समीक्षा | 2000 के दशक की शुरुआती बेंगलुरु का जीवंत चित्र: दीपिका अरविंद की ‘गुड आर्ग्युमेंट्स’

बेंगलुरु, एक ऐसा शहर जिसने 2000 के दशक की शुरुआत में युवा, बेचैन और कलात्मक दृष्टिकोण रखने वाले लोगों की भावनाओं को गहराई से महसूस किया, अब एक नॉवल के ज़रिए पुनः जीवित हो उठा है। दीपिका अरविंद की…










