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Author name: Kamlesh Purohit

12 राज्यों-UT में SIR, 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे:UP में सबसे ज्यादा 2.04 करोड़, बंगाल में 91 लाख वोटर फाइनल लिस्ट से बाहर
धर्म एवं यात्रा

12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR प्रक्रिया के दौरान 6.08 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए: यूपी में सबसे अधिक 2.04 करोड़, बंगाल में 91 लाख वोटर सूची से बाहर

  चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दूसरे फेज के तहत शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में फाइनल वोटर लिस्ट जारी की गई, जिसके साथ ही 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट में कुल 6.08 करोड़ नाम कट गए हैं। यह सबसे बड़े पैमाने पर वोटर सूची संशोधन का उदाहरण है, जिससे देश के निर्वाचन तंत्र की पारदर्शिता और गुणवत्ता को और बढ़ावा मिलेगा। पिछले साल 27 अक्टूबर को SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाताओं की कुल संख्या लगभग 51 करोड़ थी, जो अब फाइनल लिस्ट के बाद घटकर 44.92 करोड़ रह गई है। उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को जारी SIR की फाइनल लिस्ट में वोटरों की संख्या करीब 13 प्रतिशत घटकर 13.39 करोड़ रह गई है, यानी लगभग 2.04 करोड़ नाम इस सूची से हटाए गए हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में करीब 91 लाख वोटर्स के नाम फाइनल लिस्ट से बाहर हुए हैं। SIR प्रक्रिया के दूसरे फेज में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश, गोवा, पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार, तथा लक्षद्वीप की फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित की गई है। यह प्रक्रिया सभी राज्यों में मतदाता सूची को अपडेट करने और साफ-सुथरी बनाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। चुनाव आयोग ने देश में अब तक करीब 60 करोड़ मतदाताओं को इस अभियान में शामिल किया है और बाकी 39 करोड़ मतदाताओं को अगले फेज में कवर किया जाएगा। SIR के तीसरे फेज में 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया लागू होगी, जो इस महीने पांच विधानसभा चुनावों के बाद शुरू होगी। पश्चिम बंगाल में वोटर सूची में बड़ी कटौती पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया के तहत करीब 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, यह कार्रवाई नवंबर से चल रही प्रक्रिया के तहत की गई है। आयोग के 28 फरवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक, SIR शुरू होने के बाद पहले से ही 63.66 लाख नाम हटाए गए थे, जिससे मतदाताओं की संख्या करीब 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई। बाद में जांच और प्रक्रिया पूरी होने के साथ कुल हटाए गए नामों की संख्या बढ़कर लगभग 90.83 लाख हो गई है। SIR प्रक्रिया के बारे में 6 जरूरी सवाल-जवाब SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है जिसमें घर-घर जाकर वोटर फॉर्म भरे जाते हैं और फॉरम्स के जरिए वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। इसमें नए 18 वर्ष से अधिक के वोटर जोड़े जाते हैं और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं। पहले फेज में कौन-कौन से राज्यों की वोटर सूची संशोधित हुई? पहले फेज में बिहार में SIR किया गया था। दूसरे फेज में उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप को शामिल किया गया। ये प्रक्रिया कौन करता है? ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का सत्यापन करते हैं। मतदाताओं को क्या करना होता है? मतदाताओं को दिए गए फॉर्म्स की जानकारी मिलान करनी होती है। यदि किसी वोटर के नाम दो जगह हैं तो एक हटवाना होता है, या नए वोटर होने पर नाम जोड़वाना होता है। कौन से दस्तावेज मान्य हैं? पेंशनर पहचान पत्र, सरकारी आईडी, जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, 10वीं की मार्कशीट, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, आधार कार्ड आदि मान्य दस्तावेज हैं। SIR का उद्देश्य क्या है? यह सुनिश्चित करना है कि वोटर लिस्ट में कोई भी योग्य वोटर छूट न जाए और कोई अयोग्य मतदाता शामिल न हो। इसके जरिए मतदाता सूची में पुरानी और गलत जानकारियों को सही किया जाता है। पूरे देश में निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को मज़बूत करने के लिए इस तरह की व्यापक पहल आवश्यक है। 2025 तक पूरे भारत में SIR पूरी करने का लक्ष्य चुनाव आयोग ने निर्धारित किया है, जिससे भविष्य में चुनाव स्वच्छ और विश्वसनीय तरीके से आयोजित हो सकें।

‘Mohiniyattam’ movie review: A rationalist bent to its dark humour makes this better than the original
मनोरंजन

‘मोहिनियट्टम’ मूवी समीक्षा: इसके तर्कशील दृष्टिकोण और काले हास्य ने इसे मूल से बेहतर बनाया

  फिल्म ‘मोहिनियट्टम’ हाल ही में रिलीज हुई है और इसे निर्देशक कृष्णदास मुरली की बेहतरीन कृति के रूप में देखा जा रहा है। यह फिल्म मूल कहानी को एक नए तरीके से प्रस्तुत करती है, जिसमें अंधेरे हास्य का तर्कशील पहलू प्रमुख रूप से उभरता है। इस बदलाव ने फिल्म को एक अलग पहचान दी है, जिसे दर्शकों और समीक्षकों दोनों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। फिल्म की कहानी गहराई से बुनी गई है और इसमें शामिल पात्रों की निभाई गई भूमिकाएं अत्यंत प्रभावशाली हैं। कलाकारों ने अपनी उत्कृष्ट अभिव्यक्ति से कथा को जीवंत किया है, जिससे दर्शक कहानी से आसानी से जुड़ पाते हैं। कृष्णदास मुरली ने जिस प्रकार से फिल्म की थीम को फिर से परिभाषित किया है, वह निश्चित ही सराहनीय है। विशेष रूप से इस फिल्म में हास्य के जो तत्व हैं, वे सामान्य कॉमेडी से अलग हैं। यह हास्य थोड़ा काला, तर्कसंगत और गहरा है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करता है। इस तरह का हास्य बॉलीवुड में कम देखने को मिलता है, जिसके कारण ‘मोहिनियट्टम’ खास महसूस होती है। इसके अलावा, फिल्म का निर्देशन और सिनेमाटोग्राफी भी काबिले तारीफ हैं। हर सीन में गहराई देखने को मिलती है, जो कहानी को और अधिक प्रभावशाली बनाती है। संगीत और बैकग्राउंड स्कोर भी फिल्म की भावना को पूरी तरह से सूट करते हैं और मूड सेट करते हैं। समीक्षा में यह कहा जा सकता है कि ‘मोहिनियट्टम’ केवल एक मनोरंजक फिल्म नहीं है, बल्कि यह दर्शकों को सोचने और समझने का मौका भी देती है। इसके पात्र और कहानी में छिपे विचार इसे कई मायनों में विशेष बनाते हैं। कुल मिलाकर, यह फिल्म उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो न केवल मनोरंजन बल्कि एक गहरा और तर्कसंगत दृष्टिकोण देखना चाहते हैं। अतः, ‘मोहिनियट्टम’ की सफलता में निर्देशक कृष्णदास मुरली का दृष्टिकोण और कलाकारों के उम्दा प्रदर्शन का बड़ा योगदान है। यह फिल्म उनकी कड़ी मेहनत और परिश्रम की परिणति है, जिसने इसे मूल कहानी से कहीं बेहतर बना दिया है।

खबर हटके- चोरी करने फ्लाइट से आए चोर:बच्चों को ज्यादा होमवर्क पर रोक; पाइप के सहारे 26वीं मंजिल से उतरी 89 साल की महिला
धर्म एवं यात्रा

खबर हटके- फ्लाइट से चोरी करने आए चोरों की गिरफ़्तारी; बच्चों को अधिक होमवर्क पर रोक; 89 साल की महिला ने पाइप से उतराई 26वीं मंजिल

  गुजरात के अहमदाबाद में पुलिस ने एक अनोखी घोटाला करने वाले चोरों को फ्लाइट से चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह खबर पुलिस की सतर्कता और सटीक जांच का परिणाम है, जिसने समय रहते चोरी की योजना को नाकाम कर दिया। यह मामला ना केवल अहमदाबाद पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी सुरक्षा की बड़ी गारंटी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चोरी करने वाले अपराधी फ्लाइट का इस्तेमाल करते हुए चोरी करने आए थे। हालांकि, उनकी सारी चालाकी पुलिस की सतर्कता और तकनीकी मदद से बेनकाब हो गई। गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ जारी है, जिससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उनका नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है। इसी बीच, चीन ने शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव किया है। वहां की सरकार ने बच्चों को अधिक होमवर्क देने की प्रथा पर पाबंदी लगा दी है। इस कदम को बच्चों की मानसिक और शारीरिक सेहत को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ज्यादा होमवर्क बच्चों के विकास के लिए हानिकारक हो सकता है, इसलिए चीन की यह पहल अन्य देशों के लिए एक मिसाल बन सकती है। चीन के ही बीजिंग शहर से एक चौंकाने वाली खबर आई है, जहां 89 साल की एक महिला ने सुरक्षा की पूरी व्यवस्था के बावजूद पाइप के सहारे 26वीं मंजिल से नीचे उतरने का साहसिक कदम उठाया। स्थानीय प्रशासन ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए महिला की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। उस महिला का असली मकसद अभी साफ नहीं हो पाया है, लेकिन यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। आज की खबरों में ये तीन प्रमुख समाचार अपनी अलग-अलग और रोचक प्रकृति के कारण विशेष रूप से ध्यान आकर्षित करते हैं। ऐसे में यह निश्चित कहा जा सकता है कि देश-विदेश से हर दिन कई घटनाएं होती रहती हैं, जिनसे हमें बहुमूल्य जानकारी मिलती है। खबर हटके में हम आपके लिए लाते रहेंगे ऐसी ही अनोखी और रोचक खबरें जिनसे आप जुड़े रह सकें दुनिया की हर नई जानकारी से। तो ये थीं आज की रोचक खबरें। कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटके खबरों के साथ। खबर हटके को बेहतर बनाने के लिए आपका फीडबैक महत्वपूर्ण है। कृपया अपना सुझाव देने के लिए यहां क्लिक करें।

How this director turned AI anxiety into an absurd, award-winning comedy
मनोरंजन

कैसे इस निर्देशक ने AI की चिंता को एक हास्यप्रधान, पुरस्कार विजेता कॉमेडी में बदला

  डायरेक्टर प्रणव भासिन ने अपनी नई शॉर्ट फिल्म के माध्यम से एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया है: क्या हम मशीनों से तेज़ काम कर सकते हैं? फिल्म में आयरिश अभिनेता एंड्रयू स्कॉट के एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर के रूप में शामिल होने से इस परियोजना को विशेष मान्यता मिली है। यह फिल्म तकनीकी प्रगति और मानव क्षमता के बीच के टकराव को बेहद संवेदनशील और प्रभावशाली तरीके से दर्शाती है। आधुनिक युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स के बढ़ते प्रभाव के बीच, प्रणव भासिन ने इस विषय को एक नए आयाम पर पेश किया है। फिल्म का मुख्य विषय यह है कि चाहे मशीनें कितनी भी तेज़ और प्रभावशाली हों, क्या मनुष्य अपने परिश्रम और लगन से उन्हें पीछे छोड़ सकता है? यह सवाल न केवल तकनीकी क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए बल्कि सामान्य दर्शकों के लिए भी प्रासंगिक है। आंदोलन, चुनौती और आशा की झलक इस फिल्म में साफ नजर आती है। फिल्म की पटकथा और निर्देशन में ऐसा संतुलन रखा गया है कि देख रहे दर्शक इसे आसानी से समझ सकें और इससे प्रेरणा भी ले सकें। फिल्म में एंड्रयू स्कॉट की प्रोडक्शन भूमिका ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रभावशाली बनाया है। उनके जुड़ने से फिल्म को क्रिएटिव दिशा मिली है और दर्शकों की संख्या भी बढ़ी है। प्रणव भासिन का यह प्रयास तकनीकी विकास के दौर में मानवता के भविष्य को लेकर एक मजबूत संदेश देता है। यह स्पष्ट करता है कि मशीनों की मदद से हम जब तक मनुष्य की अनूठी क्षमता और रचनात्मकता को समझेंगे और बढ़ावा देंगे, तब तक हम तकनीकी प्रगति के साथ तालमेल बिठा सकते हैं। इस शॉर्ट फिल्म ने कई फिल्म महोत्सवों में अपनी प्रस्तुति दी है और दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त की है। इसके अलावा, फिल्म ने तकनीकी और मानवीय मुद्दों पर विचार-विमर्श को भी बढ़ावा दिया है। कुल मिलाकर, यह फिल्म और उसमें जुड़ी टीम ने यह दिखाया है कि तकनीक चाहे जितनी भी उन्नत हो जाए, इंसान की सोच, मेहनत और लगन का कोई विकल्प नहीं हो सकता। यह संदेश आज के डिजिटल युग में सभी के लिए महत्वपूर्ण और प्रासंगिक है।

भास्कर अपडेट्स:आंध्र प्रदेश में युवक ने नाबालिग लड़की की गला रेतकर हत्या की, सगाई से नाराज था
धर्म एवं यात्रा

आंध्र प्रदेश में युवक ने नाबालिग लड़की की गला रेतकर हत्या की, सगाई से नाराज था

  आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले के अग्रहारम इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई है, जहां एक 19 वर्षीय युवक ने 17 वर्षीय नाबालिग लड़की की गला रेतकर हत्या कर दी। यह मामला स्थानीय पुलिस के सामने आया और जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी वेंकटेश्वरलू ने पहले ही लड़की को रिश्ते का प्रस्ताव दिया था, लेकिन लड़की ने इसे ठुकरा दिया। इसके बाद वह युवक नाराज हो गया। जब उसे पता चला कि लड़की की सगाई होने वाली है, तो उसने गुस्से में आकर लड़की के घर पहुंचकर उस पर हमला कर दिया। घटना के समय लड़की घर पर अकेली थी क्योंकि उसके माता-पिता खेतों में काम कर रहे थे। पड़ोसियों ने खून की आवाज सुनकर परिवार को सूचना दी, जिसके बाद परिवार के सदस्य लड़की को तत्काल अस्पताल ले गए। अफसोस की बात है कि अस्पताल जाने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और उससे पूछताछ कर रही है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आरोपी ने यह घृणित कृत्य क्यों किया, लेकिन शुरुआती जांच से यह पता चला है कि सगाई को लेकर उसका मन मारा हुआ था। यह घटना न केवल स्थानीय लोगों के लिए सदमे की बात है बल्कि पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाती है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से इस मामले में किसी भी तरह की अफवाह या गलत सूचना से बचने की अपील की है और कहा है कि जांच निष्पक्ष एवं व्यापक तरीके से की जा रही है। आज की अन्य बड़ी खबरें चुनाव आयोग ने चेन्नई पुलिस कमिश्नर का ट्रांसफर किया: चुनाव आयोग ने ग्रेटर चेन्नई के पुलिस कमिश्नर ए. अरुण का ट्रांसफर करते हुए 1997 बैच के आईपीएस अधिकारी अभिन दिनेश को नई नियुक्ति दी है। आयोग ने निर्देश दिया है कि अरुण को विधानसभा चुनाव समाप्त होने तक चुनाव से जुड़े किसी भी काम में तैनात न किया जाए। इस घटना ने समाज में नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर से चिंता बढ़ा दी है। पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वे ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करें और भविष्य में इस तरह की घटना को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं।

How a research scholar’s curiosity about type designing led to a paper on Kerala’s vibrant hand-painted political graffiti
मनोरंजन

कैसे एक शोध पाठक की टाइप डिजाइन में जिज्ञासा ने केरल की जीवंत हाथ से बनाई गई राजनीतिक ग्राफिटी पर शोध पत्र लिखा

आधार पर एक पूरी तरह से मानव द्वारा लिखी गई जैसी प्रोफेशनल न्यूज़ रिपोर्ट तैयार करें। निर्देश: 1. न्यूज़ की शुरुआत इस फॉर्मेट में करें: 2. भाषा: – सरल, स्पष्ट और शुद्ध हिंदी का प्रयोग करें – भाषा बिल्कुल मानव पत्रकार जैसी होनी चा हैदराबाद के आईआईटी के डॉक्टोरल शोधार्थी नीथा जोसेफ केरल की राजनीतिक पृष्ठभूमि और इसके अनूठे सांस्कृतिक पहलू को समझने में जुटी हैं। उन्होंने केरल के आठ जिलों में पाए जाने वाले हाथ से बने राजनीतिक ग्राफिटी की स्टाइलिस्टिक विविधताओं पर शोध पत्र तैयार किया है, जिसका शीर्षक है ‘The Visual Voices of Kerala’s Politics’। इस शोध में उन्होंने मलयालम फोंट के विभिन्न रूपों का विश्लेषण किया है जो स्थानीय राजनीतिक रंगों को दर्शाते हैं। नीथा का यह शोध पत्र केरल की राजनीतिक कला की एक अनदेखी परत को सामने लाता है। उनके मुताबिक, ये ग्राफिटी न केवल राजनीतिक विचारों के वाहक हैं, बल्कि वे सामाजिक और सांस्कृतिक संवाद की एक अहम कड़ी भी हैं। हर जिले में ग्राफिटी की विभिन्न तकनीकें और अनूठे फोंट जो उपयोग किए गए हैं, वे स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों और भाषा की सांस्कृतिक गहराई को बखूबी दर्शाते हैं। नीथा ने बताया कि केरल में हाथ से बनाई गई राजनीतिक ग्राफिटी एक जीवंत सांस्कृतिक विरासत है, जिसका अध्ययन न केवल कला और टाइपोग्राफी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह राज्य की राजनीतिक जागरूकता और सामाजिक आंदोलनों की समझ को भी बढ़ाता है। उनका शोध इस बात को रेखांकित करता है कि कैसे स्थानीय भाषाई विविधताएं और कलात्मक अभिव्यक्ति एक-दूसरे से जुड़ी हैं। इसके साथ ही, नीथा का यह शोध प्रदेश के विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा इस्तेमाल किए गए प्रतीकों और रंगों के चयन पर भी प्रकाश डालता है। उन्होंने यह भी नोट किया कि ग्राफिटी में उपयोग हुए फोंट का प्रत्येक रूप स्थानीय पहचान और राजनीति के बीच संबंध को दर्शाता है। लोकल प्रशासन और कला संरक्षण एजेंसियों के लिए यह शोध नई दिशा प्रदान कर सकता है ताकि इस अनूठे सांस्कृतिक दस्तावेज को संरक्षित किया जा सके। यह शोध पत्र केरल में हाथ से बनी राजनीतिक ग्राफिटी की परंपरा को नई दृष्टि देता है और शोधकर्ताओं, कलाकारों तथा राजनीतिक विश्लेषकों के लिए सहायक सिद्ध होगा। नीथा जोसेफ की यह पहल केरल की सांस्कृतिक धरोहर को समझने और भविष्य में इस क्षेत्र के और शोध को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

खड़गे बोले- महिला आरक्षण संशोधन जल्दबाजी में लाया जा रहा:सरकार आचार संहिता का उल्लंघन कर रही; लोकसभा सीटें 543 से 816 होंगी
धर्म एवं यात्रा

खड़गे बोले- महिला आरक्षण संशोधन जल्दबाजी में लाया जा रहा: सरकार आचार संहिता का उल्लंघन कर रही; लोकसभा सीटें 543 से बढ़कर 816 होंगी

आधार पर एक पूरी तरह से मानव द्वारा लिखी गई जैसी प्रोफेशनल न्यूज़ रिपोर्ट तैयार करें। निर्देश: 1. न्यूज़ की शुरुआत इस फॉर्मेट में करें: 2. भाषा: – सरल, स्पष्ट और शुद्ध हिंदी का प्रयोग करें – भाषा बिल्कुल मानव पत्रकार जैसी होनी चा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को सरकार द्वारा लाए जा रहे महिला आरक्षण संशोधन बिल और लोकसभा सीटों में वृद्धि के प्रस्ताव पर गंभीर आपत्तियां जताई हैं। खड़गे ने कहा कि सरकार यह बिल जल्दबाजी में लेकर आ रही है और चुनाव के मद्देनजर इसे पास करवाना चाहती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार द्वारा चुनावी आचार संहिता के दौरान संसद सत्र बुलाना नियमों का उल्लंघन है। दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक के दौरान खड़गे ने प्रमुख रूप से बताया कि फिलहाल सरकार की ओर से उन्हें कोई औपचारिक प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर जानकारी केवल प्रधानमंत्री के एक पत्र के माध्यम से सामने आई है। लंबे समय से मौन बनाए रखने के बाद अब अचानक इस संशोधन बिल को लेकर सक्रियता दिखाई जा रही है। सरकार ने 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है, जिसमें संविधान संशोधन बिल प्रस्तुत किया जाएगा। इस प्रस्ताव के अंतर्गत महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान किया गया है जबकि लोकसभा और विधानसभा की सीटों को लगभग 50% तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। लोकसभा की वर्तमान सीटें 543 हैं, जिन्हें बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव है जिसमें महिलाओं के लिए 273 सीटें आरक्षित होंगी। बैठक के मुख्य बिंदु सरकार द्वारा महिला आरक्षण संशोधन और परिसीमन कानून में बदलाव के लिए अलग-अलग बिल लाने की योजना। नई सीटों का निर्धारण 2027 की जनगणना की बजाय 2011 की जनगणना पर आधारित होगा। यह कानून राज्यों की विधानसभाओं एवं केंद्र शासित प्रदेशों जैसे दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी में भी लागू होगा। महिला आरक्षण के बाद उत्तर प्रदेश में लोकसभा सीटों की संख्या 80 से बढ़कर 120 होने का अनुमान। राहुल गांधी ने भी इस मसले पर सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि कांग्रेस महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित है। CWC की बैठक में महिला आरक्षण के अलावा परिसीमन और पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर भी चर्चा हुई। सरकार ने हाल ही में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के ड्राफ्ट बिल को कैबिनेट से मंजूरी दिलाई है। इस अधिनियम के जरिए लोकसभा सीटों में बृद्धि और महिलाओं के लिए विशेष आरक्षण को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा। इस परिवर्तन के बाद महाराष्ट्र में भी लोकसभा की सीटें 48 से बढ़कर 72 हो जाएंगी, जहां महिला आरक्षण के तहत 24 सीटें अलग से आरक्षित होंगी। बिहार में भी यह संख्या 20 तक पहुंच सकती है, जबकि मध्य प्रदेश में लगभग 15 महिला आरक्षित सीटें प्रस्तावित हैं। तमिलनाडु में 20 और दिल्ली में 4 स्त्रियों के लिए आरक्षित सीटें होने का अनुमान है। महिला आरक्षण का इतिहास 1931 में पहली बार भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान महिला आरक्षण का मुद्दा उठा, लेकिन यह प्रस्ताव पारित नहीं हुआ था। बेगम शाह नवाज और सरोजिनी नायडू जैसे नेताओं ने समान राजनीतिक अधिकारों की मांग की थी। 1971 में महिलाओं की स्थिति पर समिति बनी, जिसके मतभेदों के कारण आरक्षण का समर्थन सीमित रहा। 1974 में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के उद्देश्य से एक रिपोर्ट सौंपी गई, जिसमें पंचायत और नगर निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण की सिफारिश की गई। 1988 की राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना ने ग्राम पंचायत स्तर से संसद तक एक-तिहाई विराम देने की सिफारिश की, जिसने बाद में 73वें और 74वें संविधान संशोधन की नींव रखी। 1993 में 73वीं और 74वीं संविधान संशोधन के तहत पंचायतों और नगर निकायों में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित कर दी गईं। इसके बाद कई राज्यों ने स्थानीय निकायों में 50% तक महिला आरक्षण लागू किया है। केंद्र सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले इस संशोधन को लागू करने के लिए तैयारी में है। यह बिल संसद के मौजूदा सत्र में पेश किया जा सकता है जिससे लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या 273 तक पहुंच जाएगी। सरकार महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ सामाजिक न्याय के मुद्दे को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

‘Love Insurance Kompany’ movie review: Pradeep Ranganathan’s ‘LIK’-able futuristic rom-com loses its edge
मनोरंजन

‘लव इंश्योरेंस कंपनी’ फिल्म समीक्षा: प्रदीप रंगनाथन की ‘LIK’-योग्य भविष्यवादी रोमैंटिक कॉमेडी अपनी धार खोती हुई

आधार पर एक पूरी तरह से मानव द्वारा लिखी गई जैसी प्रोफेशनल न्यूज़ रिपोर्ट तैयार करें। निर्देश: 1. न्यूज़ की शुरुआत इस फॉर्मेट में करें: 2. भाषा: – सरल, स्पष्ट और शुद्ध हिंदी का प्रयोग करें – भाषा बिल्कुल मानव पत्रकार जैसी होनी चा चेन्नई, 2040। इस नीयॉन रंगीन भविष्यवादी शहर में विग्नेश शिवन ने एक काल्पनिक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म बनाई है जो कुछ हिस्सों में दर्शकों को मोह लेती है, लेकिन संपूर्ण कहानी को मजबूती से पकड़े रखने में असफल साबित होती है। तमिल सिनेमा की दूसरी छमाही के उदासीन दौर ने एक बार फिर इस फिल्म के माध्यम से अपनी छाप छोड़ी है। फिल्म की कहानी एक ऐसे शहर की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जहां तकनीक और आधुनिकता अपने चरम पर हैं। विग्नेश शिवन ने इस भविष्यवादी चेन्नई का बेहतरीन कल्पनात्मक चित्रण प्रस्तुत किया है, जो देखने में आकर्षक है। नीयॉन लाइट्स, चमकदार सड़कों, और जटिल तकनीकी सेटिंग्स ने एक विशिष्ट माहौल बनाया है जो फिल्म को विशिष्टता देता है। हालांकि, फिल्म की कहानी में कुछ मूलभूत कमियां हैं। पहले हाफ में जो आकर्षण और रोमांच व्याप्त है, वह दूसरे हाफ में कहीं खो जाता है। कथानक का विस्तार और पात्रों की गहराई अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाती, जिससे कहानी कमजोर पड़ती है। इसके परिणामस्वरूप, दर्शकों को दूसरी छमाही में व्यतीत समय निराशाजनक लग सकता है। अभिनय की बात करें तो मुख्य कलाकारों ने अपने किरदारों को अच्छे ढंग से निभाया है, और संवाद प्रभावशाली हैं। संगीत और सिनेमैटोग्राफी का संयोजन फिल्म को सौंदर्यात्मक दृष्टि से समृद्ध बनाता है। कुल मिलाकर, फिल्म में कुछ ऐसे तत्व मौजूद हैं जो इसे यादगार बनाते हैं, लेकिन ये पर्याप्त नहीं हैं ताकि यह तमिल फिल्म उद्योग की निरंतर चल रही दूसरी छमाही की उदासीनता को पूरी तरह से मात दे सके। इस फिल्म के साथ यह लगता है कि तमिल सिनेमा को आने वाले वर्षों में अपने कथानक और कहानी कहने की दक्षता पर विशेष ध्यान देना होगा। तकनीकी उन्नति और भविष्यवादी सेटिंग्स अद्भुत हैं, लेकिन जब कहानी कमजोर हो तो पूरी फिल्म कमजोर पड़ जाती है। फिल्म ‘लव इंश्योरेंस कंपनी’ को एक प्रयास के रूप में देखा जाना चाहिए जो अपने खास अंदाज के बावजूद कुछ स्तरों पर पसीना छोड़ता दिखता है। उम्मीद की जानी चाहिए कि तमिल सिनेमाई उद्योग ऐसे प्रयोगों से सीख ले और भविष्य में और बेहतर प्रस्तुतिकरण लाए।

George Linde replaces Wanindu Hasaranga at LSG
खेल जगत

जॉर्ज लिंडे ने लखनऊ सुपर जायंट्स में वानिंदु हासरंगा की जगह ली

लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) ने आईपीएल 2024 में बड़ी टीम रणनीति अपनाते हुए दक्षिण अफ्रीका के प्रतिभाशाली क्रिकेटर जॉर्ज लिंडे को अपनी टीम में शामिल किया है। लिंडे, जो आईपीएल में पहली बार खेलेंगे, को उनकी बेस मूल्य 1 करोड़ रुपये पर टीम में लिया गया है। उन्होंने वानिंदु हासरंगा की जगह ली है, जिन्हें किसी अनजान कारण से टीम से हटाया गया बताया जा रहा है। जॉर्ज लिंडे की इस टीम में एंट्री को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह है क्योंकि उन्होंने अपनी फास्ट बॉलिंग क्षमता और लिमिटेड ओवर क्रिकेट में प्रभावशाली प्रदर्शन की वजह से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में अपनी पहचान बनाई है। दक्षिण अफ्रीका की टीम के लिए उन्होंने कई अहम मैचों में अपनी प्रतिभा दिखाई है, जहां उनकी गेंदबाजी ने कई बल्लेबाजों को सिरदर्द दिया। आईपीएल में लिंडे का पदार्पण कई मायनों में लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए भी महत्व रखता है। टीम प्रबंधन ने यह कदम अपनी तेज गेंदबाजी आक्रमण को और मजबूत करने के लिए उठाया है। लिंडे की अनुभवहीनता के बावजूद, उनकी क्षमता को देखते हुए उन्हें एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी माना जा रहा है, जो आईपीएल के प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन कर सकते हैं। वहीं, वानिंदु हासरंगा, जो श्रीलंका के एक अनुभवी आलराउंडर हैं, के बाहर होने के कारणों को लेकर किसी आधिकारिक बयान की प्रतीक्षा है। हासरंगा ने पूर्व आईपीएल सीजन में कई टीमों के लिए अहम योगदान दिया था और उनकी टीमों में मौजूदगी अनुभव और सामरिक विकल्प दोनों के लिए लाभकारी रही है। जॉर्ज लिंडे की टीम में शामिल होने की खबर से लखनऊ सुपर जायंट्स के फैंस में उम्मीदें नई जान जुड़ी हैं। टीम आगामी सीजन में एक संतुलित और आक्रामक प्रदर्शन का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरेगी। लिंडे के तेज स्विंग और पेस गेंदबाजी के साथ, LSG की गेंदबाजी इकाई अधिक मजबूत दिखती है। आखिरकार, आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में अनुभव के साथ-साथ युवा और नए खिलाड़ियों के प्रदर्शन से टीम की सफलता निर्धारित होती है। जॉर्ज लिंडे का बेस प्राइस 1 करोड़ रुपये पर इस साल का एक महत्वपूर्ण सस्ता और समझदारी भरा चयन माना जा रहा है। क्रिकेट विशेषज्ञों की नजरें इस नई टीम संयोजन पर टिकी हैं कि कैसे लिंडे आईपीएल की चपेट में तेज गेंदबाजी के चुनौतीपूर्ण माहौल में खरे उतरते हैं।

114 नए राफेल स्वदेशी मिसाइलों से लैस होंगे:18 जेट फ्रांस से आएंगे, 96 भारत में बनेंगे; सोर्स कोड नहीं मिलेगा
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114 नए राफेल विमानों में होंगे स्वदेशी मिसाइल सिस्टम; 18 फ्रांस से, 96 भारत में बनेगे; स्रोत कोड नहीं दिया जाएगा

आधार पर एक पूरी तरह से मानव द्वारा लिखी गई जैसी प्रोफेशनल न्यूज़ रिपोर्ट तैयार करें। निर्देश: 1. न्यूज़ की शुरुआत इस फॉर्मेट में करें: 2. भाषा: – सरल, स्पष्ट और शुद्ध हिंदी का प्रयोग करें – भाषा बिल्कुल मानव पत्रकार जैसी होनी चा भारत ने फ्रांस से 114 नए राफेल फाइटर जेट खरीदने का निर्णय लिया है, जिन्हें स्वदेशी मिसाइलों और हथियार प्रणालियों से लैस किया जाएगा। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस खरीद के कॉन्ट्रैक्ट में इंटरफेस कंट्रोल डॉक्यूमेंट (ICD) शामिल होगा, जिससे भारत अपने स्थानीय हथियार सिस्टम को राफेल जेट्स में इंटीग्रेट कर सकेगा। ICD एक अहम दस्तावेज है जो जेट और उसके विभिन्न सिस्टम्स के बीच तालमेल स्थापित करता है। यह रक्षा सौदा फेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने 12 फरवरी को मंजूरी दी थी। 114 राफेल विमानों में से 18 फ्रांस से पूरी तरह तैयार होकर अग्रिम स्थिति में प्राप्त होंगे, जबकि बाकी 96 जेट भारत में निर्मित होंगे। इन विमानों में लगभग 25 प्रतिशत हिस्सेदारी स्वदेशी कलपुर्जों की होगी। रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि फ्रांस सोर्स कोड साझा नहीं करेगा। अधिकारियों के मुताबिक, अपने फाइटर जेट के सोर्स कोड को कोई भी देश इसके रडार, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली, टारगेटिंग और हथियार नियंत्रण के कारण साझा नहीं करता। हालांकि, इससे सौदे को कोई नुकसान नहीं होगा। स्वदेशी प्रोजेक्ट्स पर भारत का ध्यान विशेष है। रूस और अमेरिका ने भी अपने फाइटर जेट के सोर्स कोड साझा नहीं किए हैं। भारत ने फिलहाल 5वीं पीढ़ी के जेट खरीदने का कोई निर्णय नहीं लिया है, बल्कि Tejas Mark 1A, AMCA और लंबी दूरी की मिसाइलों जैसे स्वदेशी प्रोजेक्ट्स पर जोर दे रहा है। सरकार का लक्ष्य विदेशी हथियार प्रणालियों पर निर्भरता को कम करना है, खासतौर पर बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) तकनीक के मामले में। भारतीय वायु सेना ने सितंबर 2025 तक 114 अतिरिक्त राफेल विमानों की मांग की थी। वर्तमान में, वायु सेना के पास 36 राफेल और नौसेना के पास 26 मरीन वेरिएंट राफेल हैं। एक ही प्रकार के ज्यादा विमान होने से रखरखाव की लागत घटेगी। अंबाला एयरबेस पर पहले से ही राफेल का ट्रेनिंग और MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर, ओवरहॉल) सेंटर संचालन में है, जिसके कारण नए विमानों के शामिल होने की प्रक्रिया सुचारू रहेगी। इस सौदे के पूरा होने के बाद, भारत में कुल 176 राफेल विमान होंगे, हालांकि इसे पूरा होने में कुछ समय लग सकता है। 2016 में आठवां दर्जा प्राप्त यह डील 58,000 करोड़ रुपए की थी, जिसने भारतीय वायुसेना की ताकत में महत्वपूर्ण वृद्धि की है। राफेल मरीन विमानों के फीचर्स वायु सेना के मौजूदा राफेल से भी एडवांस हैं।

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