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गंगश्यामजी मंदिर: बसंत पंचमी से रंग पंचमी तक होली की मस्ती

जोधपुर। भीतरी शहर स्थित गंगश्यामजी मंदिर में फागोत्सव चरम पर है। यहां पूरे पैंतालिस दिन तक होली का जश्न चलता है। श्रद्धालुओं के साथ विदेशी सैलानी भी यहां होली खेलते है।मंदिर में उत्सव की शुरुआत बसंत पंचमी से होती है और रंग पंचमी तक जारी रहती है। इस रंगारंग उत्सव में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और भक्ति के रंग में रंग जाते हैं। सबसे खास बात ये है कि मंदिर में 250 सालों से होली खेलने की परम्परा निभाई जा रही है।मंदिर के पुजारी बताते हैं कि सुबह 12 से 2 बजे तक गुलाल और पुष्पों से होली खेली जाती है, जबकि रात 8 से 11 बजे तक होली के मधुर गीतों का गायन होता है। ये परंपरा पिछले 250 सालों से चली आ रही है और आज भी उतनी ही जीवंत है।मंदिर में विराजमान भगवान श्याम की प्रतिमा जोधपुर नरेश राव गांगा को उनके विवाह में दहेज के रूप में मिली थी। राव गांगा (1515-1531) का विवाह सिरोही के राव जगमाल की पुत्री रानी देवड़ी से हुआ था। विदाई के समय राव जगमाल ने बेटी की भगवान कृष्ण के प्रति गहरी आस्था देखकर कृष्ण की मूर्ति और ठाकुरजी की सेवा के लिए सेवग जीवराज को भी दहेज में जोधपुर भेज दिया। पहले ये मूर्ति किले में स्थापित की गई, फिर शहर की जूनी धान मंडी में विक्रम संवत 1818 में भव्य मंदिर बनवाकर प्रतिष्ठित की गई। चूंकि राव गांगा ने इसे स्थापित किया, इसलिए इन्हें गंगश्यामजी कहा जाता है।

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हीया कोठारी बनी साध्वी ह्रींनेमिरेखाश्रीजी बनीं

सिरोही (महावीर जैन)। दीक्षा दानेश्वरी आचार्य भगवंत गुणरत्नसूरी समुदाय के आचार्य रविरत्नसूरी एवं रश्मिरत्नसूरी की निश्रा में कृष्णगंज में 21 वर्षीय हीया कोठारी ने रविवार को विजयममुहूर्त में सांसारिक जीवन से संयम जीवन ग्रहण कर लिया। दीक्षा लेकर वे साध्वी हेमलरेखाश्रीजी की शिष्या बनी। नेमिनाथ भगवान की परम भक्त हीया का नूतन साध्वी के रूप में नामकरण ह्रींनेमिरेखाश्रीजी रखा गया हैं। वे प्रवर्तनी गुरूमैया पुण्यरेखाश्रीजी की 490 वीं शिष्या बनी। कृष्णगंज में दीक्षा मंडप में गिरनार तीर्थ की रचना कर परमात्मा नेमीनाथ के समक्ष आचार्य रविरत्नसूरीने जब दीक्षा के लिए रजोहरण यानि ओगा उन्हे अर्पित किया तो हीया नाचने लगी ओर उन्होंने दीक्षा नाण में विराजित तीन प्रमात्माओं के समक्ष तीन प्रदक्षिणा देकर परमात्मा के प्रति हर्षित भावों से उनका आभार व्यक्त किया।कहा कि उनको संयम जीवन मिले उसका सपना चतुर्विद संघ के समक्ष आज पूरा हुआ। दीक्षीर्थी ने दीक्षा के बाद काम आने वाले उपकरणों के साथ गाजते-बाजते एवं नाचते हुए मंडप में प्रवेश किया तो दीक्षार्थी अमर रहो, दीक्षार्थी नो जय-जयकार से भक्तों ने मंडप को गुंजायमान कर दिया। मंडप पर सभी गुरूदेवों एवं साध्वीयों को वंदन कर हीया ने उनसे आर्शीवाद लिया। उसके बाद हीया के माता-पिता एवं परिवार के सभी सदस्यों ने विजय तिलक कर उसे संयम जीवन की शुभकामनाएं व विजयभव का आर्शीवाद दिया। हीया की गुरूमैया हेमलरेखाश्रीजी ने 7 वर्ष की आयु में दीक्षा लेकर दीक्षा के 26 वर्ष पूर्ण होने पर वे गुरूमाता बनी। जिस पर उनका भी चतुर्विद संघ ने वधामणा किया।सांसारिक मोह माया का त्याग कर साध्वी का वेश धारण कर वे मंडप में ढोल ढमाको एवं वधामणे के साथ पहुंची तो विदुषी साध्वी गुणज्ञरेखाश्रीजी ने केश लोचन की विधि कर हीया के सिर के बाल हाथों से उखाड़े तब पंडाल में उपस्थित श्राविकाओं ने पार्लर में किसी पुरूष के हाथ से ब्यूटी या मसाज नहीं कराने का व्रत आचार्य की साक्षी में धारण कर एक नई पहल की तो मंडप में करतलध्वनी से उनका अभिनंदन किया गया।इस अवसर पर जामनगर में विराजित 490 शिष्याओं की गुरूमैया प्रवर्तनी साध्वीश्री पुण्यरेखाश्रीजी ने हीया की दीक्षा पर भेजे अपने आर्शीवचन में कहा कि इस पंचम काल में भी जैन समाज में त्याग व तपस्या का डंका कायम है। मंडप में दीक्षा के अवसर पर वैराग्य से परिपूर्ण मारे नेम प्रिय जाउ हैं का भक्ति गीत रिलीज किया गया।दीक्षीर्थी हीया एवं उनकी माता कला बेन व पिताश्री विनोद कोठारी का जैन संघ, कृष्ण्गंज की ओर से पंचमहाजनानों ने तिलक-हार-शॉल व अभिनंदन पत्र देकर बहुमान किया। कहा कि हीया ने साध्वी के रूप में पहली दीक्षा ग्रहण कर कृष्णगंज एवं आबूगोड समाज को गौरान्वित किया हैं जिसका हमें गर्व हैं।दीक्षा के बाद हित शिक्षा प्रदान करते हुए आचार्य रविरत्नसूरी एवं रश्मिरत्नसूरी ने कहा कि हीया ने दीक्षा लेकर गुरू चरणों में अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया है और वो अब आत्मा की खोज में डूब जाएगी। उन्होंने कहा कि संयम जीवन अपनाने वाला बहुत बड़ा त्यागी होता हैं वो अपने जीवन में सर्वपाप प्रवृतियों को त्याग कर धर्म आराधना तपस्चर्या एवं साधना में लीन हो जाता हैं। नमक खारा होने पर भी मानव नमक तक का भी त्याग जीवन में नहीं कर पाता हैं, लेकिन संयम जीवन में वो सब त्याग कर देता हैं और यही सयंम व त्याग धर्मबल को मजबूत बनाता हैं।वर्षीदान कर सांसारिक सामग्री का दान-पुण्य कियादीक्षा के पहले शनिवार को हीया ने वर्षीदान के वरघोड़े में ंअपने हाथों से अनेक सासांरिक सामग्री का दान-पुण्य किया और इस वरघोड़े में 36 कौम ने दीक्षार्थी हीया का फूलमालाओं एवं अक्षत से वधामणा कर उसके संयम मार्ग पर चलने के निर्णय की जय जयकार की। दीक्षा समारोह में आबूगोड के 27 गांवों के समाज बन्धुओं ने उपस्थित होकर साधु-साध्वी भगवंतों के दर्शन वदंन कर दीक्षार्थी व उसके माता-पिता को अपनी शुभकामनाएं दी ओर दीक्षीर्थी को भेंट किए जाने वाले उपकरणों को वोहराने यानि अर्पण का लाभ लिया।दीक्षा के बाद आचार्य रविरत्नसूरी ने अचलगढ के लिए व रश्मिरत्नसूरी ने पाली के लिए विहार किया।

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होलाष्टक: 15 दिन मांगलिक कार्यों पर रोक: दवे

सिरोही। होली से आठ दिन पूर्व होलाष्टक एवं होली से सात दिन बाद शीतला सप्तमी तक माताजी का अगता होने से कुल 15 दिन तक समस्त शुभ कार्यों पर रोक रहेगी।ज्योतिष एवं वास्तुविद आचार्य प्रदीप दवे ने बताया कि फाल्गुन शुक्ला अष्टमी मंगलवार से फाल्गुन पूर्णिमा मंगलवार 3 मार्च तक कुल आठ दिन होलाष्टक रहेगा तथा होलाष्टक समाप्त होते ही चैत्र कृष्ण प्रतिपदा बुधवार 4 मार्च से चैत्र कृष्ण सप्तमी मंगलवार 10 मार्च अर्थात शीतला सप्तमी तक कुल सात दिन माताजी का अगता रहेगा। इस प्रकार होलाष्टक एवं अगता होने से कुल 15 दिन शुभ कार्यों पर रोक रहेगी। इस अवधि में गृह प्रवेश, विवाह मुहूत्र्त, मुंडन, देव प्रतिष्ठा आदि मांगलिक कार्य नहीं हो सकेंगे। भारतीय ज्योतिष, लौकिक एवं स्थानीय मान्यतानुसार इस अवधि में मानसिक तनाव दूर करने, मौज-मस्ती, हास-परिहास, व्यंग्य-विनोद, हंसी-ठिठोली, फाग-गायन, चंगवादन, हुडदंग, गेरनृत्य, ढूंढ, सामाजिक मेलजोल बढ़ाने तथा चेचक से बचाव के लिए 15 दिन तक समस्त शुभ कार्यों पर रोक रहती है। इन दिनों में आकाशीय ग्रह शिथिल रहते हैं। जिससे उनका प्रभाव नकारात्मक रहता है। इसी कारण मनुष्य के शरीर की प्रकृति शिथिल हो जाती है तथा दिन में नींद, सुस्ती व आलस्य का प्रभाव बढ़ जाता है तथा रात्रि की नींद कम हो जाती है।क्या होता है होलाष्टकआचार्य प्रदीप दवे ने बताया कि होली से पूर्व जो आठ दिन होते है। उसे होलाष्टक कहते है। इस अवधि में ग्रहों के शिथिल होने से उनका प्रभाव नकारात्मक होने मांगलिक कार्य करने की मनाही है।क्या होता है अगतालौकिक धार्मिक एवं स्थानीय मान्यता अनुसार चेचक से बचने के लिए होली दहन से शीतला सप्तमी तक ओरी व शीतला माता को प्रसन्न किया जाता है। इसके लिए समस्त महत्वपूर्ण कार्य रोक कर बड़ी चेचक से बचने के लिए शीतला माता व छोटी चेचक से बचने के लिए ओरी माता की पूजा की जाती है व महिलाएं माताजी के भजन व गीत गाती है। पहले चेचक का बहुत प्रकोप रहता था और छोटेे बच्चे काल के ग्रास बन जाते थे। अत: बड़ी चेचक व छोटी चेचक से बचने के लिए शीतला व ओरी माता के भजन, गीत तथा ठंडा भोजन का प्रसाद चढाकर शीतला व ओरी माता को प्रसन्न किया जाता था।

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Rajasthan news प्रदेश में 31 लाख 36 हजार 286 वोटर कटे

जयपुर। राजस्थान निर्वाचन विभाग ने 199 विधानसभा सीटों की एसआईआर के बाद फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन कर दिया। प्रदेश में 31 लाख 36 हजार 286 वोटर कट गए हैं। निर्वाचन विभाग से जारी आंकड़ों के मुताबिक ड्राफ्ट लिस्ट के बाद 12.91 लाख नए वोटर जोड़े हैं, जबकि 2.42 लाख के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं।भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशन और मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजस्थान की देखरेख में राजस्थान में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। शनिवार को राज्य की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया, जिसमें करीब 5 करोड़ 15 लाख से अधिक मतदाता शामिल हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि यह अभियान 27 अक्टूबर 2025 से 21 फरवरी 2026 तक चरणबद्ध तरीके से चलाया गया। प्रारंभिक सूची में 5,46,56,215 मतदाता थे, लेकिन गहन सत्यापन, दावे-आपत्तियों और संशोधन प्रक्रिया के बाद अंतिम सूची में कुल 5,15,19,929 मतदाता दर्ज किए गए।एसआईआर की फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने के बाद अब प्रदेश में 5 करोड़ 15 लाख 19 हजार 929 वोटर हैं, जबकि 27 अक्टूबर 2025 को एसआईआर शुरू होने से पहले कुल 5 करोड़ 46 लाख 56 हजार 215 वोटर थे। जोधपुर जिले में एसआईआर के तहत फाइनल वोटर लिस्ट 2 लाख से ज्यादा वोटर्स के नाम कट गए हैं। सबसे ज्यादा नाम पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र में हटाए गए, जबकि ओसियां में सबसे कम नाम कटे हैं। वहीं, पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत की विधानसभा में 9 हजार से ज्यादा मतदाता बढ़े हैं। फाइनल वोटर लिस्ट में लिंगानुपात में 2 अंकों की बढ़ोतरी हुई है, महिला वोटर्स की संख्या बढ़ी है। ड्राफ्ट लिस्ट के वक्त लिंगानुपात यानी प्रति हजार पुरुष वोटर पर महिलाओं की संख्या 909 थी, जो अब 911 हो गई। लिंगानुपात में जयपुर जिले में 7 अंक की बढ़ोतरी हुई है, जबकि कोटा में 6 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। अजमेर, सिरोही, डूंगरपुर, बूंदी, झालावाड़ और बारां में 4 अंकों की बढोतरी हुई है।ड्राफ्ट लिस्ट के बाद फाइनल वोटर लिस्ट में 18 से 19 साल के युवा वोटर्स की संख्या में 4,35,061 की बढ़ोतरी हुई है। राज्य में जयपुर जिले में 1.30 प्रतिशत, बाड़मेर में 1.26 प्रतिशत, भरतपुर में 1.22 प्रतिशत, फलौदी में 1.18 प्रतिशत और बूंदी में 1.09 प्रतिशत युवा मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि वोटर लिस्ट में नाम जोडऩे, हटाने का काम जारी रहेगा। बीएलओ के पास फॉर्म भरकर अब भी वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाया जा सकता है। इसके लिए फॉर्म 6 भरना होगा। वोटर पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन भी नाम जुड़वा सकते हैं।जोधपुर जिले में एसआईआर के बाद फाइनल वोटर लिस्ट में 2 लाख 3 हजार 381 मतदाता कम हो गए हैं, जिसके बाद जिले में अब 20 लाख 97 हजार 971 वोटर्स हैं। जोधपुर के सरदारपुरा विधानसभा से सबसे ज्यादा 51 हजार 71 और सबसे कम नाम 7 हजार 512 ओसियां विधानसभा से कटे हैं। मतदाता सूची में सबसे ज्यादा 1 लाख 69 हजार 197 पुरुष और 1 लाख 52 हजार 394 महिला मतदाता लूणी विधानसभा में है, जबकि सबसे कम 83 हजार 664 पुरुष और 81 हजार 193 महिला मतदाता जोधपुर शहर विधानसभा सीट पर हैं। पाली में एसआईआर की फाइनल वोटर लिस्ट में 27 हजार 633 मतदाता बढ गए हैं। अब जिले में कुल 14 लाख 15 हजार 156 मतदाता हो गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा 9 हजार 558 मतदाता पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत की सुमेरपुर विधानसभा में बढे हैं, जबकि पाली में सबसे ज्यादा 2,996 नाम काटे गए हैं।

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नगर परिषद का 1469 करोड़ का बजट, बदलेगी तस्वीर

जोधपुर। संभागीय आयुक्त व नगर परिषद प्रशासक डा. प्रतिभासिंह ने गुरुवार को 1469 करोड़ रुपए का वार्षिक बजट पेश किया। शहर में 15 नए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने का बजट में निर्णय लिया गया है।नगर निगम के एकीकरण के बाद पहली बार यह बजट पेश हुआ है। पूर्व में निगम का क्षेत्रफल 234 वर्ग किलोमीटर था, जो अब बढक़र 290 वर्ग किलोमीटर हो गया है। बजट को अब राज्य सरकार को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।संभागीय आयुक्त डॉ. प्रतिभा सिंह ने बताया कि इस बजट का फोकस सफाई व्यवस्था के एकीकरण, डिजिटल पारदर्शिता, ट्रैफिक प्रबंधन, हरित ऊर्जा और खेल सुविधाओं के विस्तार पर है। निर्वाचित होकर आने वाले पार्षदों को विकास कार्यों के लिए 60 लाख रुपए तक की अनुशंसा का प्रावधान भी रखा गया है। गत वर्ष के मुकाबले इस बार करीब 112 करोड़ कम का बजट जारी किया गया है। गत वर्ष निगम उत्तर और दक्षिण दोनों मिलाकर 1581 करोड़ का बजट जारी किया गया था, लेकिन इस बार निगम की ओर से घाटे का बजट पेश किया गया है। बजट में घोषणा के मुताबिक नगर निगम की ओर से भूमि का रिकॉर्ड डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। वर्तमान में निगम क्षेत्राधिकार की करीब 1 लाख फाइलें हैं। जिनमें से 22 हजार का डिजिटलाइजेशन किया जा चुका है। शेष अन्य के लिए इस बजट में 11 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। ऐसे में आने वाले समय में निगम एरिया के प्लॉट, खाली जमीन से लेकर सभी तरह को बिल्डिंग आदि की जानकारी डिजिटल भी मिल सकेगी। इससे निगम के सिस्टम में बैठे दलाल, भ्रष्टाचारियों ओर फर्जी डॉक्यूमेंट बनाकर प्लॉट पर अपना कब्जा बताने वालों पर भी लगाम लगेगी। पेश किए बजट से आने वाले समय में शहर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, दो प्रमुख मार्गों को आदर्श मार्ग बनाने ओर कचरा ढोने से लेकर उसकी प्रोसेसिंग के कामों में एक ही वेंडर को लगाने के प्रस्ताव पारित किए गए। अब इस बजट को राज्य सरकार को भेजा जाएगा। अब नए बजट के तहत जीतकर आने वाले पार्षदों को विकास कार्यों के लिए 60 लाख रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है।प्रशासक प्रतिभा सिंह ने बताया प्रदेश सरकार की चालू वित्तीय घोषणा के तहत इवी और सीएजी स्टेशन पीपीपी मोड में विकसित किए जाएंगे। वर्तमान में शहर में दस जगहों पर इसका कार्य प्रगति पर है। निगम बजट में अब आने वाले समय में 30 जगहों पर इवी स्टेशन प्रस्तावित किए हैं। शहर के 7 टूरिस्ट पैलेस पर भी ये स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए शहर में 15 नए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने का बजट में निर्णय लिया गया है। वर्तमान में जोधपुर शहर के उम्मेद क्लब और गांधी मैदान के पीछे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स डॅपलप किया जा रहा है। वहीं, शहर के दो प्रमुख सडक़ों को विकसित किया जाएगा। इसमें सडक़ को चौड़ा करना, फुटपाथ, वृक्षारोपण आदि किया जाएगा।

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मुमुक्षु हीया कोठारी 22 को बनेगी साध्वी

सिरोही। जैन समाज के भगवान नेमीनाथ का पथ स्वीकार करने वाली कृष्णगंज निवासी हीया कोठारी का तीन दिवसीय दीक्षा महोत्सव शुक्रवार को कृृष्णगंज में शुरु होगा। महोत्सव के पहले दिन गुरू भगवंतों का सामैया होगा। दूसरे दिन वर्षीदान शोभायात्रा, मुमुक्षु हीया का अंतिम वायणा (भोजन) व शाम 7 बजे संसारिक जीवन को अलविदा समारोह होगा। तीसरे रत्नत्रयी का प्राप्ति कार्यक्रम में चर्तुविद संघ के समक्ष दीक्षा विधि होगी। दीक्षा दिलाने के लिए आचार्य भगवंत रविरत्नसूरी, रश्मिरत्नसूरी एवं जयेशरत्नसूरी शनिवार को कृष्णगंज पहुंचेंगे। हीया ने मास्टर ऑफ साइन्स में इन्ॅफोरमेशन टेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के बाद उनमें संसार के प्रति विरक्त भाव जागे ओर उन्होंने दीक्षा दानेश्वरी आचार्य गुणरत्नसूरी के समुदाय में दीक्षा लेने के लिए धार्मिक क्षेत्र में प्रवेश किया। मुमुक्षा हीया कोठारी ने कहा कि वे प्रभु नेम के वात्सल्य के सागर में डूबने के लिए दीक्षा ग्रहण कर रही हैं। दीक्षार्थी के माता-पिता कला बेन-विनोद कुमार कोठारी ने शुभाशीर्वाद दिया। दीक्षार्थी के पावापुरी तीर्थ में दर्शन आगमन पर तीर्थ संस्थापक केपी संघवी परिवार की प्रमुखा तपस्वीरत्न श्रीमती रतनबेन बाबूलाल संघवी ने मुमुक्षु हीया बेन एवं उनकी माता कलाबेन एवं पिताश्री विनोद भाई कोठारी का तिलक-माला एवं शॉल ओढाकर बहुमान किया।

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तैयारी कर चले परीक्षा को, 18 हजार से अधिक पहुंचे परीक्षा केंद्र

सिरोही। जिले में आठवीं बोर्ड परीक्षा गुरुवार से शुरु हुई। पहले दिन अंग्रेजी विषय की परीक्षा संपन्न हुई। परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावक बच्चों का हौसला बढ़ाते नजर आए। परीक्षा दोपहर 1.30 बजे शुरू हुई और 4 बजे समाप्त हुई। 148 परीक्षा केंद्रों पर 18, 548 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। इसमें से 9765 छात्र तथा 8783 बालिाकाएं शामिल हुई। जबकि 303 छात्र अनुपस्थित रहे। जिसमें 181 छात्र तथा 122 छात्राएं अनुपस्थित रही। डाइट प्रधानाचार्य मृदुला व्यास ने बताया कि जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी गई। प्रशासन ने नकल रोकने के लिए उडनदस्तों को तैनात किया। कहीं भी नकल या अनुचित गतिविधियों की सूचना नहीं मिली। जिससे परीक्षा निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। आठवीं बोर्ड की परीक्षा जिले को पांच ब्लॉक सिरोही, आबूरोड, पिण्डवाड़ा, रेवदर एवं शिवगंज में आयोजित की गई। प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक संग्रह केंद्र स्थापित किया गया। जहां से परीक्षा का संचालन किया गया।परीक्षार्थियों के अनुसार पेपर अच्छा रहा। कुछ सवाल कठिन थे, लेकिन अधिकांश छात्रों ने अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई। अभिभावक भी बच्चों की मेहनत पर भरोसा जताते दिखे। अब परीक्षार्थी अगली परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं।

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 इलेक्टोरल लिटरेसी फेस्टिवल डे का आयोजन

सिरोही। इम्मानुएल मिशन सीनियर सैकेंडरी स्कूल, सिरोही के विद्यालय परिसर में जिला निर्वाचन अधिकारी (जिला कलेक्टर) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी  के निर्देशानुसार  इलेक्टोरल लिटरेसी फेस्टिवल डे का आयोजन बड़े उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में किया गया।  कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें उनके मताधिकार के महत्व से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी  महेंद्र कुमार नानीवाल रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में एसडीएम  हरिसिंह देवल एवं जिला इलेक्शन ट्रेनर एवं प्रधानाचार्य रतिराम  प्रजापत उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत लोक नृत्य से हुई, जिसने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का मन मोह लिया। इलेक्टोरल लिटरेसी फेस्टिवल के अंतर्गत विद्यालय में विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। जिनमें चित्रकला प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता एवं नाटक प्रतियोगिता प्रमुख रहीं। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से मतदान के महत्व, लोकतंत्र की मजबूती तथा नागरिक कर्तव्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मतदाता जागरूकता पर आधारित नाटक विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।इस अवसर पर एसडीएम ने अपने संबोधन में कहा कि आने वाली युवा पीढ़ी को मतदान के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण करते ही प्रत्येक नागरिक को मतदाता बनना चाहिए तथा अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करना चाहिए। साथ ही उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं जागरूक बनें और समाज में भी मतदान के प्रति जागरूकता फैलाएं।जिला शिक्षा अधिकारी  नानीवाल ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत मतदान है। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान से वंचित न रहे, एवं बताया कि एक-एक मत अमूल्य है और कोई भी मतदाता अपने मत से वंचित न रहे इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। विद्यालयों में इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को प्रारंभ से ही लोकतांत्रिक मूल्यों से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।जिला स्वीप कॉर्डिनेटर एवं स्टेट लेवल इलेक्शन ट्रेनर प्रजापत ने भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित इलेक्टोरल लिटरेसी कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आयोग द्वारा नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जोडऩे, संशोधन एवं अपडेट करने के लिए वर्ष में चार बार अवसर प्रदान किए जाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।विद्यालय के प्रधानाचार्य  टॉम पी. सैम ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की एवं उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने तथा लोकतंत्र की मजबूती में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।इस कार्यक्रम की रूपरेखा विद्यालय के ईएलसी सदस्य विजय प्रकाश वैष्णव द्वारा तैयार की गई, जिसके अंतर्गत इलेक्टोरल लिटरेसी फेस्टिवल को प्रभावी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न किया गया।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक दिनेश कुमार खत्री द्वारा सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं उपस्थित अतिथियों को मतदाता जागरूकता शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। ReplyForward Add reaction

अंतरराष्ट्रीय

क्या बांग्लादेश में हिंदुओं का अस्तित्व खतरे में?

125 से अधिक वैश्विक हिंदू संगठनों ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के तहत हिंदू अल्प संख्यकों के खिलाफ बढ़ते अत्याचार को लेकर तत्काल अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग की है।इस अपील में स्थिति को जातीय सफाया बताते हुए संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका और भारत से हिंदू समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।मानवाधिकार समूहों, धार्मिक संगठनों और नागरिक समाज के नेताओं के एक गठबंधन ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा को लेकर एक तत्काल अंतरराष्ट्रीय अपील जारी की है। यह चेतावनी देश में 12 फरवरी को होने वाले राष्ट्रीय चुनावों से कुछ ही दिन पहले आई है। हिंदू एडवांसिंग ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव के नेतृत्व में जारी इस अपील में दावा किया गया है कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली मौजूदा अंतरिम सरकार के तहत हिंदू समुदाय के सदस्यों को व्यवस्थित उत्पीडऩ का सामना करना पड़ रहा है। अपील पर हस्ताक्षर करने वालों ने स्थिति को जातीय और धार्मिक सफाए के रूप में वर्णित किया है, जिससे इस अल्पसंख्यक समूह के अस्तित्व को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। 15 देशों के 125 से अधिक संगठनों और व्यक्तियों ने इस पत्र का समर्थन किया है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोपीय संघ, भारत और अन्य वैश्विक शक्तियों से बांग्लादेश में हिंदू आबादी की रक्षा के लिए तत्काल और निर्णायक उपाय करने का आह्वान किया गया है। पत्र में दीपू चंद्र दास का प्रमुखता से उल्लेख किया गया है, जिनकी ईशनिंदा के आरोपों के बाद सरेआम पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने वाले हैं, जिनमें देश की राष्ट्रीय संसद, जातीय संसद के सदस्यों का चुनाव किया जाएगा। व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद 2024 में शेख हसीना की लंबे समय से चली आ रही सरकार को सत्ता से हटाए जाने के बाद यह पहला राष्ट्रीय चुनाव है।

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राजस्थान में पांचवी व आठवीं में ऑटोमैटिक प्रमोशन खत्म

जयपुर। राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए सरकार ने 5वीं और 8वीं कक्षा में ऑटोमैटिक प्रमोशन सिस्टम को समाप्त करने का निर्णय लिया है। अब इन कक्षाओं में छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट होने के लिए न्यूनतम अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। यदि कोई विद्यार्थी निर्धारित न्यूनतम अंक नहीं ला पाता है तो उसे फेल माना जाएगा। यह निर्णय राज्य में लर्निंग आउटकम सुधारने और ड्रॉपआउट कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। शिक्षा विभाग का मानना है कि बिना परीक्षा पास किए प्रमोशन मिलने से बच्चों की पढ़ाई के प्रति गंभीरता कम हो रही थी, जिससे आगे की कक्षाओं में छात्रों को कठिनाई होती थी।नए नियमों के तहत यदि कोई विद्यार्थी न्यूनतम अंक प्राप्त नहीं कर पाता है तो उसे सुधार के लिए 45 दिनों के भीतर दोबारा परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा। इसके लिए विशेष शिक्षण (रिमेडियल टीचिंग) की व्यवस्था भी की जाएगी।नई व्यवस्था लागू होने से छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों और अभिभावकों की जवाबदेही भी बढ़ेगी। विभाग का कहना है कि इससे पढ़ाई की निगरानी बेहतर होगी और बच्चों का शैक्षणिक स्तर सुधरेगा।शिक्षा विभाग के अनुसार इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई के प्रति गंभीर बनाना, उनकी क्षमता बढ़ाना और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है।

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