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April 2026

Trending, धर्म एवं यात्रा

सिरोही: सेंट जोसेफ चर्च में क्रॉस यात्रा और प्रार्थना से गूंजा वातावरण

सिरोही। शहर में गुड फ्राइडे के पावन अवसर पर सेंट जोसेफ कैथोलिक गिरजाघर में गहन श्रद्धा और आस्था के साथ ‘दुख भोग स्मरण’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूरे गिरजाघर परिसर में आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला, जहां श्रद्धालु प्रभु यीशु मसीह के बलिदान को याद करते हुए भाव-विभोर नजर आए। कार्यक्रम की शुरुआत पल्ली पुरोहित फादर जोमी, फादर जोजी थॉमस और फादर जीबीन के नेतृत्व में हुई। उनके मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं ने अनुशासन और श्रद्धा के साथ सभी धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। गिरजाघर के प्रवक्ता रणजी स्मिथ ने जानकारी देते हुए बताया कि क्रॉस यात्रा चर्च के मुख्य द्वार से प्रारंभ होकर परिसर के सामने समाप्त हुई। इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिन्होंने प्रभु यीशु के कष्टों को स्मरण करते हुए 14 विभिन्न स्थानों पर घुटनों के बल बैठकर आराधना की। यह क्रॉस यात्रा ‘स्टेशंस ऑफ द क्रॉस’ के रूप में जानी जाती है, जिसमें प्रभु यीशु के जीवन के अंतिम क्षणों और उनके बलिदान को याद किया जाता है। यात्रा के दौरान वातावरण पूरी तरह शांत और भक्ति से ओतप्रोत रहा। श्रद्धालुओं ने हाथों में क्रॉस लेकर प्रार्थना की और प्रभु यीशु के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कई लोग भावुक होकर प्रार्थना करते नजर आए, जिससे पूरा माहौल आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। क्रॉस यात्रा के समापन के बाद लगभग 10 मिनट के विश्राम के पश्चात गिरजाघर के भीतर प्रार्थना और आराधना कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से पवित्र बाइबल का वाचन किया। बाइबल वाचन में प्रभु यीशु के जीवन, उनके संघर्ष, त्याग और मानवता के लिए दिए गए संदेशों का विस्तार से वर्णन किया गया। श्रद्धालुओं ने ध्यानपूर्वक इन शिक्षाओं को सुना और अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। गिरजाघर के भीतर गूंजती प्रार्थनाओं और भजनों ने वातावरण को और अधिक पवित्र बना दिया। हर ओर शांति, भक्ति और आत्मचिंतन का माहौल नजर आया। ईश्वर में अटूट विश्वास से ही दूर होंगे दुख- फादर जीबीन इस अवसर पर फादर जीबीन ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए प्रभु यीशु के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यीशु मसीह ने अपने जीवन में अनेक कष्टों को सहन किया, लेकिन उन्होंने कभी भी ईश्वर पर विश्वास नहीं छोड़ा। उन्होंने बाइबल के एक महत्वपूर्ण संदेश को साझा करते हुए कहा किवे क्या कर रहे हैं, वे नहीं जानते, उन्हें माफ किया जाए। फादर जीबीन ने बताया कि यह संदेश हमें क्षमा, प्रेम और सहनशीलता की सीख देता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब दुनिया भौतिकवाद की ओर तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में इंसान अपने रिश्तों और समाज से दूर होता जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मनुष्य को अपने जीवन में ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास बनाए रखना चाहिए और दूसरों के साथ प्रेम व सद्भाव का व्यवहार करना चाहिए। फादर जीबीन ने अपने संबोधन में वर्तमान समय की चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के दौर में मनुष्य अपनी भौतिक आवश्यकताओं को पूरा करने की दौड़ में इतना व्यस्त हो गया है कि वह आध्यात्मिकता से दूर होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि समाज में तनाव, अशांति और असंतोष बढ़ता जा रहा है। ऐसे समय में प्रार्थना ही एक ऐसा माध्यम है, जो मनुष्य को शांति, संतुलन और सच्चे मार्ग की ओर ले जा सकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपने जीवन में नियमित रूप से प्रार्थना करें और ईश्वर के प्रति अपनी आस्था को मजबूत बनाए रखें। श्रद्धा, समर्पण और आत्मचिंतन का प्रतीक बना गुड फ्राइडे गुड फ्राइडे का यह आयोजन सिरोही में केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और आध्यात्मिक जागरूकता का एक महत्वपूर्ण अवसर बनकर सामने आया। इस दिन श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु के बलिदान को याद करते हुए अपने जीवन की गलतियों पर विचार किया और बेहतर इंसान बनने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने शांति, प्रेम और भाईचारे का संदेश देते हुए समाज में सदभाव बनाए रखने की कामना की।

पोकरण: जीएसएस में झाड़ियों में लगी भीषण आग, तेज आंधी से भभकी… मचा हड़कंप
जैसलमेर

पोकरण: तेज आंधी के कारण GSS के पास झाड़ियों में लगी आग, मचा हड़कंप

पोकरण कस्बे में स्थित 132 केवी जीएसएस के पास गुरुवार देर शाम में एक भीषण आग लगने की घटना हुई। तेज आंधी के दौरान विद्युत तारों में चिंगारियों के कारण सूखी झाड़ियों में आग फैल गई, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना जोधपुर रोड पर हुई, जहां विद्युत प्रसारण निगम का 132 केवी का जीएसएस स्थित है। इस स्थान से पोकरण कस्बे और आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की जाती है। बताया जा रहा है कि शाम लगभग 7:30 बजे ट्रांसफार्मर और तारों में चिंगारियां उठीं, जिनसे नीचे लगी सूखी झाड़ियों में आग लग गई। तेज हवा और आंधी ने इस आग को तेजी से फैलाने में मदद की। आग ने विकराल रूप अपना लिया और लपटें आसमान की ओर उठने लगीं। धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के लोग चिंतित हो गए और हड़कंप मच गया। हालांकि फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन की टीम ने लगभग आधे घंटे के अंदर आग पर काबू पा लिया। इस घटना के कारण बड़ी दुर्घटना टल गई लेकिन विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और झाड़ियों के आस-पास आग लगने से बचाव के उपाय अपनाने का आग्रह किया है। इसके अलावा बिजली विभाग ने भी कहा कि आवश्यक सुधारात्मक कार्य कर जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। यह घटना सूखी झाड़ियों और तेज हवा के संयोजन के कारण हुई, जो कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहने की जरूरत दर्शाता है।

Trending, उदयपुर, राज्य-शहर

मिडिल ईस्ट जंग का सीधा असर: राजस्थान में तेल के टिन पर महंगाई की मार, 200 रुपए तक उछाल

राजस्थान में ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर अब थाली तक पहुंच गया है। मुंबई तेल के 15 किलो के टिन की कीमतों में करीब 200 रुपए की वृद्धि दर्ज की गई है। इस वृद्धि ने आम जनता के रसोई बजट को प्रभावित किया है। इस रिपोर्ट में हम आपको ताजा तेल के भाव के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। मध्य-पूर्व तनाव का असर भारत की रसोई तक उदयपुर। मध्य-पूर्व में ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति ने न केवल वैश्विक बाजारों को प्रभावित किया है, बल्कि इसका सीधा असर भारतीय बाजारों विशेषकर राजस्थान की आम जनता की रसोई तक पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेल की आपूर्ति में गिरावट के कारण तेल की कीमतों में अचानक वृद्धि दर्ज की गई है। खाद्य तेल की कीमतों में यह उछाल आम जनता के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। विशेषकर 15 किलो के तेल के टिन पर करीब 200 रुपए की बढ़ोतरी ने घरेलू बजट को प्रभावित किया है। यह वृद्धि सीधे तौर पर खाद्य तेल की कम आपूर्ति और बढ़ती मांग के कारण हुई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति मध्य-पूर्व में जारी तनाव के कारण बनी हुई है, जिससे तेल निर्यात प्रभावित हुआ है। राजस्थान के विभिन्न शहरों में, जैसे उदयपुर, जोधपुर, जयपुर, भी इस स्थति के प्रत्यक्ष प्रभाव देखे जा रहे हैं। आम जनता घरेलू आवश्यकताओं के लिए तेल के नए बढ़े हुए दामों को जूझ रही है। व्यापारियों का कहना है कि भविष्य में भी यह मूल्य स्थिर नहीं रहेंगे और अगर मध्य-पूर्व की स्थिति खराब होती रही तो कीमतों में और वृद्धि हो सकती है। सरकारी अधिकारी बाजार की निगरानी कर रहे हैं और वे आने वाले समय में आवश्यक कदम उठाने की तैयारियां कर रहे हैं ताकि आम जनता को ज्यादा परेशान नहीं होना पड़े। वहीं, विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि घरेलू उपयोग की तेल की बचत करे और स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा दिया जाए जिससे बाजार में तेल की कमी को कुछ हद तक रोका जा सके। अंततः, मध्य-पूर्व के इस तनावपूर्ण युद्ध ने न केवल क्षेत्रीय राजनीति को प्रभावित किया है बल्कि खाद्य तेल जैसे जरूरी उपभोक्ता वस्त्रों की कीमतों पर भी गहरा असर डाला है। आम जनता के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, और कीमतों में तेजी के कारण घरेलू बजट पर दबाव बढ़ा है। सरकार और बाजार के संयोजन से ही इस समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।

Jagan alleges corruption in Amaravati project, proposes ‘MAVIGUN’ as alternative
राष्ट्रीय

अमरावती प्रोजेक्ट पर सवाल, जगन बोले—‘माविगुन’ है बेहतर विकल्प

पूर्व मुख्यमंत्री का दावा है कि अमरावती परियोजना में व्यापक भ्रष्टाचार हुआ है और इसपर खर्च की गई राशि अत्यधिक है। उन्होंने ‘माविगुन कॉरिडोर’ को अमरावती के विकल्प के रूप में पेश किया है, जिसे मछलीपट्नम, विजयवाड़ा और गुंटूर को जोड़ते हुए एक प्रमुख आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि माविगुन कॉरिडोर को अमरावती से बहुत कम लागत पर विकसित किया जा सकता है, जो कि राज्य की आर्थिक उन्नति में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अमरावती परियोजना में पारदर्शिता का अभाव और भ्रष्टाचार ने राज्य को आर्थिक रूप से नुकसान पहुँचाया है। माविगुन को लेकर उनका तर्क है कि यह योजना एक कुशल, पारदर्शी और आर्थिक रूप से व्यवहार्य विकल्प है, जो क्षेत्रीय विकास को अधिक तेजी से आगे बढ़ाएगी। माविगुन कॉरिडोर की योजना में मुख्य शहरों को जोड़कर एक मजबूत औद्योगिक और वाणिज्यिक हब स्थापित करने की बात कही गई है। इससे न केवल स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि निवेशकों के लिए भी यह आकर्षक निवेश क्षेत्र बन सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कॉरिडोर के विकास में राज्य सरकार को न्यूनतम खर्च करना पड़ेगा, जो वित्तीय दबाव को कम करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर माविगुन कॉरिडोर की योजना सही रणनीति और प्रभावी प्रबंधन के साथ लागू की जाती है तो यह क्षेत्रीय आर्थिक स्थिरता और विकास में सहायक होगा। इस क्षेत्र में पूर्व में ही कई औद्योगिक इकाइयाँ और व्यापारिक केंद्र मौजूद हैं, जिन्हें जोड़कर एक समेकित आर्थिक इकाई का निर्माण किया जा सकता है। हालांकि, अमरावती परियोजना को लेकर चल रही विवादास्पद स्थिति और वित्तीय असमंजस के बीच माविगुन कॉरिडोर के विकल्प के रूप में प्रस्तुत होने से राज्य में विकास की दिशा में नई बहस शुरू हो गई है। विपक्ष और समाज के विभिन्न वर्ग इस प्रस्ताव को गंभीरता से ले रहे हैं और इस पर विस्तृत चर्चा की उम्मीद है। सरकारी सूत्रों ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सभी विकल्पों पर गहन विचार किया जाएगा और राज्य के विकास के लिए जो भी सबसे उपयुक्त होगा, उसे प्राथमिकता दी जाएगी। इस बीच, माविगुन कॉरिडोर की योजना एक नया आर्थिक मॉडल के रूप में उभर कर सामने आई है। अंततः, माविगुन कॉरिडोर की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इसे कैसे विकसित किया जाता है और क्या यह राज्य के व्यापक आर्थिक लक्ष्यों को पूरा कर सकेगा। वर्तमान परिदृश्य में यह विकल्प नए विकास की संभावनाओं के द्वार खोलता दिख रहा है।

‘Patriot’ postponed: Mammootty-Mohanlal movie gets new release date
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Patriot’ की रिलीज़ टली: अब इस दिन सिनेमाघरों में दिखेगी Mammootty–Mohanlal की जोड़ी

केरल के प्रमुख मलयालम फिल्म उद्योग की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘Patriot’ की रिलीज़ में देरी की घोषणा की गई है। यह फिल्म, जिसमें दो दिग्गज अभिनेता मोहन्लाल और Mammootty मुख्य भूमिका में हैं, को कुछ अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण बाद में रिलीज़ किया जाएगा। फिल्म के निर्माता और निर्देशकों ने सोशल मीडिया के जरिए यह जानकारी साझा की है कि तकनीकी और उत्पादन से जुड़ी वजहों से पहले निर्धारित रिलीज़ तारीख को स्थगित किया गया है। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया है कि फिल्म की गुणवत्ता और प्रस्तुति में किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा। ‘Patriot’ को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है क्योंकि यह पहली बार है जब मालयालम सिनेमा के दो महानायक एक साथ स्क्रीन पर नजर आएंगे। दोनों अभिनेताओं की फैन फॉलोइंग बेहद विशाल है, और फिल्म के पोस्टर और ट्रेलर ने पहले ही काफी चर्चा बटोरी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म की कहानी सामाजिक मुद्दों और देशभक्ति के भाव पर आधारित है, जो दर्शकों को एक महत्वपूर्ण संदेश देने का प्रयास करेगी। फिल्म के निर्देशन और पटकथा में भी काफी मेहनत और रिसर्च की गई है ताकि इसे एक बेहतरीन कृति के रूप में पेश किया जा सके। निर्देशक ने कहा, ‘हम अपनी पूरी टीम के साथ काम कर रहे हैं ताकि फिल्म के हर पहलू में उत्कृष्टता सुनिश्चित की जा सके। देरी हमारे लिए भी निराशाजनक है, लेकिन हम चाहते हैं कि जब यह रिलीज़ हो, तो यह दर्शकों की उम्मीदों पर खरा उतरे।’ फिल्म उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि ‘Patriot’ की देरी का फायदा यह होगा कि टीम और भी बेहतर परिवर्तन कर सकेगी, जिससे अंततः फिल्म का स्तर और भी उन्नत होगा। हालांकि, प्रशंसकों को अब कुछ और इंतजार करना होगा। फिलहाल, मेकर्स जल्द ही नई रिलीज़ तारीख का ऐलान करने वाले हैं। तब तक दर्शक फिल्म से जुड़े अपडेट्स के लिए आधिकारिक चैनलों और सोशल मीडिया पेजों को फॉलो कर सकते हैं।

Ankahi, a supernatural thriller, mirrors social and cultural unease
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अंकही: रहस्य, डर और समाज की अनकही कहानी

नई दिल्ली : थिएटर प्रेमियों के लिए एक खुशखबरी है। आद्यम थिएटर ने अपने नए सीज़न का उद्घाटन रोहित चौधरी द्वारा निर्देशित हिंदी मंचन “द वुमन इन ब्लैक” के साथ किया है, जो कि सुसान हिल के पुस्तक पर आधारित है। यह नाटक 90 मिनट का एक मनोरंजक और रोमांचक मंचन है जो दर्शकों को शुरुआती से अंत तक बांधे रखने में सफल रहा है। “द वुमन इन ब्लैक” एक रहस्यमय और भयानक कहानी प्रस्तुत करता है जो दर्शकों के दिलों में सिहरन भर देने वाला अनुभव कराता है। इस नाटक का हिंदी अनुवाद और मंचन भारतीय दर्शकों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है, जिससे यह शैलीगत और भाषाई दृष्टिकोण से बेहद आकर्षक बना है। आद्य� थिएटर की यह नई शुरुआत इस बात का प्रमाण है कि क्लासिक साहित्य और आधुनिक थिएटर का बेहतरीन संगम दर्शकों को कैसे आकर्षित कर सकता है। इस नाटक के माध्यम से सुसान हिल की उपन्यास की गहराई और रहस्यपूर्ण पहलुओं को हिंदी रंगमंच पर प्रभावशाली रूप से पेश किया गया है। आपके मनोरंजन के साथ-साथ नाटक में अपनाई गई कहानी कहने की शैली और कलाकारों के दमदार अभिनय ने भी दर्शकों के बीच इसे लोकप्रिय बनाया है। रोहित चौधरी द्वारा निर्देशित इस नाटक ने मंचन के हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया है, जिससे इसकी पेशकश श्रोताओं के लिए यादगार बनती है। अध्ययन, साहित्य और प्रदर्शन कला के क्षेत्र में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह नाटक अनिवार्य रूप से देखने योग्य है। आद्यम थिएटर की यह नई पेशकश हिंदी थिएटर प्रेमियों के लिए एक वरदान साबित होगी और आने वाले समय में अधिक ऐसी प्रस्तुतियों का मार्ग प्रशस्त करेगी। यदि आप थिएटरकला में रूचि रखते हैं और मनोरंजन के साथ-साथ विचारशील और संवेदनशील किस्से देखना पसंद करते हैं, तो “द वुमन इन ब्लैक” आपके लिए एक उत्कृष्ट विकल्प है। यह नाटक न केवल भयानक कहानियों का सूत्रधार है बल्कि इसकी प्रस्तुति में भारतीय रंगमंच की नवीनतम पहलुओं को भी देखा जा सकता है। अंततः, आद्यम थिएटर की इस पहल ने हिंदी रंगमंच की समृद्ध विरासत में एक नयी जीवंतता का संचार किया है। यह नाटक दर्शकों को अपनी सीटों से बांध कर रखता है और रंगमंच के जादू की सच्ची परिभाषा को समझने का मौका देता है।

Ajmer Development: अजमेर को मिलेगा विकास का नया इंजन, आईटी पार्क, नई ट्रेनें और पासपोर्ट ऑफिस पर बड़ी पहल
अजमेर

अजमेर की रफ्तार बढ़ेगी: आईटी पार्क, नई ट्रेनों और पासपोर्ट सुविधा का तोहफा

नई दिल्ली: राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने हाल ही में नई दिल्ली में केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात की, जिसमें उन्होंने अजमेर के समग्र विकास के महत्व को रेखांकित किया। इस दौरान उन्होंने अजमेर के लिए कई अहम प्रस्ताव रखे, जिनमें आईटी पार्क की स्थापना, रेलवे सेवाओं का विस्तार, पासपोर्ट कार्यालय के उन्नयन और प्रवासी नागरिकों की सुरक्षा प्रमुख थे। वासुदेव देवनानी ने बताया कि अजमेर को एक नया विकास इंजन देने के लिए आईटी पार्क की स्थापना अत्यंत आवश्यक है। इससे न केवल शहर में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे, बल्कि अजमेर की तकनीकी और आर्थिक प्रगति में भी अभूतपूर्व वृद्धि होगी। उन्होंने आईटी क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने के लिए केंद्र सरकार से समर्थन की अपील की। रेलवे सेवाओं के विस्तार को लेकर भी अहम प्रस्ताव रखे गए। अजमेर से नई और तेज़ ट्रेन सेवाएं जोड़ने, और मौजूदा स्टेशनों के सुविधाओं के सम्यक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे वहां के लोगों को बेहतर यात्रा सुविधा प्राप्त होगी तथा क्षेत्र के पर्यटन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसके अलावा, पासपोर्ट कार्यालय के उन्नयन और विस्तार के लिए भी प्रस्तावित कार्यों पर चर्चा हुई। बेहतर पासपोर्ट सुविधाओं के कारण नागरिकों को पासपोर्ट सेवाओं में तेजी और विश्वसनीयता मिलेगी, जिससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यात्रा में सहूलियत होगी। वासुदेव देवनानी ने प्रवासी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष चिंता व्यक्त की और केंद्र सरकार से इसके लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रवासी नागरिकों को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने भी अजमेर के विकास के लिए इन प्रस्तावों का सकारात्मक स्वागत किया और शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। अजमेर के इस समग्र विकास से न केवल स्थानीय जनता को लाभ मिलेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में भी सुधार होगा। अजमेर की इन पहलों से राज्य की विकास धारा में तेजी आने की संभावना है, और यह शहर जल्द ही राजस्थान के प्रमुख विकास केंद्रों में शुमार हो सकता है।

जैसलमेर प्रशासन में बदलाव, अनुपमा जोरवाल होगी नई जिला कलक्टर
जैसलमेर

जैसलमेर प्रशासन में बड़ा बदलाव, अनुपमा जोरवाल बनीं नई जिला कलक्टर

राजस्थान राज्य सरकार ने प्रशासनिक सुधारों के तहत बड़े स्तर पर 65 आईएएस अधिकारियों के तबादलों का ऐलान किया है। इस फेरबदल के दौरान जैसलमेर जिला प्रशासन में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इस क्रम में जैसलमेर के वर्तमान जिला कलक्टर प्रतापसिंह का तबादला जयपुर किया गया है, जहां उन्हें संयुक्त शासन सचिव, वित्त (व्यय-द्वितीय) के पद पर नियुक्ति मिली है। जैसलमेर में नए जिला कलक्टर के तौर पर अनुभवी आईएएस अधिकारी अनुपमा जोरवाल को तैनात किया गया है। अनुपमा जोरवाल का परिचय प्रशासनिक क्षेत्र में उनके अनुभव और निष्पक्ष कार्यशैली के लिए जाना जाता है, जिसे लेकर जिले व राज्य प्रशासन में उनकी नियुक्ति को सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है। पूर्व कलक्टर प्रतापसिंह ने करीब ढाई वर्षों तक जैसलमेर जिले की जिम्मेदारी संभाली, जो इस क्षेत्र में एक लंबा और उल्लेखनीय कार्यकाल माना जाता है। उनके कार्यकाल के दौरान विकास योजनाओं का क्रियान्वयन हुआ और प्रशासनिक स्तर पर कई सुधार किए गए। राज्य सरकार के इस व्यापक तबादले का मकसद प्रशासन को और अधिक प्रभावी, समर्पित और लोक अनुकूल बनाना है। अधिकारियों के नए पदस्थापनों से उम्मीद की जा रही है कि वे जिले के विकास कार्यों को गति प्रदान करेंगे। अनुपमा जोरवाल की नई जिम्मेदारी के मद्देनजर जैसलमेर के नागरिकों ने उन्हें सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दी हैं। प्रशासनिक दुनिया में बदलाव आम है, लेकिन यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि नए अधिकारी जिला प्रशासन की विरासत को और बेहतर रखें। आइएएस अधिकारियों के इस तबादले से संबंधित अन्य विवरण राज्य सरकार के आगामी आदेशों व घोषणाओं के माध्यम से सार्वजनिक किए जाएंगे, जिससे सरकारी मशीनरी को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।

RPSC SI Admit Card 2026: SI भर्ती परीक्षा के एडमिट कार्ड जारी, ऐसे करें तुरंत डाउनलोड
अजमेर

RPSC SI Admit Card 2026 जारी: अब तुरंत डाउनलोड करें , 5–6 अप्रैल को परीक्षा

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने सब इंस्पेक्टर (SI) और प्लाटून कमांडर (RAC) भर्ती परीक्षा 2026 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। जिन उम्मीदवारों ने इस भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन किया था, वे अब अपने एडमिट कार्ड आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। यह भर्ती कुल 1015 पदों के लिए आयोजित की जा रही है, जिसमें विभिन्न जिलों के लिए सभी पात्र अभ्यर्थी शामिल हैं। सब इंस्पेक्टर और प्लाटून कमांडर के पदों पर चयन के लिए यह परीक्षा 5 और 6 अप्रैल, 2026 को आयोजित की जाएगी। उम्मीदवारों को सुझाव दिया जाता है कि वे एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद परीक्षा स्थल, समय, और अन्य निर्देशों को ध्यान से पढ़ लें। एडमिट कार्ड अभ्यर्थी के लिए परीक्षा में उपस्थित होने के लिए आवश्यक डॉक्यूमेंट है और इसके बिना परीक्षा केंद्र में प्रवेश अनुमत नहीं होगा। RPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रवेश कर, अभ्यर्थी अपनी रजिस्ट्रेशन आईडी एवं जन्मतिथि के माध्यम से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। आयोग ने विशेष रूप से कहा है कि एडमिट कार्ड डाउनलोड करते समय सभी विवरणों की जांच करें ताकि यदि कोई त्रुटि हो तो समय रहते सुधार करवा सकें। महत्वपूर्ण जानकारी: पदों की संख्या: 1015 परीक्षा तिथि: 5 और 6 अप्रैल 2026 एडमिट कार्ड जारी: आधिकारिक वेबसाइट पर जारी डाउनलोड लिंक: RPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जरूरी दस्तावेज: एडमिट कार्ड अनिवार्य रूप से साथ ले जाना इस भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों से अनुरोध है कि वे परीक्षा के दिन कोविड-19 से संबंधित गाइडलाइन का पालन करें और समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंच जाएं। अन्यथा प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार RPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नोटिफिकेशन और निर्देश देख सकते हैं। राजस्थान पुलिस में सब इंस्पेक्टर और प्लाटून कमांडर के रूप में करियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस भर्ती परीक्षा में सफलता पाने के लिए नियमित रूप से तैयारी और समय प्रबंधन करना आवश्यक है। आयोग द्वारा जारी किए गए एडमिट कार्ड को सही तरीके से संभालकर रखें और परीक्षा में सफलता के लिए शुभकामनाएं।

हीटवेव के बीच चुनाव, मतदाता सुरक्षा चुनौती
जयपुर

हीटवेव के दौरान चुनाव: मतदाता सुरक्षा की बड़ी चुनौती

नई दिल्ली: देश में बढ़ती हीटवेव की स्थिति के बीच आगामी चुनावों को लेकर मतदाता सुरक्षा एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय बन गई है। स्वास्थ्य नीति विशेषज्ञ डॉ. महावीर गोलेच्छा, जो कि एम्स दिल्ली एवं लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से प्रशिक्षित हैं, ने इस संदर्भ में आवश्यक सावधानियों और नीतिगत सुझावों को साझा किया है। डॉ. गोलेच्छा के अनुसार, गर्मी की तेज़ लहरें न केवल मतदाताओं की सेहत को प्रभावित कर सकती हैं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी असर डाल सकती हैं। मतदान केंद्र अक्सर खुले या अर्द्ध-खुले स्थानों पर होते हैं जहां तापमान नियंत्रित करना मुश्किल होता है। ऐसे में बूथ पर लंबे समय तक खड़े रहना या लाइन में लगना मतदाताओं के लिए जोखिम भरा हो सकता है। उन्होंने कहा, “सरकारों और चुनाव आयोग को चाहिए कि वे इस स्थिति को गंभीरता से लें और मतदाता केंद्रों पर शीतल पेय, छायादार जगह, प्राथमिक चिकित्सा सुविधा और चिकित्सकीय सहायता की व्यवस्था करें। साथ ही मतदान के समय को भी ऐसा निर्धारित किया जाना चाहिए कि सूरज की तेज धूप से बचाव हो सके।” स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने यह भी सुझाव दिया कि विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं, ताकि वे बिना किसी स्वास्थ्य जोखिम के मतदान कर सकें। इस दिशा में मोबाइल मतदान केंद्रों की तैनाती और ईवीएम के माध्यम से घर-घर मतदान की संभावना पर विचार करना आवश्यक होगा। डॉ. महावीर गोलेच्छा ने बताया कि हीटवेव के दौरान जलजनित बीमारियां और थकान जैसी परेशानियां बढ़ जाती हैं, जिससे मतदान की संख्या पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। अतः चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन को मतदाता जागरूकता अभियानों के साथ-साथ स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। साथ ही, तकनीकी नवाचारों के माध्यम से मतदान प्रक्रिया को सरल और सुरक्षित बनाने पर जोर देना जरूरी है। डिजिटल वोटिंग विकल्पों की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि लोगों को बिना जोखिम लिए मतदान में शामिल होने का अवसर मिले। इस प्रकार, हीटवेव के सशक्त प्रभावों को देखते हुए चुनाव समय पर स्वस्थ और सुरक्षित मतदान सुनिश्चित करना संवैधानिक अवसर एवं लोकतंत्र के लिए अनिवार्य है। डॉ. गोलेच्छा के विचार स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव आयोग की रणनीतियों में बदलाव लाने की प्रेरणा बन सकते हैं ताकि प्रत्येक मतदाता बिना किसी भय या असुविधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके। निष्कर्षतः, यह आवश्यक है कि चुनाव आयोग, स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संस्थाएं मिलकर हीटवेव के दुष्प्रभावों से निपटने के लिए ठोस कदम उठाएं, ताकि लोकतान्त्रिक प्रक्रिया बाधित न हो और मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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