
वाशिंगटन, डी.सी. | 26 मार्च 2024
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 26 मार्च को एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से घोषणा की कि वे ईरान के खिलाफ ऊर्जा संयंत्रों पर हवाई हमले को फिलहाल टाल देंगे। उन्होंने कहा कि ईरान को हॉर्मुज जलसंधि खोलने के लिए तय की गई समय सीमा 6 अप्रैल तक बढ़ा दी गई है।
ट्रम्प ने इस निर्णय को पूर्व की गई कड़ी सैन्य कार्रवाई की बजाय कूटनीतिक प्रयासों को प्राथमिकता देने के तौर पर प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, “हम अभी ईरान की ऊर्जा सुविधाओं पर कोई हमला नहीं करेंगे। हमारा मकसद बातचीत से समस्या का समाधान तलाशना है।”
हॉर्मुज जलसंधि, जो कि खाड़ी क्षेत्र में एक प्रमुख सामरिक मार्ग है, औद्योगिक तेल परिवहन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव तब बढ़ गया था जब ट्रम्प ने ईरान की परमाणु गतिविधियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया और प्रतिबंधों को सख्त किया।
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रम्प द्वारा समय सीमा बढ़ाने का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों में कुछ नरमी लाना और क्षेत्रीय स्थिरता कायम रखना हो सकता है। अमेरिकी प्रशासन ने कई बार ईरान को चेतावनी दी है कि यदि वे हॉर्मुज जलसंधि में बाधा डालते हैं, तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
ईरानी अधिकारियों ने अब तक इस समय सीमा विस्तार पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं, वैश्विक तेल बाजार में इस खबर के बाद मामूली स्थिरता देखी गई, क्योंकि हॉर्मुज जलसंधि दुनिया के कुल तेल परिवहन का लगभग 20% हिस्सा संभालती है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस कदम को स्वागत योग्य बताया है, साथ ही सभी पक्षों से शांति और समझदारी से काम लेने की अपील की है। कूटनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से क्षेत्र में संभवत: तनाव कम होगा और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ने वाले प्रभावों को रोका जा सकेगा।
ट्रम्प की इस घोषणा ने वैश्विक राजनीति में उठापटक बढ़ा दी है, और सभी की निगाहें अब 6 अप्रैल को होंगी, जब तय समय सीमा समाप्त होगी। तब स्पष्ट होगा कि क्या ईरान हॉर्मुज जलसंधि को खुला रखेगा या क्षेत्र में फिर से टकराव की स्थिति उभर कर आएगी।












