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भाजपा नेता की हत्या में कर्नाटक कांग्रेस MLA को उम्रकैद:2016 के केस में विनय कुलकर्णी समेत 17 को सजा; CBI ने जांच की थी
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भाजपा नेता की हत्या में कर्नाटक कांग्रेस MLA को उम्रकैद: 2016 के केस में विनय कुलकर्णी समेत 17 को सजा; CBI ने जांच की

कर्नाटक के भाजपा नेता योगेश गौड़ा गौदर की हत्या के मामले में बेंगलुरु के स्पेशल कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री विनय कुलकर्णी समेत 17 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी दोषियों पर 30-30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला 2016 में हुई इस हत्या की जांच के बाद आया है, जिसे प्रारंभ में स्थानीय पुलिस देख रही थी, लेकिन बाद में राजनीतिक दबाव के कारण 2019 में जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई थी। दरअसल, 15 जून 2016 को धारवाड़ जिले में बीजेपी नेता और जिला पंचायत सदस्य योगेश गौड़ा की उनके जिम में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी थी और आरोप लगे कि मामले की जांच पर दबाव डाला गया। CBI की जांच में यह मामला गंभीर हो गया और कोर्ट ने 15 अप्रैल को कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी एवं 16 अन्य आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 120B (आपराधिक साजिश) के अंतर्गत दोषी पाया। स्पेशल जज संतोष गजानन भट ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी एक साजिश रचकर योगेश गौड़ा की हत्या में शामिल थे। अदालत ने यह अदालत से स्पष्ट रूप से कहा कि इस हत्या की योजना पूर्व में बनाई गई थी और सभी दोषी इसमें समान रूप से हिस्सा लेने वाले थे। इस सजा के बाद कांग्रेस नेता विनय कुलकर्णी की विधानसभा सदस्यता खतरे में है, क्योंकि कानून के अनुसार दो साल या उससे अधिक की सजा मिलने पर एक जनप्रतिनिधि अयोग्य हो जाता है। विनय कुलकर्णी के अलावा आरोपियों में विक्रम बेल्लारी, कीर्ति कुमार, संदीप सावदत्ती, विनायक कटगी, महाबलेश्वर होंगल उर्फ ​​मुदाका, संतोष सावदत्ती, दिनेश एम, एस अश्वथ, केएस सुनील, नजीर अहमद, शानवाज, के नूतन, सी हर्षित, चन्द्रशेखर इंडी उर्फ ​​चंद्रू मामा, विकास कलबुर्गी और चन्नकेशव तिंगरीकर शामिल हैं। हालांकि, दो आरोपियों वासुदेव रामा नीलेकानी और सोमशेखर न्यामगौड़ा को सबूतों की कमी के कारण बरी कर दिया गया। इस घटना की जांच की शुरुआत में स्थानीय पुलिस ने की, लेकिन राजनीतिक दबाव और जांच में बाधा आने की वजह से मामले की सीबीआई को जिम्मेदारी दी गई। सीबीआई ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच की और अदालत में साक्ष्य पेश किए। इस केस में न्याय देवताओं ने सख्त फैसला सुनाकर कानूनी व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने का संदेश दिया है। योगेश गौड़ा हत्या केस की टाइमलाइन 15 जून 2016 – धारवाड़ में योगेश गौड़ा की उनके जिम में हत्या। 2016-2019 – स्थानीय पुलिस द्वारा प्रारंभिक जांच। 2019 – मामले की जांच CBI को सौंपी गई। 15 अप्रैल 2024 – कांग्रेस विधायक और अन्य 16 आरोपियों को दोषी ठहराया गया। 28 अप्रैल 2024 – दोषियों को उम्रकैद और जुर्माना इत्यादि सजा सुनाई गई। यह फैसला राजनीतिक और अपराध जगत के लिए एक मजबूत संदेश है कि कानून के आगे सभी बराबर हैं। इसके साथ ही, इस केस का निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान न्याय व्यवस्था की साख के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ है। सजा के बाद यदि कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी की सदस्यता रद्द होती है तो उनकी राजनीतिक भविष्य पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। सम्बंधित खबरें तमिलनाडु की मदुरै सेशन कोर्ट ने हाल ही में पिता-पुत्र की हिरासत में हुई मौत के मामले में 9 पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इस मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ (बहुत दुर्लभ) करार दिया और कहा कि यह अत्यधिक बर्बरता और सत्ता के दुरुपयोग का मामला है। यह मामला 2020 का है और छह साल की सुनवाई के बाद यह फैसला आया है। तमिलनाडु की इस घटना में कुल दस आरोपी थे, जिनमें से एक की कोविड के दौरान मौत हो गई थी। इस प्रकार के कड़े फैसलों से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय न्याय व्यवस्था में अपराध के खिलाफ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। न्यायपालिका अपने निर्णयों से समाज में सुरक्षा और विश्वास कायम रखेगी।

संसद के स्पेशल सेशन का आज तीसरा दिन:कल महिला आरक्षण बिल गिरा; प्रियंक बोलीं- पुराना विधेयक लाइए, हम समर्थन को तैयार
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संसद के विशेष सत्र का आज तीसरा दिन: कल महिला आरक्षण बिल हुआ अस्वीकृत; प्रियंका गांधी बोलीं- पुराना विधेयक लाकर समर्थन को तैयार

नई दिल्ली। संसद के विशेष सत्र का आज तीसरा दिन है, जिसमें केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण बिल पर महत्वपूर्ण चर्चा की। इस सत्र को तीन दिन के लिए बुलाया गया था और शुक्रवार को महिला आरक्षण बिल पर मतदान हुआ। हालांकि, सरकार बहुमत हासिल करने में नाकाम रही और बिल पारित नहीं हो सका। इस दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार को वह पुराना विधेयक फिर से तत्काल संसद में पेश करना चाहिए, जिसे पहले सभी पार्टियों ने मिलकर पारित किया था। उन्होंने कहा, “सरकार को सोमवार को ही संसद का सत्र बुलाकर वह पुराना विधेयक पेश करना चाहिए। हम सभी उस विधेयक के पक्ष में मतदान करेंगे और समर्थन देंगे। इससे यह साफ हो जाएगा कि महिला आरक्षण के विरोध में कौन है।” महिला आरक्षण बिल पर वोटिंग में सरकार को दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया, जिससे यह विधेयक अस्वीकृत हो गया। यह बिल महिलाओं को संसद और विधानसभा में कम से कम 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान करता है। इसके पक्ष और विपक्ष में कई तर्क सामने आए। समर्थक इसे महिलाओं के राजनीतिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानते हैं, जबकि विरोधी इसे विभिन्न कारणों से लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताते हैं। संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल पर हुई चर्चा और वोटिंग के दौरान विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने मत व्यक्त किए। विपक्षी दलों ने भी सरकार से आग्रह किया कि महिला आरक्षण पर समान सहमति के साथ कोई समाधान निकाला जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि महिला आरक्षण बिल पर स्थिरता और व्यापक राजनीतिक समर्थन की आवश्यकता है, ताकि महिलाओं के लिए प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके। इसके बिना संसद में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाना चुनौतीपूर्ण होगा। संसद के इस विशेष सत्र के तीसरे दिन की प्रमुख घटनाओं और अपडेट के लिए लोग लगातार ब्लॉग और समाचारों पर नजर बनाए रखे हुए हैं। आने वाले समय में इस बिल और महिला आरक्षण से जुड़ी राजनीतिक प्रक्रियाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस सत्र की समाप्ति के बाद राजनीतिक दलों की रणनीतियां और सरकार की आगामी योजना इस विषय पर उजागर होंगी। महिला आरक्षण बिल का मुद्दा न केवल संसद बल्कि पूरे देश की राजनीति में भी गरमाता रहेगा।

भास्कर अपडेट्स:पुणे एयरपोर्ट पर वायुसेना के विमान के साथ हादसा, रनवे बंद हुआ
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पुणे एयरपोर्ट पर वायुसेना के विमान के साथ हादसा, रनवे अस्थायी बंद

पुणे एयरपोर्ट का रनवे शुक्रवार रात भारतीय वायुसेना (IAF) के एक विमान के हादसे के कारण अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। वायुसेना द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस विमान की हार्ड लैंडिंग के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। हालांकि, एयरक्रू पूरी तरह सुरक्षित बताया गया है और किसी भी नागरिक संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। घटना के तुरंत बाद रनवे को फिर से चालू करने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। पुणे एयरपोर्ट ड्यूल-यूज मॉडल पर काम करता है, जहां नागरिक उड़ानों के साथ-साथ वायुसेना के संचालन भी होते हैं। इसलिए इस तरह की घटनाओं का असर दोनों तरफ होता है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि सामान्य संचालन बहाल होने में लगभग पांच घंटे का समय लग सकता है। इसके कारण नागरिक उड़ानों को कुछ देर के लिए स्थगित या रद्द करना पड़ा है, जिससे यात्रियों को असुविधा हुई है। वायुसेना के एयरक्रू की सुरक्षा पहले की तरह बनी हुई है और वह इस हादसे में सुरक्षित हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि रनवे की मरम्मत के बाद उड़ान सेवाएं यथाशीघ्र पुनः शुरू कर दी जाएंगी। पुणे एयरपोर्ट पर इस हादसे का कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा है, क्योंकि आपात स्थिति से निपटने के लिए टीमें तत्पर हैं। आज की अन्य बड़ी खबरें भारत वियना में वर्ल्ड बॉर्डर सिक्योरिटी कांग्रेस 2026 में शामिल रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत ने ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में 14 से 16 अप्रैल के बीच आयोजित विश्व सीमा सुरक्षा कांग्रेस 2026 में अपनी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा से जुड़ी रणनीतियाँ प्रस्तुत कीं। प्रतिनिधिमंडल ने समुद्री सुरक्षा के लिए अपनाए गए प्रभावी उपायों को वैश्विक मंच पर साझा किया, जिसमें मजबूत और लचीले समुद्री शासन तंत्र के निर्माण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। चारधाम यात्रा: पहले दिन 18.25 लाख श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया चारधाम यात्रा के लिए 2713 श्रद्धालुओं ने शुक्रवार को ऑफलाइन पंजीकरण करवाया। ऑनलाइन पंजीकरण भी जारी है, जिसमें अब तक करीब 18.23 लाख श्रद्धालु पंजीकृत हो चुके हैं। पहली बार आयोजित मैनुअल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के तहत श्रद्धालुओं को विभिन्न ट्रांजिट पॉइंट्स पर सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उदयपुर में पेंट की दुकान में भीषण आग राजस्थान के उदयपुर में आरके सर्कल के पास एक पेंट की दुकान में शुक्रवार को भीषण आग लग गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने तीव्र कार्रवाई कर आग पर काबू पा लिया। घटना में किसी भी प्रकार का मानव जीवनहानि की सूचना नहीं है। आग लगने के कारणों की जांच जारी है। दक्षिण दिल्ली के चितरंजन पार्क में पिता-पुत्र की चाकू से हत्या चितरंजन पार्क के एक अपार्टमेंट में हुए इस वारदात में राकेश सूद और उनके बेटे करण सूद की हत्या पैसे के विवाद में की गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को संदेह है कि इसमें दो से अधिक लोगों का हाथ हो सकता है। मृतकों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुणे एयरपोर्ट पर हुई इस अप्रत्याशित घटना ने नागरिक और वायुसेना दोनों पर प्रभाव डाला है। अधिकारियों ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और नवीनतम सूचनाओं के लिए एयरपोर्ट की वेबसाइट व सोशल मीडिया चैनलों को फॉलो करने का अनुरोध किया है। एयरपोर्ट संचालन सामान्य होने तक आवश्यक सुरक्षा मानदंडों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।

पीएम मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे:महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल पर बात कर सकते हैं
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पीएम मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे, महिला आरक्षण बिल पर संभावित चर्चा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे देश को एक महत्वपूर्ण संबोधन करेंगे। हालांकि अभी संबोधन के विषय को आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि वे महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल को लेकर अपने विचार साझा कर सकते हैं। यह संबोधन टीवी और डिजिटल माध्यमों पर सीधे प्रसारित किया जाएगा। बीते शुक्रवार को लोकसभा में केंद्र सरकार का 131वां संविधान संशोधन बिल, जो संसद की सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान लेकर आया था, पास नहीं हो पाया। इस बिल के पक्ष में 298 सांसदों ने मतदान किया जबकि 230 विपक्ष में थे। कुल 528 सांसदों ने वोट डाला, लेकिन आवश्यक दो-तिहाई बहुमत 352 वोटों का हासिल न हो पाने के कारण यह बिल 54 वोटों से असफल रहा। यह मोदी सरकार का 12 साल के शासन काल में पहली बार ऐसा अनुभव है जब कोई सरकारी बिल सदन में पास नहीं हो पाया। सरकार ने अन्य दो बिलों पर वोटिंग कराने से भी इनकार किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि ये बिल भी मुख्य बिल से जुड़े होने के कारण अलग से वोटिंग की आवश्यकता नहीं है। इससे पहले सरकार ने लोकसभा में महिला आरक्षण, परिसीमन और सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए तीन महत्वपूर्ण बिल पेश किए थे। महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के अंतर्गत लोकसभा और राज्य विधानसभा में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जानी थीं। हालांकि, इस आरक्षण को लागू करने के लिए परिसीमन की प्रक्रिया आवश्यक है, जिसमें सीमाओं और सीटों की संख्या का निर्धारण होता है। नया परिसीमन आयोग इस कार्य को पूरा करेगा और तब ही महिला आरक्षण लागू हो सकेगा। अभी इस प्रक्रिया में देरी के कारण यह आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव में लागू नहीं हो पाएगा, बल्कि 2034 से प्रभावी होगा। यह ध्यान देने योग्य है कि दो दशकों के बाद पहली बार कोई सरकारी विधेयक संसद में गिरा है। 2002 का आतंकवाद निवारण अधिनियम (पोटा) के बाद यह घटना अब सामने आई है। महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर उठे सवालों ने राजनीतिक बहस को तूल दिया है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस विषय पर टिप्पणी करते हुए कहा कि संसद में बिल गिरना लोकतंत्र की जीत है। उनका आरोप था कि सरकार सीटों की संख्या बढ़ाकर सत्ता में बने रहने की भूख रखती है और महिला आरक्षण को भी राजनीतिक हथियार बनाया जा रहा था। उन्होंने कहा, ‘हमें महिला विरोधी कहकर मसीहा नहीं बन सकते।’ सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने 17 अप्रैल को सोशल मीडिया के माध्यम से राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करने की अपील भी की थी। इसके बावजूद यह बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका, जिससे राजनीति की दुनिया में नई गहमागहमी पैदा हो गई है। विश्लेषकों के अनुसार इस बिल के असफल होने से सरकार को आगामी जनगणना परिणामों के बाद परिसीमन और महिला आरक्षण को लागू करने में लंबा वक्त लग सकता है। इससे 2029 के लोकसभा चुनावों में महिला आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाएगा, जो राजनीतिक दलों की रणनीति पर भी असर डाल सकता है। देशभर के मीडियाकर्मियों और आम जनता की निगाहें आज के प्रधानमंत्री के संबोधन पर टिकी हैं कि वे इस संवेदनशील विषय पर कितनी स्पष्टता से अपनी सोच पेश करते हैं। सरकार की आगामी रणनीतियां और ऐलान राजनीतिक हलकों में बड़ी उत्सुकता का विषय रहेगा।

पंजाब-चंडीगढ़ दिनभर,10 बड़ी खबरें:AAP मंत्री के घर से 2 बैग भर ले गई ED; कनाडा से 9 हजार पंजाबी डिपोर्ट होंगे; युवती की अंडरगारमेंट में बीच सड़क मॉडलिंग
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AAP मंत्री के घर से ED ने 2 बैग जब्त किए; कनाडा से 9 हजार पंजाबी डिपोर्ट होंगे; युवती की सड़क पर अंडरगारमेंट में मॉडलिंग

आम आदमी पार्टी के मंत्री संजीव अरोड़ा के घर समेत कुल 13 स्थानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने छापेमारी की। मंत्री के परिजन और कर्मचारी भी पूछताछ के दायरे में आए। इस रेड में मंत्री के घर से दो बड़े बैग सामग्री लेकर टीम निकलती नजर आई। इसी के साथ पंजाब और चंडीगढ़ के 10 चुने हुए बड़े समाचारों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत है। 1. AAP मंत्री संजीव अरोड़ा के घर लगभग 29 घंटे चली रेड संजय अरोड़ा के घर, व्यापारिक परिसरों व उनके सहयोगियों के ठिकानों पर ED ने करीब 29 घंटे की छापेमारी की। जांच एजेंसी को शक है कि मंत्री अवैध सट्टेबाजी के लिए राजनीतिक संरक्षण प्रदान कर अवैध लाभ उठा रहे हैं। साथ ही कंपनियों के जरिये मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं। इस कार्रवाई में कई फर्जी निर्यात बिल, फंड राउंड-ट्रिपिंग और जीएसटी फर्जीवाड़े की जांच भी शामिल है। 2. अमृतसर में 450 करोड़ मूल्य की ड्रग्स के साथ दो तस्कर पकड़े गए पुलिस ने 64.62 किलोग्राम हेरोइन के साथ दो आरोपी गिरफ्तार किए हैं। जांच में यह ड्रग पाकिस्तान से लाई गई बताई जा रही है। मामला SSOC अमृतसर में दर्ज है और पुलिस दंगे के तार नेपाल और पाकिस्तान आधारित गिरोहों से जोड़ रही है। पंजाब DGP गौरव यादव ने इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को समाप्त करने का आश्वासन दिया है। 3. डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड हटाने की समय सीमा बढ़ाई गई यूनियन टेरिटरी प्रशासन ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट को सूचित किया है कि डंपिंग ग्राउंड को मई के पहले सप्ताह तक हटाने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन ने बेमौसम बारिश को देरी का कारण बताया है। वहीं अदालत में याचिकाकर्ता द्वारा दस्तावेजों में कथित हेराफेरी का आरोप भी लगाया गया है। 4. चंडीगढ़ में आधा घंटे तक बिना हिले-डुले खड़ा रहा युवक एक युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वह करीब 30 मिनट तक पूरी तरह स्थिर खड़ा दिखा। उसके हाथ में बीड़ी है और उसकी आंखें बंद हैं। स्थानीय लोग इसे जॉम्बी ड्रग्स के प्रभाव से जोड़ रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक की पहचान करने का प्रयास जारी है। 5. जंजीरों से बंधी मां को महिला आयोग ने छुड़ाया अमृतसर के ग्रीन एवेन्यू में जंजीरों से बंधी महिला को महिला आयोग की पहल पर पुलिस ने रिहा कर वृद्धाश्रम में शिफ्ट किया। महिला के बेटे व बहू के बीच विवाद की खबरें भी सामने आई हैं। जंजीरों में बंधने की स्थिति और महिला के इलाज की व्यवस्था करवाई गई है। 6. फिनाइल पीने वाली महिला के साथी पूर्व सरपंच ने किया सफाई कपूरथला में फिनाइल पीने का वीडियो वायरल होने के बाद महिला के साथी और पूर्व सरपंच रविंदर कुमार बब्बी ने बयान जारी किया। उन्होंने आरोप लगाए कि महिला ने कई बार ऐसे ड्रामे किए हैं और उनके साथ भी मजबूरन नहीं बल्कि महिला की सहमति से समय गुजारा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 7. विदेश भेजने में धोखाधड़ी का खुलासा, एक स्पॉन्सरशिप पर 10 से अधिक लोगों को भेजा जा रहा पंजाब में विदेश भेजने के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक महिला ने खुलासा किया कि स्थानीय एजेंट फर्जी दस्तावेज बनाकर कनाडा में स्टूडेंट वर्क परमिट में धोखाधड़ी कर रहे हैं। इससे जुड़े कई संदिग्ध मामले इमिग्रेशन ऑडिट में मिले, लेकिन कार्रवाई सीमित रही। 8. पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपरजाइंट्स कल चंडीगढ़ में मुकाबला लड़ेंगे IPL के तहत पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपरजाइंट्स की टीमें चंडीगढ़ पहुंच चुकी हैं। मैच रविवार शाम साढ़े सात बजे आयोजित होगा। प्रशासन ने 8 पार्किंग स्पॉट तैयार किए हैं, जिसमें 3 VIP पार्किंग शामिल हैं। पंजाब के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह पर कप्तानों की नजरें टिकी हुई हैं। पंजाब टीम ने इस सीजन में अभी तक कोई मैच नहीं हारा है। 9. कनाडा में 9 हजार पंजाबी छात्र डिपोर्टेशन के खतरे में कनाडा में नया C-12 बिल पास होने के बाद करीब 9 हजार पंजाबी शरणार्थियों पर डिपोर्टेशन की कार्रवाई संभावित है। इस बिल के तहत उनके शरणार्थी अधिकार खत्म कर दिए गए हैं। छात्रों और अन्य लोगों ने विरोध प्रदर्शन किए हैं। कनाडा सरकार ने वर्क परमिट खत्म होने पर एक साल के भीतर शरण के लिए आवेदन करने को कहा है। 10. लुधियाना में पुल पर अंडरगारमेंट में मॉडलिंग करती युवती का वीडियो वायरल लुधियाना का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें युवती पुल के ऊपर वेस्टर्न ड्रेस के स्थान पर अंडरगारमेंट में मॉडलिंग करती नजर आ रही है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और युवती को समझाने की बात कही गई है। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे खतरनाक ट्रेंड से स्वयं और दूसरों की जान खतरे में पड़ती है। यह सभी खबरें पंजाब-चंडीगढ़ में दिन भर की सबसे महत्वपूर्ण और विश्वसनीय सूचनाएं हैं। अधिक जानकारी के लिए वीडियो के लिंक पर क्लिक कर दिनभर की खबरें देखी जा सकती हैं। धन्यवाद।

CJI बोले- AI से डरने की जरूरत नहीं, संतुलन जरूरी:टेक्नोलॉजी सिर्फ मददगार हो सकती है, जज की जगह नहीं ले सकती
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CJI बोले: AI से डरने की जरूरत नहीं, जरूरी है संतुलन; टेक्नोलॉजी केवल मददगार हो सकती है, जज की जगह नहीं ले सकती

बेंगलुरु। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने शनिवार को बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि न्यायपालिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग आवश्यक है, लेकिन इसके प्रति भय या अधिक निर्भरता से बचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक केवल न्याय प्रक्रिया को मददगार बना सकती है, लेकिन यह न्यायाधीशों की जगह नहीं ले सकती। उन्होंने कार्यक्रम में ‘रीइमैजिनिंग द ज्यूडिशियरी इन द एरा ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ विषय पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि AI के उपयोग में संतुलन बनाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। तकनीक से कार्य तेज और आसान हो सकता है, किंतु कोई भी निर्णय हमेशा इंसानी सोच, अनुभव और संवैधानिक समझ पर आधारित होना चाहिए। CJI ने न्यायिक अधिकारियों से आग्रह किया कि वे तकनीकी प्रगति से प्रभावित न होकर अपनी स्वतंत्र सोच बनाए रखें। कार्यक्रम में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और सुप्रीम कोर्ट के अन्य वरिष्ठ जज भी उपस्थित थे। CJI का AI पर नियंत्रण की बात मुख्य जस्टिस सूर्यकांत ने विशिष्ट रूप से कहा कि जज जटिल मामलों में ध्यान और धैर्य के साथ निर्णय लेते हैं, उसी तरह AI टूल्स का इस्तेमाल भी विवेकपूर्ण होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि AI के माध्यम से फैसले सहायता के रूप में काम करेंगे, लेकिन अंतिम निर्णय की जिम्मेदारी हमेशा मानव न्यायाधीश की होगी। उन्होंने यह भी चेताया कि AI केवल आंकड़ों और एल्गोरिद्म पर निर्भर करता है, इसमें मानवता, नैतिकता और सामाजिक संदर्भ की समझ नहीं होती। अतः अत्यधिक निर्भरता से न्याय प्रक्रिया कमजोर पड़ सकती है। गलत जानकारी और न्याय व्यवस्था पर संभावित प्रभाव CJI ने बताया कि हाल के समय में कई AI आधारित प्लेटफॉर्म्स पर त्रुटिपूर्ण निर्णय, नकली कानूनी संदर्भ और गलत जानकारियां सामने आई हैं, जो न्याय व्यवस्था की नींव को हिला सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गलतियां मामूली नहीं हैं बल्कि न्यायिक प्रणाली के लिए गंभीर खतरा हैं। AI का दुरुपयोग और न्यायालय के समय की हानि सीजेआई ने कहा कि AI का गलत उपयोग कर भ्रामक याचिकाएं और कमजोर दावे बनाकर कोर्ट का समय खराब किया जा सकता है। ऐसे में वास्तविक मामलों पर प्रभाव पड़ता है। इसलिए उन्होंने जोर देकर कहा कि AI से तैयार किसी भी सामग्री की जांच और पुष्टि आवश्यक होगी, क्योंकि इसकी जिम्मेदारी मशीन पर नहीं छोड़ी जा सकती। न्यायिक अधिकारियों को सभी तथ्यों की स्वयं जांच करनी होगी। न्याय एक मानवीय प्रक्रिया उन्होंने कहा कि न्याय एक मानवीय प्रक्रिया है जिसमें अनुभव, सोच और नैतिक मूल्य शामिल होते हैं, जिसे कोई भी तकनीक पूरी तरह से प्रतिस्थापित नहीं कर सकती। वर्तमान में न्यायपालिका बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहां जरूरी है कि तकनीक को अपनाया जाए, लेकिन अपनी पहचान और मूल्यों को बनाये रखा जाए। पूर्व में भी AI पर विचार सीजेआई सूर्यकांत ने इससे पहले भी AI को लेकर अपने विचार व्यक्त किए हैं। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के बेंगलुरु के राष्ट्रीय सम्मेलन-2026 में उन्होंने कहा था कि AI को न्यायिक प्रणाली में इस प्रकार शामिल किया जाना चाहिए जिससे यह व्यवस्था को मजबूत करे, न कि कमजोर। उन्होंने यह भी बताया कि AI बड़ी मात्रा में डेटा संभालने, पैटर्न पहचानने और प्रक्रियाओं में देरी कम करने में मदद कर सकता है, लेकिन फैसले हमेशा इंसानों के हाथ में रहेंगे। इस प्रकार न्यायपालिका में AI का उपयोग भविष्य के लिए आवश्यक है, लेकिन इसके साथ सतर्कता, संतुलन और मानवीय दृष्टिकोण की आवश्यकता बनी रहेगी।

TCS नासिक केस- मानवाधिकार आयोग ने रिपोर्ट मांगी:फरार आरोपी निदा ने खुद को प्रेग्नेंट बताया, कोर्ट से अग्रिम जमानत मांगी
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TCS नासिक केस: मानवाधिकार आयोग ने रिपोर्ट मांगी, फरार आरोपी निदा ने खुद को गर्भवती बताया, कोर्ट से अग्रिम जमानत मांगी

नासिक: महाराष्ट्र के नासिक स्थित TCS कार्यालय में धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों के बीच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के डीजीपी समेत विभिन्न विभागों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। वहीं, इस मामले की मुख्य आरोपी निदा खान, जो फिलहाल फरार है, ने कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दी है और दावा किया है कि वह गर्भवती है। इस बीच, निदा के पिता ने कहा है कि उनकी बेटी के खिलाफ साजिश रची गई है। उन्होंने बताया कि निदा ने कभी शिकायत कर चुकी महिला से सीधे संपर्क नहीं किया और न ही किसी को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया है। परिवार ने यह भी कहा कि वे सभी धर्मों का सम्मान करते हैं और यह मामला नासिक के एक स्थानीय विवाद से जुड़ा है। विशेष जांच टीम (SIT) ने मुंबई के मुंब्रा में निदा के पति से करीब चार घंटे तक पूछताछ की है। पुलिस द्वारा अब तक इस मामले में आठ व्यक्तियों के खिलाफ नौ FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें से सात को हिरासत में लिया गया है। इनमें छह पुरुष तथा एक महिला HR शामिल है। धर्मांतरण का आरोप FIR में नहीं: निदा के वकील बाबा सैयद ने कहा कि FIR में धर्मांतरण का उल्लेख नहीं है। निदा को एक मामले में नामजद किया गया है, परन्तु जुड़ा आरोप धर्मांतरण का नहीं है। TCS का रुख: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, TCS ने 9 अप्रैल को निदा को निलंबित कर दिया था। कंपनी ने इसे गंभीर मामला बताया है और निदा के सभी सिस्टम एक्सेस बंद कर दिए गए हैं। निदा ने दिसंबर 2021 में कंपनी जॉइन की थी और वह प्रोसेस एसोसिएट के पद पर कार्यरत थीं। SIT की जांच और आरोप: पुलिस की जांच में सामने आया है कि आठ महिला कर्मचारियों ने अपने सीनियर पर मानसिक और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। ये घटनाएं फरवरी 2022 से मार्च 2023 के बीच की बताई गई हैं। शिकायतों में आरोप है कि कुछ आरोपी शादी का झांसा देकर आपत्तिजनक शारीरिक संबंध बनाते थे, आपत्तिजनक टिप्पणियां करते थे और निजी जीवन में बाधा डालते थे। एक मामले में एक पदाधिकारी ने महिला को नमाज पढ़ने के लिए मजबूर करने और उसके धर्म का अपमान करने का भी आरोप लगा है। कुछ पीड़ितों ने शिकायत की थी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मामला सार्वजनिक हुआ और SIT को जांच सौंपी गई। सीएम देवेंद्र फडणवीस की प्रतिक्रिया: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले को गंभीर बताया और कहा कि सरकार पूरे मॉड्यूल का पर्दाफाश करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और इस मामले की गहन जांच हेतु केंद्रीय एजेंसियों की मदद भी ली जा रही है। यह मामला नासिक के IT क्षेत्र के माहौल और महिला सुरक्षा पर चिंता जताने वाला है। सरकार और पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई से उम्मीद है कि पीड़ितों को न्याय मिलेगा और कार्यस्थल पर यौन और मानसिक उत्पीड़न जैसी घटनाओं पर रोक लगेगी। अधिक पढ़ें: नासिक TCS में यौन शोषण और धर्मांतरण केस के पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय था, जिसमें विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर नई कर्मचारियों को निशाना बनाया जाता था। शिकायत करने पर मैनेजर द्वारा फटकारे जाने की बात भी सामने आई है।

पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की मांग खारिज:SC ने कहा- असम कोर्ट जाएं; खेड़ा बोले- क्या मैं अपराधी हूं?
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पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की मांग सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की, कहा असम कोर्ट का रुख करें; खेड़ा ने जताई चिंता- क्या मैं अपराधी हूं

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की मांग को खारिज कर दिया। कोर्ट ने उन्हें निर्देश दिया कि वे अपनी याचिका असम की स्थानीय अदालत में दायर करें। सुनवाई के दौरान खेड़ा ने अदालत से कुछ अतिरिक्त दिन देने का अनुरोध किया, क्योंकि असम की अदालतें फिलहाल बंद हैं। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या मैं कोई अपराधी हूं, जिसको इतनी भी राहत नहीं मिल सकती?” जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की बेंच ने इस मांग को ठुकराते हुए कहा कि खेड़ा को अपनी याचिका असम की अदालत में प्रस्तुत करनी होगी। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा से जुड़े आरोपों पर आधारित है। 5 अप्रैल को पवन खेड़ा ने आरोप लगाया था कि हिमंता बिस्वा सरमा के पास एक से अधिक पासपोर्ट और विदेशी संपत्तियां हैं, जिनका उल्लेख उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में नहीं किया। इस आरोप के दो दिन बाद असम पुलिस ने दिल्ली में उनके आवास पर छापा मारा, हालांकि वह उस समय हैदराबाद में मौजूद थे। पुलिस ने कई दस्तावेज जब्त किए। सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल तुषार मेहता ने दस्तावेजों में गड़बड़ी की बात कही। उन्होंने कहा कि आधार कार्ड के सामने और पीछे की जानकारी अलग-अलग और विरोधाभासी है, जिसे फोरम शॉपिंग करार दिया गया। इस पर खेड़ा की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि उनकी याचिका जल्दबाजी में दाखिल की गई थी, इसलिए गलत दस्तावेज संलग्न हो गए थे, जिन्हें बाद में ठीक कर लिया गया। उन्होंने मामले को मानहानि का बताया और जालसाजी की संभावना से इंकार किया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने दस्तावेजों की असंगतियों को गंभीरता से लिया और जमानत बढ़ाने से इंकार कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस विवादित मामले में खेड़ा को असम की स्थानीय अदालत में जाकर अपनी बात प्रस्तुत करनी होगी। ट्रांजिट अग्रिम जमानत से जुड़ा इतिहास देखें तो 10 अप्रैल को तेलंगाना हाईकोर्ट ने खेड़ा को असम कोर्ट में पेश होने के लिए एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी। असम सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी। मामले का संक्षिप्त विवरण 5 अप्रैल: खेड़ा ने सरमा पर ₹52 हजार करोड़ की संपत्ति, तीन पासपोर्ट होने का आरोप लगाया। 6 अप्रैल: हिमंता बिस्वा सरमा ने ट्विट के जरिए कहा कि जिन दो दुबई अपार्टमेंट का जिक्र कांग्रेस ने किया है, वे मोहम्मद अहमद और फातिमा सुलेमान के हैं। यह जानकारी उन्होंने सच्चाई का पता लगाने वाली जासूसी के माध्यम से जुटाई है। 5 अप्रैल की घटना के तुरंत बाद: हिमंता ने दस्तावेजों में करेल गलतियों जैसे गलत नाम, फोटो और पासपोर्ट डिटेल्स की ओर इशारा किया, जो दस्तावेजों की वास्तविकता पर सवाल उठाते हैं। यह मामला राजनीतिक वरण-विवाद का रूप धारण कर चुका है और अब इसकी सुनवाई असम की अदालतों में होगी। सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट रुख यह संकेत देता है कि केंद्र सरकार की सर्वोच्च अदालत स्थानीय न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र का सम्मान करती है और इस प्रकार मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर करने को प्राथमिकता देती है। खेड़ा के समर्थक इस फैसले को लेकर हैरान हैं, जबकि विपक्ष इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा मान रहा है। अभी बाकी है कि असम की अदालतें कब और किस तरह इस मामले पर सुनवाई करेंगी।

शाह ने समझाया- कैसे लोकसभा की सीटें 850 होंगी:दक्षिण के 5 राज्यों की सीटें 129 से 195 हो जाएंगी; सबसे ज्यादा फायदा यूपी, महाराष्ट्र को
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शाह ने समझाया- लोकसभा की सीटें 850 कैसे होंगी: दक्षिण के 5 राज्यों की सीटें 129 से बढ़कर 195 होंगी; यूपी, महाराष्ट्र को मिलेगा सबसे अधिक लाभ

नई दिल्ली: लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन बिलों पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि परिसीमन के कारण किसी भी राज्य को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने विस्तार से समझाया कि कैसे लोकसभा की सीटें वर्तमान 543 से बढ़ाकर लगभग 850 तक की जा सकती हैं। विपक्ष द्वारा आरोप लगाया जा रहा था कि परिसीमन प्रक्रिया में उत्तरी राज्यों को फायदा होगा और दक्षिणी राज्यों की सीटें कम हो जाएंगी। कांग्रेस ने इसे महिला आरक्षण बिल का बहाना बताते हुए कहा कि यह चोर दरवाजे से परिसीमन लागू करने का प्रयास है। इस बाबत अमित शाह ने विपक्ष की चर्चाओं का खंडन करते हुए यह स्पष्ट किया कि 850 सीटों की संख्या क्यों सामने आई है और इसका क्या मतलब है। शाह ने कहा, “मान लीजिए कुल लोकसभा सीटें 100 हैं, और यदि महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करना है तो सीटें बढ़ाने पर 50% वृद्धि के बाद कुल सीटें 150 हो जाएंगी। जब 150 सीटों का 33% हिस्सा महिलाओं के लिए आरक्षित होगा तो यह लगभग 50 सीटों के बराबर आता है। इसी तर्क के तहत मौजूदा 543 सीटों में 50% की वृद्धि करके लगभग 816-850 सीटों तक पहुंचा जा सकता है, ताकि महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिल सके।” उन्होंने विशेष रूप से दक्षिणी राज्यों की लोकसभा सीटों में वृद्धि का जिक्र करते हुए कहा कि पांच दक्षिणी राज्यों की कुल सीटें वर्तमान में 129 हैं, जो बढ़कर 195 हो जाएंगी। यह दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व में सुधार का संकेत है। तमिलनाडु की सीटें 39 से 59, केरल की 20 से 30, तेलंगाना की 17 से 26 और आंध्र प्रदेश की 25 से 38 तक बढ़ेंगी। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों को भी अतिरिक्त सीटें मिलने की बात सामने आई है। विशेष रूप से महाराष्ट्र को 24 अतिरिक्त लोकसभा सीटें मिलेंगी, जो इसे उत्तर प्रदेश के बाद दूसरे सबसे बड़े प्रतिनिधि वाला राज्य बनाएगी। अमित शाह ने यह भी कहा कि परिसीमन कानून में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह मौजूदा कानून के तहत ही लागू होगा। इसका किन्हीं विंध्य चुनावों पर प्रभाव नहीं पड़ेगा। वे संसद में महिलाओं के लिए समानता और बेहतर प्रतिनिधित्व की बात करते हुए यह भी स्पष्ट करते हुए कह रहे हैं कि संशोधन संसद के संविधान के सात अनुच्छेदों – 55, 81, 82, 170, 330, 332 और 334(A) – में पर्यटित हैं। पार्टी नेताओं ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। प्रधानमंत्री मोदी ने महिला आरक्षण बिल से जुड़े इन संशोधनों को निष्पक्ष एवं संतुलित बताते हुए कहा कि किसी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होगा और वे इसके पूर्ण क्रेडिट विपक्ष को भी देने को तैयार हैं। वहीं, कांग्रेस की प्रियंका गांधी ने महिलाओं पर विवादित टिप्पणियां करने वाले पुरुषों को सावधानी बरतने की चेतावनी दी। इस पूरे मसले पर संसद में विपक्ष और सरकार के बीच तीव्र बहस जारी है, जिसमें महिला आरक्षण की मांग के साथ-साथ सामाजिक न्याय का गंभीर मुद्दा भी जुड़ा हुआ है। अमित शाह की ये व्याख्या इस दावे का जवाब है कि परिसीमन दक्षिण के विकास को रोकने वाला नहीं बल्कि सभी राज्यों को समान प्रतिनिधित्व दिलाने वाला कदम है। लोकसभा की सीटों में प्रस्तावित वृद्धि और महिला आरक्षण बिल के अंतर्गत हो रहे संशोधन पूरे देश की राजनीतिक तस्वीर में नए अध्याय का आरंभ कर सकते हैं। आगामी दिनों में संसद में इस विषय पर विस्तृत चर्चा और सर्वसम्मति की भी संभावना बनी हुई है। इस विषय पर सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह कदम संसद को और अधिक समावेशी, संतुलित और समान अधिकारों वाला बनाने के लिए उठाया जा रहा है, जिससे लोकतंत्र और अधिक सशक्त होगा।

CBSE बोर्ड 10वीं सेशन-1 का रिजल्ट जारी:UMANG एप पर चेक कर सकते हैं मार्कशीट; 15 मई से होंगे सेशन 2
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CBSE बोर्ड 10वीं सेशन-1 का परिणाम घोषित: UMANG एप पर चेक करें मार्कशीट; सेशन 2 15 मई से शुरू

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने 10वीं कक्षा के सेशन 1 का परिणाम आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया है। इस वर्ष 25 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने इस परीक्षा में भाग लिया। उम्मीदवार अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट results.cbse.nic.in और UMANG ऐप के माध्यम से देख सकते हैं। सेशन 1 की परीक्षाएं देशभर के 8,000 से ज्यादा परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गईं। छात्रों को पास करने के लिए थ्योरी और आंतरिक आकलन दोनों में 33% से कम नहीं अंक लाना आवश्यक है। बोर्ड ने इस वर्ष 10वीं कक्षा के लिए नया टू-सेशन बोर्ड परीक्षा प्रणाली अपनाई है। पहला सत्र 17 फरवरी से 11 मार्च 2026 तक समाप्त हुआ, जबकि सेशन 2 के परीक्षा 15 मई से शुरू होकर 1 जून 2026 तक आयोजित की जाएंगी। सेशन 2 की परीक्षाएं उन छात्रों के लिए हैं जो अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं या सेक्शनल फेल हैं। इसमें सुधार के लिए अधिकतम तीन अंक सुधारने का अवसर मिलेगा। यदि किसी छात्र ने दो विषयों में फेल किया है तो वे कंपार्टमेंट कैटेगरी में आ सकते हैं और सेशन 2 की परीक्षा दे सकते हैं। तीन या उससे अधिक विषयों में फेल छात्र अगली मुख्य परीक्षा 2027 में देंगे। CBSE बोर्ड इस बार मेरिट लिस्ट या टॉपर घोषित नहीं करेगा। बोर्ड ने सभी स्कूलों व संस्थानों को निर्देश दिया है कि किसी भी छात्र को स्कूल या जिले का टॉपर घोषित न करें। यह नई नीति छात्रों पर अनावश्यक दबाव कम करने के उद्देश्य से लागू की गई है। सेशन 1 और सेशन 2 परीक्षा दोनों पूरे सिलेबस पर आधारित होती हैं और दोनों परीक्षाओं का प्रारूप समान रहता है। छात्रों को दोनों सत्रों में एक ही परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देनी होगी और प्रैक्टिकल परीक्षाएं केवल एक बार ही दिसंबर-जनवरी के महीने में सम्पन्न होंगी। सेशन 2 की परीक्षा के लिए विद्यार्थियों को अलग से रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा, हालांकि, यदि वे दोनों परीक्षाओं में भाग लेते हैं तो फीस एक साथ रखी जाएगी। महत्वपूर्ण बात यह है कि 10वीं के लिए अब कोई सप्लीमेंट्री परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी, जिससे परीक्षाओं की व्यवस्था और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। छात्र UMANG ऐप पर अपना रिजल्ट ऐसे देख सकते हैं: ऐप खोलें, CBSE सेक्शन में जाएं, 10वीं सेशन 1 रिजल्ट विकल्प चुनें और अपना रोल नंबर भर कर परिणाम डाउनलोड करें। परीक्षा में हिस्सा लेने वाले सभी छात्र अपने स्कोरकार्ड की डिजिटल कॉपी सुरक्षित रख सकते हैं। बोर्ड ने कहा है कि 2025-26 से लागू इस नए टू बोर्ड सिस्टम के द्वारा छात्रों को बेहतर प्रदर्शन के कई विकल्प मिलेंगे, जिससे पढ़ाई में मनोबल भी बढ़ेगा और परिणामों में सुधार होगा। अधिक जानकारी और अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट तथा UMANG ऐप नियमित चेक करते रहें। 10वीं कक्षा सेशन 1 के परिणाम प्रकाशित होने के साथ ही शिक्षा जगत में नई उम्मीदें जग गई हैं और छात्र आगामी सेशन 2 के लिए तैयारियां तेज कर रहे हैं।

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