की जीत की श्रृंखला को समाप्त किया

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के नए चेहरे प्रफुल हिंगे ने अपनी पहली पारी में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए राजस्थान रॉयल्स (RR) की चार मैचों की जीत की लकीर को समाप्त कर दिया है। सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने पहले बल्लेबाजी करते हुए क्रीज पर शानदार बल्लेबाजी का नमूना दिखाया और 216 रन बनाए। इस पारी में केएल किशन ने अभूतपूर्व नाबाद 91 रन की पारी खेली, जिसने टीम को एक मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद SRH के गेंदबाजों ने भी कमाल दिखाया और राजस्थान के खिलाड़ियों को जमकर परेशान किया। पदार्पण मैच खेल रहे प्रफुल हिंगे ने अपनी बेहतरीन गेंदबाजी से कमाल किया और सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए संघर्षशील टीम को बल्लेबाजी में दबाव में ला दिया। हिंगे के अलावा, साथ ही पदार्पण कर रहे साकिब ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जहां दोनों ने मिलकर आठ विकेट चटकाए। यह मैच दोनों टीमों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा का उदाहरण रहा। श्रीकांत की कप्तानी में RR की टीम चार लगातार जीतों से उत्साह से भरी हुई थी, लेकिन इस बार SRH ने टीम के हर सदस्य का अच्छा खेल दिखाया। केएल किशन की दमदार बल्लेबाजी के कारण SRH ने लक्ष्य के तौर पर 217 रन सेट कर दिए। राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाजों ने तेज शुरुआत की कोशिश की, लेकिन हिंगे और साकिब की समर्पित गेंदबाजी ने विरोधी बल्लेबाजों को पस्त किया। इस पांचवें मैच में जोश और उत्साह दोनों ही पक्षों में देखने को मिले। विशेष रूप से प्रफुल हिंगे का प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। उन्होंने न केवल शुरुआत में विकेट लिए, बल्कि अपनी गेंदबाजी के साथ विपक्षी टीम की रणनीति को बाधित किया। इसके चलते RR की जीत की लकीर रुकी और उनका अभियान इस सीजन में एक चुनौतीपूर्ण मोड़ पर आ गया। यह मुकाबला टी-20 आईपीएल लीग के दौरान प्रतिस्पर्धी क्रिकेट का बेहतरीन नमूना साबित हुआ, जहां नए खिलाड़ी भी अपनी प्रतिभा का परिचय देने में सफल रहे। SRH की इस जीत ने उन्हें आगे बढ़ने की दिशा में मजबूत स्थिति प्रदान की है जबकि RR को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना होगा।

पीएम मोदी आज सहारनपुर में मां काली की पूजा करेंगे:वाइल्डलाइफ कॉरिडोर देखेंगे; CM योगी और धामी साथ रहेंगे
राजनीति

पीएम मोदी आज सहारनपुर में मां काली की पूजा करेंगे, वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का निरीक्षण करेंगे; साथ रहेंगे CM योगी और धामी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के दौरे पर रहेंगे। उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन करना है। प्रधानमंत्री सुबह 11:15 बजे सहारनपुर पहुंचेंगे, जहां वे वाइल्डलाइफ सेक्शन का निरीक्षण करेंगे और फिर मां डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उनके साथ रहेंगे। प्रधानमंत्री का हेलिकॉप्टर सहारनपुर के गणेशपुर हेलीपैड पर पहुंचेगा, जहां से वे मनोहरपुर जाएंगे। वहां बनाए गए पंडाल में वे कॉरिडोर से जुड़ा वीडियो देखेंगे और वाइल्डलाइफ कॉरिडोर की समीक्षा करेंगे। समीक्षा के बाद प्रधानमंत्री कार से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे यानी एलिवेटेड कॉरिडोर पर पहुंचकर निरीक्षण करेंगे। तत्पश्चात वे उत्तराखंड सीमा पर स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ जय मां डाट काली मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना करेंगे। दोपहर करीब 12:30 बजे वे देहरादून में जनसभा को सम्बोधित करेंगे और वहीं से इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। 212 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे लगभग 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बना है, जो करीब 4 वर्षों में तैयार हुआ है। इसका लगभग 64 प्रतिशत हिस्सा यानी 135 किलोमीटर उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। उद्घाटन के बाद दिल्ली से देहरादून तक की यात्रा का समय लगभग छह घंटे से घटकर तीन घंटे तक पहुंच जाएगा, जिससे क्षेत्र में यातायात और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। सहारनपुर में पीएम के स्वागत के लिए तलवारबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। मंदिर परिसर को वृंदावन और पश्चिम बंगाल से मंगाए गए सौ किलो से अधिक ताजा फूलों से सजाया गया है। सुरक्षा के लिहाज से तीन हजार से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। इसमें पीएसी और आरएएफ की टीमें भी शामिल हैं। एसपीजी और खुफिया एजेंसियों ने हेलीपैड, जनसभा स्थल तथा पूरे रूट का बड़े पैमाने पर निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया है। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर में छह लेन वाली सड़क के साथ दस इंटरचेंجز, तीन रेलवे ओवरब्रिज और चार बड़े पुल बनाए गए हैं। इसके अलावा, इसमें 12 वे-साइड सुविधाएं और एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम भी लगाया गया है। विशेष बात यह है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए 12 किलोमीटर लंबा वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया गया है, जिसे एशिया का सबसे लंबा माना जा रहा है। इसके अलावा आठ एनिमल पास, दो 200-200 मीटर के हाथी अंडरपास और डाट काली मंदिर के समीप 370 मीटर लंबी टनल भी शामिल है, जिससे स्थानीय जीव-जंतुओं की आवाजाही सुरक्षित बनी रहेगी। लोकसभा चुनाव के बाद सहारनपुर के लिए यह प्रधानमंत्री का पहला दौरा है। इससे पहले वे 6 अप्रैल 2024 को सहारनपुर आ चुके हैं। इसके पूर्व सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सहारनपुर जाकर तैयारियों का जायजा लिया था। इस दौरे से क्षेत्र में विकास को नया impetus मिलने की उम्मीद है, साथ ही धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी बढ़ेगा।

Dhoni hits Chepauk nets but his recovery continues to stretch
खेल जगत

धोनी ने चेपॉक नेट्स में की बल्लेबाज़ी, लेकिन उनकी वापसी अब भी जारी है

चेन्नई: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की फिटनेस और फॉर्म को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। रविवार को चेपॉक के नेट्स में धोनी ने बल्लेबाज़ी की, लेकिन उनकी बल्लेबाजी से साफ था कि उनकी वापसी अभी भी पूरी तरह से सफल नहीं हुई है। धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ आगामी मुकाबले से पहले अभ्यास के दौरान सपोर्ट स्टाफ द्वारा फेंकी गई गेंदों का सामना किया, लेकिन विकेट कीपर के तौर पर उनकी भूमिका में वह नजर नहीं आए। सूत्रों के अनुसार, धोनी को इस मैच में विकेटकीपिंग नहीं सौंपी गई है क्योंकि उनकी फिटनेस अभी पूरी तरह से ठीक नहीं है। धोनी ने नेट्स में बल्लेबाज़ी जरूर की, मगर उनके शॉट्स में वह धार और दमक अभी नजर नहीं आ रही है जो कभी उनकी पहचान थी। धोनी की वापसी को लेकर CSK टीम प्रबंधन ने भी सतर्क रुख अपनाया है। धोनी की चोट या फिटनेस से जुड़ी समस्याओं के कारण उन्हें टीम ने विकेटकीपिंग में आराम दिया है और इस बार वह केवल एक बल्लेबाज के रूप में खेलेंगे। धोनी के इस धीमे और सतर्क व्यवहार से साफ है कि वह अपनी फिटनेस और फार्म दोनों को लेकर पूरी सावधानी बरत रहे हैं ताकि पूरे सीजन में प्रभावी प्रदर्शन कर सकें। वहीं, धोनी के समर्थकों के बीच यह चिंता बनी हुई है कि क्या वह इस सीजन में अपनी पिछली चमक वापस ला पाएंगे या उनकी वापसी अभी भी लंबी खिंचती रहेगी। पारंपरिक रूप से CSK के लिए धोनी एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी रहे हैं, खासकर आईपीएल में उनकी कप्तानी और फिनिशिंग स्किल्स ने टीम को कई बार मुश्किल से निकाला है। हालांकि, टीम प्रबंधन का मानना है कि धोनी की वापसी इस सीजन के दौरान पूरी तरह से सफल रहेगी और वे जरूरत के हिसाब से धोनी को मैच में पूरी तरह से शामिल करेंगे। धोनी का अनुभव और मैदान पर उनका संकल्प अभी भी CSK के लिए एक अमूल्य संसाधन है। CSK की अगली चुनौती KKR के खिलाफ होगी, जहां टीम धोनी की स्थिति को लेकर रणनीति बनाएगी। साफ है कि धोनी अभी भी वापसी के रास्ते पर हैं और उनकी मेहनत जारी है ताकि वह टीम के लिए एक बार फिर निर्णायक भूमिका निभा सकें। फैंस और क्रिकेट जगत की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि धोनी कब पूरी तरह फिट होकर मैदान पर धमाकेदार प्रदर्शन करेंगे। फिलहाल, धोनी के नेट्स में दिखाई दिए कई संकेत बताते हैं कि वह जल्द ही वापसी को अंतिम रूप देने वाले हैं।

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