
हरियाणा के हिसार जिले में स्थित सतलोक आश्रम प्रकरण में उम्रकैद की सजा भुगत रहे रामपाल की जेल से रिहाई प्रक्रिया में देरी हो रही है। 11 साल 4 माह बाद रामपाल को आज रिहा किया जाना था, लेकिन दोपहर 1:30 बजे तक कोर्ट से रिहाई के आवश्यक दस्तावेज नहीं मिले। इस बाबत जेल के सुपरिटेंडेंट रमेश कुमार ने कहा है कि कोर्ट से दस्तावेज आने में कुछ और समय लग सकता है।
बताया जा रहा है कि हत्या के दो मामलों में कोर्ट के आदेश पर रामपाल ने 5-5 लाख रुपए के बेल बॉन्ड जमा किए हैं, जिससे उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ है। वहीं जेल परिसर में दिल्ली नंबर की एक डिफेंडर वाहन के साथ ही काली रंग की स्कॉर्पियो भी पहुंची, जिसमें रामपाल का परिवार मौजूद है। परिवार के आने के बाद यह चर्चा तेज हो गई कि रामपाल सीधे यहीं से सोनीपत स्थित अपने आश्रम के लिए रवाना हो सकते हैं।
सतर्कता के मद्देनजर जिले के कई नाकों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सुरक्षा एजेंसियां हर स्थिति के लिए सतर्क हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
सतलोक आश्रम प्रकरण की पृष्ठभूमि
रामपाल को 2014 में हिसार के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में पुलिस और समर्थकों के बीच हुए गंभीर टकराव के बाद गिरफ्तार किया गया था। इस टकराव में महिलाओं और बच्चों समेत छह लोगों की मौत हुई थी। लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद कोर्ट ने लगभग 425 गवाहों की सुनवाई के बाद रामपाल को हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
हालांकि, अन्य एक मामले जिसमें देशद्रोह शामिल है, में रामपाल को जमानत मिली थी। इसी आधार पर और कोर्ट के आदेश के अनुसार 5-5 लाख रुपए के बेल बॉन्ड भी जमा किए गए और उनकी रिहाई होनी थी।
रामपाल की रिहाई से जुड़े आगे के अपडेट
रामपाल की रिहाई से संबंधित सभी दस्तावेज और औपचारिकताएं कोर्ट से प्राप्त होते ही जेल प्रशासन उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी करेगा। फिलहाल दस्तावेजों की प्रतीक्षा है। यह घटना राजनीति और समाज में चर्चा का विषय बनी हुई है।
जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की अफवाह या गलत सूचनाओं से बचने के लिए तत्काल आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है ताकि कानून-व्यवस्था में कोई खतरा न उत्पन्न हो।
रिहाई के बाद रामपाल की आगामी गतिविधियों पर भी सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। कहा जा रहा है कि वह सीधे अपने आश्रम लौट सकते हैं, जहां उनके समर्थकों का जमावड़ा हो सकता है। राज्य प्रशासन इस बैठक पर भी पूरी नजर रखे हुए है।
अंत में, कोर्ट के आदेश और कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करते हुए, रामपाल की रिहाई को लेकर सभी पक्ष संयम और शांति बनाए रखने का आग्रह कर रहे हैं। आगे की जानकारी प्राप्त होते ही इस खबर को अपडेट किया जाएगा।












