Hot News

Author name: Kamlesh Purohit

महिला आरक्षण पर PM की महिलाओं के नाम चिट्‌ठी:लिखा- भारत की बेटियों से उनके हक के लिए सालों तक इंतजार करने नहीं कह सकते
राजनीति

महिला आरक्षण पर प्रधानमंत्री का पत्र: बेटियों से कहा- हक के लिए लंबा इंतजार न करें

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश की महिलाओं के नाम एक पत्र लिखकर महिला अधिकारों और आरक्षण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। पत्र में उन्होंने कहा कि यदि वर्ष 2029 के लोकसभा और विभिन्न विधानसभाओं के चुनाव महिलाओं के लिए पूर्ण आरक्षण के साथ आयोजित होते हैं, तो यह भारतीय लोकतंत्र को और मजबूत तथा जीवंत बनाएगा। पीएम मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि जब महिलाएं कई क्षेत्रों में अपनी विशिष्टता और उत्कृष्टता का परिचय दे रही हैं, तो विधायी संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में लिखा, “भारत की बेटियों से उस चीज के लिए सालों तक इंतजार करने को नहीं कहा जा सकता जो उनका स्वाभाविक अधिकार है।” उन्होंने यह भी कहा कि यह पत्र ‘नारी शक्ति’ के नाम है, जिसमें वे दशकों से लंबित महिला आरक्षण के वादे को पूरा करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हैं। सितंबर 2023 में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’, जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण अधिनियम कहा जाता है, ने महिलाओं के लिए लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में एक तिहाई आरक्षण का प्रावधान किया था। हालांकि यह आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पा रहा था क्योंकि इसे 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने तक लागू नहीं किया जा सकता था। इस कारण 2029 के लोकसभा चुनावों से यह आरक्षण लागू करने के लिए इस अधिनियम में संशोधन आवश्यक हो गया है। सरकार ने इसी उद्देश्य से संसद में एक विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है, जहाँ विधेयकों के माध्यम से संशोधन प्रस्तावित किए जाएंगे। सरकार द्वारा प्रस्तावित संशोधनों में दो महत्वपूर्ण पहलू हैं, जिनमें एक अलग परिसीमन विधेयक भी शामिल है। इन दोनों विधेयकों को संवैधानिक संशोधन के रूप में पारित करना आवश्यक होगा। मौजूदा व्यवस्था के तहत अल्पसंख्यक ओबीसी वर्ग के लिए कोई आरक्षण प्रावधान नहीं है, जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षण पहले की तरह जारी रहेगा। यदि संशोधन सफल हो जाते हैं तो लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी, जिनमें 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। महिला आरक्षण अधिनियम के संशोधन के साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को कम से कम 33% सीटें आरक्षित हों। यह प्रावधान वर्ष 2023 में संविधान में संपुष्टित किया गया था, लेकिन इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया अब पूरी होने जा रही है। पीएम मोदी के संबोधन में अन्य महत्वपूर्ण बातें: प्रधानमंत्री ने 13 अप्रैल को नई दिल्ली में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा था, “हमारे देश की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है। विधानसभाओं से लेकर संसद तक दशकों की प्रतीक्षा के अंत का समय आ गया है। इसलिए सरकार 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुला रही है।” उन्होंने महिला सशक्तिकरण योजनाओं का हवाला देते हुए बताया कि देश की महिलाएं आर्थिक रूप से भी मजबूत हुई हैं और यह सरकार की बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री के अनुसार, यह महिला आरक्षण संशोधन देश के लोकतांत्रिक विनिर्माण में एक मील का पत्थर साबित होगा। इस महत्वपूर्ण कदम से न केवल महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि लोकतंत्र में विविधता और समावेशिता को भी मजबूती मिलेगी। सरकार का मानना है कि महिलाओं के सक्रिय सहयोग और नेतृत्व से ही भारत समृद्ध और सशक्त राष्ट्र बन सकता है। सरकार के इस प्रयास का स्वागत करते हुए विभिन्न महिला संगठनों और समाजशास्त्र विशेषज्ञों ने इसे महिलाओं के अधिकारों की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। यह संशोधन न केवल महिला प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देगा बल्कि समानता और न्याय के सिद्धांतों को भी मजबूत करेगा। आगामी संसद सत्र में महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने की उम्मीद है, जो देश के लोकतंत्र को और अधिक समावेशी एवं मजबूत बनाएगा।

Hollywood heavyweights voice ’unequivocal opposition’ to Paramount-Warner merger in open letter
मनोरंजन

हॉलीवुड के दिग्गजों ने Paramount-Warner विलय के खिलाफ खोला मोर्चा

हॉलीवुड: हॉलीवुड के 1,000 से अधिक स्टार्स, लेखक और निर्देशकों ने Paramount और Warner Bros. Discovery के बीच $111 बिलियन के विलय के खिलाफ एकजुट होकर अपनी सख्त आपत्ति व्यक्त की है। इस खुली चिट्ठी में शामिल नामों में प्रसिद्ध निर्देशक डेनेस विलनेउव, जे.जे. एबरम्स और अभिनेत्री क्रिस्टन स्टीवर्ट जैसे प्रमुख हस्तियां शामिल हैं। इस व्यापक विरोध ने हॉलीवुड उद्योग में बहुप्रतीक्षित इस विलय योजना पर नया विवाद खड़ा कर दिया है। हस्तियों का कहना है कि इस विलय से इंडस्ट्री पर एकाधिकार बढ़ेगा, जिससे रचनात्मक स्वतंत्रता और विविधता को भारी खतरा होगा। उनका यह भी मानना है कि इस प्रकार के विलय से छोटे कलाकार और उत्पादन कंपनियों का वर्चस्व कम हो सकता है। Paramount और Warner Bros. Discovery के विलय के पक्ष में, दोनों कंपनियों ने बताया है कि इस कदम से वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देंगे और उपभोक्ताओं को बेहतर कंटेंट उपलब्ध करवा पाएंगे। हालांकि, विरोध में खड़े दिग्गज कलाकारों का कहना है कि बाजार पर दो बड़ी कंपनियों का प्रभुत्व नए रचनात्मक खतरों को जन्म देगा। प्रमुख हॉलीवुड विशेषज्ञ भी इस मामले पर संशय जता रहे हैं, कि क्या इस विलय से वाकई उद्योग में नवाचार और विविधता बनी रहेगी, या यह केवल बड़े कॉरपोरेट मालिकों के फायदे के लिए होगा। कई के अनुसार, मनोरंजन उद्योग में प्रतिस्पर्धा की कमी से क्षेत्रीय और स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं का विकास रुक सकता है। हालांकि, इस विवाद के बीच Paramount-Warner विलय अभी भी नियामक मंजूरी का इंतजार कर रहा है। उम्मीद की जा रही है कि इस पर एफडीए और संबंधित प्रतिस्पर्धा आयोग अपने फैसले को लेकर जल्द ही विस्तार से चर्चा करेंगे। इस मर्जर के खिलाफ हॉलीवुड के इतने बड़े वर्ग का विरोध एक महत्वपूर्ण संकेत है कि मनोरंजन उद्योग में बड़े बदलावों को लेकर कलाकार और निर्माता कितना सचेत और सतर्क हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि नियामक और कंपनियां इस एकजुट विरोध के बीच अपने कदम कैसे बढ़ाती हैं और आने वाले समय में हॉलीवुड की भविष्य की दिशा क्या होती है।

PSL imposes a two-year ban on Muzarabani
खेल जगत

PSL ने मुजारबानी पर दो साल का प्रतिबंध लगाया

नई दिल्ली: पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) ने क्रिकेटर रयान मुजारबानी पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि उन्होंने पहले से तय PSL करार से हटकर इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की ओर खेलना चुना। रयान मुजारबानी ने इस सीजन के IPL में खेलने के लिए इस्लामाबाद यूनाइटेड के साथ अपनी PSL डील वापस ले ली। PSL प्रबंधन ने इसे अनुशासनहीनता और करार उल्लंघन माना है, जिसके चलते उन्हें दो साल का प्रतिबंधित किया गया। इस फैसले से खिलाड़ियों और टीम मैनेजमेंट के बीच अनुशासन की कसौटी और भी सख्त हो गई है। PSL अधिकारियों का मानना है कि किसी भी खिलाड़ी को अपनी प्रतिबद्धताओं को तोड़कर दूसरी टीमें नहीं ज्वॉइन करनी चाहिए क्योंकि इससे लीग की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है। मुजारबानी ने मौजूदा IPL सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलते हुए अच्छी प्रदर्शन किया है, लेकिन PSL के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने कहा है कि यह कोई व्यक्तिगत निर्णय नहीं है बल्कि लीग के हित में लिया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रतिबंध खिलाड़ियों को अनुशासन बनाए रखने और लीग के नियमों का सम्मान करने के लिए एक सख्त संदेश है। इस तरह के फैसले से सभी टीमें अपने करारों के प्रति गंभीर रहेंगी और लीग की विश्वसनीयता बढ़ेगी। मुजारबानी के समर्थकों का कहना है कि IPL में खेलने का मौका उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण था, लेकिन नियमों का उल्लंघन करना स्वीकार्य नहीं। आगामी दो वर्षों तक उन्हें PSL में हिस्सा नहीं लिया जा सकेगा, जिससे उनकी घरेलू क्रिकेटing गतिविधियों पर असर पड़ेगा। यह मामला पूरी क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है। कई खेल विश्लेषक मार्गदर्शन देते हैं कि खिलाड़ियों को अपने करार और प्रतिबद्धताओं को समझदारी से निभाना चाहिए ताकि दोनों लीगों का संतुलन बना रहे। इस प्रतिबंध का उद्देश्य यह भी है कि भविष्य में कोई और खिलाड़ी अपनी PSL प्रतिबद्धताओं को छोड़कर अन्य टूर्नामेंट में शामिल न हो। PCB और PSL प्रबंधन का यह निर्णय लीग की अखंडता और सम्मान को बनाए रखने के लिए उठाया गया एक निर्णायक कदम है।

लोकसभा सीटें 545 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव:2029 से लागू होगा, महिलाओं को 33% आरक्षण मिलेगा, सीटें बढ़ाने पर दक्षिणी राज्यों का विरोध
राजनीति

लोकसभा सीटों की संख्या 545 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव: महिला आरक्षण 33% सहित 2029 से होगा लागू, दक्षिणी राज्यों में विरोध

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने लोकसभा की कुल सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव संसद में रखा है। इस प्रस्ताव के अनुसार, 850 सीटों में से 815 सीटें राज्यों को और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित की जाएंगी। इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 81 में संशोधन करना आवश्यक होगा, जिसे जल्द संसद की विशेष सत्र में पेश किया जाएगा। इस संशोधन प्रस्ताव का ड्राफ्ट बिल संसद के सभी सांसदों के साथ साझा किया जा चुका है। सरकार इस बिल को 16 अप्रैल से आयोजित होने वाले तीन दिवसीय विशेष सत्र में पेश करेगी। योजना है कि यह नया परिसीमन और सीटों की वृद्धि 2029 के आम चुनावों में लागू हो। सरकार का उद्देश्य संसदीय प्रतिनिधित्व को और अधिक समावेशी बनाना है। इसके तहत महिलाओं को लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान भी शामिल है, जिससे राजनीतिक भागीदारी और अधिक बढ़ सके। वर्तमान परिसीमन और सीटों के निर्धारण का आधार 2011 की जनगणना के आंकड़े होंगे, जो देश की आधिकारिक और अंतिम जनसंख्या संख्या हैं। इससे परिसीमन विधि में तेजी आएगी और मतदाताओं के न्यायसंगत प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित किया जा सकेगा। इसके अलावा, केंद्र सरकार विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों जैसे दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी के लिए विशेष विधेयक भी लोकसभा में प्रस्तुत करेगी, जिससे उन क्षेत्रों को उचित संसदीय प्रतिनिधित्व मिले। हालांकि, इस प्रस्ताव का दक्षिणी राज्यों में व्यापक विरोध हुआ है। कई राजनीतिक दलों ने इसे उनकी राजनीतिक ताकत को कम करने वाला कदम बताया है। वे इसे संसदीय प्रणाली में असंतुलन पैदा करने वाला मानते हैं। विपक्षी दल संसद में इस बिल के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए हानिकारक बता रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि यह संशोधन सफलतापूर्वक लागू हो गया तो यह देश में संसदीय व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव साबित होगा। संसदीय जनप्रतिनिधित्व अधिक समान होगा और महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व भी बढ़ेगा, जो लोकतंत्र के लिए आवश्यक माना जाता है। सरकार का मानना है कि यह कदम देश के बदलते जनसंख्या आयामों के अनुसार प्रतिनिधित्व की बेहतर व्यवस्था करेगा और लोकतंत्र को मजबूत बनाएगा। हालांकि, इसके लिए सभी दलों के बीच संवाद और सहमति जरूरी होगी ताकि इस प्रस्ताव का सफल कार्यान्वयन हो सके।

Shivarajkumar teams up with Sathya Jyothi Films and director M Saravanan
मनोरंजन

शिवराजकुमार ने सत्य ज्योति फिल्म्स और निर्देशक एम सरवनन के साथ किया साझेदारी

प्रख्यात अभिनेता शिवराजकुमार अपनी आगामी परियोजनाओं की घोषणा लेकर फिर से चर्चा में हैं। कई रिपोर्टों के अनुसार, वह न केवल साउथ भारतीय सिनेमा में बल्कि पैन-इंडियन फिल्मों में भी सक्रिय भूमिका निभाने जा रहे हैं। उनकी आगामी फिल्मों में प्रमुख स्थान मिलने की संभावना है, जिनमें ‘पेड्डी’ और ‘जेलर 2’ जैसी बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। शिवराजकुमार का करियर दक्षिण भारतीय सिनेमा में दशकों से स्थिर रहा है। उनकी फिल्मों को न केवल कर्नाटक में बल्कि पूरे देश में अच्छी प्रतिक्रियाएँ मिली हैं। अब वह अपनी पहचान को और व्यापक बनाने के लिए पैन-इंडियन स्तर पर कदम बढ़ा रहे हैं। ‘पेड्डी’ और ‘जेलर 2’ जैसी उच्च स्तरीय परियोजनाओं में उनके अभिनय की उम्मीदें काफी बड़ी हैं। ‘पेड्डी’ एक महत्त्वपूर्ण पैन-इंडियन प्रोजेक्ट माना जा रहा है, जिसमें शिवराजकुमार मुख्य भूमिका में होंगे। इस फिल्म के निर्माण में कई बड़े नाम जुड़े हुए हैं, जो इसकी सफलता में सहायक होंगे। वहीं, ‘जेलर 2’ भी एक सीरीज का हिस्सा है, जिसने पहले से ही दर्शकों के बीच लोकप्रियता हासिल की है। इसके दूसरे भाग में शिवराजकुमार की उपस्थिति से फिल्म को और मजबूती मिलने की संभावना है। अभिनेता की इस प्रकार की भागीदारी से कर्नाटक फिल्म उद्योग को भी लाभ होगा, क्योंकि इससे क्षेत्रीय कलाकारों को पूरे भारत में पहचान मिलने का अवसर बढ़ेगा। इसके अलावा, मीडिया में यह खबर चर्चा का विषय बनी हुई है कि शिवराजकुमार अपने अभिनय कौशल के जरिए नए स्तर स्थापित करेंगे। फिल्म प्रेमियों और समीक्षकों की नजरें अब इन दोनों फिल्मों पर टिक गई हैं। आगामी कुछ महीनों में इनके ट्रेलर और अन्य प्रमोशनल सामग्री जारी की जाएगी, जिससे इनके बारे में और स्पष्ट जानकारी मिलेगी। फिलहाल, शिवराजकुमार के इस कदम को उनके फैंस और सिनेमा जगत द्वारा उत्सुकता से देखा जा रहा है। इस प्रकार, पैन-इंडियन फिल्म इंडस्ट्री में शिवराजकुमार की सक्रियता न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता बल्कि साउथ इंडियन फिल्मों की व्यापकता के लिए भी एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

Others, Trending, मनोरंजन

साउथ सिनेमा की नई सनसनी:कयादु लोहार बनीं सबसे बिजी एक्ट्रेस

साउथ फिल्म इंडस्ट्री इन दिनों नई कहानियों, बड़े बजट और दमदार कलाकारों के चलते लगातार चर्चा में बनी हुई है। जहां एक ओर रश्मिका मंदाना और साई पल्लवी अपने-अपने प्रोजेक्ट्स को लेकर सुर्खियों में हैं, वहीं अब इंडस्ट्री को एक नई उभरती स्टार मिल गई है, जो तेजी से सफलता की सीढ़ियां चढ़ रही है। यह नाम है कयादु लोहार का, जिन्हें इस समय साउथ की सबसे व्यस्त और चर्चित अभिनेत्रियों में गिना जा रहा है। तेजी से उभरती नई स्टार फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बनाना आसान नहीं होता, लेकिन कयादु लोहार ने बहुत कम समय में यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा और सही मौके मिलें तो सफलता दूर नहीं रहती। कयादु इस वक्त एक साथ कई बड़े प्रोजेक्ट्स में काम कर रही हैं, जिससे उनकी डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है। खास बात यह है कि वे सिर्फ एक भाषा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि तेलुगु, तमिल और मलयालम—तीनों इंडस्ट्री में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रही हैं। एक साथ 7 फिल्मों में व्यस्त रिपोर्ट्स के अनुसार, कयादु लोहार के पास इस समय करीब सात फिल्में लाइनअप हैं, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। यह दर्शाता है कि फिल्म निर्माता और निर्देशक उन पर कितना भरोसा कर रहे हैं। जहां बड़े-बड़े स्टार्स के साथ काम करने का मौका मिलना मुश्किल होता है, वहीं कयादु को शुरुआत में ही कई सुपरस्टार्स के साथ काम करने का मौका मिल रहा है। ‘पल्लीचट्टंबी’ से बड़ी उम्मीदें कयादु लोहार की आगामी फिल्म ‘पल्लीचट्टंबी’ 15 अप्रैल को रिलीज होने जा रही है। यह एक मलयालम पीरियड एक्शन ड्रामा फिल्म है, जिसमें उनके साथ टोविनो थॉमस नजर आएंगे। इस फिल्म को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह है, क्योंकि इसमें ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के साथ दमदार एक्शन देखने को मिलेगा। कयादु के लिए यह फिल्म उनके करियर का एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है। दुलकर सलमान के साथ ‘आई एम गेम’ इसके अलावा कयादु, दुलकर सलमान के साथ फिल्म ‘आई एम गेम’ में भी नजर आने वाली हैं। इस फिल्म का निर्देशन नहस हिधायत कर रहे हैं। फिल्म का पोस्टर पहले ही रिलीज हो चुका है और इसे लेकर फैंस में काफी उत्साह है। दुलकर जैसे बड़े स्टार के साथ काम करना कयादु के करियर को और मजबूती देगा। नानी की ‘द पैराडाइज’ में रेट्रो लुक साउथ सुपरस्टार नानी की अपकमिंग फिल्म ‘द पैराडाइज’ में भी कयादु लोहार अहम भूमिका निभा रही हैं। इस फिल्म से उनका रेट्रो लुक सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। बताया जा रहा है कि यह फिल्म अगस्त में रिलीज हो सकती है और इसमें कयादु का किरदार काफी अलग और प्रभावशाली होगा। फहद फासिल के साथ रोमांटिक ड्रामा कयादु लोहार, फहद फासिल के साथ तमिल फिल्म ‘इधायम मुरली’ में भी नजर आएंगी। इस फिल्म का निर्देशन आकाश बस्करन कर रहे हैं और इसमें अथर्वा मुरली और प्रीति मुखुंधन भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। यह एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म होगी, जिसमें कयादु का अलग अंदाज देखने को मिलेगा। ‘इम्मॉर्टल’ में जीवी प्रकाश कुमार के साथ कयादु की अगली बड़ी फिल्म ‘इम्मॉर्टल’ है, जिसे मरियाप्पन चिन्ना डायरेक्ट कर रहे हैं। इस फिल्म में उनके साथ जीवी प्रकाश कुमार नजर आएंगे। फिल्म का पोस्टर रिलीज हो चुका है और इसे लेकर भी काफी चर्चा हो रही है। ‘एसटीआर 49’ में बड़ा मौका रिपोर्ट्स के मुताबिक, मशहूर निर्देशक वेट्री मारन की मोस्ट एंटीसिपेटेड फिल्म ‘एसटीआर 49’ में भी कयादु लोहार लीड रोल में नजर आएंगी। इस फिल्म में उनके साथ सिलंबरासन (STR) होंगे। यह फिल्म बड़े बजट और भव्य स्तर पर बनाई जा रही है, जिससे कयादु के करियर को एक नया आयाम मिल सकता है। ‘थारम’ में भी निभाएंगी अहम किरदार कयादु लोहार की अपकमिंग फिल्मों में ‘थारम’ भी शामिल है, जिसमें उनके साथ अथर्वा नजर आएंगे। इस फिल्म को विनय गोविंद डायरेक्ट कर रहे हैं और रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें साई पल्लवी भी अहम भूमिका में हो सकती हैं। यह फिल्म भी कयादु के करियर के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। करियर की शुरुआत और पहचान कयादु लोहार ने अपने करियर की शुरुआत साल 2021 में कन्नड़ फिल्म ‘मुगिलपेट’ से की थी। इसके बाद उन्होंने ‘अल्लूरी’ फिल्म में भी काम किया, लेकिन उन्हें असली पहचान तमिल फिल्म ‘ड्रैगन’ (2025) से मिली। इस फिल्म में उनके अभिनय को दर्शकों और आलोचकों दोनों ने सराहा, जिसके बाद उन्हें लगातार बड़े प्रोजेक्ट्स मिलने लगे। क्यों खास हैं कयादु लोहार? कयादु लोहार की सबसे बड़ी खासियत उनकी बहुमुखी प्रतिभा है। वे अलग-अलग भाषाओं और अलग-अलग तरह के किरदारों में खुद को ढालने की क्षमता रखती हैं। यही कारण है कि निर्माता-निर्देशक उन्हें अपनी फिल्मों के लिए पहली पसंद बना रहे हैं। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस, एक्सप्रेशन और अभिनय की गहराई उन्हें बाकी नई अभिनेत्रियों से अलग बनाती है। साथ ही, वे जिस तरह से अपने किरदारों में जान डालती हैं, वह दर्शकों को उनसे जोड़ देता है। साउथ इंडस्ट्री की नई ‘राइजिंग क्वीन’ आज के समय में जब साउथ सिनेमा का ग्लोबल स्तर पर प्रभाव बढ़ रहा है, ऐसे में कयादु लोहार जैसी नई प्रतिभाओं का उभरना इंडस्ट्री के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है। वे न सिर्फ अपनी फिल्मों के जरिए दर्शकों का दिल जीत रही हैं, बल्कि इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान भी बना रही हैं। भविष्य की बड़ी उम्मीद अगर कयादु लोहार इसी तरह अपने काम में निरंतरता और गुणवत्ता बनाए रखती हैं, तो आने वाले समय में वे साउथ ही नहीं बल्कि पूरे भारतीय सिनेमा की बड़ी स्टार बन सकती हैं। उनके पास जिस तरह के प्रोजेक्ट्स हैं, उससे साफ है कि उनका भविष्य बेहद उज्ज्वल है।

ICC increases total prize pool for Women's T20 World Cup by 10%
खेल जगत

ICC ने महिला T20 विश्व कप का कुल पुरस्कार कोष 10% बढ़ाया

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने महिला T20 विश्व कप के पुरस्कार कोष में 10 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है। यह वृद्धि इस टूर्नामेंट के विस्तार के कारण हुई है, जिसमें टीमों की संख्या 10 से बढ़ाकर 12 कर दी गई है। इसके साथ ही, ग्रुप-स्टेज मैचों की संख्या भी 20 से बढ़ाकर 30 कर दी गई है, जिसका सीधा असर पुरस्कार राशि पर पड़ा है। ICC का यह कदम महिला क्रिकेट को प्रोत्साहित करने और इसे और भी अधिक प्रतिस्पर्धात्मक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। टूर्नामेंट के विस्तार और अधिक मैचों की मेजबानी के कारण खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन का अवसर मिलेगा, जो कि खेल के विकास के लिए लाभकारी होगा। ICC के एक अधिकारी ने बताया कि महिला क्रिकेट की लोकप्रियता और व्यूअरशिप निरंतर बढ़ रही है, जिससे इस खेल में निवेश और संसाधनों की आवश्यकता भी बढ़ी है। महिला क्रिकेटरों के प्रदर्शन में सुधार और उनके लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए यह पुरस्कार राशि बढ़ाना आवश्यक था। महिला T20 विश्व कप का आयोजन हर दो साल में होता है, और इस बार टूर्नामेंट में 12 टीमों ने भाग लिया है। इससे प्रतियोगिता और भी ज्यादा रोमांचक और सघन हो गयी है। मैचों की संख्या में यह वृद्धि खिलाड़ियों को अधिक प्रतिस्पर्धा के अवसर प्रदान करती है, जो खेल की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मददगार साबित होती है। इस घोषणा के बाद कई क्रिकेट विशेषज्ञों और खिलाड़ियों ने ICC के इस निर्णय की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह कदम महिला क्रिकेट को वैश्विक स्तर पर और मजबूत बनाएगा और युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करेगा। पुरस्कार राशि बढ़ने से खिलाड़ियों को आत्मविश्वास भी मिलेगा और वे बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। संक्षेप में, ICC का महिला T20 विश्व कप के पुरस्कार कोष में 10 प्रतिशत की वृद्धि न केवल टूर्नामेंट के विस्तार का परिणाम है, बल्कि यह महिला क्रिकेट के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत भी है। इससे खेल की लोकप्रियता बढ़ेगी, खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करेंगे और दर्शकों के लिए मनोरंजन का स्तर और भी ऊंचा होगा।

इस साल मानसून कमजोर रहेगा, अल नीनो का असर:करीब 80 सेमी बारिश का अनुमान, सीजन के आखिर में थोड़ी राहत मिल सकती है
Trending, राजनीति

इस साल मानसून कमजोर रहेगा, अल नीनो के कारण करीब 80 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान, सीजन के अंत में कुछ राहत संभव

नई दिल्ली: इस साल मानसून सामान्य से कम रहने की भविष्यवाणी भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने की है। IMD के अनुसार, 2024 के मानसून सीजन में देश में करीब 80 सेंटीमीटर बारिश होने का अनुमान है, जो पिछले 50 वर्षों के औसत 87 सेंटीमीटर से कम है। यह पिछले आठ वर्षों में मानसून की पहली बार कमजोर होने की स्थिति है। IMD के डिप्टी डायरेक्टर जनरल, डॉ. एम. मोहापात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस बार बारिश कुल मिलाकर लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का लगभग 92 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिसे सामान्य से कम बारिश की श्रेणी में रखा गया है। खासतौर पर लद्दाख, पूर्वोत्तर राज्य, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश के मध्य इलाके, दक्षिण ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु को छोड़कर पूरे देश के बड़े हिस्से में सामान्य से कम बारिश देखने को मिल सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून इस साल 1 जून के आसपास केरल के तट पर पहुंचेगा और 15 से 20 जून के बीच भोपाल समेत मध्य भारत में दाखिल होगा। लेकिन अल नीनो नामक जलवायु प्रभाव के कारण मानसून में कुछ देरी हो सकती है। जून के महीने में अल नीनो की संभावना बढ़ जाती है, जो समुद्र के तापमान में वृद्धि के कारण मानसून को कमजोर करता है, जिससे वर्षा कम होने का खतरा रहता है। इतिहास को देखें तो 1951 से अब तक 16 बार अल नीनो की स्थिति बनी है, जिसमें अधिकांश बार देश में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। हालांकि, इस बार सितंबर के आखिर में इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) के सकारात्मक चरण के कारण कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, जो सामान्यतः वर्षा बढ़ाने में मदद करता है। अल नीनो और ला नीना दो प्रमुख जलवायु पैटर्न होते हैं। अल नीनो में समुद्र का तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाता है, जिससे सामान्य से अधिक या कम बारिश के क्षेत्र बदलते हैं। वहीं, ला नीना में समुद्र का पानी ठंडा होता है, जिससे अधिक बादल बनते हैं और मानसून अच्छी तरह सक्रिय रहता है। पिछले वर्ष मानसून केरल पहुंचने में 8 दिन पहले था, 24 मई को। सामान्यतः मानसून 1 जून के आसपास केरल पहुंचता है और जून के मध्य तक महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ पहुंच जाता है। मुंबई तक मानसून लगभग 11 जून तक पहुंच जाता है और पूरे देश में बारिश का यह सिलसिला जुलाई के मध्य तक जारी रहता है। मानसून की वापसी उत्तर-पश्चिम भारत से सितंबर के बीच शुरू होकर अक्टूबर के मध्य तक पूरी होती है। IMD के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 150 सालों के दौरान मानसून के केरल पहुंचने की तारीखें भिन्न रही हैं। 1918 में यह सबसे जल्दी 11 मई को पहुंचा था, जबकि 1972 में सबसे देर से 18 जून को। इस वर्ष अल नीनो की वजह से मानसून में कुछ देरी और कमजोर पड़ने की संभावना है, लेकिन अक्टूबर तक मौसम में कुछ सुधार देखने को मिल सकता है। आम आदमी के लिए 9 बड़ी बातें इस साल बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है। IMD का अनुमान है कि कुल वर्षा 80 सेंटीमीटर के करीब होगी। अल नीनो के कारण मानसून कमजोर पड़ सकता है। लद्दाख, पूर्वोत्तर राज्यों को छोड़कर ज्यादातर इलाकों में कम बारिश होगी। दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जून के आसपास केरल पहुंचेगा। 15-20 जून तक मध्य भारत में मानसून दस्तक देगा। सितंबर में इंडियन ओशन डाइपोल से बारिश में सुधार संभव है। पिछले साल मानसून 8 दिन पहले आया था। मानसून की वापसी अक्टूबर तक पूरी हो जाती है। यह स्थिति खेती, जल स्रोत और जलभराव के नजरिए से महत्वपूर्ण है। किसानों को मौसम की सूचनाओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी ताकि वे आगे की योजनाएं बेहतर तरीके से बना सकें।

Coimbatore cable TV operator arrested for telecasting leaked footage of Jana Nayagan
मनोरंजन

कोयम्बटूर के केबल टीवी ऑपरेटर को ‘जना नायकन’ की लीक फुटेज प्रसारित करने के आरोप में गिरफ्तार

कोयम्बटूर में एक केबल टीवी ऑपरेटर को 11 मार्च को फिल्म ‘जना नायकन’ की लीक हुई फुटेज प्रसारित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह वीडियो प्रसारण इंटरवल के बाद लगभग 21 मिनट तक जारी रहा। इस मामले में शिकायतकर्ता ने पुलिस को सूचना दी कि उक्त फिल्म की अनाधिकृत कॉपी टेलीविजन पर प्रसारित की गई, जिससे फिल्म उद्योग और कॉपीराइट कानून का गंभीर उल्लंघन हुआ है। शिकायत के अनुसार, इंटरवल के बाद से लेकर लगभग 21 मिनट तक फिल्म की यह लीक फुटेज टेलीविजन स्क्रीन पर दिखाई गई। इस दौरान टीवी के दर्शकों में आक्रोश फैल गया और स्थानीय टीवीके कैडर के सदस्यों ने हस्तक्षेप कर मामला प्रशासन के संज्ञान में लाया। प्रभावित पक्ष द्वारा दर्ज शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और संबंधित केबल ऑपरेटर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि इस प्रकार की चोरी और अनाधिकृत प्रसारण फिल्म उद्योग के लिए हानिकारक है, क्योंकि इससे फिल्म निर्माताओं को आर्थिक नुकसान होता है और उनकी कार्यशीलता प्रभावित होती है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले की गंभीरता को समझते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ा प्रावधान अपनाएंगे। उन्होंने जनता से अपील की है कि अगर इस प्रकार की किसी भी प्रकार की अनाधिकृत प्रसारण या लीक सामग्री के बारे में जानकारी हो तो वे प्रशासन को सूचित करें। फिल्म ‘जना नायकन’ तमिल सिनेमा में काफी लोकप्रिय रही है और इसकी कॉपीराइट सुरक्षा बल है, इसलिए इस प्रकार का उल्लंघन उत्पादन कंपनियों के लिए चुनौती पेश करता है। इस गिरफ्तारी से एक मजबूत संदेश गया है कि किसी भी प्रकार की चोरी या अवैध प्रसारण को बख्शा नहीं जाएगा। यह मामला फिल्म एवं टेलीविजन उद्योग में नई सुरक्षा नीतियों और नियमों के समर्थन में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे कि कलाकारों और निर्माता समुदाय के हितों की रक्षा की जा सके। संबंधित अधिकारी फिलहाल मामले की आगे की जांच में लगे हुए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है।

Burnt Garlic Fried Rice Recipe – Street Style
खाना खजाना

जलाकर बनाया लहसुन फ्राइड राइस रेसिपी – स्ट्रीट स्टाइल

नई दिल्ली। इंडो-चाइनीज व्यंजनों में फ्राइड राइस का एक विशेष स्थान है। यह व्यंजन भारत के अधिकतर घरों और खाने-पीने की जगहों पर दोपहर के खाने और रात के खाने के लिए बहुत पसंद किया जाता है। फ्राइड राइस के विभिन्न प्रकार होते हैं, लेकिन इन सभी के बीच जलाया गया लहसुन फ्राइड राइस अपनी अलग ही पहचान बनाता है। जलाकर बनाया गया लहसुन फ्राइड राइस स्ट्रीट फूड के शौकीनों में काफी लोकप्रिय है। इसकी खासियत इसका लहसुन का फीका-सा जलाया हुआ स्वाद है, जो हर किसी का मन मोह लेता है। इस रेसिपी में मुख्य सामग्री के रूप में चावल का उपयोग किया जाता है और इसे लहसुन, हरी मिर्च, सोया सॉस, साथ ही कुछ खास मसालों के साथ बनाया जाता है। इस रेसिपी को तैयार करना भी काफी आसान है। सबसे पहले कड़ाही में थोड़ा तेल गर्म किया जाता है, फिर बारीक कटे हुए लहसुन को सुनहरा होने तक भुना जाता है। इस प्रक्रिया में लहसुन का स्वाद बेहद निखर जाता है, साथ ही उसका खुशबू पूरे घर में फैल जाती है। उसके बाद उबले हुए चावल को इस भुने हुए लहसुन में डालकर अच्छी तरह मिलाया जाता है। कुछ हरी मिर्च, वेजिटेबल और सोया सॉस डालकर इसे और भी स्वादिष्ट बनाया जाता है। विशेष रूप से यह फ्राइड राइस एक त्वरित और सरल भोजन विकल्प के रूप में लोकप्रिय है क्योंकि इसके लिए ज्यादा कच्चा माल नहीं चाहिए और इसका स्वाद बेहतरीन होता है। भारत में कई स्ट्रीट फूड स्टाल इस स्वादिष्ट जलाए हुए लहसुन फ्राइड राइस को अपनी सूची में शामिल करते हैं, जो खरीददारों को आकर्षित करता है। इसके अलावा इस रेसिपी को घर पर भी आसानी से बनाया जा सकता है। परिवार के लोग या ऑफिस के वे जो जल्दी में स्वादिष्ट खाना पसंद करते हैं, उनके लिए यह आदर्श विकल्प है। यह रेसिपी ना केवल स्वाद में अनूठी है बल्कि पोषण से भरपूर भी है क्योंकि इसमें ताजी सब्जियां डाली जाती हैं। कुल मिलाकर जलाकर बनाया गया लहसुन फ्राइड राइस इंडो-चाइनीज फूड की दुनिया में एक ऐसा व्यंजन है जो स्वाद में बेहतरीन और बनाने में सरल है। इसका स्ट्रीट स्टाइल संस्करण खासतौर पर युवाओं और फूड लवर्स के बीच अत्यधिक लोकप्रिय है, जिससे यह रेसिपी फूड कल्चर का अहम हिस्सा बन चुकी है।

Shopping Cart
Scroll to Top