Hot News

धर्म एवं यात्रा

114 नए राफेल स्वदेशी मिसाइलों से लैस होंगे:18 जेट फ्रांस में, 96 भारत में बनेंगे; कंपनी ने सोर्स कोड देने से इनकार किया
धर्म एवं यात्रा

114 नए राफेल जेट्स स्वदेशी मिसाइलों से लैस होंगे: 18 फ्रांस में और 96 भारत में बनेगा; कंपनी ने सोर्स कोड देने से इनकार किया

  भारत फ्रांस से 114 नए राफेल फाइटर जेट खरीदने जा रहा है, जिसमें से 18 जेट सीधे फ्रांस से फ्लाई-अवे कंडीशन में मिलेंगे और बाकी 96 जेट भारत में बनाए जाएंगे। ये सभी जेट उच्च तकनीक वाली स्वदेशी मिसाइलों और हथियार सिस्टम से लैस होंगे, जो भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता को काफ़ी मजबूत करेंगे। हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार, इंटरफेस कंट्रोल डॉक्यूमेंट (ICD) के जरिए राफेल जेट्स और स्वदेशी हथियार आपस में इंटीग्रेट होंगे। रक्षा मंत्रालय अगले महीने फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी करेगा, जिसके बाद डील के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर बातचीत शुरू होगी। यह सौदा पहले ही फेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने 12 फरवरी को मंजूरी दे दी है। इस डील में 25% कलपुर्जे भारत में तैयार किए जाएंगे, जिससे मेक इन इंडिया पहल को भी बल मिलेगा। रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया है कि फ्रांस ने राफेल जेट का सोर्स कोड साझा करने से साफ इनकार किया है। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी देश का फाइटर जेट का सोर्स कोड उसकी सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील होता है, जो रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, टारगेट ट्रैकिंग और हथियार सिस्टम को नियंत्रित करता है, इसलिए इसे साझा नहीं किया जाता। हालांकि, इसका डील पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह ध्यान देने योग्य है कि रूस और अमेरिका भी अपने फाइटर जेट्स के सोर्स कोड अन्य देशों के साथ साझा नहीं करते। भारत ने रूस से 5वीं पीढ़ी के Su-57 जेट के लिए प्रस्ताव प्राप्त किए हैं और साथ ही Su-30 MKI को अपग्रेड करने में भी सहयोग कर रहा है, लेकिन रूस ने भी सोर्स कोड शेयर नहीं किया। अमेरिका का रुख भी समान रहा है, और भारत के पास मौजूद अमेरिकी ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और अटैक हेलिकॉप्टर के सॉफ्टवेयर कोड भी साझा नहीं किए गए हैं। भारतीय वायुसेना ने सितंबर 2025 तक 114 अतिरिक्त राफेल जेट की मांग रक्षा मंत्रालय को भेजी थी। फिलहाल एयरफोर्स के पास 36 राफेल विमान हैं और भारतीय नौसेना ने 26 मरीन वेरिएंट राफेल का ऑर्डर दिया है। एक समान प्लेटफॉर्म के अधिक संख्या में होने से रखरखाव लागत में कमी आएगी और ऑपरेशनल क्षमता भी सुधरेगी। अंबाला एयरबेस पर राफेल के प्रशिक्षण और मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) सेंटर पहले से सक्रिय हैं। वायुसेना के पास दो स्क्वाड्रन में 36-38 विमान शामिल करने के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पेयर पार्ट्स और प्रशिक्षित स्टाफ भी उपलब्ध हैं। इन सौदों के बाद भारत के राफेल विमान बेड़े की कुल संख्या 176 हो जाएगी। अभी तक 36 राफेल विमानों को शामिल किया जा चुका है जबकि नौसेना के 26 मरीन वेरिएंट फ्रांस से मंगाए जा रहे हैं। इन्हें देश के प्रमुख एयरबेस जैसे अंबाला और हैशिनारा से संचालित किया जाता है। 2016 में भारतीय वायुसेना और फ्रांस के बीच हुए पहले समझौते की कुल लागत लगभग 58,000 करोड़ रुपये थी। राफेल मरीन विमानों में एयरफोर्स के राफेल की तुलना में एडवांस फीचर्स मौजूद हैं, जो समुद्री अभियानों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए हैं। यह सौदा भारत का अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदा माना जा रहा है, जिसकी कुल कीमत लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। कुल मिलाकर, यह नया राफेल डील भारतीय वायुसेना की लड़ाकू ताकत में अभूतपूर्व इजाफा करेगा और साथ ही भारत के रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को भी बढ़ावा देगा। आने वाले वर्षों में यह समझौता रक्षा क्षेत्र को तकनीकी दृष्टि से और मजबूत बनाने में मद्दगार साबित होगा।

'शांति से ₹15,000 देते रहो, खुश रहो':सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी से 16 साल से अलग रह रहे पति से कहा, तलाक देने से इनकार
धर्म एवं यात्रा

‘शांति से ₹15,000 देते रहो, खुश रहो’: सुप्रीम कोर्ट ने 16 साल से अलग रहे पति को तलाक से किया इनकार

  सुप्रीम कोर्ट ने 16 साल से पत्नी से अलग रहने वाले 54 वर्षीय पति की तलाक याचिका को खारिज किया है। इस दौरान कोर्ट ने पति को निर्देश दिया कि वह अपनी पत्नी को ₹15,000 मासिक गुजारा भत्ता नियमित रूप से देते रहें। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि पति तलाक चाहते हैं, तो उन्हें स्थायी गुजारा भत्ते का ठोस प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि आज के समय में ₹15,000 की राशि बहुत कम है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा, “शांति से ₹15,000 देते रहो, खुश रहो।” इससे पहले इस व्यक्ति की तलाक याचिका हाईकोर्ट ने भी खारिज कर दी थी। पति-पत्नी के बारे में और अधिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि पति द्वारा बताई गई क्रूरता की बात केवल इतनी है कि पत्नी चाहती थी कि वह अपने पति के साथ रहें, चाहे वह जहां भी पोस्टेड हों। कोर्ट ने इस आधार पर सवाल उठाया कि इसमें क्या परेशानी है। वहीं, पत्नी के वकील ने कोर्ट को बताया कि वह स्थायी गुजारा भत्ता नहीं चाहती हैं और अपने पति के साथ रहना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि दंपति की कोई संतान नहीं है और फिलहाल पत्नी अपनी मां के साथ रह रही हैं। कोर्ट ने मामला खारिज नहीं किया बल्कि दोनों पक्षों को स्थायी गुजारा भत्ते की राशि तय करने के लिए समय दिया है। अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी। कोर्ट गुजारा भत्ते के लिए किन आधारों पर फैसला करता है CrPC की धारा 125: यदि पत्नी अपना खर्च नहीं उठा सकती हैं, तो पति से गुजारा भत्ता दिलाया जा सकता है। हिंदू मैरिज एक्ट की धारा 24/25: केस के दौरान और मुकदमे के बाद स्थायी गुजारा भत्ता तय होता है। यह फैसला घरेलू संबंधों और कानूनी सहायता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण मान्यता दर्शाता है, जहां कोर्ट पत्नी को आर्थिक सुरक्षा देने पर जोर दे रहा है। संबंधित खबर: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केवल हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के लोग ही अनुसूचित जाति का दर्जा प्राप्त कर सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य धर्म जैसे ईसाई धर्म में धर्म परिवर्तन करता है तो उसका अनुसूचित जाति का दर्जा समाप्त हो जाएगा।

गगनयान मिशन का दूसरा क्रू मॉड्यूल टेस्ट सफल:चिनूक हेलिकॉप्टर से 3 किमी ऊंचाई से छोड़ा गया; पैराशूट के साथ समुद्र में सेफ लैंडिंग
धर्म एवं यात्रा

गगनयान मिशन के दूसरे क्रू मॉड्यूल टेस्ट में सफलता हासिल: चिनूक हेलिकॉप्टर से 3 किमी ऊंचाई से छोड़ा गया, पैराशूट के सहारे समुद्र में सुरक्षित लैंडिंग

  भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता दर्ज की है। शुक्रवार को ISRO ने दूसरा इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-1) सफलता पूर्वक पूरा किया। इस टेस्ट का मुख्य उद्देश्य पैराशूट प्रणाली की प्रभावशीलता और विश्वसनीयता की जांच करना था, जो मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित वापसी में अहम भूमिका निभाएगा। टेस्ट के दौरान लगभग 5.7 टन वजनी डमी क्रू कैप्सूल को वायुसेना के चिनूक हेलिकॉप्टर से 3 किलोमीटर ऊंचाई से छोड़ा गया। कैप्सूल ने पैराशूट के माध्यम से सुरक्षित रूप से समुद्र में लैंड किया। यह टेस्ट पिछले आठ महीनों में दूसरा एयर ड्रॉप टेस्ट था, पहला टेस्ट 24 अगस्त 2025 को संपन्न हुआ था। यह परीक्षण गगनयान मिशन की तैयारी की दिशा में एक बड़ा कदम है। गगनयान मिशन भारत का पहला मानवयुक्त अंतरिक्ष मिशन है, जिसमें 2027 में तीन भारतीय पायलट अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे। ये पायलट तीन दिन तक 400 किलोमीटर की कक्षा में रहेंगे, उसके बाद स्पेसक्राफ्ट हिंद महासागर में सुरक्षित रूप से लैंड होगा। मिशन की कुल लागत लगभग 20,193 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है। फिलहाल इसरो ने वायुसेना के चार पायलटों को चुना है, जिनमें ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भी शामिल हैं। शुभांशु शुक्ला पहले ही इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर 18 दिन बिताकर अपने अनुभव से इस मिशन को मजबूती प्रदान कर चुके हैं। गगनयान मिशन की तैयारियां लॉन्च व्हीकल (HLVM3) तैयार: इंसान को अंतरिक्ष में ले जाने वाले इस रॉकेट की सिक्योरिटी और अन्य टेस्टिंग पूरी हो चुकी है। इसे पहले GSLV Mk III के नाम से जाना जाता था जिसे अपग्रेड किया गया है। एस्ट्रोनॉट्स का चयन और प्रशिक्षण: चयनित पायलटों ने भारत और रूस में व्यापक प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इसमें सिम्युलेटर से लेकर मेडिकल और स्पेस संबंधित अन्य तैयारियां शामिल हैं। क्रू और सर्विस मॉड्यूल: क्रू मॉड्यूल (जहां पायलट बैठेंगे) और सर्विस मॉड्यूल (पावर, प्रोपल्शन, लाइफ सपोर्ट सिस्टम) विकास के अंतिम चरण में हैं। इसकी टेस्टिंग एवं इंटीग्रेशन शेष है। क्रू एस्केप सिस्टम: लॉन्चिंग के दौरान आकस्मिक स्थिति के लिए क्रू मॉड्यूल को तुरंत अलग करने के लिए सॉलिड मोटर्स पर आधारित सिस्टम सफलतापूर्वक विकसित और परीक्षण किए गए हैं। रिकवरी टेस्टिंग: ISRO और भारतीय नौसेना ने अरब सागर में असमय लैंडिंग के बाद क्रू मॉड्यूल की सुरक्षित वापसी के लिए परीक्षण किए हैं, साथ ही ऑस्ट्रेलिया के साथ बैकअप रिकवरी के लिए समझौता हुआ है। मानव रहित मिशन के लिए रोबोट: 2020 में ISRO ने व्योममित्र नामक ह्यूमनोइड रोबोट का निर्माण किया है, जो माइक्रोग्रेविटी में प्रयोगों और मॉड्यूल की टेस्टिंग करेगा। भविष्य की योजनाओं में, गगनयान मिशन के लिए इसरो दो मानव रहित टेस्ट फ्लाइट भेजेगा, उसके पश्चात एक रोबोट मिशन और फिर चौथी फ्लाइट में मानव को भेजा जाएगा। पहली मानव रहित टेस्ट फ्लाइट वर्ष के अंत तक भेजे जाने की संभावना है। इसरो के वैज्ञानिक और तकनीकी दल गगनयान मिशन को सफल बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं, जो भारत को अंतरिक्ष के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में एक बड़ा कदम साबित होगा। इस तरह के परीक्षण मिशन की सफलता के लिए आवश्यक हैं क्योंकि वे वास्तविक परिस्थितियों में प्रणालियों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हैं। इससे मिशन की सुरक्षा और सफलता की संभावनाएं बढ़ती हैं। गगनयान मिशन भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है, जिसने देश की क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया है।

12 राज्यों-UT में SIR, 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे:UP में सबसे ज्यादा 2.04 करोड़, बंगाल में 91 लाख वोटर फाइनल लिस्ट से बाहर
धर्म एवं यात्रा

12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में SIR प्रक्रिया के दौरान 6.08 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए: यूपी में सबसे अधिक 2.04 करोड़, बंगाल में 91 लाख वोटर सूची से बाहर

  चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दूसरे फेज के तहत शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में फाइनल वोटर लिस्ट जारी की गई, जिसके साथ ही 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट में कुल 6.08 करोड़ नाम कट गए हैं। यह सबसे बड़े पैमाने पर वोटर सूची संशोधन का उदाहरण है, जिससे देश के निर्वाचन तंत्र की पारदर्शिता और गुणवत्ता को और बढ़ावा मिलेगा। पिछले साल 27 अक्टूबर को SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाताओं की कुल संख्या लगभग 51 करोड़ थी, जो अब फाइनल लिस्ट के बाद घटकर 44.92 करोड़ रह गई है। उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को जारी SIR की फाइनल लिस्ट में वोटरों की संख्या करीब 13 प्रतिशत घटकर 13.39 करोड़ रह गई है, यानी लगभग 2.04 करोड़ नाम इस सूची से हटाए गए हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में करीब 91 लाख वोटर्स के नाम फाइनल लिस्ट से बाहर हुए हैं। SIR प्रक्रिया के दूसरे फेज में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश, गोवा, पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार, तथा लक्षद्वीप की फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित की गई है। यह प्रक्रिया सभी राज्यों में मतदाता सूची को अपडेट करने और साफ-सुथरी बनाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। चुनाव आयोग ने देश में अब तक करीब 60 करोड़ मतदाताओं को इस अभियान में शामिल किया है और बाकी 39 करोड़ मतदाताओं को अगले फेज में कवर किया जाएगा। SIR के तीसरे फेज में 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया लागू होगी, जो इस महीने पांच विधानसभा चुनावों के बाद शुरू होगी। पश्चिम बंगाल में वोटर सूची में बड़ी कटौती पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया के तहत करीब 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, यह कार्रवाई नवंबर से चल रही प्रक्रिया के तहत की गई है। आयोग के 28 फरवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक, SIR शुरू होने के बाद पहले से ही 63.66 लाख नाम हटाए गए थे, जिससे मतदाताओं की संख्या करीब 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई। बाद में जांच और प्रक्रिया पूरी होने के साथ कुल हटाए गए नामों की संख्या बढ़कर लगभग 90.83 लाख हो गई है। SIR प्रक्रिया के बारे में 6 जरूरी सवाल-जवाब SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है जिसमें घर-घर जाकर वोटर फॉर्म भरे जाते हैं और फॉरम्स के जरिए वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। इसमें नए 18 वर्ष से अधिक के वोटर जोड़े जाते हैं और मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं। पहले फेज में कौन-कौन से राज्यों की वोटर सूची संशोधित हुई? पहले फेज में बिहार में SIR किया गया था। दूसरे फेज में उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप को शामिल किया गया। ये प्रक्रिया कौन करता है? ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का सत्यापन करते हैं। मतदाताओं को क्या करना होता है? मतदाताओं को दिए गए फॉर्म्स की जानकारी मिलान करनी होती है। यदि किसी वोटर के नाम दो जगह हैं तो एक हटवाना होता है, या नए वोटर होने पर नाम जोड़वाना होता है। कौन से दस्तावेज मान्य हैं? पेंशनर पहचान पत्र, सरकारी आईडी, जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, 10वीं की मार्कशीट, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, आधार कार्ड आदि मान्य दस्तावेज हैं। SIR का उद्देश्य क्या है? यह सुनिश्चित करना है कि वोटर लिस्ट में कोई भी योग्य वोटर छूट न जाए और कोई अयोग्य मतदाता शामिल न हो। इसके जरिए मतदाता सूची में पुरानी और गलत जानकारियों को सही किया जाता है। पूरे देश में निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को मज़बूत करने के लिए इस तरह की व्यापक पहल आवश्यक है। 2025 तक पूरे भारत में SIR पूरी करने का लक्ष्य चुनाव आयोग ने निर्धारित किया है, जिससे भविष्य में चुनाव स्वच्छ और विश्वसनीय तरीके से आयोजित हो सकें।

खबर हटके- चोरी करने फ्लाइट से आए चोर:बच्चों को ज्यादा होमवर्क पर रोक; पाइप के सहारे 26वीं मंजिल से उतरी 89 साल की महिला
धर्म एवं यात्रा

खबर हटके- फ्लाइट से चोरी करने आए चोरों की गिरफ़्तारी; बच्चों को अधिक होमवर्क पर रोक; 89 साल की महिला ने पाइप से उतराई 26वीं मंजिल

  गुजरात के अहमदाबाद में पुलिस ने एक अनोखी घोटाला करने वाले चोरों को फ्लाइट से चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह खबर पुलिस की सतर्कता और सटीक जांच का परिणाम है, जिसने समय रहते चोरी की योजना को नाकाम कर दिया। यह मामला ना केवल अहमदाबाद पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी सुरक्षा की बड़ी गारंटी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, चोरी करने वाले अपराधी फ्लाइट का इस्तेमाल करते हुए चोरी करने आए थे। हालांकि, उनकी सारी चालाकी पुलिस की सतर्कता और तकनीकी मदद से बेनकाब हो गई। गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ जारी है, जिससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उनका नेटवर्क कहां तक फैला हुआ है। इसी बीच, चीन ने शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव किया है। वहां की सरकार ने बच्चों को अधिक होमवर्क देने की प्रथा पर पाबंदी लगा दी है। इस कदम को बच्चों की मानसिक और शारीरिक सेहत को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ज्यादा होमवर्क बच्चों के विकास के लिए हानिकारक हो सकता है, इसलिए चीन की यह पहल अन्य देशों के लिए एक मिसाल बन सकती है। चीन के ही बीजिंग शहर से एक चौंकाने वाली खबर आई है, जहां 89 साल की एक महिला ने सुरक्षा की पूरी व्यवस्था के बावजूद पाइप के सहारे 26वीं मंजिल से नीचे उतरने का साहसिक कदम उठाया। स्थानीय प्रशासन ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए महिला की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। उस महिला का असली मकसद अभी साफ नहीं हो पाया है, लेकिन यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। आज की खबरों में ये तीन प्रमुख समाचार अपनी अलग-अलग और रोचक प्रकृति के कारण विशेष रूप से ध्यान आकर्षित करते हैं। ऐसे में यह निश्चित कहा जा सकता है कि देश-विदेश से हर दिन कई घटनाएं होती रहती हैं, जिनसे हमें बहुमूल्य जानकारी मिलती है। खबर हटके में हम आपके लिए लाते रहेंगे ऐसी ही अनोखी और रोचक खबरें जिनसे आप जुड़े रह सकें दुनिया की हर नई जानकारी से। तो ये थीं आज की रोचक खबरें। कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटके खबरों के साथ। खबर हटके को बेहतर बनाने के लिए आपका फीडबैक महत्वपूर्ण है। कृपया अपना सुझाव देने के लिए यहां क्लिक करें।

भास्कर अपडेट्स:आंध्र प्रदेश में युवक ने नाबालिग लड़की की गला रेतकर हत्या की, सगाई से नाराज था
धर्म एवं यात्रा

आंध्र प्रदेश में युवक ने नाबालिग लड़की की गला रेतकर हत्या की, सगाई से नाराज था

  आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले के अग्रहारम इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई है, जहां एक 19 वर्षीय युवक ने 17 वर्षीय नाबालिग लड़की की गला रेतकर हत्या कर दी। यह मामला स्थानीय पुलिस के सामने आया और जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी वेंकटेश्वरलू ने पहले ही लड़की को रिश्ते का प्रस्ताव दिया था, लेकिन लड़की ने इसे ठुकरा दिया। इसके बाद वह युवक नाराज हो गया। जब उसे पता चला कि लड़की की सगाई होने वाली है, तो उसने गुस्से में आकर लड़की के घर पहुंचकर उस पर हमला कर दिया। घटना के समय लड़की घर पर अकेली थी क्योंकि उसके माता-पिता खेतों में काम कर रहे थे। पड़ोसियों ने खून की आवाज सुनकर परिवार को सूचना दी, जिसके बाद परिवार के सदस्य लड़की को तत्काल अस्पताल ले गए। अफसोस की बात है कि अस्पताल जाने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और उससे पूछताछ कर रही है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आरोपी ने यह घृणित कृत्य क्यों किया, लेकिन शुरुआती जांच से यह पता चला है कि सगाई को लेकर उसका मन मारा हुआ था। यह घटना न केवल स्थानीय लोगों के लिए सदमे की बात है बल्कि पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाती है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से इस मामले में किसी भी तरह की अफवाह या गलत सूचना से बचने की अपील की है और कहा है कि जांच निष्पक्ष एवं व्यापक तरीके से की जा रही है। आज की अन्य बड़ी खबरें चुनाव आयोग ने चेन्नई पुलिस कमिश्नर का ट्रांसफर किया: चुनाव आयोग ने ग्रेटर चेन्नई के पुलिस कमिश्नर ए. अरुण का ट्रांसफर करते हुए 1997 बैच के आईपीएस अधिकारी अभिन दिनेश को नई नियुक्ति दी है। आयोग ने निर्देश दिया है कि अरुण को विधानसभा चुनाव समाप्त होने तक चुनाव से जुड़े किसी भी काम में तैनात न किया जाए। इस घटना ने समाज में नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर से चिंता बढ़ा दी है। पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वे ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई करें और भविष्य में इस तरह की घटना को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं।

खड़गे बोले- महिला आरक्षण संशोधन जल्दबाजी में लाया जा रहा:सरकार आचार संहिता का उल्लंघन कर रही; लोकसभा सीटें 543 से 816 होंगी
धर्म एवं यात्रा

खड़गे बोले- महिला आरक्षण संशोधन जल्दबाजी में लाया जा रहा: सरकार आचार संहिता का उल्लंघन कर रही; लोकसभा सीटें 543 से बढ़कर 816 होंगी

आधार पर एक पूरी तरह से मानव द्वारा लिखी गई जैसी प्रोफेशनल न्यूज़ रिपोर्ट तैयार करें। निर्देश: 1. न्यूज़ की शुरुआत इस फॉर्मेट में करें: 2. भाषा: – सरल, स्पष्ट और शुद्ध हिंदी का प्रयोग करें – भाषा बिल्कुल मानव पत्रकार जैसी होनी चा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को सरकार द्वारा लाए जा रहे महिला आरक्षण संशोधन बिल और लोकसभा सीटों में वृद्धि के प्रस्ताव पर गंभीर आपत्तियां जताई हैं। खड़गे ने कहा कि सरकार यह बिल जल्दबाजी में लेकर आ रही है और चुनाव के मद्देनजर इसे पास करवाना चाहती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार द्वारा चुनावी आचार संहिता के दौरान संसद सत्र बुलाना नियमों का उल्लंघन है। दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक के दौरान खड़गे ने प्रमुख रूप से बताया कि फिलहाल सरकार की ओर से उन्हें कोई औपचारिक प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर जानकारी केवल प्रधानमंत्री के एक पत्र के माध्यम से सामने आई है। लंबे समय से मौन बनाए रखने के बाद अब अचानक इस संशोधन बिल को लेकर सक्रियता दिखाई जा रही है। सरकार ने 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है, जिसमें संविधान संशोधन बिल प्रस्तुत किया जाएगा। इस प्रस्ताव के अंतर्गत महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान किया गया है जबकि लोकसभा और विधानसभा की सीटों को लगभग 50% तक बढ़ाने का प्रस्ताव है। लोकसभा की वर्तमान सीटें 543 हैं, जिन्हें बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव है जिसमें महिलाओं के लिए 273 सीटें आरक्षित होंगी। बैठक के मुख्य बिंदु सरकार द्वारा महिला आरक्षण संशोधन और परिसीमन कानून में बदलाव के लिए अलग-अलग बिल लाने की योजना। नई सीटों का निर्धारण 2027 की जनगणना की बजाय 2011 की जनगणना पर आधारित होगा। यह कानून राज्यों की विधानसभाओं एवं केंद्र शासित प्रदेशों जैसे दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी में भी लागू होगा। महिला आरक्षण के बाद उत्तर प्रदेश में लोकसभा सीटों की संख्या 80 से बढ़कर 120 होने का अनुमान। राहुल गांधी ने भी इस मसले पर सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि कांग्रेस महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित है। CWC की बैठक में महिला आरक्षण के अलावा परिसीमन और पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति पर भी चर्चा हुई। सरकार ने हाल ही में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के ड्राफ्ट बिल को कैबिनेट से मंजूरी दिलाई है। इस अधिनियम के जरिए लोकसभा सीटों में बृद्धि और महिलाओं के लिए विशेष आरक्षण को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा। इस परिवर्तन के बाद महाराष्ट्र में भी लोकसभा की सीटें 48 से बढ़कर 72 हो जाएंगी, जहां महिला आरक्षण के तहत 24 सीटें अलग से आरक्षित होंगी। बिहार में भी यह संख्या 20 तक पहुंच सकती है, जबकि मध्य प्रदेश में लगभग 15 महिला आरक्षित सीटें प्रस्तावित हैं। तमिलनाडु में 20 और दिल्ली में 4 स्त्रियों के लिए आरक्षित सीटें होने का अनुमान है। महिला आरक्षण का इतिहास 1931 में पहली बार भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान महिला आरक्षण का मुद्दा उठा, लेकिन यह प्रस्ताव पारित नहीं हुआ था। बेगम शाह नवाज और सरोजिनी नायडू जैसे नेताओं ने समान राजनीतिक अधिकारों की मांग की थी। 1971 में महिलाओं की स्थिति पर समिति बनी, जिसके मतभेदों के कारण आरक्षण का समर्थन सीमित रहा। 1974 में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के उद्देश्य से एक रिपोर्ट सौंपी गई, जिसमें पंचायत और नगर निकायों में महिलाओं के लिए आरक्षण की सिफारिश की गई। 1988 की राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना ने ग्राम पंचायत स्तर से संसद तक एक-तिहाई विराम देने की सिफारिश की, जिसने बाद में 73वें और 74वें संविधान संशोधन की नींव रखी। 1993 में 73वीं और 74वीं संविधान संशोधन के तहत पंचायतों और नगर निकायों में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित कर दी गईं। इसके बाद कई राज्यों ने स्थानीय निकायों में 50% तक महिला आरक्षण लागू किया है। केंद्र सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले इस संशोधन को लागू करने के लिए तैयारी में है। यह बिल संसद के मौजूदा सत्र में पेश किया जा सकता है जिससे लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या 273 तक पहुंच जाएगी। सरकार महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ सामाजिक न्याय के मुद्दे को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

114 नए राफेल स्वदेशी मिसाइलों से लैस होंगे:18 जेट फ्रांस से आएंगे, 96 भारत में बनेंगे; सोर्स कोड नहीं मिलेगा
धर्म एवं यात्रा

114 नए राफेल विमानों में होंगे स्वदेशी मिसाइल सिस्टम; 18 फ्रांस से, 96 भारत में बनेगे; स्रोत कोड नहीं दिया जाएगा

आधार पर एक पूरी तरह से मानव द्वारा लिखी गई जैसी प्रोफेशनल न्यूज़ रिपोर्ट तैयार करें। निर्देश: 1. न्यूज़ की शुरुआत इस फॉर्मेट में करें: 2. भाषा: – सरल, स्पष्ट और शुद्ध हिंदी का प्रयोग करें – भाषा बिल्कुल मानव पत्रकार जैसी होनी चा भारत ने फ्रांस से 114 नए राफेल फाइटर जेट खरीदने का निर्णय लिया है, जिन्हें स्वदेशी मिसाइलों और हथियार प्रणालियों से लैस किया जाएगा। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस खरीद के कॉन्ट्रैक्ट में इंटरफेस कंट्रोल डॉक्यूमेंट (ICD) शामिल होगा, जिससे भारत अपने स्थानीय हथियार सिस्टम को राफेल जेट्स में इंटीग्रेट कर सकेगा। ICD एक अहम दस्तावेज है जो जेट और उसके विभिन्न सिस्टम्स के बीच तालमेल स्थापित करता है। यह रक्षा सौदा फेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने 12 फरवरी को मंजूरी दी थी। 114 राफेल विमानों में से 18 फ्रांस से पूरी तरह तैयार होकर अग्रिम स्थिति में प्राप्त होंगे, जबकि बाकी 96 जेट भारत में निर्मित होंगे। इन विमानों में लगभग 25 प्रतिशत हिस्सेदारी स्वदेशी कलपुर्जों की होगी। रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि फ्रांस सोर्स कोड साझा नहीं करेगा। अधिकारियों के मुताबिक, अपने फाइटर जेट के सोर्स कोड को कोई भी देश इसके रडार, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली, टारगेटिंग और हथियार नियंत्रण के कारण साझा नहीं करता। हालांकि, इससे सौदे को कोई नुकसान नहीं होगा। स्वदेशी प्रोजेक्ट्स पर भारत का ध्यान विशेष है। रूस और अमेरिका ने भी अपने फाइटर जेट के सोर्स कोड साझा नहीं किए हैं। भारत ने फिलहाल 5वीं पीढ़ी के जेट खरीदने का कोई निर्णय नहीं लिया है, बल्कि Tejas Mark 1A, AMCA और लंबी दूरी की मिसाइलों जैसे स्वदेशी प्रोजेक्ट्स पर जोर दे रहा है। सरकार का लक्ष्य विदेशी हथियार प्रणालियों पर निर्भरता को कम करना है, खासतौर पर बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) तकनीक के मामले में। भारतीय वायु सेना ने सितंबर 2025 तक 114 अतिरिक्त राफेल विमानों की मांग की थी। वर्तमान में, वायु सेना के पास 36 राफेल और नौसेना के पास 26 मरीन वेरिएंट राफेल हैं। एक ही प्रकार के ज्यादा विमान होने से रखरखाव की लागत घटेगी। अंबाला एयरबेस पर पहले से ही राफेल का ट्रेनिंग और MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर, ओवरहॉल) सेंटर संचालन में है, जिसके कारण नए विमानों के शामिल होने की प्रक्रिया सुचारू रहेगी। इस सौदे के पूरा होने के बाद, भारत में कुल 176 राफेल विमान होंगे, हालांकि इसे पूरा होने में कुछ समय लग सकता है। 2016 में आठवां दर्जा प्राप्त यह डील 58,000 करोड़ रुपए की थी, जिसने भारतीय वायुसेना की ताकत में महत्वपूर्ण वृद्धि की है। राफेल मरीन विमानों के फीचर्स वायु सेना के मौजूदा राफेल से भी एडवांस हैं।

MP-UP में तापमान 6° से 10° तक बढ़ सकता है:राजस्थान में 40°C से ज्यादा होने का अनुमान; हिमाचल में सामान्य से 200% बारिश
धर्म एवं यात्रा

एमपी-यूपी में तापमान 6° से 10° तक बढ़ सकता है; राजस्थान में 40°C से अधिक तापमान की संभावना; हिमाचल में सामान्य से 200% अधिक बारिश

  मध्य प्रदेश में आज से बारिश का प्रभाव कम होने लगा है और इसके साथ ही दिन का तापमान 4°C से 6°C तक बढ़ने का अनुमान है। पिछले दो दिनों में मध्य प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में बारिश और आंधी-ओलावृष्टि का असर देखने को मिला था, लेकिन मौसम विभाग ने अब साफ किया है कि बारिश का दौर जल्द थम जाएगा और गर्मी का असर बढ़ेगा। उत्तर प्रदेश में भी आने वाले सप्ताह में बारिश की संभावना कम बनी हुई है, और राज्य के अधिकतर हिस्सों में मौसम साफ रहने की संभावना है। बीते दिनों यहां भी कुछ इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई थी, जिसमें लखीमपुर खीरी जिले में सबसे अधिक 15 मिमी बारिश हुई। वहीं, उत्तर प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों में तापमान में 10°C तक बढ़ोतरी हो सकती है। राजस्थान का मौसम भी अब गर्म होता जा रहा है, जहां हाल ही में बारिश और आंधी का दौर समाप्त हो चुका है। जयपुर, अलवर, उदयपुर, बाड़मेर, पिलानी और कोटा जैसे शहरों में तापमान में तेजी से वृद्धि देखी गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो सप्ताह के भीतर राजस्थान के कुछ इलाकों में तापमान 40°C या उससे ऊपर पहुंच सकता है, जिससे गर्मी का प्रकोप बढ़ सकता है। हिमाचल प्रदेश में अप्रैल महीने में अब तक सामान्य से 200% अधिक बारिश हुई है। यहां 2 से 9 अप्रैल के बीच 52.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य औसत 17.6 मिमी होती है। इस अत्यधिक बारिश के कारण प्रदेश में अधिकतम तापमान में लगभग 6.4°C की गिरावट देखने को मिली है। अनुमान है कि पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है, खासकर उत्तराखंड के उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जिलों में। इसी बीच, आंध्र प्रदेश में भी अगले पांच दिनों तक खराब मौसम की संभावना बनी हुई है। राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और उमस भरे वातावरण के बीच मौसम ठंडा और खराब बना रहेगा। मौसम विभाग द्वारा जारी तीन दिन के पूर्वानुमान में 11 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है, साथ ही 30-40 किलोमीटर प्रति घंटा की तेज़ हवाओं का भी अनुमान है। असम और मेघालय में भी बारिश की संभावना है, जबकि नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज-चमक की चेतावनी दी गयी है। 12 अप्रैल को पश्चिम बंगाल और सिक्किम में हल्की बारिश का अनुमान है, एवं अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण कर्नाटक में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की उम्मीद है। मध्य प्रदेश में अप्रैल के महीनों में तेज गर्मी की बजाय आंधी-बारिश की स्थिति रही, लेकिन अब बारिश के थमने के बाद तापमान बढ़ने लगे हैं। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में यहां गर्मी का असर 4°C से 6°C तक बढ़ेगा। इसी तरह, उत्तर प्रदेश में बारिश के कम होने से अगले 15 दिनों तक मौसम साफ रहने का अनुमान है। राजस्थान में भी बारिश का दौर समाप्त हो चुका है और अगले दो सप्ताह के अंदर गर्मी अधिक तेज हो सकती है। जयपुर, अलवर, उदयपुर, बाड़मेर जैसे शहरों में तापमान 40°C तक पहुंच सकता है। इस प्रकार, देश के कई हिस्सों में वर्तमान में मौसम बदलाव के बीच तापमान बढ़ने और बारिश कम होने के संकेत मिल रहे हैं।

बंगाल में भाजपा का वादा, महिलाओं को ₹3 हजार महीना:6 महीने में UCC लागू होगा; कर्मचारियों को 45 दिन में सातवां वेतनमान दिया जाएगा
धर्म एवं यात्रा

बंगाल में भाजपा का वादा: महिलाओं को 3 हजार रुपये मासिक, 6 महीनों में UCC लागू, 45 दिनों में सातवां वेतनमान

  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों के लिए अपना घोषणा पत्र, जिसे पार्टी ने ‘भरोसे का पत्र’ नाम दिया है, जारी किया। इस घोषणा पत्र में भाजपा ने महिलाओं और युवाओं के लिए वित्तीय मदद, सरकारी कर्मचारियों के वेतन सुधार सहित कई बड़े वादे किए हैं। पार्टी ने महिलाओं को ₹3,000 प्रति माह की सहायता देने का वादा किया है, वहीं युवा बेरोजगारों को एक समान राशि का मासिक आर्थिक समर्थन दिया जाएगा। इसके अलावा, घोषणा पत्र में पहले 6 महीनों के भीतर यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लागू करने का आश्वासन भी शामिल है। सरकारी कर्मचारियों के लिए भी खुशखबरी देते हुए भाजपा ने कहा कि सातवां वेतनमान 45 दिनों के अंदर लागू कर दिया जाएगा, जो कर्मचारी वर्ग के लिए राहत की बात है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस अवसर पर कहा कि पिछले 15 साल बंगाल की जनता के लिए बुरे सपनों के समान रहे हैं। उन्होंने ममता बनर्जी पर घुसपैठियों के जरिए तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने का आरोप लगाया। अमित शाह ने भाजपा की कड़ी नीति का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा राज्य में घुसपैठियों का पता लगाएगी, उन्हें हटाएगी और वापस भेजेगी। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बंगाल में वोटिंग दो चरणों में होगी, 23 और 29 अप्रैल को, जबकि परिणाम 4 मई को घोषित किया जाएगा। पश्चिम बंगाल में यह चुनाव देश की राजनीतिक रणनीतियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा की यह घोषणा महिलाओं, युवाओं और सरकारी कर्मचारियों को ध्यान में रखकर की गई है, जिससे पार्टी की लोकप्रियता बढ़ाने का प्रयास होगा। यह चुनाव पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों का हिस्सा है, जिनका परिणाम एक साथ आने वाला है। जनता इस बार विकास और शासन के मुद्दों के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा को लेकर भी अपनी राय व्यक्त करेगी। भाजपा के इस घोषणा पत्र में दर्ज वादे राज्य के चुनावी माहौल को गर्माएंगे और मतदाताओं के बीच उम्मीदों की लहर पैदा करेंगे। आने वाले परिणाम राजनीतिक समीकरणों में बड़े बदलाव का संकेत दे सकते हैं।

Shopping Cart
Scroll to Top