Pope Leo XIV rejects claims that God justifies war in Palm Sunday Mass message
अंतरराष्ट्रीय

पोप लियो चौदहवें ने पाम संडे मैसेज में युद्ध को भगवान के न्यायसंगत ठहराने के दावों से किया इनकार

पोप लियो चौदहवें ने हाल ही में होली वीक के दौरान एक महत्वपूर्ण संदेश में कहा कि क्रिश्चियन समुदाय को कभी भी यह नहीं भूलना चाहिए कि पूरी दुनिया में कितनी बड़ी संख्या में लोग मसीह की तरह कष्ट झेल रहे हैं। उन्होंने यह बात पाम संडे के अवसर पर अपने प्रवचन में कही। पोप लियो ने जोर देते हुए कहा कि होली वीक का समय मनुष्यता के प्रति करुणा और सहानुभूति का प्रतीक है। इस दौरान हमें याद रखना चाहिए कि यीशु मसीह ने जो तकलीफें और पीड़ा सहन की, वे आज भी हजारों-लाखों लोगों के जीवन में प्रतिरूपित हो रही हैं। उन्होंने सभी को प्रेरित किया कि वे अपने आसपास के दुखी और कष्ट झेल रहे लोगों की मदद करें और उनके लिए दुआ करें। विशेष रूप से, पोप ने यह स्पष्ट किया कि भगवान युद्ध को कभी भी न्यायसंगत या उचित नहीं मानते। उन्होंने पाम संडे के संदेश में युद्ध के समर्थन में कही जाने वाली सभी दलीलों का खंडन करते हुए कहा कि भगवान का संदेश प्रेम, शांति और सहिष्णुता का है। पोप ने विश्वासियों से अपील की कि वे अपनी आस्था के आधार पर शांति और सद्भावना फैलाने में अग्रणी भूमिका निभाएं। पोप लियो ने यह भी कहा कि आज के दौर में, जब विश्व कई संघर्षों और दृष्टिकोणों के कारण विभाजित है, धर्म का काम उन विभाजनों को पाटना एवं मानवता को जोड़ना है। उन्होंने कहा कि मसीह के बलिदान को समझना और अपनाना ही वह रास्ता है जिससे हम सभी बेहतर जीवन और समाज का निर्माण कर सकते हैं। उनके इस संदेश ने विश्व के विभिन्न हिस्सों में शांति और सहिष्णुता के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद की है। इस दौरान, पॉप के संदेश ने न केवल धार्मिक समुदायों को बल्कि विश्व के साथ-साथ आम जनता में भी सहानुभूति और मानवता की भावना को प्रबल करने का काम किया। पॉप के इस संदेश को लेकर विभिन्न धर्मगुरुओं और सामाजिक संगठनों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस बात की सराहना की कि पोप लियो ने युद्ध और हिंसा के विषय पर स्पष्ट और प्रभावशाली बयान देकर शांति की आवश्यकता पर बल दिया। समाज के लिए यह संदेश एक प्रेरणा है कि हम सब को अपने आस-पास के दुखी और परेशान लोगों का ध्यान रखना चाहिए तथा उनके लिए एक सहायक और प्रेमपूर्ण वातावरण बनाना चाहिए। होली वीक का समय हमें यही सिखाता है कि मसीह की तरह करुणामय और सहनशील बनकर हम इस दुनिया को एक बेहतर स्थान बना सकते हैं।