
केरल विधानसभा चुनाव 2026 नजदीक आते ही चुनाव प्रचार की तैयारियां जोरों पर हैं। थिरुवनंतपुरम के अनुभवी वॉल कलाकार इस बार भी चुनावी वॉल पेंटिंग और पोस्टर डिजाइनिंग के माध्यम से अभियान को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उनका हुनर और कला न केवल जनसंपर्क का साधन बन रही है, बल्कि वे चुनावी संदेशों को प्रभावशाली ढंग से आम जनता के बीच पहुंचाने का जरिया भी हैं।
वॉल आर्टिस्टों के अनुसार, चुनाव प्रचार में उनकी महत्ता केवल दीवारों को रंगने तक सीमित नहीं है। उनका उद्देश्य जनता को सही सूचना देना, चुनावी मुद्दों को उजागर करना और सकारात्मक माहौल बनाना होता है। वे अक्सर स्थानीय मुद्दों और पार्टियों के आदर्शों को अपने चित्रों और पोस्टर्स में दर्शाते हैं, जिससे जनता आसानी से जिम्मेदार और जागरूक फैसले ले सके।
थिरुवनंतपुरम के वरिष्ठ वॉल आर्टिस्ट राजेश का कहना है, “हमारे लिए यह सिर्फ कला नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है कि हम समाज तक सही संदेश पहुंचाएं। चुनावी समय में यह भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि दीवारों पर बने चित्र युवाओं और आम जनता का ध्यान आकर्षित करते हैं।”
कुछ कलाकारों का यह भी कहना है कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें विभिन्न राजनीतिक दलों से काम मिलता है, लेकिन वे हमेशा निष्पक्ष और तथ्यात्मक रहने की कोशिश करते हैं। उन्हें अपने कार्य से जो सन्तुष्टि मिलती है, वह इन्हें इस क्षेत्र में निरंतर जुड़ा रहने के लिए प्रेरित करती है।
वॉल आर्टिस्टों का यह भी मानना है कि डिजिटल युग में भी लोकल आर्ट का अपना प्रभावी स्थान है। चुनाव प्रचार में सोशल मीडिया के साथ पारंपरिक माध्यमों जैसे दीवार पेंटिंग का जुड़ाव जनता के मन में रिस्पॉन्स बढ़ाने में कारगर होता है।
इस तरह, थिरुवनंतपुरम के ये अनुभवी कलाकार न केवल कला के माध्यम से चुनावी संदेशों को जन जन तक पहुंचा रहे हैं, बल्कि लोकतंत्र की जड़ें मजबूत करने में भी योगदान दे रहे हैं। चुनाव 2026 के दौरान उनकी रचनात्मकता और मेहनत निश्चित रूप से कांग्रेस, भाजपा समेत अन्य दलों की रणनीतियों को गति देगी।












