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Author name: Kamlesh Purohit

Madras High Court junks plea to ban ‘Dhurandhar: The Revenge’ in Tamil Nadu during elections
मनोरंजन

मद्रास हाई कोर्ट ने चुनावों के दौरान ‘धुरंधर: द रिवेंज’ पर बैन की याचिका खारिज की

आधार पर एक पूरी तरह से मानव द्वारा लिखी गई जैसी प्रोफेशनल न्यूज़ रिपोर्ट तैयार करें। निर्देश: 1. न्यूज़ की शुरुआत इस फॉर्मेट में करें: 2. भाषा: – सरल, स्पष्ट और शुद्ध हिंदी का प्रयोग करें – भाषा बिल्कुल मानव पत्रकार जैसी होनी चा मद्रास हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और जस्टिस जी. अरुल मुरुगन ने ‘‘धुरंधर: द रिवेंज’’ फिल्म के खिलाफ चुनावों के दौरान बैन लगाने की मांग वाली दो जनहित याचिकाएँ खारिज कर दी हैं। इन याचिकाओं में दावा किया गया था कि यह फिल्म चुनावी शांति भंग कर सकती है और सामाजिक तनाव बढ़ा सकती है। हालांकि, अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिकाओं को उचित ठहराया नहीं। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था कि फिल्म में दिखाई गई कुछ दृश्यों से गैर-वास्तविक राजनीतिक टिप्पणियाँ हो सकती हैं, जो कि चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकती हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि इसे चुनावों के दौरान जारी नहीं होने दिया जाना चाहिए। लेकिन अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संविधान की मूल भावना है और तब तक किसी भी फिल्म पर प्रतिबंध लगाना उचित नहीं है जब तक कि उसमें कोई स्पष्ट और तत्काल खतरा न हो। चेफ जस्टिस धर्माधिकारी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया शान्तिपूर्ण और निष्पक्ष होनी चाहिए, लेकिन साथ ही कलाकारों और फिल्म निर्माताओं की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को भी संरक्षण दिया जाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि ‘‘धुरंधर: द रिवेंज’’ फिल्म की सामग्री में चुनावी हिंसा या अशांति फैलाने का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है। इसलिए, इसे प्रतिबंधित करना न्यायसंगत नहीं होगा। इससे पहले, इस फिल्म को लेकर तमिलनाडु में कई विरोध और समर्थन के स्वर सुनने को मिले थे। कुछ समूहों ने इसे चुनावी माहौल बिगाड़ने वाला बताया था, जबकि फिल्म निर्माता और कलाकारों ने इसे एक सशक्त और संवेदनशील कहानी बताया, जो समाज के कई पहलुओं को उजागर करती है। इस निर्णय से यह स्पष्ट हुआ है कि सक्षम न्यायालय लोकतंत्र की जड़ें मजबूत करने के लिए संवैधानिक अधिकारों और नियमों का पालन करते हुए फैसला करता है। चुनावी माहौल सुरक्षित बनाए रखना जरूरी है, परंतु वह स्वतंत्र अभिव्यक्ति की कीमत पर नहीं होना चाहिए। इस मामले में अदालत का निर्णय फिल्म और लोकतंत्र के बीच संतुलन बनाकर एक महत्वपूर्ण मिसाल साबित हुआ है। फिलहाल, ‘‘धुरंधर: द रिवेंज’’ को तमिलनाडु में प्रदर्शित किया जाएगा और आम चुनाव के दौरान इसे कोई रोक नहीं मिलेगा।

Mukul Choudhary stuns KKR to seal last-ball win for LSG
खेल जगत

मु्कुल चौधरी ने KKR को चौंकाते हुए LSG को आखिरी गेंद पर दिलाया जीत

लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के लिए एक यादगार मुकाबले में मु्कुल चौधरी ने अपने शानदार प्रदर्शन से पूरी टीम का मनोबल बढ़ाया। मु्कुल ने 25 गेंदों में अर्धशतकीय पारी खेलते हुए टीम को 182 रन के लक्ष्य के करीब पहुंचाया। उन्होंने 13वें ओवर में 104/5 होने के बाद बल्लेबाजी संभाली और टीम को आखिरी गेंद तक जीत के लिए संघर्ष करने वाला मुकाबला दिया। मु्कुल की इस पारी ने केवल स्कोरबोर्ड ही नहीं बल्कि पूरे मुकाबले का रूख बदला। उनका यह अर्धशतक न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि थी, बल्कि इसने LSG की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई। उनकी पारी में जबरदस्त ताकत और तकनीक दोनों का मेल देखा गया। उन्होंने गेंदबाजों का भरपूर सामना किया और टीम की बल्लेबाजी लाइन-अप को संकट से बाहर निकाला। लखनऊ सुपर जायंट्स ने यह मैच 182 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए आखिरी गेंद तक रोमांचक और प्रतिस्पर्धात्मक संघर्ष में बदल दिया। 104/5 से टीम की स्थिति नाजुक दिख रही थी लेकिन मु्कुल की आक्रामक पारी ने पूरी चुनौती को एक नया मोड़ दिया। उनकी पारी में उच्च स्तर की एकाग्रता और साहस झलक रहा था, जिसने उन्हें मैच के नायक की तरह उभारा। जहां तक कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की टीम की बात है, उन्होंने मैच में कड़ी टक्कर दी। हालांकि, मु्कुल चौधरी की बल्लेबाजी के आगे उनकी गेंदबाजी कमजोर पड़ गई। KKR के गेंदबाजों को लगातार दबाव में आकर अपनी गलती माननी पड़ी जब मु्कुल ने निरंतर boundary और six का सहारा लेकर तेज़ रन बनाए। इस जीत के साथ LSG ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया है और उन्होंने साबित कर दिया कि वह दबाव के समय भी शानदार खेल दिखाने में सक्षम हैं। मु्कुल के इस प्रदर्शन को पूरे क्रिकेट जगत में सराहा जा रहा है। इस मैच के दौरान उनका साहस, धैर्य और आक्रामकता LSG के लिए प्रेरणा स्रोत बनी। यह मुकाबला दर्शाता है कि लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाड़ियों के पास जबरदस्त क्षमता है, जो उन्हें आगामी टूर्नामेंट में सफलता दिला सकती है। मु्कुल चौधरी की इस पारी ने निश्चित रूप से उनकी टीम को जीत की तरफ अग्रसर किया और क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में अपनी अलग जगह बनाई।

Mukul Choudhary: 'I practise hitting 100-150 sixes every day'
खेल जगत

मुकुल चौधरी: ‘मैं रोजाना 100-150 छक्के लगाने का अभ्यास करता हूं’

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में धूम मचाने वाले मुकुल चौधरी ने खुलासा किया कि उन्होंने बचपन से ही हेलीकॉप्टर शॉट मारना सीखा है। वे एमएस धोनी के फैन हैं और उनका यह पसंदीदा शॉट भी है। मुकुल ने बताया कि इस शॉट को लगातार अभ्यास के जरिये उन्होंने विकसित किया है, जिससे उनकी बल्लेबाजी में धार आई है। मुकुल चौधरी ने कहा, “मैं रोजाना 100 से 150 छक्के लगाने का अभ्यास करता हूं। यह मेरा तरीका है अपनी तकनीक को मजबूत करने का। हेलीकॉप्टर शॉट मेरे लिए केवल एक शॉट नहीं बल्कि जुनून है। मैंने इसे बचपन से सीखा है और आईपीएल में इसका प्रदर्शन करके बहुत खुश हूं।” मुकुल का यह आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत उनके प्रदर्शन में साफ झलकती है। आईपीएल 2026 में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पारियां खेलीं और टीम के लिए कई मैच जिताने वाले शॉट्स लगाए। उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से दर्शकों का ध्यान खूब आकर्षित किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि मुकुल का यह समर्पण और अनुशासन उन्हें लंबे समय तक क्रिकेट की दुनिया में ऊँचा स्थान दिला सकता है। उन्होंने बताया कि धोनी के हेलीकॉप्टर शॉट के अलावा भी उन्होंने कई तकनीकों पर काम किया है, जिससे उनका खेल हर दिन बेहतर होता जा रहा है। मुकुल ने युवा खिलाड़ियों को भी इस बात पर जोर दिया कि सफलता के लिए निरंतर अभ्यास और धैर्य बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, “अगर आप किसी एक शॉट को मास्टर करना चाहते हैं, तो आपको दिन-रात मेहनत करनी होगी। मैं भी ऐसा ही कर रहा हूं।” उनकी यह बात युवा क्रिकेटर्स के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है। आईपीएल 2026 में मुकुल की बल्लेबाजी ने प्रबल सलाहकार भी तैयार किया है कि उन्हें भविष्य में राष्ट्रीय टीम में स्थान मिलने का पूरा मौका है। उनके फैंस भी उन्हें लेकर उत्साहित हैं और उनकी सफलताओं का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस तरह, मुकुल चौधरी का समर्पण और मेहनत न केवल उनकी निजी उपलब्धि है बल्कि आने वाली पीढ़ी क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है। उनका उदाहरण बताता है कि सफलता के लिए केवल टैलेंट ही नहीं बल्कि नियमित अभ्यास और जुनून भी जरूरी है।

'He's got that look in his eyes' - Langer earmarks Choudhary for bigger hits
खेल जगत

उनकी आंखों में है कुछ खास चमक – लैंगर ने चौधरी को बड़े खेलों के लिए चुना

21 वर्षीय बल्लेबाज ने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ एक अंतिम गेंद ड्रामे में अपनी टीम को जीत दिलाई। इस युवा खिलाड़ी ने नाबाद 26 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जिससे मैच का रोमांच चरम पर पहुंच गया। इस मैच में दोनों टीमों ने पहले गेंदबाजी और फिर बल्लेबाजी में अपना दम दिखाया। जब अंत तक मुकाबला बेहद紧张 था, तब 21 वर्षीय बल्लेबाज ने अपनी निपुणता और धैर्य से टीम को विजयी बनाया। उनकी यह पारी दर्शाती है कि वे भविष्य के बड़े मैचों में कितनी अहम भूमिका निभा सकते हैं। कोच और पूर्व क्रिकेटर माइकल लैंगर ने युवा क्रिकेटर की इस पारी की खूब सराहना की। उन्होंने कहा कि चौधरी की आंखों में जो आत्मविश्वास और खेल भावना दिखी, वह संकेत है कि वे जल्द ही बड़े मैचों में भी शानदार प्रदर्शन करेंगे। लैंगर ने कहा, “उनकी आंखों में जो चमक है, वह बताती है कि वे उच्च गुणवत्ता के क्रिकेटर बनने के लिए तैयार हैं।” इस प्रदर्शन ने चौधरी को टीम में आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि इस तरह का प्रदर्शन किसी भी युवा खिलाड़ी के करियर में मील का पत्थर साबित हो सकता है। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में चौधरी ने अपने कोच और टीम के सहयोगियों का धन्यवाद किया और कहा कि वह आगे भी इसी तरह मेहनत करते रहेंगे। उन्होंने माना कि अनुभव के साथ-साथ दबाव में खेलने की कला सीखना सबसे जरूरी होता है। इस जीत के साथ ही टीम की स्थिति भी मजबूत हुई है और आगामी मैचों के लिए उत्साह बढ़ गया है। अब सभी की नजरें युवा बल्लेबाज पर हैं, जो अपने खेल से क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत रहे हैं। इस शानदार आखिरी ओवर की कहानी बताती है कि क्रिकेट में कभी भी कुछ भी हो सकता है, और युवा खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।

'A little bit of smart cricket…' - the missing ingredient in KKR's season so far
खेल जगत

थोड़ा सा स्मार्ट क्रिकेट… केकेआर के इस सीजन की कमी

दुनिया के जाने-माने क्रिकेटर डेल स्टेन और आरोन फिंच ने हाल ही में मैक्सवेल ग्रीन के बल्लेबाजी प्रदर्शन और 19वें ओवर में उन्हें गेंदबाजी करने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। इस आलोचना ने क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना दिया है कि क्या ग्रीन को वास्तव में ऐसी जिम्मेदारी दी जानी चाहिए थी। मैच के दौरान, जब टीम ने अंतिम ओवरों में लक्ष्य का पीछा किया, उस समय ग्रीन को गेंद थमाई गई थी। लेकिन उनके प्रदर्शन ने दर्शकों और विशेषज्ञों को निराश किया। स्टेन ने इस फैसले को लेकर कहा कि “19वें ओवर के लिए ग्रीन को गेंदबाजी देना एक जोखिम भरा फैसला था जिससे टीम का संतुलन बिगड़ा।” वहीं, फिंच ने ग्रीन की बल्लेबाजी पर भी कड़ी टिप्पणी की, उन्हें कहा कि वह दबाव में अच्छे विकल्प साबित नहीं हुए। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे फैसले जो खेल के महत्वपूर्ण क्षणों में लिए जाते हैं, उनकी रणनीति पर गहरा असर पड़ता है। टीम प्रबंधन को ग्रीन की मौजूदा फॉर्म और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस तरह के निर्णय लेने चाहिए थे। इससे टीम की जीत की संभावनाएं बढ़ सकती थीं। केकेआर के कोच और अन्य सदस्यों ने इस आलोचना का सामना किया है और उन्होंने कहा कि टीम के भीतर सभी के पास अपना विश्वास और योजना होती है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक खिलाड़ी के पास अपनी भूमिका होती है, और कभी-कभी ऐसे निर्णय जरूरी हो जाते हैं ताकि टीम के हित में नई रणनीतियों को लागू किया जा सके। समाचार रिपोर्ट्स की मानें तो अगला मैच केकेआर के लिए बड़े महत्व का होगा जिसमें ये देखना होगा कि टीम प्रबंधन इस आलोचना को कैसे संभालता है और क्या ग्रीन भविष्य में अधिक अवसर प्राप्त करता है या नहीं। इस विवाद के बीच यह भी चर्चा हो रही है कि टीम को अपने खिलाड़ियों के प्रदर्शन और चयन के बारे में अधिक सावधानी बरतनी चाहिए ताकि खिलाड़ियों का मनोबल बना रहे और टीम की संयुक्त सफलता सुनिश्चित हो सके।

MP-UP में तापमान 6° से 10° तक बढ़ सकता है:राजस्थान में 40°C से ज्यादा होने का अनुमान; हिमाचल में सामान्य से 200% बारिश
धर्म एवं यात्रा

एमपी-यूपी में तापमान 6° से 10° तक बढ़ सकता है; राजस्थान में 40°C से अधिक तापमान की संभावना; हिमाचल में सामान्य से 200% अधिक बारिश

  मध्य प्रदेश में आज से बारिश का प्रभाव कम होने लगा है और इसके साथ ही दिन का तापमान 4°C से 6°C तक बढ़ने का अनुमान है। पिछले दो दिनों में मध्य प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में बारिश और आंधी-ओलावृष्टि का असर देखने को मिला था, लेकिन मौसम विभाग ने अब साफ किया है कि बारिश का दौर जल्द थम जाएगा और गर्मी का असर बढ़ेगा। उत्तर प्रदेश में भी आने वाले सप्ताह में बारिश की संभावना कम बनी हुई है, और राज्य के अधिकतर हिस्सों में मौसम साफ रहने की संभावना है। बीते दिनों यहां भी कुछ इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई थी, जिसमें लखीमपुर खीरी जिले में सबसे अधिक 15 मिमी बारिश हुई। वहीं, उत्तर प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों में तापमान में 10°C तक बढ़ोतरी हो सकती है। राजस्थान का मौसम भी अब गर्म होता जा रहा है, जहां हाल ही में बारिश और आंधी का दौर समाप्त हो चुका है। जयपुर, अलवर, उदयपुर, बाड़मेर, पिलानी और कोटा जैसे शहरों में तापमान में तेजी से वृद्धि देखी गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो सप्ताह के भीतर राजस्थान के कुछ इलाकों में तापमान 40°C या उससे ऊपर पहुंच सकता है, जिससे गर्मी का प्रकोप बढ़ सकता है। हिमाचल प्रदेश में अप्रैल महीने में अब तक सामान्य से 200% अधिक बारिश हुई है। यहां 2 से 9 अप्रैल के बीच 52.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य औसत 17.6 मिमी होती है। इस अत्यधिक बारिश के कारण प्रदेश में अधिकतम तापमान में लगभग 6.4°C की गिरावट देखने को मिली है। अनुमान है कि पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है, खासकर उत्तराखंड के उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जिलों में। इसी बीच, आंध्र प्रदेश में भी अगले पांच दिनों तक खराब मौसम की संभावना बनी हुई है। राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और उमस भरे वातावरण के बीच मौसम ठंडा और खराब बना रहेगा। मौसम विभाग द्वारा जारी तीन दिन के पूर्वानुमान में 11 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है, साथ ही 30-40 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज़ हवाओं का भी अनुमान है। असम और मेघालय में भी बारिश की संभावना है, जबकि नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक की चेतावनी दी गयी है। 12 अप्रैल को पश्चिम बंगाल और सिक्किम में हल्की बारिश का अनुमान है, एवं अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण कर्नाटक में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की उम्मीद है। मध्य प्रदेश में अप्रैल के महीनों में तेज गर्मी की बजाय आंधी-बारिश की स्थिति रही, लेकिन अब बारिश के थमने के बाद तापमान बढ़ने लगे हैं। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में यहां गर्मी का असर 4°C से 6°C तक बढ़ेगा। इसी तरह, उत्तर प्रदेश में बारिश के कम होने से अगले 15 दिनों तक मौसम साफ रहने का अनुमान है। राजस्थान में भी बारिश का दौर समाप्त हो चुका है और अगले दो सप्ताह के अंदर गर्मी अधिक तेज हो सकती है। जयपुर, अलवर, उदयपुर, बाड़मेर जैसे शहरों में तापमान 40°C तक पहुंच सकता है। इस प्रकार, देश के कई हिस्सों में वर्तमान में मौसम बदलाव के बीच तापमान बढ़ने और बारिश कम होने के संकेत मिल रहे हैं।

बंगाल में भाजपा का वादा, महिलाओं को ₹3 हजार महीना:6 महीने में UCC लागू होगा; कर्मचारियों को 45 दिन में सातवां वेतनमान दिया जाएगा
धर्म एवं यात्रा

बंगाल में भाजपा का वादा: महिलाओं को 3 हजार रुपये मासिक, 6 महीनों में UCC लागू, 45 दिनों में सातवां वेतनमान

  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों के लिए अपना घोषणा पत्र, जिसे पार्टी ने ‘भरोसे का पत्र’ नाम दिया है, जारी किया। इस घोषणा पत्र में भाजपा ने महिलाओं और युवाओं के लिए वित्तीय मदद, सरकारी कर्मचारियों के वेतन सुधार सहित कई बड़े वादे किए हैं। पार्टी ने महिलाओं को ₹3,000 प्रति माह की सहायता देने का वादा किया है, वहीं युवा बेरोजगारों को एक समान राशि का मासिक आर्थिक समर्थन दिया जाएगा। इसके अलावा, घोषणा पत्र में पहले 6 महीनों के भीतर यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लागू करने का आश्वासन भी शामिल है। सरकारी कर्मचारियों के लिए भी खुशखबरी देते हुए भाजपा ने कहा कि सातवां वेतनमान 45 दिनों के अंदर लागू कर दिया जाएगा, जो कर्मचारी वर्ग के लिए राहत की बात है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर कहा कि पिछले 15 साल बंगाल की जनता के लिए बुरे सपनों के समान रहे हैं। उन्होंने ममता बनर्जी पर घुसपैठियों के जरिए तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने का आरोप लगाया। अमित शाह ने भाजपा की कड़ी नीति का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा राज्य में घुसपैठियों का पता लगाएगी, उन्हें हटाएगी और वापस भेजेगी। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बंगाल में वोटिंग दो चरणों में होगी, 23 और 29 अप्रैल को, जबकि परिणाम 4 मई को घोषित किया जाएगा। पश्चिम बंगाल में यह चुनाव देश की राजनीतिक रणनीतियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा की यह घोषणा महिलाओं, युवाओं और सरकारी कर्मचारियों को ध्यान में रखकर की गई है, जिससे पार्टी की लोकप्रियता बढ़ाने का प्रयास होगा। यह चुनाव पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों का हिस्सा है, जिनका परिणाम एक साथ आने वाला है। जनता इस बार विकास और शासन के मुद्दों के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा को लेकर भी अपनी राय व्यक्त करेगी। भाजपा के इस घोषणा पत्र में दर्ज वादे राज्य के चुनावी माहौल को गर्माएंगे और मतदाताओं के बीच उम्मीदों की लहर पैदा करेंगे। आने वाले परिणाम राजनीतिक समीकरणों में बड़े बदलाव का संकेत दे सकते हैं।

Hip-hop pioneer Afrika Bambaataa dies at 68
मनोरंजन

हिप-हॉप के पायनियर अफ्रीका बम्बात्ता का 68 वर्ष की उम्र में निधन

  हिप-हॉप संगीत के दिग्गज और प्रभावशाली निर्माता अफ्रीका बम्बात्ता का 68 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। अफ्रीका बम्बात्ता को उनकी क्रांतिकारी संगीत कृतियों और यूनिवर्सल जुलू नेशन आर्ट कलेक्टिव की स्थापना के लिए जाना जाता था, जिसने वैश्विक हिप-हॉप संस्कृति को आकार देने में अहम भूमिका निभाई। अफ्रीका बम्बात्ता का असली नाम किवान मैचाका था और वे 1970 और 1980 के दशक में ब्रेकडांस और हिप-हॉप के विकास में एक अग्रणी हस्ती के रूप में उभरे। उनकी सबसे प्रसिद्ध धुनों में 1982 का “प्लैनेट रॉक” शामिल है, जिसने इलेक्ट्रॉनिक बीट्स और रैप का ऐसा संगम पेश किया जो उस समय के संगीत परिदृश्य को पूरी तरह बदल कर रख दिया। “प्लैनेट रॉक” ने हिप-हॉप संगीत को एक नई दिशा दी और वैश्विक स्तर पर इसकी पहुंच को व्यापक बनाया। अफ्रीका बम्बात्ता का यूनिवर्सल जुलू नेशन आर्ट कलेक्टिव भी बहुत महत्वपूर्ण रहा, जिसने हिप-हॉप को केवल संगीत के रूप में नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक आंदोलन के रूप में स्थापित करने में मदद की। यह समूह युवाओं के लिए एक ऐसा मंच था जहां वे संगीत, कला और सामाजिक चेतना के जरिए अपनी आवाज़ उठा सकते थे। अफ्रीका बम्बात्ता ने अपने संगीत और समुदाय निर्माण के जरिए हिंसा और नशे के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया। उन्होंने संगीत को एक सशक्त माध्यम के रूप में देखा जो सामाजिक बदलाव की दिशा में काम कर सकता है। उनके योगदानों को आज भी संगीतकार और प्रशंसक याद करते हैं और उनके प्रभाव को हिप-हॉप की जड़ों में स्थायी माना जाता है। उनके जाने से हिप-हॉप और इलेक्ट्रॉनिक संगीत के समर्पित फैंस में गहरा शोक व्याप्त है। कई कलाकारों और संगीत जगत के विशेषज्ञों ने अफ्रीका बम्बात्ता को श्रद्धांजलि दी है, उन्हें एक विजनरी और क्रांतिकारी बताया है जिन्होंने संगीत की सीमाओं को पार कर दिया। अफ्रीका बम्बात्ता का निधन न केवल एक कलाकार के रूप में बल्कि एक सामाजिक चिन्तक और प्रेरक के रूप में भी एक बड़ी क्षति है। उनकी विरासत अभी भी युवाओं को प्रेरित करती रहेगी और हिप-हॉप की दुनिया में उनकी जगह सदैव अमिट रहेगी।

रामपाल के जेल से बाहर आने में हो रही देरी:जेल सुपरिटेंडेंट बोले- कोर्ट से नहीं पहुंचे रिहाई डॉक्यूमेंट; काली स्कॉर्पियो में आया परिवार
धर्म एवं यात्रा

रामपाल की रिहाई में देरी: जेल सुपरिटेंडेंट ने बताया, कोर्ट से रिहाई दस्तावेज अभी नहीं मिले; परिवार की काली स्कॉर्पियो में पहुंची

हरियाणा के हिसार जिले में स्थित सतलोक आश्रम प्रकरण में उम्रकैद की सजा भुगत रहे रामपाल की जेल से रिहाई प्रक्रिया में देरी हो रही है। 11 साल 4 माह बाद रामपाल को आज रिहा किया जाना था, लेकिन दोपहर 1:30 बजे तक कोर्ट से रिहाई के आवश्यक दस्तावेज नहीं मिले। इस बाबत जेल के सुपरिटेंडेंट रमेश कुमार ने कहा है कि कोर्ट से दस्तावेज आने में कुछ और समय लग सकता है। बताया जा रहा है कि हत्या के दो मामलों में कोर्ट के आदेश पर रामपाल ने 5-5 लाख रुपए के बेल बॉन्ड जमा किए हैं, जिससे उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ है। वहीं जेल परिसर में दिल्ली नंबर की एक डिफेंडर वाहन के साथ ही काली रंग की स्कॉर्पियो भी पहुंची, जिसमें रामपाल का परिवार मौजूद है। परिवार के आने के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि रामपाल सीधे यहीं से सोनीपत स्थित अपने आश्रम के लिए रवाना हो सकते हैं। सतर्कता के मद्देनजर जिले के कई नाकों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सुरक्षा एजेंसियां हर स्थिति के लिए सतर्क हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। सतलोक आश्रम प्रकरण की पृष्ठभूमि रामपाल को 2014 में हिसार के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में पुलिस और समर्थकों के बीच हुए गंभीर टकराव के बाद गिरफ्तार किया गया था। इस टकराव में महिलाओं और बच्चों समेत छह लोगों की मौत हुई थी। लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद कोर्ट ने लगभग 425 गवाहों की सुनवाई के बाद रामपाल को हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, अन्य एक मामले जिसमें देशद्रोह शामिल है, में रामपाल को जमानत मिली थी। इसी आधार पर और कोर्ट के आदेश के अनुसार 5-5 लाख रुपए के बेल बॉन्ड भी जमा किए गए और उनकी रिहाई होनी थी। रामपाल की रिहाई से जुड़े आगे के अपडेट रामपाल की रिहाई से संबंधित सभी दस्तावेज और औपचारिकताएं कोर्ट से प्राप्त होते ही जेल प्रशासन उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी करेगा। फिलहाल दस्तावेजों की प्रतीक्षा है। यह घटना राजनीति और समाज में चर्चा का विषय बनी हुई है। जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की अफवाह या गलत सूचनाओं से बचने के लिए तत्काल आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है ताकि कानून-व्यवस्था में कोई खतरा न उत्पन्न हो। रिहाई के बाद रामपाल की आगामी गतिविधियों पर भी सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। कहा जा रहा है कि वह सीधे अपने आश्रम लौट सकते हैं, जहां उनके समर्थकों का जमावड़ा हो सकता है। राज्य प्रशासन इस बैठक पर भी पूरी नजर रखे हुए है। अंत में, कोर्ट के आदेश और कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करते हुए, रामपाल की रिहाई को लेकर सभी पक्ष संयम और शांति बनाए रखने का आग्रह कर रहे हैं। आगे की जानकारी प्राप्त होते ही इस खबर को अपडेट किया जाएगा।

Art Unfettered 2026 to showcase the works of five grantees
मनोरंजन

आर्ट अनफेटर्ड 2026 में पांच ग्रांटीज़ के कार्य प्रदर्शित होंगे

सुमनसा फाउंडेशन द्वारा प्रस्तुत, आर्ट अनफेटर्ड 2026 कार्यक्रम का आयोजन इस वर्ष भी कला जगत में नई ऊँचाइयों को छूने के लिए किया जा रहा है। यह आयोजन फाउंडेशन के ग्रांट्स प्रोजेक्ट 2025-26 की समाप्ति के रूप में आयोजित किया गया है, जहां पांच ग्रांटीज़ द्वारा बनाए गए अनूठे और विविध कला कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। यह कार्यक्रम कला के क्षेत्र में नवोदित और स्थापित कलाकारों दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से सुमनसा फाउंडेशन ने युवाओं और प्रतिभाशाली कलाकारों को अपने क्रिएटिव प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए वित्तीय और संसाधन सहयोग प्रदान किया है। आर्ट अनफेटर्ड 2026 में प्रदर्शित होने वाले कार्य विभिन्न शैलियों और माध्यमों में होंगे, जिनमें पेंटिंग, मूर्तिकला, डिजिटल आर्ट सहित कई अन्य शामिल हैं। फाउंडेशन के अनुसार, इन कलाकृतियों में सामाजिक, पारंपरिक और समकालीन विषयों का मेल होता दिखाई देगा जो दर्शकों के लिए एक समृद्ध अनुभव प्रदान करेगा। सुमनसा फाउंडेशन के प्रतिनिधि ने बताया कि ग्रांट्स प्रोजेक्ट का उद्देश्य बड़े और छोटे कलाकारों को समान अवसर प्रदान करना है ताकि वे अपनी कला को समाज के सामने प्रस्तुत कर सकें। यह पहल कला क्षेत्र में नई सोच और नवाचार को प्रोत्साहित करने का प्रयास करती है। कार्यक्रम में भाग लेने वाले कलाकारों ने भी अपनी उत्सुकता व्यक्त की है कि यह आयोजन उनके काम को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने में सहायक होगा। दर्शकों को यहां पर कला के प्रति नई समझ और प्रेरणा प्राप्त होगी, जिससे कला प्रेमियों का समुदाय और भी मजबूत होगा। यह आयोजन विभिन्न शहरों के कला प्रेमियों, आलोचकों तथा शिक्षाविदों के लिए भी आकर्षण का केंद्र होगा। कार्यक्रम की सफलतापूर्वक समाप्ति के बाद फाउंडेशन अगले वर्ष के ग्रांट्स प्रोजेक्ट की तैयारियों में लग जाएगा, ताकि अब तक की उपलब्धियों को और विस्तार दिया जा सके।

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