February 2026

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तैयारी कर चले परीक्षा को, 18 हजार से अधिक पहुंचे परीक्षा केंद्र

सिरोही। जिले में आठवीं बोर्ड परीक्षा गुरुवार से शुरु हुई। पहले दिन अंग्रेजी विषय की परीक्षा संपन्न हुई। परीक्षा केंद्रों के बाहर अभिभावक बच्चों का हौसला बढ़ाते नजर आए। परीक्षा दोपहर 1.30 बजे शुरू हुई और 4 बजे समाप्त हुई। 148 परीक्षा केंद्रों पर 18, 548 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। इसमें से 9765 छात्र तथा 8783 बालिाकाएं शामिल हुई। जबकि 303 छात्र अनुपस्थित रहे। जिसमें 181 छात्र तथा 122 छात्राएं अनुपस्थित रही। डाइट प्रधानाचार्य मृदुला व्यास ने बताया कि जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी गई। प्रशासन ने नकल रोकने के लिए उडनदस्तों को तैनात किया। कहीं भी नकल या अनुचित गतिविधियों की सूचना नहीं मिली। जिससे परीक्षा निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। आठवीं बोर्ड की परीक्षा जिले को पांच ब्लॉक सिरोही, आबूरोड, पिण्डवाड़ा, रेवदर एवं शिवगंज में आयोजित की गई। प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक संग्रह केंद्र स्थापित किया गया। जहां से परीक्षा का संचालन किया गया।परीक्षार्थियों के अनुसार पेपर अच्छा रहा। कुछ सवाल कठिन थे, लेकिन अधिकांश छात्रों ने अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई। अभिभावक भी बच्चों की मेहनत पर भरोसा जताते दिखे। अब परीक्षार्थी अगली परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं।

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 इलेक्टोरल लिटरेसी फेस्टिवल डे का आयोजन

सिरोही। इम्मानुएल मिशन सीनियर सैकेंडरी स्कूल, सिरोही के विद्यालय परिसर में जिला निर्वाचन अधिकारी (जिला कलेक्टर) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी  के निर्देशानुसार  इलेक्टोरल लिटरेसी फेस्टिवल डे का आयोजन बड़े उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में किया गया।  कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें उनके मताधिकार के महत्व से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी  महेंद्र कुमार नानीवाल रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में एसडीएम  हरिसिंह देवल एवं जिला इलेक्शन ट्रेनर एवं प्रधानाचार्य रतिराम  प्रजापत उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत लोक नृत्य से हुई, जिसने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का मन मोह लिया। इलेक्टोरल लिटरेसी फेस्टिवल के अंतर्गत विद्यालय में विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। जिनमें चित्रकला प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता एवं नाटक प्रतियोगिता प्रमुख रहीं। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से मतदान के महत्व, लोकतंत्र की मजबूती तथा नागरिक कर्तव्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मतदाता जागरूकता पर आधारित नाटक विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।इस अवसर पर एसडीएम ने अपने संबोधन में कहा कि आने वाली युवा पीढ़ी को मतदान के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण करते ही प्रत्येक नागरिक को मतदाता बनना चाहिए तथा अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करना चाहिए। साथ ही उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं जागरूक बनें और समाज में भी मतदान के प्रति जागरूकता फैलाएं।जिला शिक्षा अधिकारी  नानीवाल ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत मतदान है। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान से वंचित न रहे, एवं बताया कि एक-एक मत अमूल्य है और कोई भी मतदाता अपने मत से वंचित न रहे इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। विद्यालयों में इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को प्रारंभ से ही लोकतांत्रिक मूल्यों से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।जिला स्वीप कॉर्डिनेटर एवं स्टेट लेवल इलेक्शन ट्रेनर प्रजापत ने भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित इलेक्टोरल लिटरेसी कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि आयोग द्वारा नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जोडऩे, संशोधन एवं अपडेट करने के लिए वर्ष में चार बार अवसर प्रदान किए जाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया।विद्यालय के प्रधानाचार्य  टॉम पी. सैम ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की एवं उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने तथा लोकतंत्र की मजबूती में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।इस कार्यक्रम की रूपरेखा विद्यालय के ईएलसी सदस्य विजय प्रकाश वैष्णव द्वारा तैयार की गई, जिसके अंतर्गत इलेक्टोरल लिटरेसी फेस्टिवल को प्रभावी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न किया गया।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक दिनेश कुमार खत्री द्वारा सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं उपस्थित अतिथियों को मतदाता जागरूकता शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। ReplyForward Add reaction

अंतरराष्ट्रीय

क्या बांग्लादेश में हिंदुओं का अस्तित्व खतरे में?

125 से अधिक वैश्विक हिंदू संगठनों ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के तहत हिंदू अल्प संख्यकों के खिलाफ बढ़ते अत्याचार को लेकर तत्काल अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग की है।इस अपील में स्थिति को जातीय सफाया बताते हुए संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका और भारत से हिंदू समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।मानवाधिकार समूहों, धार्मिक संगठनों और नागरिक समाज के नेताओं के एक गठबंधन ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा को लेकर एक तत्काल अंतरराष्ट्रीय अपील जारी की है। यह चेतावनी देश में 12 फरवरी को होने वाले राष्ट्रीय चुनावों से कुछ ही दिन पहले आई है। हिंदू एडवांसिंग ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव के नेतृत्व में जारी इस अपील में दावा किया गया है कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली मौजूदा अंतरिम सरकार के तहत हिंदू समुदाय के सदस्यों को व्यवस्थित उत्पीडऩ का सामना करना पड़ रहा है। अपील पर हस्ताक्षर करने वालों ने स्थिति को जातीय और धार्मिक सफाए के रूप में वर्णित किया है, जिससे इस अल्पसंख्यक समूह के अस्तित्व को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। 15 देशों के 125 से अधिक संगठनों और व्यक्तियों ने इस पत्र का समर्थन किया है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोपीय संघ, भारत और अन्य वैश्विक शक्तियों से बांग्लादेश में हिंदू आबादी की रक्षा के लिए तत्काल और निर्णायक उपाय करने का आह्वान किया गया है। पत्र में दीपू चंद्र दास का प्रमुखता से उल्लेख किया गया है, जिनकी ईशनिंदा के आरोपों के बाद सरेआम पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने वाले हैं, जिनमें देश की राष्ट्रीय संसद, जातीय संसद के सदस्यों का चुनाव किया जाएगा। व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद 2024 में शेख हसीना की लंबे समय से चली आ रही सरकार को सत्ता से हटाए जाने के बाद यह पहला राष्ट्रीय चुनाव है।

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राजस्थान में पांचवी व आठवीं में ऑटोमैटिक प्रमोशन खत्म

जयपुर। राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए सरकार ने 5वीं और 8वीं कक्षा में ऑटोमैटिक प्रमोशन सिस्टम को समाप्त करने का निर्णय लिया है। अब इन कक्षाओं में छात्रों को अगली कक्षा में प्रमोट होने के लिए न्यूनतम अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। यदि कोई विद्यार्थी निर्धारित न्यूनतम अंक नहीं ला पाता है तो उसे फेल माना जाएगा। यह निर्णय राज्य में लर्निंग आउटकम सुधारने और ड्रॉपआउट कम करने के उद्देश्य से लिया गया है। शिक्षा विभाग का मानना है कि बिना परीक्षा पास किए प्रमोशन मिलने से बच्चों की पढ़ाई के प्रति गंभीरता कम हो रही थी, जिससे आगे की कक्षाओं में छात्रों को कठिनाई होती थी।नए नियमों के तहत यदि कोई विद्यार्थी न्यूनतम अंक प्राप्त नहीं कर पाता है तो उसे सुधार के लिए 45 दिनों के भीतर दोबारा परीक्षा देने का मौका दिया जाएगा। इसके लिए विशेष शिक्षण (रिमेडियल टीचिंग) की व्यवस्था भी की जाएगी।नई व्यवस्था लागू होने से छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों और अभिभावकों की जवाबदेही भी बढ़ेगी। विभाग का कहना है कि इससे पढ़ाई की निगरानी बेहतर होगी और बच्चों का शैक्षणिक स्तर सुधरेगा।शिक्षा विभाग के अनुसार इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई के प्रति गंभीर बनाना, उनकी क्षमता बढ़ाना और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है।

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अंगूठा छाप भी बन सकेंगे गांवों के सियासी मुखिया – पंचायत चुनाव Rajasthan

राज्य सरकार हो चाहे केंद्र सरकार साक्षरता मिशन को लेकर डींगे हांक रही है,लेकिन अबकी बार होने वाले पंचायत चुनाव Rajasthan में निरक्षरता भी उम्मीदवार की पात्रता में आड़े नहीं आएगी। सरकार के पास फिलहाल नियमों में संशोधन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, जिसका मतलब साफ़ है कि अनपढ़ या कम पढ़े-लिखे लोग भी पूर्व की भांति चुनाव लड़ सकेंगे। राजस्थान में एक बार फिर गांवों की सरकार चुनने का समय आ रहा है। इस बार के पंचायत चुनाव पिछले एक दशक के सबसे अलग चुनाव होने जा रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान की प्रक्रिया से लेकर उम्मीदवारों की योग्यता तक कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी इस बार अपनी ग्राम सरकार चुनने के लिए मतदान कर सकेंगे। खास तौर से चर्चा थी कि राज्य सरकार दो से अधिक संतान वाले उम्मीदवारों को चुनाव लडऩे की अनुमति दे सकती है और शैक्षणिक योग्यता को भी अनिवार्य बना सकती है। हालांकि, राज्य सरकार ने अब आधिकारिक तौर पर साफ कर दिया है कि निकट भविष्य में पात्रता नियमों में किसी बड़े बदलाव की कोई योजना नहीं है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान की प्रक्रिया से लेकर उम्मीदवारों की योग्यता तक कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। आयोग को 15 अप्रैल 2026 तक चुनाव की संपूर्ण प्रक्रिया पूरी करनी है। 1 जनवरी 2026 की योग्यता तिथि के आधार पर नई वोटर लिस्ट तैयार की जा रही है। प्रदेश की 14,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में चुनाव चरणबद्ध तरीके से मार्च और अप्रैल 2026 के बीच संपन्न होने की संभावना है। अब इवीएम नहीं, बैलेट पेपर से होगा चुनाव इस बार के चुनावों में जो सबसे चौंकाने वाला बदलाव हुआ है, वह है हाइब्रिड मॉडल। पंच और सरपंच इन दोनों पदों के लिए मतदान पारंपरिक तरीके से बैलेट पेपर (मतपत्र) और मतपेटी के जरिए होगा। यानी अब आपको बटन नहीं दबाना होगा, बल्कि मुहर लगानी होगी।जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के लिए मतदान इवीएम के जरिए ही किया जाएगा। इधर उम्मीदवार की आयु कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए। फिलहाल राजस्थान में पंचायती राज चुनाव के लिए शैक्षिक योग्यता (जैसे 8वीं या 10वीं पास) की अनिवार्यता को लेकर पिछली सरकार ने ढील दी थी, लेकिन चुनाव लडऩे के लिए उम्मीदवार का नाम उस पंचायत की मतदाता सूची में होना अनिवार्य है। वे लोग जिनके दो से अधिक बच्चे हैं, उन्हें राहत के लिए अभी और इंतजार करना होगा। दो संतान नीति को हटाने पर विचार-विमर्श लंबे समय से चल रहा है। यह मामला अभी प्रक्रिया में है। कैबिनेट ने अभी तक इस संबंध में कोई बिल पास नहीं किया है और न ही कोई नया नियम लागू हुआ है। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से चर्चा थी कि सरकार 27 नवंबर 1995 के बाद तीसरी संतान होने पर चुनाव लडऩे की पाबंदी को हटा सकती है। वहीं उम्मीदवारी के लिए घर में कार्यात्मक शौचालय होना और परिवार के सदस्यों का खुले में शौच न जाना एक अनिवार्य शर्त है।

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नकली घी?, पुलिस कार्रवाई, जांच के लिए सैंपल भेजे

जोधपुर। मंडोर क्षेत्र स्थित एक गोदाम में दबिश देकर पुलिस ने नकली घी के एक हजार टीन बरामद किए।  जोधपुर पुलिस ने जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए शुद्ध के लिए युद्ध अभियान की तर्ज पर एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश पासवान के कड़े निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक गोदाम पर छापा मारकर करीब 1000 टीन संदिग्ध नकली घी बरामद किया है। सीएसटी टीम की सटीक घेराबंदी एडीसीपी  सुनील पंवार के सुपरविजन में गठित सीएसटी टीम प्रभारी मेहराज तंवर के नेतृत्व में इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर के मंडोर इलाके में भारी मात्रा में नकली घी का भंडारण और सप्लाई किया जा रहा है। सूचना की तस्दीक होने पर टीम ने अचानक दबिश दी, जहां घी के डिब्बों का अंबार देख पुलिस अधिकारी भी दंग रह गए। मंडोर पुलिस और खाद्य विभाग मौके पर कार्रवाई की भनक लगते ही मंडोर थाना प्रभारी  किशनलाल बिश्नोई जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और माल को जब्त कर सुरक्षा घेरा बनाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग  के अधिकारियों को सूचित किया गया। खाद्य विभाग की टीम ने घी के नमूने  लिए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होने पर आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी। इधर पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की शहर भर में सराहना हो रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आगामी त्योहारों और बाजार की मांग को देखते हुए मिलावटखोर सक्रिय हैं, लेकिन पुलिस की सतर्कता टीम ऐसे किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगी।

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अस्पताल में कुत्तें ना आए, डाक्टर्स की जिम्मेदारी

प्रदेश में अब डाक्टर्स को भी कुत्तें भगाने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके लिए बाकायदा आदेश भी जारी हुए है। सरकारी हॉस्पिटलों में घूमने वाले आवारा कुत्तों को रोकने के लिए नोडल ऑफिसर नियुक्त किए गए हैं। ये नोडल ऑफिसर हॉस्पिटल में ही पोस्टेड डॉक्टर हैं। यानी अस्पताल परिसर में कुत्ते न आएं इसकी रोकथाम और इन्हें पकड़वाने की जिम्मेदारी इन डॉक्टर्स की रहेगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना में कई जगहों पर इस तरह के ऑर्डर जारी किए गए हैं, जिनमें हॉस्पिटल में आवारा कुत्तों को हटवाने या उनकी एंट्री रोकने के लिए निगम के साथ कॉर्डिनेट करने के लिए किसी न किसी डॉक्टर को नोडल अधिकारी बनाया गया है। अभी जोधपुर के प्रतापनगर और मंडोर सैटेलाइट हॉस्पिटल के साथ जैसलमेर के जवाहिर हॉस्पिटल में आदेश के तहत लागू की गई है। जैसलमेर पीएमओ डॉ. रविंद्र सांखला ने बताया कि आवारा कुत्ते हॉस्पिटल में नहीं आएं, इसकी जिम्मेदारी डॉक्टर्स को सौंपी गई है।जोधपुर और जैसलमेर के तीन हॉस्पिटल में वहां पोस्टेड डॉक्टर्स को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जोधपुर के प्रतापनगर हॉस्पिटल में डॉ. नरेश चौहान और मंडोर सैटेलाइट हॉस्पिटल में डॉ. निर्मला बिश्नोई को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जबकि जैसलमेर के जवाहिर हॉस्पिटल में डेंटिस्ट डॉ. सरदाराराम पंवार को नोडल अधिकरी बनाया गया है।  राज्य सरकार का निर्देश है कि हॉस्पिटल में कुत्ते नहीं होने चाहिए। इसलिए हमने डॉ. सरदाराराम को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। उनकी ड्यूटी होगी कि हॉस्पिटल में कुत्ते नहीं आने चाहिए। गेट बंद रहे और जहां भी चार दिवारी से कुत्ते आ रहे हैं, उन्हें रोका जाए। हॉस्पिटल में कुत्तो की संख्या ज्यादा होने पर वे पीएमओ और नगर परिषद की टीम से कॉर्डिनेट कर उन्हें पकड़वाने का काम करेंगे।

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पीएम मोदी पहुंचे मलेशिया, प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने एयरपोर्ट पर किया स्वागत

नई दिल्ली । भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलेशिया पहुंच चुके हैं। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत करने पहुंचे। पीएम मोदी दो दिवसीय दौरे पर 7-8 फरवरी तक के लिए मलेशिया पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए मलेशिया में भारतीय समुदाय के लोगों में काफी उत्साह है। पीएम मोदी का स्वागत करने के लिए उन्होंने क्लासिकल और लोकनृत्य की तैयारी की है। मलेशिया पहुंचने के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “कुआलालंपुर में लैंड किया। एयरपोर्ट पर मेरे दोस्त, प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के गर्मजोशी से किए गए स्वागत से बहुत खुश हूं। मैं हमारी बातचीत और भारत और मलेशिया के बीच दोस्ती के रिश्तों को और मजबूत करने का इंतजार कर रहा हूं।” आईएएनएस ने मलेशिया में भारतीय समुदाय के कई लोगों से बात की। पीएम मोदी के आगमन से उत्साहित एक भारतीय समुदाय की सदस्य ने कहा, “हम बहुत समय से मेहनत कर रहे हैं। हम बहुत उत्साहित हैं और कई हफ्ते से अभ्यास कर रहे हैं। 10 साल पहले पीएम मोदी यहां आए थे और हम तब भी इतने ही उत्साहित थे।” एक महिला ने कहा, “भारत के अलग-अलग राज्यों के लोग जो मलेशिया में रह रहे हैं, हम मिलकर अनेकता में एकता का प्रदर्शन करेंगे, जो कि भारत का मुख्य उद्देश्य है। हम सभी रंग और संस्कृति को साथ करके पीएम मोदी का स्वागत करेंगे। लगभग 800 लोग पीएम मोदी के स्वागत में एक साथ नृत्य करेंगे।” भारत क्लब की एक अन्य सदस्य ने कहा, “पीएम मोदी के स्वागत के लिए हमने बहुत अच्छे से अभ्यास किया है। हमें बहुत बेसब्री से इंतजार था कि हम उन्हें अपनी आंखों के सामने देखें। हम अपने नृत्य के प्रदर्शन से उनका स्वागत करेंगे।” एक अन्य सदस्य ने कहा, “मैं भारत क्लब की प्रतिनिधित्व करती हूं। स्वागत के लिए हमारी एक टीम ने क्लासिकल और लोकनृत्य का अभ्यास किया है। हमें उम्मीद है कि हमारा कार्यक्रम बहुत अच्छे से होगा। हम डांस करके पीएम मोदी का स्वागत करेंगे। हमलोग भारतीय हैं, तो हम बहुत उत्साहित हैं। हमने डांस का बहुत अभ्यास किया है और ऐसे ही उनका स्वागत करेंगे।” एक सदस्य ने बताया, “मैं पिछले 10 सालों से यहां हूं। मुझे भारत में पीएम मोदी से व्यक्तिगत रूप से मिलने का मौका कभी नहीं मिला, लेकिन मेरा मानना है कि मैं उनसे यहां मलेशिया में, हमारे देश के बाहर मिलने के लिए काफी भाग्यशाली हूं। उम्मीद है, हमें उनके साथ फोटो लेने और उनसे आशीर्वाद लेने का मौका मिलेगा। वह पूरी दुनिया में प्रेरणा दे रहे हैं। एक एनआरआई के तौर पर जब हम कहते हैं कि हम भारत से हैं, तो लोग कहते हैं कि आप मोदी जी के देश से हैं। हम उनसे मिलने के लिए सच में उत्साहित हैं।” भारतीय समुदाय के एक अन्य सदस्य ने कहा, “मैं पिछले सात सालों से मलेशिया में काम कर रहा हूं। पीएम मोदी से व्यक्तिगत तौर पर मिलना हमारे लिए एक रोमांचक मौका है। मलेशिया में बहुत सारे भारतीय रहते और काम करते हैं, और यह हम सभी के लिए उनसे व्यक्तिगत तौर पर मिलने का मौका है। इसीलिए हम यहां हैं। वह दुनिया भर में घूम रहे हैं और कई देशों के साथ संबंध मजबूत कर रहे हैं। हम बहुत उत्साहित हैं। मुझे लगता है कि आज करीब 10,000 से 12,000 लोग एकजुट हुए हैं। यह हमारे प्रधानमंत्री को देखने और अगर हो सके तो उनसे मिलने का एक शानदार मौका है। उनसे मिलकर बहुत अच्छा लगेगा।” —

तीखे-तेवर

आखिरी चाय

रवि रोज सुबह उसी छोटे से चाय वाले ठेले पर चाय पीने जाता था।चाय वाला बूढ़ा अंकल हमेशा मुस्कुराकर पूछते — “बेटा, आज भी बिना चीनी वाली?” एक दिन रवि जल्दी में था, उसने चाय नहीं पी और चला गया।शाम को पता चला — वो ठेला हमेशा के लिए बंद हो गया। अगले दिन रवि उसी जगह खड़ा था…और पहली बार उसे समझ आया —कुछ चीजें आदत नहीं होतीं,वो जिंदगी का हिस्सा बन जाती हैं।

क्रिकेट के नियम बदले
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क्रिकेट के बदले नियम – क्रिकेट के 73 नियम बदले, एक अक्टूबर से होंगे लागू

क्रिकेट के बदले नियम – क्रिकेट के 73 नियम बदले, एक अक्टूबर से होंगे लागूमेलबोर्न। क्रिकेट के नियमों में बदलाव हुए है। कुल 73 नियम बदल दिए हैं। इनमें टेस्ट मैच में दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरने पर पूरा ओवर खेलना अनिवार्य कर दिया गया है। डेड बॉल, ओवरथ्रो, बाउंड्री पर लिए जाने वाले कैच, विकेटकीपर की पोजीशन जैसे कई नियम बदले गए हैं। लेमिनेटेड बैट को सशर्त मंजूरी दी गई है। नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे। मुख्य नियम के तहत टेस्ट मैचों में दिन का आखिरी ओवर अब हर हाल में पूरा कराया जाएगा। ऐसा न होने से खेल का रोमांच कम हो जाता है। वहीं यह भी बयान में कहा गया कि, इससे समय की बचत भी नहीं होती, क्योंकि बची हुई गेंदें अगले दिन पूरी करनी ही पड़ती हैं। साथ ही इससे खेल का रोमांच कम हो जाता है। नया बल्लेबाज मुश्किल परिस्थितियों से बच जाता है। क्योंकि आमतौर पर उस समय गेंदबाजों के लिए हालात अनुकूल होते हैं। क्रिकेट के बदले नियम के तहत अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो अंतिम पूरा किया जाएगा, भले ही उस दौरान विकेट गिर जाए। इसी प्रकार ओवरथ्रो और मिसफील्ड के बीच के अंतर को स्पष्ट कर दिया है। अब ओवरथ्रो सिर्फ तभी माना जाएगा, जब कोई फील्डर विकेट पर गेंद फेंकता है और वह गेंद आगे निकल जाती है। अगर फील्डर बाउंड्री के पास गेंद रोकने की कोशिश करता है और गेंद हाथ से फिसलकर निकल जाती है, तो उसे ओवरथ्रो नहीं, बल्कि मिसफील्ड कहा जाएगा। वहीं अब ‘डेड बॉल’ के लिए यह जरूरी नहीं है कि गेंद गेंदबाज या विकेटकीपर के हाथ में ही हो। अगर गेंद किसी भी फील्डर के पास आ गई हो या मैदान पर रुक गई हो और अंपायर को लगे कि अब बल्लेबाज रन नहीं ले सकता, तो वह गेंद को डेड बॉल घोषित कर सकता है। लेमिनेटेड बैट या टाइप-डी बैट वह क्रिकेट बैट होता है, जिसे लकड़ी के दो या तीन टुकड़ों को आपस में जोडक़र तैयार किया जाता है। ये बल्ले पारंपरिक सिंगल-पीस बल्लों की तुलना में सस्ते होते हैं। इन्हें ओपन एज क्लब क्रिकेट में इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। वहीं क्रिकेट के बदले नियम के तहत, ओपन एज क्रिकेट उस फॉर्मेट को कहा जाता है जिसमें खिलाडिय़ों की उम्र की कोई सीमा निर्धारित नहीं होती और इस स्तर पर सभी उम्र के खिलाड़ी एकसाथ खेल सकते हैं।

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