
काँकेर जिले के एक गाँव में क्रिस्चियन दाह संस्कार की रीति-रिवाजों के विरोध के बाद तनाव भड़क गया और भीड़ ने प्रार्थना हॉल को नुकसान पहुंचाया। इस घटना में पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बल स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास में जुटे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, गाँव में हाल ही में एक मृतक के लिए क्रिस्चियन दाह संस्कार किया जाना था, जिसे कुछ लोगों ने स्वीकार नहीं किया। इसके विरोध में विवाद शुरू हुआ, जो जल्द ही हिंसातक रूप ले लिया। भीड़ ने प्रार्थना हॉल पर हमला कर तोड़फोड़ की, जिससे इलाके में दहशत का माहौल पैदा हो गया।
पुलिस के अनुसार, भीड़ ने जबरदस्ती स्थान पर कब्जा करने की कोशिश की और सुरक्षा कर्मियों पर भी हमला किया। कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। उन्होंने बताया कि फिलहाल स्थिति को काबू में लाने के लिए अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है।
स्थानीय प्रशासन ने शांतिपूर्ण समाधान के लिए सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के लिए तैयार रहने की अपील की है। साथ ही, घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है जो मामले की तह तक जाने का काम करेगी।
इस घटना से पूर्व, इस क्षेत्र में धार्मिक सामंजस्य को लेकर कई बार विवाद होते रहे हैं। प्रशासन का यह प्रयास है कि इस प्रकार की घटनाओं को आगे न बढ़ने दिया जाए और सामाजिक सौहार्द कायम रखा जाए।
स्थानीय लोगों ने भी अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों का सम्मान होना चाहिए और एक-दूसरे के विश्वासों को समझने की जरूरत है।
काँकेर पुलिस ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वे जनता से सहयोग की अपेक्षा करते हैं ताकि जल्द से जल्द इलाके में सामान्य स्थिति बहाल हो सके।
इस पूरे मामले ने बस्तर क्षेत्र में धार्मिक और सामाजिक एकता की अहमियत को फिर से उजागर किया है और अधिकारियों को इसका समाधान निकालने के लिए सतर्क कर दिया है। आने वाले दिनों में हालात कैसे विकसित होते हैं, यह देखने वाली बात होगी।












