
आसाराम को हाईकोर्ट ने 17 दिन की पैरोल दी है। यह पैरोल उनके स्वास्थ्य और परिवारिक हालात को देखते हुए प्रदान की गई है। कोर्ट के निर्णय के अनुसार आसाराम को निर्धारित अवधि के लिए जेल से बाहर रहने की अनुमति मिली है ताकि वे अपने निजी मामलों को देख सकें।
आसाराम को पहले भी कई बार पैरोल मिली है, परंतु इस बार की पैरोल अवधि विशेष रूप से लंबी है। इस फैसले के बाद उनके परिवारजनों में राहत की स्थिति दिखाई दी है। पैरोल की शर्तों के अनुसार, आसाराम को कतई कानून का उल्लंघन नहीं करना होगा और पैरोल अवधि खत्म होने पर उन्हें दोबारा जेल में लौटना होगा।
इस मामले में कोर्ट ने स्वास्थ्य रिपोर्ट और परिवार की दलीलों को ध्यान में रखा है। पिछले कुछ समय से आसाराम के स्वास्थ्य में गिरावट आई थी, जिसके कारण पैरोल की मांग उठाई गई थी। कोर्ट ने अधिकारियों से आसाराम के स्वास्थ्य की नियमित जांच कराने का आदेश भी दिया है।
आसाराम की पैरोल से जुड़ा यह फैसला समाज में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, पीड़ित पक्ष के वकीलों ने पैरोल अवधि की कम या ज्यादा होने पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, अदालत ने यह स्पष्ट किया है कि यह पैरोल केवल अस्थायी है और पूरी कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
इस पैरोल के दौरान आसाराम को सरकार और पुलिस द्वारा निगरानी में रखा जाएगा ताकि कोई भी नियम उल्लंघन न हो। कोर्ट ने इसकी कड़ी निगरानी के निर्देश भी दिए हैं। कुल मिलाकर, हाईकोर्ट का यह निर्णय आसाराम के स्वास्थ्य और मानवाधिकारों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।












