
सीमावर्ती जैसलमेर में पश्चिमी विक्षोभ से बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि से भारी नुकसान
जैसलमेर। सीमावर्ती जैसलमेर जिले में शुक्रवार को मौसम ने बदले रूप दिखाए। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से नाचना क्षेत्र में करीब 20 मिनट तक तेज ओलावृष्टि हुई, जिससे वहां की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। ओलों की बर्फ की चादर से खेत पूरी तरह से ढक गए और बारिश के कारण जलभराव भी देखने को मिला।
नाचना क्षेत्र के साथ-साथ इस मौसम ने पोकरण और मोहनगढ़ क्षेत्र को भी प्रभावित किया, जहां हल्की बारिश दर्ज की गई। सुबह के समय पीथोड़ाई गांव में भी तेज बारिश दर्ज हुई है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। पिछले कुछ दिनों से बढ़ती गर्मी और सूखे के बाद इस बेमौसमी बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के कारण इस क्षेत्र में तूफानी हवाओं और गरज के साथ बारिश हुई जो अचानक शुरू होकर पूरी तरह मौसम के मिजाज को बदल गई। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय फसल की वृद्धि के लिए मौसम अनुकूल नहीं था, इसलिए किसानों को इसका नुकसान झेलना पड़ रहा है। खासकर बाजरा, गेहूं और मक्का जैसी फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
कई किसानों ने बताया कि खेतों में पड़े ओलों से उनकी मेहनत पर पानी फिर गया है। कुछ किसानों का कहना है कि सिंचाई के अभाव में पहले से ही फसल प्रभावित थी और इस बारिश ने स्थिति को और खराब कर दिया है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आंकलन शुरू कर दिया है और जल्द से जल्द राहत कार्य करने की योजना बनाई जा रही है।
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक इस क्षेत्र में इसी प्रकार की अप्रत्याशित बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रह सकता है, इसलिए किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से मौसम के प्रति सजग रहने और आवश्यक सावधानी बरतने का आग्रह किया है।
जैसलमेर जिले में यह बेमौसमी बारिश किसानों के लिए किसी चिंता का कारण बनी हुई है और स्थानीय प्रशासन, कृषि विभाग तथा मौसम विभाग के बीच समन्वय बढ़ाकर इसके असर को कम करने के प्रयास जारी हैं।












