Hot News

Author name: Kamlesh Purohit

अनंत अंबानी का 31वां जन्मदिन:जामनगर के आसपास सभी गांवों में हुआ भोज, बॉलीवुड और उद्योग जगत की हस्तियां पहुंची
धर्म एवं यात्रा

अनंत अंबानी का 31वां जन्मदिन: जामनगर के सभी गांवों में भव्य भोज, बॉलीवुड और उद्योग जगत की हस्तियां पहुंचीं

बिजनेसमैन मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी ने अपना 31वां जन्मदिन गुजरात के जामनगर में बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस खास मौके पर जामनगर और उसके आसपास के गांवों में भव्य भोज का आयोजन किया गया जिसमें क्षेत्र की महिलाएं और बच्चे शामिल हुए। अनंत अंबानी का जन्मदिन केवल जामनगर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के कई हिस्सों में भी अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए यह महान दिन मनाया गया। जामनगर में अनंत ने गो सेवा करते हुए लगभग एक लाख गायों को छप्पन भोग लगाया। इस सेवा के माध्यम से उन्होंने स्थानीय गायों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। इसके साथ ही आसपास के सभी गांवों में महिलाओं के लिए साड़ियों का वितरण किया गया और बच्चों को स्कूल किट्स बांटी गईं, जिससे उनके शिक्षा के लिए संसाधनों में मदद मिली। अनंत अंबानी ने धार्मिक क्षेत्र में भी उदारता दिखाई है। उन्होंने देश के कई बड़े मंदिरों में हजारों करोड़ रुपये के दान दिए हैं। यह कदम उनके सामाजिक एवं धार्मिक कर्तव्यों की गवाही देता है। जन्मदिन के अवसर पर बॉलीवुड सहित उद्योग जगत के कई बड़े नाम जामनगर पहुंचे। सलमान खान ने अनंत के साथ तस्वीरे साझा करते हुए उन्हें प्रेरणास्पद व्यक्ति बताया। वहीं शाहरुख खान ने अनंत को अच्छे कार्य करते रहने की शुभकामनाएं दीं। इस प्रकार से अनंत अंबानी का जन्मदिन सिर्फ पारिवारिक उत्सव नहीं बल्कि सामाजिक, धार्मिक और उद्योग जगत का भी एक जागरूक और साझा उत्सव बन कर उभरा। अनंत अंबानी के जन्मदिन समारोह की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जहां प्रशंसक और उनसे जुड़े लोग इस समारोह की भव्यता की तारीफ कर रहे हैं। जामनगर की जनता ने भी इस आयोजन को सम्मान की नजर से देखा और मज़बूत सहभागिता दिखाई। इस तरह अनंत अंबानी ने अपने 31वें जन्मदिन के अवसर पर सिर्फ व्यक्तिगत खुशी ही नहीं मनाई, बल्कि एक व्यापक सामाजिक-धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन का आयोजन कर सभी के दिलों में अपनी जगह मजबूत की है। यह पहल स्थानीय विकास और समुदाय को सहयोग देने के प्रति उनके दृढ़ संकल्प का परिचायक है।

छत्तीसगढ़ में 2 कारें भिड़ीं, कॉन्स्टेबल का परिवार खत्म,6 मौतें:पत्नी, दामाद, बहन और भांजे समेत 6 की जान गई, शादी से लौट रहे थे
धर्म एवं यात्रा

छत्तीसगढ़ में भीषण सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत, कॉन्स्टेबल का परिवार पूरी तरह खत्म

  छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नेशनल हाईवे-30 पर एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। गुरुवार रात लगभग 11 बजे कोतवाली थाना क्षेत्र के चीवरांज के पास दो कारों की आमने-सामने जोरदार टक्कर में छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में कांकेर के उड़कुडा गांव के रहने वाले कॉन्स्टेबल मुनेंद्र नेताम के परिवार के सदस्य भी शामिल हैं, जिससे उनकी पूरी फैमिली खत्म हो गई है। जानकारी के अनुसार, मुनेंद्र नेताम अपने परिवार के साथ शादी से लौट रहे थे, जब नाथिया नवागांव के समीप उनकी कार दूसरी कार से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। मृतकों में मुनेंद्र की पत्नी कुंती नेताम, दामाद शगुनदास नेताम, बहन मकतुला नेताम, साथ ही उनका सात साल का भांजा वंश नेताम और दो अन्य रिश्तेदार शामिल हैं। घटना के बाद मौके पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर के अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनका इलाज जारी है। एसपी निखिल राखेचा ने भी घटना स्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि दोनों कारों में सवार 3 लोग गंभीर रूप से घायल होकर इलाजरत हैं। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। प्राप्त सूचनाओं के मुताबिक दूसरी कार तेज रफ्तार में थी और ट्रक को ओवरटेक करते समय सामने से आ रही सुजुकी स्विफ्ट डिजायर से टकरा गई। पुलिस के अनुसार, टक्कर की वजह से कारें नियंत्रण से बाहर होकर सड़क किनारे दुर्घटनाग्रस्त हो गईं। यह घटना एक बार फिर छत्तीसगढ़ में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की चिंता को उजागर करती है, जहां तेज गति व लापरवाही के कारण कई परिवार तबाह हो रहे हैं। प्रशासन व सड़क सुरक्षा विभाग को आवश्यक कदम उठाने की मांग उठ रही है ताकि इस तरह के हादसे रोके जा सकें। इस हादसे ने पूरे जिले में शोक की लहर फैला दी है। मृतकों के परिजनों को पुलिस प्रशासन व स्थानीय समाज की ओर से हर तरह की सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया गया है। मृतकों के शवों का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्चुरी में रखवाया गया है और पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को शव सौंपे जाएंगे। यह हादसा छत्तीसगढ़ में पिछले दो महीनों में हुए अन्य घातक दुर्घटनाओं की याद दिलाता है, जिसमें बस्तर क्षेत्र में तैनात 3 CRPF जवान समेत कुल 7 लोगों की मौत हुई थी। उस समय भी तेज गति और लापरवाही के कारण एक कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई थी। पुलिस इस मामले में पूर्ण जांच कर रही है और जवाबदेह ड्राइवरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है। आम जनता से भी अपील की गई है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और सतर्कता बरतें ताकि ऐसी दुखद घटनाएं दोहराई न जाएं। यह हादसा पूरे छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने का एक जरूरी सबक है, ताकि और जीवन सुरक्षित रहे।

हिमाचल में मणिमहेश यात्रा पर प्रतिबंध:परिक्रमा स्थल पर पुलिस की तैनाती, विशेष निगरानी के आदेश; धंछो से आगे जाने पर रोक
धर्म एवं यात्रा

हिमाचल में मणिमहेश यात्रा पर प्रतिबंध: पुलिस तैनाती और कड़ी निगरानी, धंछो से आगे जाने पर रोक

  हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में मणिमहेश यात्रा पर प्रशासन ने रोक लगाने का फैसला किया है। एसडीएम भरमौर ने पुलिस थाना प्रभारी को आदेश दिए हैं कि मणिमहेश परिक्रमा मार्ग के अहम स्थल धंछो, गौरीकुंड और मणिमहेश में पुलिस जवानों की तैनाती कर विशेष निगरानी की जाए। यात्रियों को धंछो से आगे जाने से रोका जाएगा। प्रशासन ने यह कड़ा कदम इसलिए उठाया है क्योंकि कुछ श्रद्धालु बिना अनुमति के चोरी-छिपे मणिमहेश की ओर जाने लगे हैं, जबकि अभी क्षेत्र में बर्फवारी बनी हुई है और रास्ते खराब हालत में हैं। भरमौर क्षेत्र में अभी भी चार से पांच फीट से अधिक बर्फ जमी हुई है और हाल ही में ताजी हिमपात हुई है, जिससे स्थिति और सख्त हो गई है। मणिमहेश जाने वाले मार्ग 2025 की भारी बारिश और बादल फटने की वजह से गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इस कारण यात्रा अत्यंत जोखिमपूर्ण एवं जानलेवा साबित हो सकती है। एसडीएम भरमौर ने कहा है कि वे इस साल कार्तिक स्वामी मंदिर के कपाट 14 अप्रैल को खोलने जा रहे हैं, जिसके लिए श्रद्धालु भी आने लगे हैं, लेकिन उन्हें मणिमहेश की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। एसडीएम ने हडसर मेन गेट पर वाहनों की कड़ी जांच का आदेश भी दिया है। यहां सभी वाहनों की जांच की जाएगी तथा मणिमहेश जाने वाले श्रद्धालुओं को मार्ग के अस्थिर और जोखिमपूर्ण होने के बारे में बताया जाएगा। इसका उद्देश्य यात्रियों को सावधान करना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है। इसके साथ ही, ग्राम पंचायत हडसर और आसपास की पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सूचना बोर्ड और पोस्टर लगाकर स्थानीय जनता और यात्रियों को स्थिति से अवगत कराएं। याद रहे कि पिछले वर्ष भारी बारिश और बादल फटने की वजह से 25 हजार से अधिक श्रद्धालु फंसे थे और इस दौरान लगभग 26 यात्रियों की मौत हुई थी। भरमौर यात्रा के रास्ते बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। अभी भी वे पूरी तरह बहाल नहीं हो सके हैं। मणिमहेश की आधिकारिक यात्रा अगस्त महीने में कृष्ण जन्माष्टमी से शुरू होकर राधाष्टमी पर समाप्त होती है। इस साल प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहले से ही इस प्रतिबंध को लागू किया है ताकि श्रद्धालुओं की जान को खतरा न हो।

यूपी में 2.5 करोड़ वोटर्स के नाम कटे:84 लाख नए मतदाता जुड़े, अब कुल वोटर्स 13.39 करोड़, SIR की फाइनल लिस्ट जारी
धर्म एवं यात्रा

यूपी में 2.5 करोड़ वोटर्स के नाम कटे, 84 लाख नए मतदाता जोड़े गए: कुल वोटर्स संख्या 13.39 करोड़, SIR की फाइनल लिस्ट जारी

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी शुक्रवार को सामने आई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने दोपहर 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि प्रदेश की फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। इस सूची में कुल 13.39 करोड़ मतदाता शामिल हैं, जिसमें इस साल संशोधनों के बाद लगभग 2.05 करोड़ वोटर्स के नाम हटाए गए हैं, जबकि 84 लाख नए मतदाता जोड़े गए हैं। इससे पहले 6 जनवरी को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 12.55 करोड़ मतदाताओं के नाम थे, इसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 6.88 करोड़ और महिलाओं की संख्या 5.67 करोड़ थी। तृतीय लिंग के मतदाताओं की संख्या केवल चार हजार के लगभग थी। अंतिम सूचि में कुल पुरुष मतदाता 7.30 करोड़ (54.54%) और महिलाएं 6.09 करोड़ (45.46%) हैं, जबकि तृतीय लिंग मतदाताओं की संख्या लगभग 4206 है जो 0.01% से कम है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि योजना SIR (Specific Identification Roll) की प्रक्रिया 27 अक्टूबर 2025 को शुरू हुई थी। इसमें 4 नवंबर से मतदान प्रपत्रों की गणना प्रारंभ हुई तथा प्राथमिक फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि जनवरी में बढ़ाई गई थी। प्रारंभिक ड्राफ्ट वोटर रोल दिसंबर के अंत में प्रकाशित होना था लेकिन इसे 6 जनवरी 2026 तक स्थगित कर दिया गया। मूल दावे-आपत्तियां भी 6 मार्च 2026 तक बढ़ाई गईं, जिससे मतदाता सूची और अधिक विश्वसनीय बनी है। प्रदेश में मतदाता सूची में इस तरह के बड़े संशोधन पहली बार तेजी से हुए हैं। इससे पहले यूपी सहित 11 अन्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की फाइनल लिस्ट जारी हो चुकी है। सबसे अधिक मतदाताओं के नाम कटने का रिकॉर्ड गुजरात में 68 लाख नाम कटने के साथ बना है, वहीं बंगाल में 63 लाख मतदाताओं के नाम सूचि से हटे हैं। राज्य निर्वाचन कार्यालय यूपी की मतदाता सूचि में हुए संशोधन चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की दिशा में गंभीर कदम माना जा रहा है। इससे न केवल फर्जी वोटरों की संख्या कम होगी बल्कि नए योग्य मतदाताओं को भी वोट देने का मौक़ा मिलेगा। मतदाता सूची की इस अंतिम सूची के आधार पर आगामी चुनावों की तैयारी शुरु कर दी जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने आमजन से आग्रह किया है कि वे अपनी मतदाता जानकारी का खुद भी बार-बार निरीक्षण करते रहें ताकि कोई अनावश्यक त्रुटि न रह जाए। फाइनल लिस्ट से जुड़ी निरंतर अपडेट्स के लिए राज्य निर्वाचन आयोग के लाइव ब्लॉग को नियमित चेक किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े लोकतांत्रिक राज्य में निर्वाचन सूची की सटीकता से चुनाव प्रक्रिया और राष्ट्रीय लोकतंत्र में विश्वसनीयता बढ़ती है। फाइनल वोटर लिस्ट की इस घोषणा के बाद जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने का काम लगातार किया जा रहा है ताकि सभी पात्र मतदाता अपने निर्वाचनों में भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।

Vijay’s ‘Jana Nayagan’ leaked online amid delayed release
मनोरंजन

विजय की ‘जन नायक’ की रिलीज़ में देरी के बीच ऑनलाइन लीक

विजय की आगामी फिल्म ‘जन नायक’ के ऑनलाइन लीक होने की खबर ने फिल्म प्रेमियों और उद्योग के दिग्गजों के बीच हलचल मचा दी है। हाल ही में, इस फिल्म के लगभग पांच मिनट से अधिक के दृश्यों का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर तेजी से फैल गया है, जिसे माना जा रहा है कि यह एक टेस्ट स्क्रीनिंग के दौरान रिकॉर्ड किया गया था। यह घटना तब हुई जब फिल्म की आधिकारिक रिलीज़ में देरी हो रही है, जिससे प्रशंसक और आलोचक दोनों ही बेसब्री से फिल्म का इंतजार कर रहे हैं। ‘जन नायक’ के निर्माताओं और वितरण टीम ने इस लीक के संबंध में फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। फिल्म की इस तरह से अनधिकृत रूप से ऑनलाइन आना न केवल निर्माताओं के लिए आर्थिक और ब्रांडिंग संकट पैदा कर सकता है, बल्कि यह फिल्म की प्रोडक्शन टीम और कलाकारों के लिए भी एक बड़ी चिंता का विषय है। टेस्ट स्क्रीनिंग के दौरान रिकॉर्ड की गई इस फुटेज का सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसार यह दर्शाता है कि इस तरह के नवाचारों और सुरक्षा उपायों को और मजबूती देने की आवश्यकता है। निर्देशक और मुख्य कलाकार विजय की लोकप्रियता को देखते हुए, ‘जन नायक’ के प्रशंसक इस फिल्म को बड़े पर्दे पर देखने के लिए उत्साहित हैं। इस लीक की वजह से फिल्म के प्रदर्शन पर क्या असर पड़ेगा, यह तो समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल इसका नकारात्मक प्रभाव तत्काल देखा जा सकता है। सिनेमा जगत में इस प्रकार की घटनाएं दुर्लभ नहीं हैं, हालांकि डिजिटल युग में ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षात्मक उपायों में सुधार और डिजिटल अधिकारों की रक्षा के लिए उद्योग जगत को सतर्क रहना होगा ताकि भविष्य में इस तरह की अप्रिय घटनाओं से बचा जा सके। फैंस का भी यह कर्तव्य बनता है कि वे किसी भी अनधिकृत सामग्री को शेयर न करें और फिल्म इंडस्ट्री के मेहनती लोगों के अधिकारों का सम्मान करें। ‘जन नायक’ की टीम फिलहाल अपनी अगली योजना पर काम कर रही है और उम्मीद है कि जल्द ही किसी नए अपडेट के साथ सामने आएगी। इस पूरे मामले में आगे की जानकारी और किसी भी प्रकार के आधिकारिक बयान के लिए हम लगातार नजर बनाए रखेंगे।

Trending, मनोरंजन, लाइफस्टाइल

भोजन की थाली में शामिल हो रहा तारक मेहता का उल्टा चश्मा

सिरोही। भारत में टेलीविजन मनोरंजन का स्वरूप लगातार बदल रहा है, लेकिन कुछ शो ऐसे होते हैं जो समय के साथ और भी ज्यादा लोकप्रिय होते जाते हैं। ऐसा ही एक नाम है तारक मेहता का उल्टा चश्मा जो आज केवल एक टीवी शो नहीं बल्कि लोगों की दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुका है। आज के दौर में यह शो केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह लोगों के जीवन के खास पलों में खासतौर पर भोजन के समय का साथी बन गया है। परिवार के सदस्य अब खाने की मेज पर बैठकर सिर्फ भोजन ही नहीं करते, बल्कि साथ में हंसी और सकारात्मकता का आनंद भी लेते हैं। पिछले कुछ वर्षों में यह ट्रेंड तेजी से बढ़ा है कि लोग भोजन करते समय कोई न कोई मनोरंजन सामग्री देखते हैं। मोबाइल फोन और स्मार्ट टीवी के बढ़ते उपयोग ने इस आदत को और भी आसान बना दिया है। इन सबके बीच तारक मेहता का उल्टा चश्मा ने एक विशेष स्थान बना लिया है। इसकी सरल कहानी, हल्के-फुल्के हास्य और पारिवारिक मूल्यों से भरपूर प्रस्तुति इसे हर उम्र वर्ग के लिए उपयुक्त बनाती है। बच्चे जहां इसके मजेदार किरदारों से आकर्षित होते हैं, वहीं बुजुर्ग इसकी पारंपरिक और सामाजिक संदेशों से जुड़ाव महसूस करते हैं। यही कारण है कि यह शो परिवार के हर सदस्य की पसंद बन गया है। इस शो की सबसे बड़ी खासियत इसकी सार्वभौमिक अपील है। छोटे बच्चे टप्पू सेना की शरारतों से हंसते हैं, युवा इसके संवाद और कॉमिक टाइमिंग को पसंद करते हैं, जबकि बुजुर्ग इसकी सामाजिक सीख और सादगी को सराहते हैं। गांव हो या शहर, हर जगह इस शो के दर्शकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खास बात यह है कि यह शो किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी आयु वर्ग के लोगों को जोडऩे का काम कर रहा है। जहां पहले लोग टीवी पर निर्धारित समय पर ही शो देखते थे, वहीं अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने इसे और अधिक सुलभ बना दिया है। लोग अपने मोबाइल या स्मार्ट टीवी पर कभी भी, कहीं भी इस शो का आनंद ले सकते हैं। खासकर युवा वर्ग और कामकाजी लोग अब भोजन के समय अपने पसंदीदा एपिसोड चलाकर दिनभर की थकान को दूर करते हैं। तनाव भरे जीवन में राहत का जरिया आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव एक आम समस्या बन गया है। ऐसे में हल्का-फुल्का मनोरंजन मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी हो जाता है। तारक मेहता का उल्टा चश्मा अपने हास्य और सकारात्मक संदेशों के जरिए लोगों को तनाव से राहत देने का काम करता है। भोजन के समय इसे देखने से न केवल मन प्रसन्न होता है, बल्कि परिवार के सदस्यों के बीच आपसी जुड़ाव भी मजबूत होता है। आधुनिक जीवनशैली में जहां परिवार के सदस्य अलग-अलग समय पर भोजन करते हैं, वहीं इस शो ने एक बार फिर सभी को एक साथ बैठने का मौका दिया है। कई घरों में अब यह एक परंपरा बन गई है कि रात के खाने के समय पूरा परिवार साथ बैठकर तारक मेहता का उल्टा चश्मा देखता है। इससे न केवल मनोरंजन होता है, बल्कि पारिवारिक संबंध भी मजबूत होते हैं। यह शो केवल हंसी-मजाक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई सामाजिक मुद्दों को भी सरल तरीके से प्रस्तुत किया जाता है। स्वच्छता, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, और सामाजिक एकता जैसे विषयों पर आधारित एपिसोड लोगों को सोचने पर मजबूर करते हैं। इसी वजह से यह शो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। टीआरपी के मामले में भी तारक मेहता का उल्टा चश्मा लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। वर्षों से यह शो दर्शकों की पसंद बना हुआ है और इसकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है।  

Trending, जोधपुर

कांडला से जालोर तक बनेगा वाटरवेज, नहर में दौड़ेंगे जहाज

जल प्रबंधन और विकास को मिलेगा नया आयाम, पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में सरकार का बड़ा कदम जोधपुर। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि कांडला (गुजरात) से जालोर तक वाटर वेज बनाया जाएगा। इस परियोजना के तहत नहर का निर्माण होगा और उसमें जहाज भी चल सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र में एक अलग ही नजारा देखने को मिलेगा और विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। गुरुवार को जोधपुर दौरे पर आए मंत्री अविनाश गहलोत ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने और आमजन को अधिकतम लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आमजन की मूलभूत आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए निरंतर कार्य कर रही है। जोधपुर में पानी की कमी को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि गर्मियों को ध्यान में रखते हुए पेयजल की समुचित व्यवस्था के लिए विशेष योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस बार क्षेत्र में पीने के पानी को लेकर किसी प्रकार की गंभीर समस्या नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने आगे बताया कि राजस्थान के लगभग 40 प्रतिशत क्षेत्र में जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए रामजल सेतु योजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से दूरदराज और जल संकट से प्रभावित क्षेत्रों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। शेखावाटी क्षेत्र में पेयजल समस्या के समाधान को लेकर भी सरकार सक्रिय है। मंत्री ने कहा कि वहां के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं ताकि लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने यह भी बताया कि पश्चिमी राजस्थान के विधायकों ने मुख्यमंत्री को इस क्षेत्र में स्थायी और जीवनदायिनी जल योजना की आवश्यकता से अवगत कराया है। मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से गांवों के विकास का एक व्यापक रोडमैप तैयार किया गया है। इस रोडमैप के तहत आधारभूत सुविधाओं के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों को भी मजबूत किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि यह विशेष विकास अभियान 15 मई तक चलेगा। इस दौरान विभिन्न विभागों के माध्यम से गांव-गांव तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाएगा और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आमजन की समस्याओं को गंभीरता से लें और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य जनता को राहत पहुंचाना और प्रदेश के हर क्षेत्र में समान रूप से विकास करना है। अंत में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल प्रबंधन को लेकर दीर्घकालिक योजनाओं पर काम कर रही है, जिससे भविष्य में पानी की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके और आने वाली पीढय़िों को भी इसका लाभ मिल सके।

Trending, धर्म एवं यात्रा

नवकार महामंत्र दिवस का भव्य उत्सव: भक्ति, अनुशासन और आध्यात्मिक एकता की गूंज

आध्यात्मिक ऊर्जा, अनुशासन और भक्ति से ओत-प्रोत रहा कार्यक्रम सिरोही। उपाश्रय हॉल में नवकार महामंत्र दिवस का भव्य आयोजन श्रद्धा और आस्था के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर जैन समाज के श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से नवकार महामंत्र का जाप कर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विश्व शांति, सुख-समृद्धि तथा समस्त प्राणियों के कष्टों के निवारण की कामना करना रहा। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। समाजसेवी जय विक्रम हरण और नितेश जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन मिश्रा तपस्वी सम्राट, गच्छाधिपति, परम पूजनीय आचार्य देव श्रीमद् विजय शांति चंद्र सूरी महाराज के शिष्य, परम पूजनीय गुरुदेव धर्मचंद विजय महाराज की प्रेरणा से संपन्न हुआ। उनके मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम केवल एक धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि समाज में आध्यात्मिक जागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी रहा। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में जब व्यक्ति मानसिक तनाव, अशांति और नकारात्मकता से घिरा हुआ है, ऐसे में नवकार महामंत्र का जाप मन को स्थिरता और शांति प्रदान करने का सशक्त माध्यम बन सकता है। इस आयोजन के माध्यम से लोगों को आत्मचिंतन और आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में प्रेरित किया गया। नवकार महामंत्र की महिमा पर प्रकाश डाला इस अवसर पर धर्मचंद विजय महाराज ने नवकार महामंत्र की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने अपने प्रवचन में कहा कि नवकार महामंत्र जैन धर्म का सबसे पवित्र और प्रभावशाली मंत्र है, जो किसी विशेष व्यक्ति या देवता को नहीं, बल्कि पंच परमेष्ठी को नमन करता है। यही कारण है कि यह मंत्र सार्वभौमिक और सर्वकालिक महत्व रखता है। महाराज ने बताया कि यह मंत्र अनंत शक्तियों से परिपूर्ण है, जो आत्मा को शुद्ध करने और उसे मोक्ष के मार्ग की ओर अग्रसर करने में सहायक होता है। नियमित रूप से नवकार महामंत्र का जाप करने से मन को शांति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। साथ ही, यह व्यक्ति के भीतर छिपी हुई आध्यात्मिक शक्तियों को जागृत करता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि व्यक्ति प्रतिदिन श्रद्धा और एकाग्रता के साथ इस मंत्र का जाप करता है, तो उसके जीवन में आने वाली अनेक समस्याएं स्वत: ही समाप्त होने लगती हैं। यह मंत्र न केवल आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है, बल्कि जीवन में संतुलन और संतोष भी प्रदान करता है। समाज की सक्रिय भागीदारी रही कार्यक्रम में जैन श्वेतांबर संघ पीढ़ी सिरोही के सभी सदस्यों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही। समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं और महिलाओं ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सामूहिक जाप के दौरान पूरे हॉल में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण व्याप्त हो गया, जिससे उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति भाव-विभोर हो उठा। सभी श्रद्धालुओं ने एक स्वर में नवकार महामंत्र का उच्चारण कर सामूहिक ऊर्जा का निर्माण किया, जो पूरे वातावरण में सकारात्मकता का संचार करता रहा। यह दृश्य अत्यंत प्रेरणादायक और आध्यात्मिक अनुभव से भरपूर था। बालिकाओं में संस्कार निर्माण पर विशेष ध्यान पीएमश्री प्रभारी गोपाल सिंह राव ने इस अवसर पर बालिकाओं को नवकार महामंत्र के आध्यात्मिक महत्व के बारे में सरल और सहज भाषा में समझाया। उन्होंने बताया कि यह मंत्र मनोबल को बढ़ाने, पापों का नाश करने और मोक्ष प्राप्ति के मार्ग को प्रशस्त करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राव ने बालिकाओं को न केवल मंत्र का जाप करवाया, बल्कि उन्हें दस-दस बार इसे लिखने के लिए भी प्रेरित किया। इस अभ्यास का उद्देश्य बालिकाओं के भीतर आध्यात्मिक संस्कारों का विकास करना और उन्हें धर्म के प्रति जागरूक बनाना था। उन्होंने कहा कि बाल्यावस्था में ही यदि बच्चों को अच्छे संस्कार दिए जाएं, तो वे भविष्य में एक आदर्श नागरिक बन सकते हैं। इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मक सोच का विकास होता है। प्रतिभागियों का हुआ सम्मान इस आयोजन में सहभागी 25 बालिकाओं को उनकी सक्रिय भागीदारी के लिए कलम भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनकी उत्साहवर्धन के लिए था, बल्कि उन्हें शिक्षा और संस्कारों के महत्व को समझाने का एक प्रयास भी था। सम्मान प्राप्त करने के बाद बालिकाओं के चेहरे पर प्रसन्नता और गर्व की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी। इससे अन्य बच्चों को भी प्रेरणा मिली कि वे भी ऐसे कार्यक्रमों में बढ़-चढक़र भाग लें। पूरे कार्यक्रम के दौरान उपाश्रय हॉल में भक्ति और अनुशासन का अद्भुत वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा और एकाग्रता के साथ मंत्र जाप में भाग लिया, जिससे वहां उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति को एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के अंत में सभी ने सामूहिक रूप से विश्व शांति और मानव कल्याण की प्रार्थना की। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि यदि हम सभी मिलकर सकारात्मक सोच और आध्यात्मिकता को अपनाएं, तो समाज में शांति और सौहार्द स्थापित किया जा सकता है।

खाना खजाना

ऑर्गेनिक फूड की ओर बढ़ता रुझान, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी

आज के समय में लोगों के बीच ऑर्गेनिक फूड के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है, जहां लोग रासायनिक खाद और कीटनाशकों से मुक्त प्राकृतिक भोजन को अपनाने की ओर अग्रसर हो रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और वे बीमारियों से बचाव कर पा रहे हैं, ऑर्गेनिक फूड में ताजगी, पोषण और स्वाद का बेहतर संतुलन होता है, जो इसे अन्य खाद्य पदार्थों से अलग बनाता है, इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से भी यह बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और प्रदूषण कम होता है, आजकल शहरों में ऑर्गेनिक मार्केट और फार्मिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जहां लोग सीधे किसानों से जुड़कर ताजा और शुद्ध उत्पाद खरीद सकते हैं, हालांकि इसकी कीमत सामान्य खाद्य पदार्थों से थोड़ी अधिक होती है, लेकिन इसके लाभ को देखते हुए लोग इसे अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं, यह ट्रेंड दर्शाता है कि लोग अब केवल स्वाद ही नहीं बल्कि अपने स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति भी जागरूक हो रहे हैं, जो भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

खाना खजाना

मिठाइयों का बाजार में नई वैरायटी, त्योहारों पर बढ़ी मांग

भारत में मिठाइयों का बाजार हमेशा से ही खास रहा है, लेकिन अब इसमें नई-नई वैरायटी और फ्यूजन मिठाइयों के आने से यह और अधिक आकर्षक बन गया है, खासकर त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग में भारी वृद्धि देखने को मिलती है, जहां लोग एक-दूसरे को मिठाई देकर खुशी साझा करते हैं और अपने रिश्तों को मजबूत बनाते हैं, पारंपरिक मिठाइयों जैसे लड्डू, बर्फी, रसगुल्ला और गुलाब जामुन के साथ-साथ अब चॉकलेट और ड्राई फ्रूट्स से बनी नई मिठाइयां भी बाजार में उपलब्ध हैं, जो युवाओं को खास तौर पर आकर्षित करती हैं, इसके अलावा मिठाइयों की पैकेजिंग और प्रस्तुति में भी बदलाव आया है, जिससे यह गिफ्टिंग के लिए और अधिक उपयुक्त बन गई हैं, हालांकि मिलावट और गुणवत्ता को लेकर भी चिंता बनी रहती है, इसलिए लोग अब विश्वसनीय दुकानों से ही मिठाइयां खरीदना पसंद करते हैं, कुल मिलाकर मिठाइयों का बाजार भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो हर खुशी के मौके को और खास बना देता है।

Shopping Cart
Scroll to Top