भक्ति और गरबा के बीच नवरात्रि महोत्सव का समापन
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 51 प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कार
सिरोही। देवनगरी सिरोही के रामझरोखा मैदान में 1008 दीपकों की रोशनी से मां जगदम्बा का दरबार जगमगा उठा। हाथों में दीपक थामे श्रद्धालुओं ने सामूहिक महाआरती कर मां भगवती की आराधना की। जयकारों और भक्तिमय धुनों के बीच श्री जगदम्बे नवयुवक मंडल की ओर से आयोजित नगर मुख्य नवरात्रि महोत्सव-2026 का श्रद्धा और उल्लास के साथ समापन हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शहरवासी उपस्थित रहे। मंडल के संरक्षक लोकेश खंडेलवाल ने बताया कि नौ दिनों तक चले महोत्सव में पारंपरिक गरबा, भक्ति संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उत्सव का माहौल बनाए रखा। समापन पर आयोजित महाआरती अयोध्या के संत शिवमदास महाराज एवं उनके गुरुवर के आतिथ्य में संपन्न हुई। दोनों संतों ने श्रद्धालुओं से धर्म और संस्कृति के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
सुबह चार बजे तक चला गरबा
महोत्सव में महिलाओं एवं बालिकाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में गरबा गीतों की धुनों पर उत्साहपूर्वक नृत्य किया। देर रात तक पंडाल में उमंग और उल्लास का वातावरण बना रहा। प्रतिभागियों ने सुबह चार बजे तक गरबा कर मां भगवती की आराधना की। आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता, सांस्कृतिक परंपराओं और महिला सहभागिता की झलक दिखाई दी।
51 प्रतिभागियों को मिले विशेष पुरस्कार
नौ दिनों तक गरबा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 51 प्रतिभागियों का चयन कर मंडल की ओर से विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए। अन्य सभी प्रतिभागियों को भी उत्साहवर्धन के लिए सांत्वना पुरस्कार दिए गए। मुख्य संरक्षक सुरेश सगरवंशी ने बताया कि पुरस्कार वितरण का उद्देश्य प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और नई पीढ़ी में पारंपरिक गरबा संस्कृति के प्रति रुचि बढ़ाना है।
पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने किए माता के दर्शन
महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने शिरकत की। उन्होंने मां भगवती के दर्शन कर श्रद्धालुओं और आयोजकों को नवरात्रि महोत्सव की शुभकामनाएं दीं। मंडल की ओर से संयम लोढ़ा, दशरथ नरूका और पुनीत जैन का स्वागत किया गया।
आयोजन में कार्यकर्ताओं ने निभाई सक्रिय भूमिका
श्रद्धालुओं ने नौ दिनों तक चले महोत्सव और मंडल की व्यवस्थाओं की सराहना की। आयोजन में मुख्य संरक्षक सुरेश सगरवंशी, संरक्षक गिरीश सगरवंशी, लोकेश खंडेलवाल, गांधीभाई पटेल, विजय पटेल, रणछोड़ पुरोहित, राजेश गुलाबवानी, प्रकाश प्रजापति, प्रकाश खारवाल, अध्यक्ष अतुल रावल, दिनेश प्रजापत, शैतान खरोर, सज्जनसिंह राजपुरोहित, रूपेंद्र, हीरालाल माली, महेश पटेल, हरिश खत्री, महेंद्र कुमार, अश्विन कुमार, मनीष खत्री, प्रतीक प्रजापत, गोविंद माली, सुरेश टेलर, कुलदीप सोनी और मगन मीणा ने सक्रिय भूमिका निभाई।












