ना करो सितम पर सितम, मुझे जीने दो

शहर की सुबह अब चिडिय़ों की चहचहाहट से नहीं, बल्कि सरकारी आदेशों की खडख़ड़ाहट से खुलती है। कहीं पेट्रोल पंप पर लंबी कतारें हैं, कहीं गैस एजेंसी के बाहर खाली सिलेंडर लिए खड़े लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे…

शहर की सुबह अब चिडिय़ों की चहचहाहट से नहीं, बल्कि सरकारी आदेशों की खडख़ड़ाहट से खुलती है। कहीं पेट्रोल पंप पर लंबी कतारें हैं, कहीं गैस एजेंसी के बाहर खाली सिलेंडर लिए खड़े लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे…