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Kerala Assembly polls 2026 | Interviews with key candidates and political leaders
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केरल विधानसभा चुनाव 2026 | प्रमुख उम्मीदवारों और राजनेताओं के साथ साक्षात्कार

केरल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर प्रमुख उम्मीदवारों और राजनेताओं के साथ ‘‘द हिन्दू’’ द्वारा किए गए साक्षात्कारों की एक रिपोर्ट प्रस्तुत है। इस चुनाव में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुख नेता और उम्मीदवार अपनी आगामी रणनीतियों, चुनावी मुद्दों और जनता की अपेक्षाओं पर अपने विचार साझा कर रहे हैं। साक्षात्कारों में मुख्य रूप से यह चर्चा हुई कि प्रदेश की सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान के लिए राजनीतिक दल किस दिशा में काम करना चाहते हैं। उम्मीदवारों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी, और विकास योजनाओं को मुख्य विषय के तौर पर उठाया। कई नेताओं ने कहा कि विधानसभा चुनाव में युवा मतदाताओं की भूमिका अहम होगी, क्योंकि वे प्रदेश के भविष्य के निर्धारक हैं। उन्होंने युवाओं को आश्वस्त किया कि उनके हितों और सवालों को चुनावी एजेंडे का मुख्य हिस्सा बनाया जायेगा। साक्षात्कार में चुनाव आयोग द्वारा चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उपायों पर भी चर्चा हुई। उम्मीदवारों ने मतदाता जागरूकता अभियानों की जरूरत बताई ताकि अधिक से अधिक लोग अपने मत का प्रयोग कर सकें। राजनीतिक दलों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज होने के साथ-साथ ग्रामीण और शहरी मतदाताओं के मुद्दे भी मुख्य फोकस बने हुए हैं। सभी नेताओं ने प्रदेश में विकास और सामाजिक न्याय को प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया। इस चुनाव में उभरती तकनीकों और सोशल मीडिया के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंचने की रणनीतियों का भी वर्णन किया गया। विधानसभा चुनाव 2026 को केरल की राजनीतिक दिशा तय करने वाले एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। अधिक जानकारी और विस्तृत साक्षात्कारों के लिए ‘‘द हिन्दू’’ की विशेष कवर रिपोर्ट पढ़ें, जिससे आप सभी उम्मीदवारों और नेताओं की विचारधारा और योजनाओं से रूबरू हो सकेंगे।

Kerala Assembly Elections 2026 : Seasoned wall artists in Thiruvananthapuram on their role in election campaigning
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केरल विधानसभा चुनाव 2026 : चुनाव प्रचार में थिरुवनंतपुरम के अनुभवी वॉल कलाकारों की भूमिका

केरल विधानसभा चुनाव 2026 नजदीक आते ही चुनाव प्रचार की तैयारियां जोरों पर हैं। थिरुवनंतपुरम के अनुभवी वॉल कलाकार इस बार भी चुनावी वॉल पेंटिंग और पोस्टर डिजाइनिंग के माध्यम से अभियान को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उनका हुनर और कला न केवल जनसंपर्क का साधन बन रही है, बल्कि वे चुनावी संदेशों को प्रभावशाली ढंग से आम जनता के बीच पहुंचाने का जरिया भी हैं। वॉल आर्टिस्टों के अनुसार, चुनाव प्रचार में उनकी महत्ता केवल दीवारों को रंगने तक सीमित नहीं है। उनका उद्देश्य जनता को सही सूचना देना, चुनावी मुद्दों को उजागर करना और सकारात्मक माहौल बनाना होता है। वे अक्सर स्थानीय मुद्दों और पार्टियों के आदर्शों को अपने चित्रों और पोस्टर्स में दर्शाते हैं, जिससे जनता आसानी से जिम्मेदार और जागरूक फैसले ले सके। थिरुवनंतपुरम के वरिष्ठ वॉल आर्टिस्ट राजेश का कहना है, “हमारे लिए यह सिर्फ कला नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है कि हम समाज तक सही संदेश पहुंचाएं। चुनावी समय में यह भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि दीवारों पर बने चित्र युवाओं और आम जनता का ध्यान आकर्षित करते हैं।” कुछ कलाकारों का यह भी कहना है कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें विभिन्न राजनीतिक दलों से काम मिलता है, लेकिन वे हमेशा निष्पक्ष और तथ्यात्मक रहने की कोशिश करते हैं। उन्हें अपने कार्य से जो सन्तुष्टि मिलती है, वह इन्हें इस क्षेत्र में निरंतर जुड़ा रहने के लिए प्रेरित करती है। वॉल आर्टिस्टों का यह भी मानना है कि डिजिटल युग में भी लोकल आर्ट का अपना प्रभावी स्थान है। चुनाव प्रचार में सोशल मीडिया के साथ पारंपरिक माध्यमों जैसे दीवार पेंटिंग का जुड़ाव जनता के मन में रिस्पॉन्स बढ़ाने में कारगर होता है। इस तरह, थिरुवनंतपुरम के ये अनुभवी कलाकार न केवल कला के माध्यम से चुनावी संदेशों को जन जन तक पहुंचा रहे हैं, बल्कि लोकतंत्र की जड़ें मजबूत करने में भी योगदान दे रहे हैं। चुनाव 2026 के दौरान उनकी रचनात्मकता और मेहनत निश्चित रूप से कांग्रेस, भाजपा समेत अन्य दलों की रणनीतियों को गति देगी।

Tamil Nadu missed out on Central government schemes because DMK saw BJP as an enemy, says G.K. Vasan
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तमिलनाडु ने केंद्र सरकार की योजनाओं से वंचित रह गया क्योंकि DMK ने BJP को दुश्मन माना: जी.के. वासन

तमिलनाडु में केंद्र सरकार की योजनाओं से वंचित रहने का कारण DMK का भाजपा को दुश्मन मानना है, ऐसा कहना है पूर्व केंद्रीय मंत्री और तामिल मक्कल कांग्रेस (TMC (M)) के अध्यक्ष जी.के. वासन का। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहयोग की कमी के कारण तमिलनाडु की जनता अधूरी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाई है। जी.के. वासन ने आगे कहा कि चुनाव के लिए तमिलनाडु की जनता की सुरक्षा, खासकर महिलाओं की सुरक्षा, सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में विकास तभी संभव है जब केंद्र और राज्य सरकारें एक साथ मिलकर काम करें। उनका यह भी मानना है कि द्वि-इंजन सरकार होनी चाहिए, जिसमें दोनों सरकारें विकास कार्यों में सहयोग करें। उन्होंने आरोप लगाया कि DMK राज्य में वोट बैंक की राजनीति के चलते केंद्र से विकास योजनाओं को रोक रही है, जो कि पूरी तरह से राज्य की प्रगति के विरुद्ध है। वासन ने केंद्र सरकार की योजनाओं और नीतियों को राज्य में लागू कराने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया, जिससे तमिलनाडु के लोगों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। इसके अलावा, उन्होंने तमिलनाडु की महिलाओं की सुरक्षा को सबसे अहम थाना बताया और कहा कि यह चुनाव केवल राजनीतिक फायदे के लिए नहीं, बल्कि जनता की भलाई के लिए होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी पार्टी जो केंद्र सरकार के साथ तालमेल करके कार्य करे, वह तमिलनाडु के विकास में सहायक होगी। अंत में, जी.के. वासन ने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे व्यक्तिगत और राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर जनता की सेवा में सहयोग करें और राज्य के विकास को प्राथमिकता दें। उन्होंने इससे पहले भी कई मौकों पर केंद्र और राज्य सरकारों के बेहतर तालमेल की वकालत की है। उनकी यह बात तमिलनाडु में आगामी चुनावों के माहौल को और भी विस्फोटक बना सकती है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं और राजनीतिक दल जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में लगे हुए हैं। तमिलनाडु की जनता के लिए यह चुनाव विकास और सुरक्षा दोनों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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