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जैसलमेर जिले भर में बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि ने बदला मौसम का मिजाज
जैसलमेर

जैसलमेर जिले में बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि ने बदला मौसम का रंग

जैसलमेर जिले में बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि के कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। जैसलमेर में पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम का बदलाव सीमावर्ती जैसलमेर जिले में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण मंगलवार को भारी बारिश, तेज अंधड़ और ओलावृष्टि ने लोगों को चौंका दिया। पिछले कुछ दिनों से जारी गर्मी की स्थिति एकाएक बदल गई और मौसम ने ठंडक का नया रंग दिखाना शुरू कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से जैसलमेर समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्र सोमवार देर रात से भारी बारिश की चपेट में आ गए, जिससे कई जगह नालियां और नाले ओवरफ्लो हो गए हैं। जैसलमेर शहर में मंगलवार सुबह हुई तेज बारिश ने लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित किया, घरों की छतों से पानी सड़कों पर झरने की तरह बह निकला। इसके साथ ही तेज गति से चलती ठंडी हवा ने मौसम को ठंडा और सुखद बना दिया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि अचानक आए इस बदलते मौसम ने लोगों को राहत पहुंचाई है, क्योंकि एक दिन पहले भारी गर्मी से थकी जनता इस परिवर्तन को काफी पसंद कर रही है। किसानों के लिए भी यह बारिश फसल वृद्धि की दृष्टि से लाभकारी साबित हो सकती है। प्रशासन ने नागरिकों से बिना जरूरी बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है, क्योंकि तेज अंधड़ और ओलावृष्टि के दौरान कई क्षेत्रों में पेड़ गिरने और बिजली कटौती की घटनाएं देखी गई हैं। जिला आपदा प्रबंधन टीम लगातार स्थिति पर निगरानी रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर राहत कार्य शुरू करेगी। मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले कुछ दिनों में भी इसी प्रकार के मौसम में बदलाव की संभावना जताई है, जिसके चलते आमजन को सतर्क एवं सावधान रहने की आवश्यकता है।

नाचना क्षेत्र में ओलों की चादर बिछी, कई इलाकों में बेमौसम की बारिश से किसानों का नुकसान
जैसलमेर

नाचना क्षेत्र में ओलों की परत बिछी, बेमौसमी बारिश से कई इलाकों के किसानों को नुकसान

सीमावर्ती जैसलमेर में पश्चिमी विक्षोभ से बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से भारी नुकसान जैसलमेर। सीमावर्ती जैसलमेर जिले में शुक्रवार को मौसम ने बदले रूप दिखाए। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से नाचना क्षेत्र में करीब 20 मिनट तक तेज ओलावृष्टि हुई, जिससे वहां की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। ओलों की बर्फ की चादर से खेत पूरी तरह से ढक गए और बारिश के कारण जलभराव भी देखने को मिला। नाचना क्षेत्र के साथ-साथ इस मौसम ने पोकरण और मोहनगढ़ क्षेत्र को भी प्रभावित किया, जहां हल्की बारिश दर्ज की गई। सुबह के समय पीथोड़ाई गांव में भी तेज बारिश दर्ज हुई है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। पिछले कुछ दिनों से बढ़ती गर्मी और सूखे के बाद इस बेमौसमी बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के कारण इस क्षेत्र में तूफानी हवाओं और गरज के साथ बारिश हुई जो अचानक शुरू होकर पूरी तरह मौसम के मिजाज को बदल गई। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय फसल की वृद्धि के लिए मौसम अनुकूल नहीं था, इसलिए किसानों को इसका नुकसान झेलना पड़ रहा है। खासकर बाजरा, गेहूं और मक्का जैसी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कई किसानों ने बताया कि खेतों में पड़े ओलों से उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है। कुछ किसानों का कहना है कि सिंचाई के अभाव में पहले से ही फसल प्रभावित थी और इस बारिश ने स्थिति को और खराब कर दिया है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आंकलन शुरू कर दिया है और जल्द से जल्द राहत कार्य करने की योजना बनाई जा रही है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक इस क्षेत्र में इसी प्रकार की अप्रत्याशित बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रह सकता है, इसलिए किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से मौसम के प्रति सजग रहने और आवश्यक सावधानी बरतने का आग्रह किया है। जैसलमेर जिले में यह बेमौसमी बारिश किसानों के लिए किसी चिंता का कारण बनी हुई है और स्थानीय प्रशासन, कृषि विभाग तथा मौसम विभाग के बीच समन्वय बढ़ाकर इसके असर को कम करने के प्रयास जारी हैं।

विवाहिता की संदिग्ध मौत, पीहर पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप
जैसलमेर

विवाहिता की मौत संदिग्ध, पीहर पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया

विवाहिता की मौत संदिग्ध, पीहर पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया जैसलमेर जिले के चूंधी गांव से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां 23 वर्षीय विवाहिता समिता की संदिग्ध मौत ने पूरे क्षेत्र में सनसनी मचा दी है। जानकारी के अनुसार, समिता ने अपने ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या की है, लेकिन उसके परिवार ने इस बात पर संदेह जताया है और ससुराल पक्ष पर उसकी हत्या का आरोप लगाया है। समिता जो कि ओमाराम की पुत्री थी, की शादी वर्ष 2018 में चूंधी गांव के तरुण राम से हुई थी। मृतका के दो छोटे बच्चे भी हैं। घटना के बाद समिता का शव जिला अस्पताल जवाहर चिकित्सालय की मोर्चरी में रखा गया है, जहां शुक्रवार के दिन काफी संख्या में पीहर पक्ष के लोग और अन्य ग्रामीण इकट्ठा हुए। पिहऱ पक्ष ने आरोप लगाया है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि एक योजनाबद्ध हत्या है। उनका कहना है कि समिता के शरीर पर चोट के कई निशान थे, उसका चेहरा सूजा हुआ था और हाथों पर घाव साफ नजर आ रहे थे। पीहर पक्ष ने प्रशासन से इस मामले की जांच तत्काल करने की मांग की है ताकि सच का पता लगाया जा सके और दोषियों को कानून के कटघरे में लाया जा सके। स्थानीय पुलिस ने फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी है, और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। जांच अधिकारी ने बताया कि मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से मामले में संयम रखने और जांच के परिणाम का इंतजार करने की अपील की है। यह मामला जिले में महिला सुरक्षा और घरेलू हिंसा के मुद्दे को फिर से प्रमुखता से उजागर करता है। क्षेत्रवासियों ने महिला सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने और न्याय सुनिश्चित करने की मांग की है। समिता की संदिग्ध मौत ने पूरे क्षेत्र में गहरी संवेदना और चिंता पैदा कर दी है।

पोकरण: हर्षोल्लास के साथ मनाया हनुमान जन्मोत्सव, मंदिरों में चढ़ाया रोटे का प्रसाद
जैसलमेर

पोकरण में हर्षोल्लास के साथ हनुमान जन्मोत्सव का भव्य आयोजन, मंदिरों में चढ़ा रोटे का प्रसाद

पोकरण में हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया पोकरण, 24 अप्रैल: स्वामी भक्ति एवं ब्रह्मचर्य के प्रतीक भगवान हनुमान के जन्मोत्सव को कस्बे में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस शुभ अवसर पर स्थानीय हनुमान मंदिरों में सुबह से विशेष पूजा-अर्चना तथा धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हुआ। हजारों श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान हनुमान को रोटे का प्रसाद अर्पित कर अमन चैन और खुशहाली की प्रार्थना की। हनुमान जन्मोत्सव पर मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया था। भजन-कीर्तन की ध्वनि से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ रही और उन्होंने पंडितों के निर्देशन में हनुमान चालीसा एवं अन्य धार्मिक मंत्रों का पाठ किया। इससे स्थानिय जनमानस में धार्मिक आस्था और उत्साह का वातावरण बना रहा। इस बैठक के दौरान पूजा-पाठ के साथ ही सामाजिक सद्भाव और एकता का संदेश भी दिया गया। खासकर इस अवसर पर युवा वर्ग ने भी सक्रिय भागीदारी दिखाई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि सांस्कृतिक विरासत एवं धार्मिक परंपराएँ आगामी पीढ़ी में भी जीवित रहेंगी। हनुमान जी को स्वामी भक्ति, पराक्रम और ब्रह्मचर्य का प्रतीक माना जाता है। इनकी जन्मोत्सव पर यह धूमधाम प्रदेश के कई हिस्सों में देखी गई, जिसमें पोकरण का उत्साह विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। स्थानीय प्रशासन ने भी इस पर्व को सुरक्षित और सफल बनाने हेतु आवश्यक इंतजाम किए। कोविड-19 से संबंधित सभी सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए आयोजन सम्पन्न किया गया। श्रद्धालुओं ने मसीह स्वच्छता और सामाजिक दूरी के निर्देशों का पालन किया। इस प्रकार, हनुमान जन्मोत्सव ने पूरे कस्बे में आध्यात्मिक उल्लास और शांति की भावना का संचार किया है, जो आने वाले समय में भी स्थानीय जनजीवन का अभिन्न हिस्सा बनी रहेगी।

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