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बाल विवाह रोकथाम के लिए आमजन को प्रेरित करें : अल्पा चौधरी

सिरोही। कृषि विभाग के आत्मा सभागार में मंगलवार को जिला कलक्टर अल्पा चौधरी की अध्यक्षता में जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न बाल संरक्षण योजनाओं, अभियानों एवं समन्वयात्मक गतिविधियों की बिंदुवार समीक्षा की गई तथा संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश प्रदान किए गए। बैठक में बाल विवाह मुक्त सिरोही अभियान की प्रगति पर विशेष चर्चा करते हुए जिला कलक्टर ने निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत स्तर पर अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं, विद्यालयों, आंगनवाड़ी केन्द्रों एवं सामुदायिक आयोजनों के माध्यम से बाल विवाह के दुष्परिणामों के संबंध में व्यापक जागरूकता फैलाई जाए। महिला अधिकारिता विभाग द्वारा आयोजित अमृता मेले में बाल विवाह मुक्त सिरोही विषय पर आकर्षक एवं जानकारी पूर्ण स्टॉल लगाकर आमजन को बाल संरक्षण कानूनों, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिला परिवहन अधिकारी को जिले में संचालित बाल वाहिनियों (स्कूल वाहनों) की नियमित जांच करने, ओवरलोडिंग पर सख्त कार्यवाही करने तथा ऐसे ऑटो रिक्शा एवं अन्य वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए जो अवैध रूप से बाल वाहिनी के रूप में संचालित किए जा रहे हैं।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जसाराम को निर्देशित किया गया कि जिले के समस्त राजकीय एवं गैर-राजकीय विद्यालयों की 200 मीटर परिधि में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए नियमित निरीक्षण, चालान एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही जिले में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए चिन्हित संवेदनशील स्थानों पर नियमित गश्त करने के निर्देश दिए। नगरीय निकायों को उन क्षेत्रों में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश प्रदान किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देशित किया गया कि जिले की सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में बिजली, पेयजल एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का भौतिक सत्यापन कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही की जाए। जिससे बच्चों एवं महिलाओं को सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध हो सके। सहायक निदेशक राजेन्द्र कुमार पुरोहित ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में अध्यक्ष बाल कल्याण समिति सुश्री रतन बाफना, सदस्य शशिकला मरडिया एवं प्रताप सिंह नून, पुलिस विभाग से मोहनसिंह राव, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी भंवरलाल पुरोहित, विजय कुमार व्यास, अधीक्षक राजकीय सम्प्रेक्षण एवं किशोर गृह भंवरसिंह, श्रम कल्याण अधिकारी हंसदीप, उपनिदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग किशनाराम लोल, सहायक निदेशक महिला अधिकारिता विभाग श्रीमती अंकिता राजपुरोहित, जिला परिवहन अधिकारी अक्षमिता,संरक्षण अधिकारी कन्हैयालाल, कार्डिनेटर 1098 मनोहरसिंह, काउन्सलर प्रिंससिंह, कनिष्ठ सहायक प्रकाश कुमार, आउटरिच वर्कर दिलीप धवल आदि मौजूद थे।

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Rajasthan news प्रदेश में 31 लाख 36 हजार 286 वोटर कटे

जयपुर। राजस्थान निर्वाचन विभाग ने 199 विधानसभा सीटों की एसआईआर के बाद फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन कर दिया। प्रदेश में 31 लाख 36 हजार 286 वोटर कट गए हैं। निर्वाचन विभाग से जारी आंकड़ों के मुताबिक ड्राफ्ट लिस्ट के बाद 12.91 लाख नए वोटर जोड़े हैं, जबकि 2.42 लाख के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं।भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशन और मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजस्थान की देखरेख में राजस्थान में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। शनिवार को राज्य की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया, जिसमें करीब 5 करोड़ 15 लाख से अधिक मतदाता शामिल हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि यह अभियान 27 अक्टूबर 2025 से 21 फरवरी 2026 तक चरणबद्ध तरीके से चलाया गया। प्रारंभिक सूची में 5,46,56,215 मतदाता थे, लेकिन गहन सत्यापन, दावे-आपत्तियों और संशोधन प्रक्रिया के बाद अंतिम सूची में कुल 5,15,19,929 मतदाता दर्ज किए गए।एसआईआर की फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने के बाद अब प्रदेश में 5 करोड़ 15 लाख 19 हजार 929 वोटर हैं, जबकि 27 अक्टूबर 2025 को एसआईआर शुरू होने से पहले कुल 5 करोड़ 46 लाख 56 हजार 215 वोटर थे। जोधपुर जिले में एसआईआर के तहत फाइनल वोटर लिस्ट 2 लाख से ज्यादा वोटर्स के नाम कट गए हैं। सबसे ज्यादा नाम पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र में हटाए गए, जबकि ओसियां में सबसे कम नाम कटे हैं। वहीं, पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत की विधानसभा में 9 हजार से ज्यादा मतदाता बढ़े हैं। फाइनल वोटर लिस्ट में लिंगानुपात में 2 अंकों की बढ़ोतरी हुई है, महिला वोटर्स की संख्या बढ़ी है। ड्राफ्ट लिस्ट के वक्त लिंगानुपात यानी प्रति हजार पुरुष वोटर पर महिलाओं की संख्या 909 थी, जो अब 911 हो गई। लिंगानुपात में जयपुर जिले में 7 अंक की बढ़ोतरी हुई है, जबकि कोटा में 6 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। अजमेर, सिरोही, डूंगरपुर, बूंदी, झालावाड़ और बारां में 4 अंकों की बढोतरी हुई है।ड्राफ्ट लिस्ट के बाद फाइनल वोटर लिस्ट में 18 से 19 साल के युवा वोटर्स की संख्या में 4,35,061 की बढ़ोतरी हुई है। राज्य में जयपुर जिले में 1.30 प्रतिशत, बाड़मेर में 1.26 प्रतिशत, भरतपुर में 1.22 प्रतिशत, फलौदी में 1.18 प्रतिशत और बूंदी में 1.09 प्रतिशत युवा मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि वोटर लिस्ट में नाम जोडऩे, हटाने का काम जारी रहेगा। बीएलओ के पास फॉर्म भरकर अब भी वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाया जा सकता है। इसके लिए फॉर्म 6 भरना होगा। वोटर पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन भी नाम जुड़वा सकते हैं।जोधपुर जिले में एसआईआर के बाद फाइनल वोटर लिस्ट में 2 लाख 3 हजार 381 मतदाता कम हो गए हैं, जिसके बाद जिले में अब 20 लाख 97 हजार 971 वोटर्स हैं। जोधपुर के सरदारपुरा विधानसभा से सबसे ज्यादा 51 हजार 71 और सबसे कम नाम 7 हजार 512 ओसियां विधानसभा से कटे हैं। मतदाता सूची में सबसे ज्यादा 1 लाख 69 हजार 197 पुरुष और 1 लाख 52 हजार 394 महिला मतदाता लूणी विधानसभा में है, जबकि सबसे कम 83 हजार 664 पुरुष और 81 हजार 193 महिला मतदाता जोधपुर शहर विधानसभा सीट पर हैं। पाली में एसआईआर की फाइनल वोटर लिस्ट में 27 हजार 633 मतदाता बढ गए हैं। अब जिले में कुल 14 लाख 15 हजार 156 मतदाता हो गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा 9 हजार 558 मतदाता पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत की सुमेरपुर विधानसभा में बढे हैं, जबकि पाली में सबसे ज्यादा 2,996 नाम काटे गए हैं।

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नगर परिषद का 1469 करोड़ का बजट, बदलेगी तस्वीर

जोधपुर। संभागीय आयुक्त व नगर परिषद प्रशासक डा. प्रतिभासिंह ने गुरुवार को 1469 करोड़ रुपए का वार्षिक बजट पेश किया। शहर में 15 नए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने का बजट में निर्णय लिया गया है।नगर निगम के एकीकरण के बाद पहली बार यह बजट पेश हुआ है। पूर्व में निगम का क्षेत्रफल 234 वर्ग किलोमीटर था, जो अब बढक़र 290 वर्ग किलोमीटर हो गया है। बजट को अब राज्य सरकार को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।संभागीय आयुक्त डॉ. प्रतिभा सिंह ने बताया कि इस बजट का फोकस सफाई व्यवस्था के एकीकरण, डिजिटल पारदर्शिता, ट्रैफिक प्रबंधन, हरित ऊर्जा और खेल सुविधाओं के विस्तार पर है। निर्वाचित होकर आने वाले पार्षदों को विकास कार्यों के लिए 60 लाख रुपए तक की अनुशंसा का प्रावधान भी रखा गया है। गत वर्ष के मुकाबले इस बार करीब 112 करोड़ कम का बजट जारी किया गया है। गत वर्ष निगम उत्तर और दक्षिण दोनों मिलाकर 1581 करोड़ का बजट जारी किया गया था, लेकिन इस बार निगम की ओर से घाटे का बजट पेश किया गया है। बजट में घोषणा के मुताबिक नगर निगम की ओर से भूमि का रिकॉर्ड डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। वर्तमान में निगम क्षेत्राधिकार की करीब 1 लाख फाइलें हैं। जिनमें से 22 हजार का डिजिटलाइजेशन किया जा चुका है। शेष अन्य के लिए इस बजट में 11 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। ऐसे में आने वाले समय में निगम एरिया के प्लॉट, खाली जमीन से लेकर सभी तरह को बिल्डिंग आदि की जानकारी डिजिटल भी मिल सकेगी। इससे निगम के सिस्टम में बैठे दलाल, भ्रष्टाचारियों ओर फर्जी डॉक्यूमेंट बनाकर प्लॉट पर अपना कब्जा बताने वालों पर भी लगाम लगेगी। पेश किए बजट से आने वाले समय में शहर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, दो प्रमुख मार्गों को आदर्श मार्ग बनाने ओर कचरा ढोने से लेकर उसकी प्रोसेसिंग के कामों में एक ही वेंडर को लगाने के प्रस्ताव पारित किए गए। अब इस बजट को राज्य सरकार को भेजा जाएगा। अब नए बजट के तहत जीतकर आने वाले पार्षदों को विकास कार्यों के लिए 60 लाख रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है।प्रशासक प्रतिभा सिंह ने बताया प्रदेश सरकार की चालू वित्तीय घोषणा के तहत इवी और सीएजी स्टेशन पीपीपी मोड में विकसित किए जाएंगे। वर्तमान में शहर में दस जगहों पर इसका कार्य प्रगति पर है। निगम बजट में अब आने वाले समय में 30 जगहों पर इवी स्टेशन प्रस्तावित किए हैं। शहर के 7 टूरिस्ट पैलेस पर भी ये स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए शहर में 15 नए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने का बजट में निर्णय लिया गया है। वर्तमान में जोधपुर शहर के उम्मेद क्लब और गांधी मैदान के पीछे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स डॅपलप किया जा रहा है। वहीं, शहर के दो प्रमुख सडक़ों को विकसित किया जाएगा। इसमें सडक़ को चौड़ा करना, फुटपाथ, वृक्षारोपण आदि किया जाएगा।

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तैयारी कर चले परीक्षा को, 18 हजार से अधिक पहुंचे परीक्षा केंद्र

सिरोही। जिले में आठवीं बोर्ड परीक्षा गुरुवार से शुरु हुई। पहले दिन अंग्रेजी विषय की परीक्षा संपन्न हुई। परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावक बच्चों का हौसला बढ़ाते नजर आए। परीक्षा दोपहर 1.30 बजे शुरू हुई और 4 बजे समाप्त हुई। 148 परीक्षा केंद्रों पर 18, 548 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। इसमें से 9765 छात्र तथा 8783 बालिाकाएं शामिल हुई। जबकि 303 छात्र अनुपस्थित रहे। जिसमें 181 छात्र तथा 122 छात्राएं अनुपस्थित रही। डाइट प्रधानाचार्य मृदुला व्यास ने बताया कि जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी गई। प्रशासन ने नकल रोकने के लिए उडनदस्तों को तैनात किया। कहीं भी नकल या अनुचित गतिविधियों की सूचना नहीं मिली। जिससे परीक्षा निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। आठवीं बोर्ड की परीक्षा जिले को पांच ब्लॉक सिरोही, आबूरोड, पिण्डवाड़ा, रेवदर एवं शिवगंज में आयोजित की गई। प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक संग्रह केंद्र स्थापित किया गया। जहां से परीक्षा का संचालन किया गया।परीक्षार्थियों के अनुसार पेपर अच्छा रहा। कुछ सवाल कठिन थे, लेकिन अधिकांश छात्रों ने अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई। अभिभावक भी बच्चों की मेहनत पर भरोसा जताते दिखे। अब परीक्षार्थी अगली परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं।

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 इलेक्टोरल लिटरेसी फेस्टिवल डे का आयोजन

सिरोही। इम्मानुएल मिशन सीनियर सैकेंडरी स्कूल, सिरोही के विद्यालय परिसर में जिला निर्वाचन अधिकारी (जिला कलेक्टर) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी  के निर्देशानुसार  इलेक्टोरल लिटरेसी फेस्टिवल डे का आयोजन बड़े उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में किया गया।  कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें उनके मताधिकार के महत्व से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी  महेंद्र कुमार नानीवाल रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में एसडीएम  हरिसिंह देवल एवं जिला इलेक्शन ट्रेनर एवं प्रधानाचार्य रतिराम  प्रजापत उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत लोक नृत्य से हुई, जिसने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का मन मोह लिया। इलेक्टोरल लिटरेसी फेस्टिवल के अंतर्गत विद्यालय में विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। जिनमें चित्रकला प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता एवं नाटक प्रतियोगिता प्रमुख रहीं। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से मतदान के महत्व, लोकतंत्र की मजबूती तथा नागरिक कर्तव्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मतदाता जागरूकता पर आधारित नाटक विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।इस अवसर पर एसडीएम ने अपने संबोधन में कहा कि आने वाली युवा पीढ़ी को मतदान के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण करते ही प्रत्येक नागरिक को मतदाता बनना चाहिए तथा अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करना चाहिए। साथ ही उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं जागरूक बनें और समाज में भी मतदान के प्रति जागरूकता फैलाएं।जिला शिक्षा अधिकारी  नानीवाल ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत मतदान है। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान से वंचित न रहे, एवं बताया कि एक-एक मत अमूल्य है और कोई भी मतदाता अपने मत से वंचित न रहे इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। विद्यालयों में इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को प्रारंभ से ही लोकतांत्रिक मूल्यों से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।जिला स्वीप कॉर्डिनेटर एवं स्टेट लेवल इलेक्शन ट्रेनर प्रजापत ने भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित इलेक्टोरल लिटरेसी कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आयोग द्वारा नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जोडऩे, संशोधन एवं अपडेट करने के लिए वर्ष में चार बार अवसर प्रदान किए जाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।विद्यालय के प्रधानाचार्य  टॉम पी. सैम ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की एवं उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने तथा लोकतंत्र की मजबूती में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।इस कार्यक्रम की रूपरेखा विद्यालय के ईएलसी सदस्य विजय प्रकाश वैष्णव द्वारा तैयार की गई, जिसके अंतर्गत इलेक्टोरल लिटरेसी फेस्टिवल को प्रभावी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न किया गया।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक दिनेश कुमार खत्री द्वारा सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं उपस्थित अतिथियों को मतदाता जागरूकता शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। ReplyForward Add reaction

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राजस्थान में पांचवी व आठवीं में ऑटोमैटिक प्रमोशन खत्म

जयपुर। राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए सरकार ने 5वीं और 8वीं कक्षा में ऑटोमैटिक प्रमोशन सिस्टम को समाप्त करने का निर्णय लिया है। अब इन कक्षाओं में छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट होने के लिए न्यूनतम अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। यदि कोई विद्यार्थी निर्धारित न्यूनतम अंक नहीं ला पाता है तो उसे फेल माना जाएगा। यह निर्णय राज्य में लर्निंग आउटकम सुधारने और ड्रॉपआउट कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। शिक्षा विभाग का मानना है कि बिना परीक्षा पास किए प्रमोशन मिलने से बच्चों की पढ़ाई के प्रति गंभीरता कम हो रही थी, जिससे आगे की कक्षाओं में छात्रों को कठिनाई होती थी।नए नियमों के तहत यदि कोई विद्यार्थी न्यूनतम अंक प्राप्त नहीं कर पाता है तो उसे सुधार के लिए 45 दिनों के भीतर दोबारा परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा। इसके लिए विशेष शिक्षण (रिमेडियल टीचिंग) की व्यवस्था भी की जाएगी।नई व्यवस्था लागू होने से छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों और अभिभावकों की जवाबदेही भी बढ़ेगी। विभाग का कहना है कि इससे पढ़ाई की निगरानी बेहतर होगी और बच्चों का शैक्षणिक स्तर सुधरेगा।शिक्षा विभाग के अनुसार इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई के प्रति गंभीर बनाना, उनकी क्षमता बढ़ाना और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है।

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छात्र व छात्राओं के लिए अलग- अलग वॉशरूम हो, अन्यथा स्कूल की मान्यता रदद

हर स्कूल में छात्राओं को फ्री सैैनेटरी बांटना अनिवार्यसुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक विशेष निर्देश जारी किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हर स्कूल में छात्राओं को फ्री में सैनेटरी पैड बांटना अनिवार्य होगा। छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग वॉशरूम बनाने होंगे। जो स्कूल ऐसा नहीं कर पाएंगे उनकी मान्यता रद्द की जाएगी। इसके साथ ही कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि हर स्कूल में दिव्यांग-अनुकूल (डिसेबल-फ्रेंडली) टॉयलेट बनाए जाएं। जस्टिस जेबी परदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने क्लास 6 से 12 तक की छात्राओं के लिए सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में केंद्र सरकार की मेंस्ट्रुअल हाइजिन पॉलिसी (मासिक धर्म स्वच्छता नीति) को पूरे भारत में लागू करने पर यह आदेश सुनाया। यह आदेश सिर्फ कानूनी व्यवस्था से जुड़े लोगों के लिए नहीं है। यह उन क्लासरूम के लिए भी है, जहां लड़कियां मदद मांगने में झिझकती हैं। यह उन टीचर्स के लिए है, जो मदद करना चाहते हैं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण बंधे हुए हैं। यह उन माता-पिता के लिए भी है, जो शायद यह नहीं समझ पाते कि उनकी चुप्पी का क्या असर पड़ता है। यह समाज के लिए भी है, ताकि प्रगति का पैमाना इस बात से तय हो कि हम अपने सबसे कमजोर वर्ग की कितनी सुरक्षा करते हैं। हम हर उस बच्ची तक यह संदेश पहुंचाना चाहते हैं, जो स्कूल में अबसेंट होने की शिकार बनी, क्योंकि उसके शरीर को बोझ की तरह देखा गया जबकि इसमें उसकी कोई गलती नहीं है।

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कभी फोन बैंकिंग और एनपीए के पहाड़ से दबे भारतीय बैंक आज पूरी तरह स्वस्थ

जोधपुर। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने संसद में प्रस्तुत राष्ट्रपति के अभिभाषण एवं आर्थिक सर्वेक्षण 2025 पर कहा कि ये दोनों दस्तावेज इस बात के अकाट्य प्रमाण हैं कि भारत अब तात्कालिक समाधानों की राजनीति से ऊपर उठकर, एक समावेशी और दीर्घकालिक विकसित भारत की नींव रख चुका है। उन्होंने कहा कि विकास को अब केवल कागजों पर नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में आए सुधार से मापा जा रहा है।  जोधपुर सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री शेखावत ने वैश्विक परिदृश्य का हवाला देते हुए कहा कि जहां दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं महंगाई और मंदी से जूझ रही हैं, वहीं भारत ने एक आर्थिक नजीर पेश की है। पिछले एक दशक में दहाई अंकों में रहने वाली महंगाई को 4-4.5 प्रतिशत के दायरे में सीमित रखना मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि कभी फोन बैंकिंग और एनपीए के पहाड़ से दबे भारतीय बैंक आज पूरी तरह स्वस्थ हैं। एनपीए अपने सर्वकालिक न्यूनतम स्तर पर है और बैंकों की बैलेंस शीट आज निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है। राष्ट्रपति के अभिभाषण का उल्लेख करते हुए शेखावत ने कहा कि पिछले वर्षों में 25 करोड़ लोगों का गरीबी रेखा से बाहर आना सामाजिक न्याय की एक ऐतिहासिक वैश्विक घटना है। 4 करोड़ पक्के आवास (32 लाख केवल पिछले एक वर्ष में) और 12.5 करोड़ परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराना, सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि डीबीटी के माध्यम से 6.75 लाख करोड़ रुपए सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचने से भ्रष्टाचार की जड़ों पर प्रहार हुआ है।कृषि क्षेत्र में आए क्रांतिकारी बदलावों को रेखांकित करते हुए शेखावत ने कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा दूध, चीनी और दलहन उत्पादक देश बन गया है। चावल उत्पादन में हमने चीन को पछाड़कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया है कृषि जीडीपी में पशुधन का योगदान 4 प्रतिशत से बढ़कर 7 प्रतिशत हो गया है। प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई ‘नीली क्रांति’ के चलते मत्स्य उत्पादन में 105 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है।शेखावत ने कहा कि आज भारत का विकास ‘इंफ्रास्ट्रक्चर-लेड’ है। 150 वंदे भारत ट्रेनों का संचालन और 1,000 किमी का मेट्रो नेटवर्क भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क वाला देश बनाता है। अष्टलक्ष्मी (पूर्वोत्तर भारत) अब विकास का नया इंजन है। वहां 50,000 किमी ग्रामीण सड़कें और 80,000 करोड़ रुपए का रेलवे निवेश ऐतिहासिक है। असम में निर्मित सेमीकंडक्टर चिप्स भारत की तकनीकी क्षमता का नया वैश्विक चेहरा हैं।केंद्रीय मंत्री ने शेखावत ने यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ हुए हालिया ट्रेड एग्रीमेंट को’मदर ऑफ ऑल एग्रीमेंट्स’ की संज्ञा दी। इस समझौते के बाद भारत से निर्यात होने वाली 98.5 प्रतिशत वस्तुओं पर शून्य ड्यूटी लगेगी, जिससे जेम्स-ज्वेलरी, टेक्सटाइल और फार्मा सेक्टर को भारी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में शून्य मोबाइल यूनिट से शुरू हुआ सफर आज भारत को दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बना चुका है। पिछले एक साल में 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक के स्मार्टफोन निर्यात किए गए हैं।केंद्रीय मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राजकोषीय घाटे को 4.5 प्रतिशत तक लाने का स्पष्ट रोडमैप और 7.2-7.8 प्रतिशत की अनुमानित विकास दर यह सिद्ध करती है कि भारत आत्मविश्वास से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि दावोस के आर्थिक महाकुंभ में भी आज पूरी दुनिया भारत की ओर उम्मीद की दृष्टि से देख रही है।

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सुप्रीम कोर्ट की यूजीसी नए नियमों पर फिलहाल रोक

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन के नए नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या की बेंच ने कहा कि इसके प्रावधान स्पष्ट नहीं हैं और इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है। कोर्ट ने यह टिप्पणी उन याचिकाओं पर की है, जिनमें आरोप लगाया गया है कि नए नियम जनरल कैटेगरी के छात्रों के साथ भेदभाव करते हैं। यूजीसी ने 13 जनवरी को अपने नए नियमों को नोटिफाई किया था। इनका देशभर में विरोध हो रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और यूजीसी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही नियमों का ड्राफ्ट फिर से तैयार करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में अगली सुनवाई अब 19 मार्च को होगी।यूजीसी के नए कानून का नाम है प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स, 2026। इसके तहत कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों के खिलाफ जातीय भेदभाव रोकने के लिए कई निर्देश दिए गए थे। नए नियमों के तहत, कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में विशेष समितियां, हेल्पलाइन और मॉनिटरिंग टीमें बनाने का निर्देश दिया गया। सरकार का कहना है कि ये बदलाव उच्च शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता और जवाबदेही लाने के लिए किए गए हैं। हालांकि, सवर्ण जाति के स्टूडेंट्स का आरोप है कि यूजीसी ने जाति आधारित भेदभाव की गैर-समावेशी परिभाषा अपनाई है और इससे कॉलेजों में अराजकता पैदा होगी। सवर्ण जाति के स्टूडेंट्स का आरोप है कि नए नियमों में सवर्ण छात्र ‘स्वाभाविक अपराधी’ बना दिए गए हैं। इनसे उनके खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा मिलेगा।

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शराब व बीयर के एक अप्रेल से बढेंगे दाम

जयपुर। प्रदेश में नई शराब नीति के तहत आबकारी ड्यूटी में बढोतरी की गई है। इससे देसी शराब, अंग्रेजी शराब व बीयर की भावों में इजाफा हुआ है। नई नीति के बाद अब एक अप्रेल से पांच रुपए से लेकर बीस रुपए तक शराब व बीयर की कीमतें बढ़ जाएगी। फाइनेंस डिपार्टमेंट (आबकारी) के निर्देशानुसार मौजूदा जो ठेके चल रहे हैं, उनके लाइसेंस की रिन्युअल गारंटी फीस बढ़ाई गई है। इससे अब ठेका संचालकों को मौजूदा वित्त वर्ष की तुलना में ज्यादा शराब बेचनी होगी। इसके अलावा नई नीति में शराब की दुकानों पर बिक्री के समय को रिव्यू करने के लिए आबकारी आयुक्त को अधिकार दिए हैं। संभावना है कि रिव्यू के बाद प्रदेश में शराब की बिक्री की समयावधि को 2 घंटे बढ़ाया जा सकता है।वित्त विभाग से जारी पॉलिसी में इस बार दुकान संचालकों को 1 के बजाय 2 गोदाम आवंटित करने का भी प्रावधान किया है। गोदाम केवल स्टॉक रखने के लिए होता है, लेकिन शहरी सीमा से बाहर (ग्रामीण) एरिया में ज्यादा बनने वाले इन गोदामों पर शराब बिक्री की लगातार शिकायतें आती है। मौजूदा ठेकेदारों का कहना है कि इससे अवैध तरीके से शराब बिक्री को बढ़ावा मिलेगा।नई पॉलिसी में सरकार ने इस बार आबकारी ड्यूटी बढ़ाकर 80 फीसदी कर दी है। पहले यह 75 फीसदी लगती थी। 5 फीसदी ड्यूटी के बढऩे से वित्त वर्ष (2026-27) की शुरुआत यानी 1 अप्रेल से शराब की दुकानों पर शराब और बीयर की बोतल 5 से लेकर 20 रुपए तक महंगी मिलेगी। इसमें बीयर की बोतल या कैन 5 रुपए तक, जबकि 750 एमएल वाली अंग्रेजी शराब की एक बोतल 20 रुपए तक महंगी मिलेगी। इधर सरकार ने इस बार पॉलिसी में शराब का ठेका लेने के लिए आवेदन फीस भी बढाई है। पहले 2 करोड़ रुपए तक न्यूनतम रिजर्व प्राइज वाली दुकानों की नीलामी में हिस्सा लेने के लिए 50 हजार रुपए आवेदन शुल्क लगता था। उसे बढ़ाकर 60 हजार रुपए कर दिया गया है। 2 करोड़ रुपए से ज्यादा न्यूनतम रिजर्व प्राइज वाली दुकानों का संचालन 1 लाख रुपए आवेदन शुल्क के बजाय 1.20 लाख रुपए कर दिया है।

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