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अब बिना क्लेम के मिलेगा PF का पैसा: EPFO ला रहा ऑटो-सेटलमेंट सुविधा, करोड़ों खाताधारकों को राहत

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बड़ी पहल: बिना आवेदन सीधे खाते में पैसा

देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अब एक नई ऑटो-सेटलमेंट सुविधा शुरू करने जा रहा है, जिसके तहत निष्क्रिय खातों में पड़ा पीएफ का पैसा सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा। इस सुविधा के लागू होने के बाद खाताधारकों को किसी तरह का क्लेम करने या कागजी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी।

क्या है ऑटो-सेटलमेंट सुविधा?

ऑटो-सेटलमेंट सुविधा एक ऐसी डिजिटल व्यवस्था है, जिसके जरिए ईपीएफओ आधार से सत्यापित खातों की पहचान कर उनमें पड़ी लावारिस राशि को सीधे संबंधित व्यक्ति के बैंक खाते में भेज देगा। इससे वर्षों से अटके करोड़ों रुपये लोगों तक आसानी से पहुंच सकेंगे।

कितनी राशि और कितने खाते?

ईपीएफओ के आंकड़ों के अनुसार, करीब 81 लाख निष्क्रिय खातों में लगभग 5,200 करोड़ रुपये की राशि पड़ी हुई है। इनमें से कई खाते ऐसे हैं जिनमें लाखों रुपये जमा हैं, लेकिन खाताधारकों ने अब तक क्लेम नहीं किया है।

लावारिस धन का बड़ा आंकड़ा

फरवरी 2026 तक ईपीएफओ के पास 31.8 लाख निष्क्रिय खातों में कुल 10,181 करोड़ रुपये की राशि पड़ी हुई है। यह राशि लंबे समय से बिना दावे के पड़ी है, जिसे अब ऑटो-सेटलमेंट के जरिए निपटाने की योजना बनाई जा रही है।

किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?

इस सुविधा का सबसे ज्यादा लाभ उन लोगों को मिलेगा जो रिटायर हो चुके हैं या जिन्होंने नौकरी बदलने के बाद अपना पीएफ ट्रांसफर नहीं कराया। इसके अलावा, ऐसे खाताधारक जिनके खाते आधार से लिंक हैं लेकिन लंबे समय से निष्क्रिय हैं, उन्हें भी इसका फायदा मिलेगा।

कैसे काम करेगा सिस्टम?

नई प्रणाली के तहत ईपीएफओ पहले आधार और बैंक खाते की जानकारी का मिलान करेगा। इसके बाद सत्यापन पूरा होने पर राशि सीधे संबंधित व्यक्ति के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

निष्क्रिय खाता किसे माना जाता है?

ईपीएफओ उन खातों को निष्क्रिय मानता है, जिनमें लंबे समय तक कोई योगदान नहीं किया गया हो। आमतौर पर, 55 वर्ष की आयु के बाद यदि तीन वर्षों तक कोई योगदान नहीं होता, तो खाता निष्क्रिय हो जाता है।

सरकार की बड़ी पहल

यह कदम सरकार की डिजिटल इंडिया और वित्तीय समावेशन की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को उनके हक का पैसा समय पर मिलेगा।

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