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Mochakk brings Brazil’s electronic fire to India this May
मनोरंजन

मोकाक भारत में मई में लेकर आ रहा है ब्राज़ील की इलेक्ट्रॉनिक धुन

ब्राजील के प्रसिद्ध डीजे और म्यूजिक प्रोड्यूसर मोकाक जल्द ही भारत में अपने संगीत का जादू बिखेरने जा रहे हैं। मोकाक इस मई महीने में गोवा, मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह उनके लिए भारत में एक भव्य डेब्यू होगा जो इलेक्ट्रॉनिक म्यूजिक प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं होगा। मोकाक का संगीत ब्राजील की समृद्ध संगीत परंपरा और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक बीट्स का एक अनूठा संयोजन है। उनकी धुनों में ऊर्जा, उत्साह और तकनीकी कौशल की झलक मिलती है, जो पूरी दुनिया में उन्हें लोकप्रिय बनाती है। भारत में उनके आने का मतलब है कि देश में इलेक्ट्रॉनिक डांस म्यूजिक का नया अध्याय शुरू होने वाला है। गोवा, जो अपनी उत्सवों और समुद्री किनारे के लिए जाना जाता है, मोकाक के संगीत के लिए आदर्श स्थान होगा। इसके बाद मुंबई, भारत की आर्थिक राजधानी, जहां मोकाक मुंबई की चमक-दमक और विविधता को अपने संगीत के साथ जीवंत करेंगे। दिल्ली और बेंगलुरु भी उनकी प्रस्तुति के मुख्य केंद्र होंगे, जहां संगीत प्रेमी उनकी धुनों पर झूम उठेंगे। इस कार्यक्रम की विशेषता यह है कि यह न केवल एक संगीत कार्यक्रम है बल्कि यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान का भी प्रतीक है। मोकाक के संगीत में ब्राजील की आत्मा और भारत की युवा ऊर्जा का सुंदर मेल देखने को मिलेगा। यह आयोजन भारतीय संगीत प्रेमियों के लिए एक अनूठा अनुभव प्रदान करेगा और इलेक्ट्रॉनिक संगीत को नए स्तर पर पहुंचेगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त डीजे मोकाक ने कई बड़े संगीत समारोहों में भाग लिया है और उनकी धुनों ने लाखों दिलों को छुआ है। उनकी भारत यात्रा संगीत प्रेमियों के लिए एक अवसर होगी कि वे इस संगीत महाकाव्य का हिस्सा बनें। निकट भविष्य में मोकाक के प्रदर्शन के लिए टिकट उपलब्ध होंगे, जिनकी डिमांड सुनिश्चित रूप से बहुत अधिक होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि उनका यह रुक-रुक कर नहीं, बल्कि भारत में एक समृद्ध संगीत यात्रा की शुरुआत है। इस प्रकार, मोकाक का भारत में आगमन संगीत जगत के लिए उत्साह और नवीनता लेकर आ रहा है। संगीत प्रेमी इस मौके को हाथ से जाने नहीं देंगे और मोकाक के साथ इस संगीत यात्रा में शामिल होकर अद्भुत अनुभव प्राप्त करेंगे।

The Strokes torch U.S. imperialism at Coachella with Gaza montage and CIA takedown
मनोरंजन

द स्टोक्स ने कोचेला में अमेरिकी साम्राज्यवाद की मॉकिंग की, गाजा मोंटाज और CIA पर प्रहार

लॉस एंजिल्स, 2026 – अमेरिकी बैंड द स्टोक्स ने कोचेला 2026 के मंच पर एक ऐसा प्रदर्शन किया जिसने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया। अपने अंतिम सेट के दौरान, उन्होंने एक विडियो मोंटाज प्रस्तुत किया, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका की विदेश नीति की आलोचना की गई और गाजा में इजरायल द्वारा किए जा रहे नरसंहार को उजागर किया गया। यह प्रदर्शन अमेरिकी विदेश नीति पर तीखा प्रहार था, खासकर उन कृत्यों पर जो वाशिंगटन द्वारा समर्थित हैं। कोचेला में आयोजित इस संगीत महोत्सव में हजारों युवा और विश्वभर से आए लोग शामिल थे। द स्टोक्स की यह प्रस्तुति सामाजिक-राजनीतिक जागरुकता के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश बनी। मोंटाज में अमेरिका की सीआईए और उसकी विदेशी हस्तक्षेप नीतियों की कड़ी निंदा की गई, जिससे यूएस के वैश्विक प्रभाव और उसकी सैन्य हमलों की छवि उजागर हुई। इस प्रदर्शन ने वैश्विक स्तर पर गाजा में हो रहे संघर्षों और मानवीय संकटों को भी प्रमुखता से सामने रखा। द स्टोक्स ने अपने मंच पर दिखाए गए वीडियो में गाजा के आम लोगों के दर्द और उनके साथ हो रहे अत्याचारों को दिखाते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के राजनीतिक संदर्भ वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम युवाओं में राजनीतिक जागरुकता पैदा करने का एक नया जरिया बन चुके हैं। द स्टोक्स ने स्पष्ट रूप से यह संकेत दिया कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय और मानवाधिकारों के लिए आवाज उठाने का एक सशक्त मंच भी हो सकता है। इस प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना रहा, जहां समर्थकों और आलोचकों दोनों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए। जबकि कुछ ने द स्टोक्स की साहसिकता की प्रशंसा की, कुछ अन्य ने इसे विवादित और अनचाहा बताया। फिर भी यह प्रदर्शन अमेरिकी सामरिक नीतियों और उनके प्रभावों पर एक जरूरी बहस को जन्म देने में सहायक साबित हुआ। इस प्रकार, द स्टोक्स का कोचेला 2026 में यह मोंटाज न केवल एक संगीत प्रस्तुति थी, बल्कि यह अमेरिकी साम्राज्यवाद और उसकी वैश्विक नीतियों पर एक खुला राजनीतिक बयान भी था, जिसने दुनिया भर के लोगों के समक्ष मानवीय संकट की तस्वीर रखी।

Abuzar Akhtar introspects on humility and faith with ‘Ehtram’
मनोरंजन

अबुज़र अख्तर ने ‘एहम्रम’ के साथ विनम्रता और आस्था पर किया आत्मनिरीक्षण

मुंबई से संबंध रखने वाले प्रसिद्ध गायक अबुज़र अख्तर ने हाल ही में संगीत की दुनिया में एक नया कदम बढ़ाया है। उन्होंने अपना स्वयं का रिकॉर्ड लेबल लॉन्च करके न केवल संगीत की दुनिया में अपनी पहचान मजबूती से स्थापित की है, बल्कि वे अब एक सफल उद्यमी के रूप में भी उभर रहे हैं। अभिनेता और गायक के रूप में पहले से ही एक मजबूत स्थान बना चुके अबुज़र अख्तर ने इस नए प्रोजेक्ट के जरिये न केवल अपने संगीत को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है, बल्कि वे नए और उभरते कलाकारों को भी प्लेटफॉर्म देने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका उद्देश्य संगीत प्रेमियों तक गुणवत्ता युक्त संगीत पहुंचाना और टैलेंटेड कलाकारों को सही अवसर प्रदान करना है। मुंबई, जो भारतीय मनोरंजन उद्योग का केंद्र है, यहां से कई कलाकारों ने अपनी मंजिल पाई है। अबुज़र अख्तर का रिकॉर्ड लेबल इस बात का प्रमाण है कि वे संगीत के साथ-साथ व्यावसायिक समझ भी रखते हैं। उनका मानना है कि संगीत केवल कला ही नहीं, बल्कि एक व्यवसाय भी है जिसे समर्पण और उत्कृष्ट प्रबंधन की जरूरत होती है। इस नई पहल के तहत वह गाने की रिकॉर्डिंग, प्रोडक्शन, मार्केटिंग और वितरण से जुड़ी सभी जिम्मेदारियां स्वयं उठाएंगे। यह कदम न केवल उनकी रचनात्मक स्वतंत्रता को बढ़ावा देगा, बल्कि युवा कलाकारों के लिए भी अवसरों के द्वार खोल देगा। संगीत प्रेमी और उद्योग विशेषज्ञ इस पहल को बहुत सकारात्मक रूप से देख रहे हैं। उनका मानना है कि अबुज़र अख्तर का यह कदम भारतीय संगीत उद्योग में नई ऊर्जा लाएगा और देश के विशाल संगीत प्रेमी समुदाय के बीच इसे अच्छी प्रतिक्रिया मिलने की पूरी संभावना है। मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, अबुज़र ने अपने नए स्टार्टअप के बारे में विस्तार से चर्चा की और कहा, “मेरा उद्देश्य केवल संगीत बनाना नहीं, बल्कि संगीत को सही दिशा और सम्मान देना है। इस रिकॉर्ड लेबल के माध्यम से मैं खुद को और दूसरों को विकसित करने का प्रयास करूंगा।” उद्यमिता के साथ-साथ अबुज़र अख्तर ने अपनी कला में भी निरंतर सुधार किया है और अब उनकी आवाज़ को नए आयाम मिलेंगे। संगीत प्रेमियों को उम्मीद है कि उनके इस नए प्रयास से नए और असाधारण संगीत का सृजन होगा। इस प्रकार, अबुज़र अख्तर का रिकॉर्ड लेबल न केवल उनकी व्यक्तिगत प्रगति का प्रतीक है, बल्कि यह भारतीय संगीत उद्योग के विकास में भी सहायक होगा। भविष्य में यह नई पहल संगीत जगत में एक नया अध्याय लिख सकती है।

Dolorblind to showcase latest EP No Signal at Bengaluru event
मनोरंजन

डोलरब्लाइंड बैंगलोर में नवीनतम EP ‘नो सिग्नल’ पेश करेंगे

बैंगलोर. संगीत निर्माता और विजुअल आर्टिस्ट डोलरब्लाइंड का भारत दौरा इस सप्ताह बैंगलोर में समाप्त हो रहा है। इस अवसर पर वे अपने नवीनतम EP “नो सिग्नल” को पहली बार यहां प्रस्तुत करेंगे, जो उनके क्लब और इलेक्ट्रॉनिक संगीत के प्रशंसकों के लिए एक उत्कृष्ट संगीतमय अनुभव साबित होगा। डोलरब्लाइंड, जिन्होंने अपनी अनूठी ध्वनि शैली और विज़ुअल आर्ट के माध्यम से संगीत की दुनिया में अपनी पहचान बनाई है, ने इस दौरे के दौरान देश के कई प्रमुख शहरों में अपनी प्रस्तुति दी। ‘नो सिग्नल’ EP की बात करें तो यह नई धुनों, प्रयोगात्मक बीट्स और गहरे टोन का मिश्रण है जो सुनने वालों को एक नई ध्वनि यात्रा पर ले जाता है। बैंगलोर में आयोजित इस आयोजन में स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के संगीत प्रेमी भारी संख्या में इकठ्ठा हुए। इस कार्यक्रम के दौरान डोलरब्लाइंड ने न केवल संगीत प्रस्तुत किया, बल्कि विजुअल आर्ट इन्स्टालेशन्स भी प्रदर्शित किए, जो उनके संगीत के अनुभव को और भी समृद्ध बनाते हैं। डोलरब्लाइंड के मुताबिक, “भारत एक विविध और ऊर्जावान देश है, जहां संगीत के प्रति जुनून को देखना बेहद रोमांचक है। इस दौरे ने मुझे अपने संगीत को सीधे लोगों के दिलों तक पहुंचाने का अवसर दिया।” विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक संगीत के क्षेत्र में डोलरब्लाइंड ने सीधा-सरल लेकिन प्रभावशाली अंदाज में नई दिशा दी है। उनकी प्रस्तुतियां न केवल संगीत की शैली को नया आयाम देती हैं, बल्कि सांस्कृतिक अनुभवों को भी जोड़ती हैं। इस दौरे के समापन पर डोलरब्लाइंड ने अपने प्रशंसकों के प्रति आभार व्यक्त किया और भविष्य में और भी नए प्रोजेक्ट्स की जानकारी साझा की। उनके नवीनतम EP “नो सिग्नल” को संगीत प्रेमियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और इसे कई डिजिटल प्लेटफार्मों पर उपलब्ध कराया गया है। कुल मिलाकर, डोलरब्लाइंड का यह दौरा भारतीय संगीत परिदृश्य में एक नया अध्याय जोड़ने वाला साबित हुआ है, जहां इलेक्ट्रॉनिक संगीत के जरिए लोगों को अनुभवात्मक संगीत से रूबरू करवाया जा रहा है।

Asha Bhosle admitted to hospital due to chest infection, says her granddaughter
मनोरंजन

आशा भोसले को सीने के संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया, पोती ने बताया

  मशहूर गीतकार और बॉलीवुड की मिसेबल आशा भोसले को हाल ही में सीने के संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस खबर की पुष्टि उनकी पोती ने की है। इससे पहले कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि उन्हें कार्डियक अरेस्ट और पल्मोनरी समस्याएं भी हुईं, लेकिन परिवार ने इस मामले में अधिक स्पष्ट जानकारी साझा करने से परहेज किया है। आशा भोसले के फैंस और संगीत दुनिया के लोग उनके स्वास्थ्य की चिंता कर रहे हैं। वह मशहूर गायक दिनेश भानुशाली की पुत्री और लता मंगेशकर की बहन हैं, जिन्होंने अपने लंबे करियर में असंख्य हिट गीत गाए हैं। उनकी आवाज़ बॉलीवुड संगीत में एक अलग पहचान रखती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बुजुर्ग व्यक्तियों में छाती के संक्रमण और साँस लेने की समस्याएं गंभीर हो सकती हैं, जिन्हें समय पर इलाज की आवश्यकता होती है। आशा भोसले के अस्पताल में भर्ती होने की खबर ने सभी को सतर्क किया है कि हमें बुजुर्गों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उनकी पोती ने मीडिया से कहा कि आशा भोसले की स्थिति स्थिर है और उनका इलाज जारी है। परिवार सभी तरह से उनकी देखभाल कर रहा है तथा आशा है कि जल्दी ही वह पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगी। फरवरी में, आशा भोसले ने समाज सेवा और संगीत कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी दिखाई थी। उनके अस्पताल में भर्ती होने से फैंस और सहयोगी कलाकार चिंतित हैं, लेकिन परिवार उनकी निजी जिंदगी और स्वास्थ्य का सम्मान करने की अपील कर रहा है। आशा भोसले के अदाकारी और संगीत से जुड़ी उपलब्धियों को देखते हुए, उनका स्वास्थ्य खबर का विषय होना स्वाभाविक है। सभी उनके स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं और उम्मीद है कि वे जल्द ही अपने प्रशंसकों के बीच लौटेंगी। परिवार और डॉक्टर मिलकर उनका बेहतर उपचार कर रहे हैं ताकि उन्हें कोई और समस्या न हो। फिलहाल अस्पताल का स्टाफ उनकी निगरानी कर रहा है और उन्हें उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। आशा भोसले की यह नई स्वास्थ्य समस्या संगीत क्षेत्र के लिए एक बड़ा झटका है, लेकिन उनके फैंस उनकी जल्दी रिकवरी की कामना कर रहे हैं।

Hip-hop pioneer Afrika Bambaataa dies at 68
मनोरंजन

हिप-हॉप के पायनियर अफ्रीका बम्बात्ता का 68 वर्ष की उम्र में निधन

  हिप-हॉप संगीत के दिग्गज और प्रभावशाली निर्माता अफ्रीका बम्बात्ता का 68 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। अफ्रीका बम्बात्ता को उनकी क्रांतिकारी संगीत कृतियों और यूनिवर्सल जुलू नेशन आर्ट कलेक्टिव की स्थापना के लिए जाना जाता था, जिसने वैश्विक हिप-हॉप संस्कृति को आकार देने में अहम भूमिका निभाई। अफ्रीका बम्बात्ता का असली नाम किवान मैचाका था और वे 1970 और 1980 के दशक में ब्रेकडांस और हिप-हॉप के विकास में एक अग्रणी हस्ती के रूप में उभरे। उनकी सबसे प्रसिद्ध धुनों में 1982 का “प्लैनेट रॉक” शामिल है, जिसने इलेक्ट्रॉनिक बीट्स और रैप का ऐसा संगम पेश किया जो उस समय के संगीत परिदृश्य को पूरी तरह बदल कर रख दिया। “प्लैनेट रॉक” ने हिप-हॉप संगीत को एक नई दिशा दी और वैश्विक स्तर पर इसकी पहुंच को व्यापक बनाया। अफ्रीका बम्बात्ता का यूनिवर्सल जुलू नेशन आर्ट कलेक्टिव भी बहुत महत्वपूर्ण रहा, जिसने हिप-हॉप को केवल संगीत के रूप में नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक आंदोलन के रूप में स्थापित करने में मदद की। यह समूह युवाओं के लिए एक ऐसा मंच था जहां वे संगीत, कला और सामाजिक चेतना के जरिए अपनी आवाज़ उठा सकते थे। अफ्रीका बम्बात्ता ने अपने संगीत और समुदाय निर्माण के जरिए हिंसा और नशे के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया। उन्होंने संगीत को एक सशक्त माध्यम के रूप में देखा जो सामाजिक बदलाव की दिशा में काम कर सकता है। उनके योगदानों को आज भी संगीतकार और प्रशंसक याद करते हैं और उनके प्रभाव को हिप-हॉप की जड़ों में स्थायी माना जाता है। उनके जाने से हिप-हॉप और इलेक्ट्रॉनिक संगीत के समर्पित फैंस में गहरा शोक व्याप्त है। कई कलाकारों और संगीत जगत के विशेषज्ञों ने अफ्रीका बम्बात्ता को श्रद्धांजलि दी है, उन्हें एक विजनरी और क्रांतिकारी बताया है जिन्होंने संगीत की सीमाओं को पार कर दिया। अफ्रीका बम्बात्ता का निधन न केवल एक कलाकार के रूप में बल्कि एक सामाजिक चिन्तक और प्रेरक के रूप में भी एक बड़ी क्षति है। उनकी विरासत अभी भी युवाओं को प्रेरित करती रहेगी और हिप-हॉप की दुनिया में उनकी जगह सदैव अमिट रहेगी।

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