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Mann ki Baat: PM Modi urges citizens to jointly face challenges emerging due to West Asia war
राष्ट्रीय

मन्न की बात: पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया युद्ध के कारण उत्पन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए नागरिकों से संयुक्त प्रयास की अपील की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी हालिया ‘मन्न की बात’ कार्यक्रम में पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि हमारे पड़ोस में लगभग एक महीने से एक ‘भयंकर युद्ध’ जारी है, जिसने क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक शांति दोनों को खतरे में डाल दिया है। पीएम मोदी ने इस मामले में भारत के नागरिकों और देशवासियों से एकजुट होकर आने वाली चुनौतियों का सामना करने की अपील की। उन्होंने कहा, “हम सबको मिलकर इस संकट का सामना करना होगा क्योंकि इससे न केवल क्षेत्रीय देशों, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा प्रभावित हो रही है।” प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत इस संकट को गहनता से समझ रहा है और वैश्विक समुदाय के सहयोग से शांति स्थापित करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने प्रभावित देशों में फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष प्रयास शुरू कर दिए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि इस ज्वलंत स्थिति के बीच भारत अपनी विदेश नीति में संयम और समझदारी बनाए रखेगा, साथ ही देश के विकास को बाधित नहीं होने देगा। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि सरकार हर संभव स्थिति को ध्यान में रखते हुए रणनीतियाँ तैयार कर रही है। वहीं, प्रधानमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस समय अफवाहों से बचें और आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर ही स्थिति को समझें। उन्होंने राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने पर जोर देते हुए लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की। इस पूरे संदर्भ में, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “यह समय है देशवासियों के एकजुट होने का, ताकि हम इन कठिन दौरों को मिलकर पार कर सकें और भारत को विश्व में एक सशक्त और शांतिप्रेमी राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत कर सकें।” माना जा रहा है कि इस वक्त के जटिल अंतरराष्ट्रीय संकट के बीच भारत ने अपनी कूटनीति और रणनीतियों से वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका और भी मजबूत कर ली है। प्रधानमंत्री की यह अपील देश के हर नागरिक तक पहुंच रही है जो इस संकट से निपटने में सहयोगी है।

Puducherry CM Rangasamy kicks off poll campaign, highlights crisis in INDIA bloc
राज्य-शहर

पुडुचेरी के मुख्यमंत्री रंगासामी ने चुनाव अभियान शुरू किया, INDIA ब्लॉक की संकटों पर दिया जोर

पुडुचेरी के मुख्यमंत्री और केंद्र शासित प्रदेश में एनडीए के प्रमुख श्री रंगासामी ने अपने चुनाव अभियान की शुरुआत बड़ी जोरशोर से की है। उन्होंने POLL CAMPAIGN के दौरान INDIA ब्लॉक में चल रहे कई संकटों को केंद्र में रखा और जनता को इसके प्रति जागरूक करने का प्रयास किया। मुख्यमंत्री रंगासामी ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक माहौल में भारत के प्रति केंद्र सरकार की नीतियां और उनका क्रियान्वयन अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विशेष रूप से INDIA ब्लॉक में हो रहे संकटों को उजागर किया और जनता से आह्वान किया कि वे अपने भविष्य के लिए सही विकल्प चुने। एनडीए के प्रमुख होने के नाते, रंगासामी ने खासतौर पर अपने प्रतिद्वंद्वी, पुडुचेरी प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं सांसद वी. वैथिलिंगम के विरुद्ध सत्ता में अपनी पकड़ मजबूत करने का फैसला किया है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे विकास कार्यों और क्षेत्र की समृद्धि को ध्यान में रखते हुए मतदान करें। रंगासामी ने बताया कि उन्होंने प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं, जो जनता के जीवन को बेहतर बनाने के लिए हैं। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष ने विकास के प्रयासों में बाधा डालने का काम किया है और अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के चलते प्रदेश की भलाई को नजरअंदाज किया है। उन्होंने आगे कहा कि एनडीए के नेतृत्व में पुडुचेरी की तस्वीर बदली है और इसका श्रेय जनता की सहभागिता और सही दिशा में उठाए गए कदमों को जाता है। रंगासामी ने जोर देकर कहा कि इस बार के चुनाव में जनता का चुनाव प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। इस चुनावी दौर में मुख्यमंत्री रंगासामी ने विभिन्न जनसभाओं और रोड शो के माध्यम से सीधे जनता से संवाद किया, जहां उन्होंने मतदान के महत्व पर चर्चा की और लोगों को जागरूक किया। विपक्ष की रणनीतियों का सामना करते हुए, रंगासामी ने अपनी बात साफ की कि उनका मकसद केवल चुनाव जीतना नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लिए स्थायी विकास सुनिश्चित करना है। पुडुचेरी में इस चुनाव का माहौल गर्माता जा रहा है, जहां दोनों प्रमुख पार्टियां अपने-अपने प्रयासों को दोगुना कर चुकी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर इस मुकाबले पर है, जो न केवल क्षेत्रीय महत्व का है बल्कि इसके परिणाम केंद्र सरकार की सत्ता पर भी असर डाल सकते हैं।

A ‘ballerina’ from Eurosiberia finds a new stage in India
Trending, राज्य-शहर

यूरोसिबेरिया की एक बैलेरिना ने भारत में पाया नया मंच

चेन्नई, तमिलनाडु | 28 फरवरी 2026 भारत में सर्दियों के मौसम में आमतौर पर डेमोइसल क्रेन (Demoiselle Crane) के दर्शन गुजरात और राजस्थान में होते हैं, लेकिन इस वर्ष 28 फरवरी को चेन्नई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र से पहली बार डेमोइसल क्रेन के दर्शन की सूचना मिली है। यह रिकॉर्ड तमिलनाडु में अब तक सिर्फ फिरुनलवेली के विजय नारायणम टैंक से ही मिलता था। नमन बोरा और अमोघ चैट्टी ने नम्मेली सॉल्ट पैंस के पास डेमोइसल क्रेन को बलूत के बीच भोजन करते हुए पाया। नमन बोरा अगले तीन दिनों तक हर दिन उसी स्थान पर वापस जाकर इस पक्षी को उसी जगह पर भोजन करते हुए देखते रहे, जिससे पता चलता है कि यह पक्षी इस स्थान से मजबूती से जुड़ा हुआ है। डेमोइसल क्रेन की इस नई उपस्थिति से पक्षी प्रेमियों और पक्षी वैज्ञानिकों में उत्साह की लहर दौड़ गई है। यह प्रजाति अपने लंबी दूरी के प्रवास के लिए प्रसिद्ध है, और ऐसे दुर्लभ दृश्य भारत के जैव विविधता के महत्व को रेखांकित करते हैं। तामिलनाडु में इस पक्षी का यह संभावित स्थायी प्रवास स्थल बनना पर्यावरणीय दृष्टि से भी खास माना जा रहा है, क्योंकि यह क्षेत्र मैंग्रोव लैगून और नमक के खेतों से घिरा हुआ है, जो पक्षियों के लिए आदर्श आवास प्रदान करता है। पक्षी संरक्षण विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक होंगी और पक्षी संरक्षण के लिए सरकारी तथा गैर-सरकारी संगठनों की भूमिका और प्रबल करेगी। वे यह भी सुझाव दे रहे हैं कि इस क्षेत्र में और अधिक व्यापक अध्ययन और संरक्षण प्रयास आवश्यक हैं ताकि डेमोइसल क्रेन समेत अन्य प्रवासी पक्षियों की संख्या और सुरक्षित रखी जा सके। यह घटना इस बात का संकेत भी है कि बदलते पर्यावरणीय और जलवायु कारकों के कारण पक्षी अपनी प्रवास पथों और अवास स्थानों में बदलाव कर रहे हैं। चेन्नई के इस नए स्थान पर डेमोइसल क्रेन की उपस्थिति, जन-सामान्य के लिए प्रकृति के नज़दीक आने का एक अनोखा अवसर प्रस्तुत करती है और स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण के लिए व्यवहार परिवर्तन की आवश्यकता पर बल देती है। इस रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय समुदाय, पर्यावरणविद् और प्रशासन मिलकर इन प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित करने की दिशा में सक्रिय कदम उठा सकते हैं। यह न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान देगा, बल्कि पर्यटन और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों के लिए भी फायदेमंद होगा। डेमोइसल क्रेन की इस दुर्लभ और महत्वपूर्ण उपस्थिति के प्रमाण ने पक्षी प्रेमियों में उत्सुकता बढ़ा दी है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में चेन्नई में अधिक पक्षी प्रजातियों के आने की खबरें सुनने को मिलेंगी।

India, other friendly countries granted passage through Hormuz: Iran
अंतरराष्ट्रीय

ईरान ने भारत तथा अन्य मित्र देशों को होर्मुज जलसन्धि पारगमन की अनुमति दी

तेहरान, ईरान | 27 अप्रैल 2024 ईरान के विदेश मंत्री ने हाल ही में घोषणा की है कि भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान के जहाज अब होर्मुज जलसन्धि से सुरक्षित होकर गुजर सकेंगे। इस निर्णय से क्षेत्रीय सहयोग और समुद्री सुरक्षा को काफी मजबूती मिलेगी। उन्होंने इस अवसर पर भारत और श्रीलंका को उनके महत्वपूर्ण सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया। ईरान के विदेश मंत्री ने बताया कि होर्मुज जलसन्धि पर ईरान की संप्रभुता पूरी तरह स्थापित हो चुकी है। उन्होंने कहा, “यह जलसन्धि न केवल ईरान के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिसके माध्यम से तेल और अन्य वस्तुओं का महत्वपूर्ण व्यापार होता है।” जलसन्धि में पारगमन की आज्ञा प्रदान कर ईरान ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि वह क्षेत्रीय शांति और सहयोग को प्राथमिकता देता है। विदेश मंत्री ने कहा कि यह कदम क्षेत्रीय देशों के बीच विश्वास बढ़ाने एवं समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक था। इस मौके पर विदेश मंत्री ने विशेष रूप से भारत और श्रीलंका का धन्यवाद किया, जिनके सहयोग से ईरान को इस क्षेत्र में पर्याप्त सहयोग और समर्थन मिला है। उन्होंने कहा, “भारत और श्रीलंका के योगदान के बिना इस प्रक्रिया को इतनी सफलता से पूरा करना संभव नहीं था।” विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज जलसन्धि से पारगमन की अनुमति मिलने से भारत सहित अन्य मित्र देशों को रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से लाभ होगा। यह कदम क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देगा और समुद्र मार्ग के सुरक्षा मानकों को बढ़ाएगा। भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी इस घोषणा का स्वागत किया है और कहा है कि भारत ईरान के इस कदम को सकारात्मक मानता है। मंत्रालय ने कहा कि भारत हमेशा ही क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए काम करता रहेगा। होर्मुज जलसन्धि विश्व के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल का लगभग एक तिहाई भाग गुजरता है। ऐसे में इस मार्ग के सुरक्षा और पारगमन की अनुमति का बढ़ना वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि इस पहल से ईरान और क्षेत्रीय देशों के बीच सहयोग के नए अवसर खुलेंगे, जो क्षेत्रीय विवादों को कम कर भविष्य में बेहतर साझेदारी का उदाहरण प्रस्तुत कर सकता है। आगे देखते हुए यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि इस निर्णय से भारत को मध्यपूर्व में अपने आर्थिक और सामरिक हितों को और मजबूत करने में मदद मिलेगी, विशेषकर ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में। अंत में, यह कदम एक सकारात्मक संकेत है कि कैसे क्षेत्रीय सहयोग से जटिल समुद्री एवं भू-राजनीतिक चुनौतियों का समाधान संभव है।

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