
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी शुक्रवार को सामने आई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने दोपहर 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि प्रदेश की फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। इस सूची में कुल 13.39 करोड़ मतदाता शामिल हैं, जिसमें इस साल संशोधनों के बाद लगभग 2.05 करोड़ वोटर्स के नाम हटाए गए हैं, जबकि 84 लाख नए मतदाता जोड़े गए हैं।
इससे पहले 6 जनवरी को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 12.55 करोड़ मतदाताओं के नाम थे, इसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 6.88 करोड़ और महिलाओं की संख्या 5.67 करोड़ थी। तृतीय लिंग के मतदाताओं की संख्या केवल चार हजार के लगभग थी। अंतिम सूचि में कुल पुरुष मतदाता 7.30 करोड़ (54.54%) और महिलाएं 6.09 करोड़ (45.46%) हैं, जबकि तृतीय लिंग मतदाताओं की संख्या लगभग 4206 है जो 0.01% से कम है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि योजना SIR (Specific Identification Roll) की प्रक्रिया 27 अक्टूबर 2025 को शुरू हुई थी। इसमें 4 नवंबर से मतदान प्रपत्रों की गणना प्रारंभ हुई तथा प्राथमिक फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि जनवरी में बढ़ाई गई थी। प्रारंभिक ड्राफ्ट वोटर रोल दिसंबर के अंत में प्रकाशित होना था लेकिन इसे 6 जनवरी 2026 तक स्थगित कर दिया गया। मूल दावे-आपत्तियां भी 6 मार्च 2026 तक बढ़ाई गईं, जिससे मतदाता सूची और अधिक विश्वसनीय बनी है।
प्रदेश में मतदाता सूची में इस तरह के बड़े संशोधन पहली बार तेजी से हुए हैं। इससे पहले यूपी सहित 11 अन्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की फाइनल लिस्ट जारी हो चुकी है। सबसे अधिक मतदाताओं के नाम कटने का रिकॉर्ड गुजरात में 68 लाख नाम कटने के साथ बना है, वहीं बंगाल में 63 लाख मतदाताओं के नाम सूचि से हटे हैं।
राज्य निर्वाचन कार्यालय यूपी की मतदाता सूचि में हुए संशोधन चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की दिशा में गंभीर कदम माना जा रहा है। इससे न केवल फर्जी वोटरों की संख्या कम होगी बल्कि नए योग्य मतदाताओं को भी वोट देने का मौक़ा मिलेगा। मतदाता सूची की इस अंतिम सूची के आधार पर आगामी चुनावों की तैयारी शुरु कर दी जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने आमजन से आग्रह किया है कि वे अपनी मतदाता जानकारी का खुद भी बार-बार निरीक्षण करते रहें ताकि कोई अनावश्यक त्रुटि न रह जाए। फाइनल लिस्ट से जुड़ी निरंतर अपडेट्स के लिए राज्य निर्वाचन आयोग के लाइव ब्लॉग को नियमित चेक किया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश जैसे बड़े लोकतांत्रिक राज्य में निर्वाचन सूची की सटीकता से चुनाव प्रक्रिया और राष्ट्रीय लोकतंत्र में विश्वसनीयता बढ़ती है। फाइनल वोटर लिस्ट की इस घोषणा के बाद जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने का काम लगातार किया जा रहा है ताकि सभी पात्र मतदाता अपने निर्वाचनों में भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।












