February 2026

Trending, धर्म एवं यात्रा

कीलों पर सोकर खाटू श्याम के दर्शन को चला सोनू

मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के सबलगढ़ निवासी सोनू खाटूश्याम के लक्खी मेले में शरीक होने निकला। उसकी आस्था इस कदर है कि वह 21 सौ बड़ी कीलों पर सोकर आस्था का सफर कर रहा है। सोनू पिछले 4 दिनों से 2100 लोहे की कीलों पर पेट पलायन करते हुए रींगस से खाटूश्यामजी की ओर बढ़ रहा है। भक्ति की इस अनोखी साधना में कीलें करीब 5 इंच लंबी हैं, जिनका कुल वजन लगभग 26 किलोग्राम बताया जा रहा है। इन्हीं कीलों पर पेट पलायन करते हुए सोनू करीब 17 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर रहा है। श्याम भक्त सोनू ने बताया- वह पिछले 3 वर्षों से फाल्गुनी मेले में इसी तरह कठिन यात्रा कर बाबा श्याम के दरबार में हाजिरी लगा रहा है। इस वर्ष भी 6 दिन की यात्रा पूरी कर एकादशी पर बाबा श्याम के दर्शन करेगा। वह अभी खाटू मंदिर से 6-7 किलोमीटर दूर है।सोनू ने कहा- उसकी एक ही मनोकामना है हर वर्ष बाबा श्याम इसी तरह बुलाते रहे। उसकी इस अटूट आस्था और संकल्प को देखकर मार्ग में मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर हो रहे हैं और जयकारों के साथ उसका उत्साह बढ़ा रहे हैं।विश्व प्रसिद्ध बाबा श्याम का फाल्गुन मेला 21 फरवरी से शुरू हो गया। मेले के 5वें दिन विदेश से आए हरे और गुलाबी रंग के फूलों से बाबा श्याम का आकर्षक शृंगार किया गया। शृंगार में फूलों के साथ लाल वेलवेट के कपड़े पर गोल्डन क?ाई और गुलाबी कढाईदार गोटे का बागा पहनाया गया है। सुबह से मेले में बाबा श्याम के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ रही। सीकर में बाबा खाटूश्यामजी का फाल्गुनी लक्खी मेले में 5वें दिन रंगत देखने को मिल रही है। अब तक करीब साढे 5 लाख से ज्यादा भक्त बाबा श्याम के दर्शन कर चुके हैं। श्याम बाबा का हरे और गुलाबी फूलों से बुधवार को शृंगार किया गया। ये फूल विदेश से मंगाए गए।  श्याममयी भजनों के बीच जयकारे लगाते हुए श्याम बाबा के दर्शन करते हुए श्रद्धालु मन्नतें मांग रहे हैं। रींगस से खाटू तक निशान लेकर बढ रहे पदयात्रियों के बीच तिल रखने को भी जगह नहीं है। भीड़ बढने के कारण लखदातार ग्राउंड के जिगजैग खोल दिए गए हैं। इससे श्रद्धालुओं को करीब 2 किलोमीटर तक चक्कर लगाना पड़ रहा है। खाटू पहुंचने के बाद दर्शन करने में श्रद्धालुओं को 1 घंटे से भी कम समय लग रहा है। मंदिर परिसर को ऊं लिखे सफेद दुपट्टों से सजाया गया है। इसके नीचे चटख लाल रंग की झालरें लटकाई गई हैं। श्याम बाबा के दरबार में सभी 14 लाइनों में चलते हुए श्रद्धालु खाटूश्यामजी के दर्शन कर रहे हैं।

Trending, राज्य-शहर

बाल विवाह रोकथाम के लिए आमजन को प्रेरित करें : अल्पा चौधरी

सिरोही। कृषि विभाग के आत्मा सभागार में मंगलवार को जिला कलक्टर अल्पा चौधरी की अध्यक्षता में जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न बाल संरक्षण योजनाओं, अभियानों एवं समन्वयात्मक गतिविधियों की बिंदुवार समीक्षा की गई तथा संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश प्रदान किए गए। बैठक में बाल विवाह मुक्त सिरोही अभियान की प्रगति पर विशेष चर्चा करते हुए जिला कलक्टर ने निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत स्तर पर अधिकाधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं, विद्यालयों, आंगनवाड़ी केन्द्रों एवं सामुदायिक आयोजनों के माध्यम से बाल विवाह के दुष्परिणामों के संबंध में व्यापक जागरूकता फैलाई जाए। महिला अधिकारिता विभाग द्वारा आयोजित अमृता मेले में बाल विवाह मुक्त सिरोही विषय पर आकर्षक एवं जानकारी पूर्ण स्टॉल लगाकर आमजन को बाल संरक्षण कानूनों, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 तथा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिला परिवहन अधिकारी को जिले में संचालित बाल वाहिनियों (स्कूल वाहनों) की नियमित जांच करने, ओवरलोडिंग पर सख्त कार्यवाही करने तथा ऐसे ऑटो रिक्शा एवं अन्य वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए जो अवैध रूप से बाल वाहिनी के रूप में संचालित किए जा रहे हैं।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जसाराम को निर्देशित किया गया कि जिले के समस्त राजकीय एवं गैर-राजकीय विद्यालयों की 200 मीटर परिधि में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए नियमित निरीक्षण, चालान एवं कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही जिले में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए चिन्हित संवेदनशील स्थानों पर नियमित गश्त करने के निर्देश दिए। नगरीय निकायों को उन क्षेत्रों में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश प्रदान किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देशित किया गया कि जिले की सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में बिजली, पेयजल एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का भौतिक सत्यापन कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही की जाए। जिससे बच्चों एवं महिलाओं को सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध हो सके। सहायक निदेशक राजेन्द्र कुमार पुरोहित ने विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। बैठक में अध्यक्ष बाल कल्याण समिति सुश्री रतन बाफना, सदस्य शशिकला मरडिया एवं प्रताप सिंह नून, पुलिस विभाग से मोहनसिंह राव, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी भंवरलाल पुरोहित, विजय कुमार व्यास, अधीक्षक राजकीय सम्प्रेक्षण एवं किशोर गृह भंवरसिंह, श्रम कल्याण अधिकारी हंसदीप, उपनिदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग किशनाराम लोल, सहायक निदेशक महिला अधिकारिता विभाग श्रीमती अंकिता राजपुरोहित, जिला परिवहन अधिकारी अक्षमिता,संरक्षण अधिकारी कन्हैयालाल, कार्डिनेटर 1098 मनोहरसिंह, काउन्सलर प्रिंससिंह, कनिष्ठ सहायक प्रकाश कुमार, आउटरिच वर्कर दिलीप धवल आदि मौजूद थे।

Trending, मनोरंजन

अभिनेत्री रस्मिका व विजय 26 को लेंगे फेरे, उदयपुर पहुंचे

उदयपुर। साउथ इंडियन फिल्मी अभिनेता विजय देवरकोंडा व अभिनेत्री रस्मिका मंडाना उदयपुर-नाथद्वारा हाईवे पर कैलाशपुरी में आइटीसी मोमेंटोज होटल में सात फेरे लेंगे। दोनों सोमवार को अलग- अलग उदयपुर पहुंचे। शादी 26 फरवरी को है। होटल की बुकिंग 24 से 26 फरवरी तक के लिए हुई है। शादी में करीब 230 गेस्ट शमिल होंगे। मेहमान 24 फरवरी को होटल में चेक-इन करेंगे।सोमवार सुबह दोनों अलग-अलग फ्लाइट से उदयपुर पहुंचे। करीब 10 बजे रश्मिका और उसके करीब 15 मिनट बाद विजय आए। यहां से दोनों एक साथ होटल के लिए रवाना हुए। रश्मिका ब्लू सूट में और काला चश्मा लगाकर बाहर आईं। विजय ने ब्लैक जैकेट पहनी थीं।शादी का एक कार्ड भी वायरल हुआ था। 3 और 4 मार्च को हैदराबाद में रिसेप्शन देंगे, जिसमें फिल्म इंडस्ट्री की कई हस्तियां शामिल होंगी। यह रिसेप्शन हैदराबाद या बंजारा हिल्स की किसी प्रीमियम लोकेशन पर होने की चर्चा है।विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना ने 3 अक्टूबर को हैदराबाद में सगाई की थी। ये एक प्राइवेट सेरेमनी थीं, जिसमें कपल के परिवार के चंद लोग ही शामिल हुए थे। इसके बाद रश्मिका को कई मौकों पर इंगेजमेंट रिंग के साथ स्पॉट किया गया था।

Trending, मनोरंजन

बच्चन को बेस्ट सपोर्टिंक एक्टर अवार्ड, साउथ फिल्म फेयर अवार्ड्स

कोच्चि। केरल के कोच्चि में सत्तरवेंं साउथ फिल्म फेयर अवार्ड्स के दौरान अमिताभ बच्चन को फिल्म कल्कि 2676 एडी के लिए बेस्ट सपोर्टिंग मेल का अवार्ड दिया गया। यह उनका पहला साउथ फिल्म फेयर अवार्ड है। फिल्म में अमिताभ बच्चन ने अश्वत्थामा का रोल निभाया था।इस सेरेमनी में तेलुगु, तमिल, मलयालम और कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री की बेहतरीन फिल्मों और कलाकारों को सम्मानित किया गया। फिल्म पुष्पा 2 ने तेलुगु कैटेगरी में पांच अवॉर्ड जीते, जिनमें बेस्ट फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर (सुकुमार) और बेस्ट एक्टर (अल्लू अर्जुन) शामिल रहे। तमिल कैटेगरी में फिल्म अमरन ने सात अवॉर्ड अपने नाम किए, जिनमें बेस्ट फिल्म, बेस्ट एक्टर (सिवकार्तिकेयन) और बेस्ट एक्ट्रेस (साई पल्लवी) शामिल हैं। मलयालम सिनेमा से सुपरस्टार ममूटी को ब्रमायुगम के लिए बेस्ट एक्टर चुना गया। लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिवंगत एक्टर-फिल्ममेकर श्रीनिवासन को मरणोपरांत दिया गया।फिल्म कल्कि 2898एडी 27 जून 2024 को रिलीज हुई थी। इसने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल करते हुए दुनियाभर में 1,000 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी।फिल्मफेयर अवॉर्ड्स साउथ (तेलुगु) 2026 में फिल्म ने दो अवॉर्ड्स जीते, बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर (मेल) का अवॉर्ड अमिताभ बच्चन ने जीता। बेस्ट प्रोडक्शन डिजाइन का अवॉर्ड नितिन जियानी चौधरी को मिला। हालांकि, अमिताभ बच्चन इस सेरेमनी में शामिल नहीं हुए। फिल्मफेयर अवॉर्ड्स साउथ टाइम्स ग्रुप की फिल्मफेयर मैगजीन द्वारा प्रस्तुत किए जाते हैं। फिल्मफेयर अवॉर्ड्स की शुरुआत 1954 में हुई थी, शुरुआत में केवल हिंदी फिल्मों के लिए यह सेरेमनी होती थी।1964 में दक्षिण भारतीय भाषाओं (तमिल-तेलुगु) के लिए अवॉर्ड्स की शुरुआत हुई। वहीं, मलयालम 1967 में और कन्नड़ भाषा की फिल्में 1970 में शामिल हुईं। समय के साथ हर इंडस्ट्री के लिए अलग सेरेमनी आयोजित होने लगी। पहले ये सेरेमनी मुंबई में हिंदी फिल्मों के अवॉर्ड्स के साथ होती थी, लेकिन 1976 के बाद साउथ सेगमेंट को अलग कर चेन्नई और हैदराबाद में शिफ्ट किया गया।

Trending, धर्म एवं यात्रा

गंगश्यामजी मंदिर: बसंत पंचमी से रंग पंचमी तक होली की मस्ती

जोधपुर। भीतरी शहर स्थित गंगश्यामजी मंदिर में फागोत्सव चरम पर है। यहां पूरे पैंतालिस दिन तक होली का जश्न चलता है। श्रद्धालुओं के साथ विदेशी सैलानी भी यहां होली खेलते है।मंदिर में उत्सव की शुरुआत बसंत पंचमी से होती है और रंग पंचमी तक जारी रहती है। इस रंगारंग उत्सव में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और भक्ति के रंग में रंग जाते हैं। सबसे खास बात ये है कि मंदिर में 250 सालों से होली खेलने की परम्परा निभाई जा रही है।मंदिर के पुजारी बताते हैं कि सुबह 12 से 2 बजे तक गुलाल और पुष्पों से होली खेली जाती है, जबकि रात 8 से 11 बजे तक होली के मधुर गीतों का गायन होता है। ये परंपरा पिछले 250 सालों से चली आ रही है और आज भी उतनी ही जीवंत है।मंदिर में विराजमान भगवान श्याम की प्रतिमा जोधपुर नरेश राव गांगा को उनके विवाह में दहेज के रूप में मिली थी। राव गांगा (1515-1531) का विवाह सिरोही के राव जगमाल की पुत्री रानी देवड़ी से हुआ था। विदाई के समय राव जगमाल ने बेटी की भगवान कृष्ण के प्रति गहरी आस्था देखकर कृष्ण की मूर्ति और ठाकुरजी की सेवा के लिए सेवग जीवराज को भी दहेज में जोधपुर भेज दिया। पहले ये मूर्ति किले में स्थापित की गई, फिर शहर की जूनी धान मंडी में विक्रम संवत 1818 में भव्य मंदिर बनवाकर प्रतिष्ठित की गई। चूंकि राव गांगा ने इसे स्थापित किया, इसलिए इन्हें गंगश्यामजी कहा जाता है।

Trending, धर्म एवं यात्रा

हीया कोठारी बनी साध्वी ह्रींनेमिरेखाश्रीजी बनीं

सिरोही (महावीर जैन)। दीक्षा दानेश्वरी आचार्य भगवंत गुणरत्नसूरी समुदाय के आचार्य रविरत्नसूरी एवं रश्मिरत्नसूरी की निश्रा में कृष्णगंज में 21 वर्षीय हीया कोठारी ने रविवार को विजयममुहूर्त में सांसारिक जीवन से संयम जीवन ग्रहण कर लिया। दीक्षा लेकर वे साध्वी हेमलरेखाश्रीजी की शिष्या बनी। नेमिनाथ भगवान की परम भक्त हीया का नूतन साध्वी के रूप में नामकरण ह्रींनेमिरेखाश्रीजी रखा गया हैं। वे प्रवर्तनी गुरूमैया पुण्यरेखाश्रीजी की 490 वीं शिष्या बनी। कृष्णगंज में दीक्षा मंडप में गिरनार तीर्थ की रचना कर परमात्मा नेमीनाथ के समक्ष आचार्य रविरत्नसूरीने जब दीक्षा के लिए रजोहरण यानि ओगा उन्हे अर्पित किया तो हीया नाचने लगी ओर उन्होंने दीक्षा नाण में विराजित तीन प्रमात्माओं के समक्ष तीन प्रदक्षिणा देकर परमात्मा के प्रति हर्षित भावों से उनका आभार व्यक्त किया।कहा कि उनको संयम जीवन मिले उसका सपना चतुर्विद संघ के समक्ष आज पूरा हुआ। दीक्षीर्थी ने दीक्षा के बाद काम आने वाले उपकरणों के साथ गाजते-बाजते एवं नाचते हुए मंडप में प्रवेश किया तो दीक्षार्थी अमर रहो, दीक्षार्थी नो जय-जयकार से भक्तों ने मंडप को गुंजायमान कर दिया। मंडप पर सभी गुरूदेवों एवं साध्वीयों को वंदन कर हीया ने उनसे आर्शीवाद लिया। उसके बाद हीया के माता-पिता एवं परिवार के सभी सदस्यों ने विजय तिलक कर उसे संयम जीवन की शुभकामनाएं व विजयभव का आर्शीवाद दिया। हीया की गुरूमैया हेमलरेखाश्रीजी ने 7 वर्ष की आयु में दीक्षा लेकर दीक्षा के 26 वर्ष पूर्ण होने पर वे गुरूमाता बनी। जिस पर उनका भी चतुर्विद संघ ने वधामणा किया।सांसारिक मोह माया का त्याग कर साध्वी का वेश धारण कर वे मंडप में ढोल ढमाको एवं वधामणे के साथ पहुंची तो विदुषी साध्वी गुणज्ञरेखाश्रीजी ने केश लोचन की विधि कर हीया के सिर के बाल हाथों से उखाड़े तब पंडाल में उपस्थित श्राविकाओं ने पार्लर में किसी पुरूष के हाथ से ब्यूटी या मसाज नहीं कराने का व्रत आचार्य की साक्षी में धारण कर एक नई पहल की तो मंडप में करतलध्वनी से उनका अभिनंदन किया गया।इस अवसर पर जामनगर में विराजित 490 शिष्याओं की गुरूमैया प्रवर्तनी साध्वीश्री पुण्यरेखाश्रीजी ने हीया की दीक्षा पर भेजे अपने आर्शीवचन में कहा कि इस पंचम काल में भी जैन समाज में त्याग व तपस्या का डंका कायम है। मंडप में दीक्षा के अवसर पर वैराग्य से परिपूर्ण मारे नेम प्रिय जाउ हैं का भक्ति गीत रिलीज किया गया।दीक्षीर्थी हीया एवं उनकी माता कला बेन व पिताश्री विनोद कोठारी का जैन संघ, कृष्ण्गंज की ओर से पंचमहाजनानों ने तिलक-हार-शॉल व अभिनंदन पत्र देकर बहुमान किया। कहा कि हीया ने साध्वी के रूप में पहली दीक्षा ग्रहण कर कृष्णगंज एवं आबूगोड समाज को गौरान्वित किया हैं जिसका हमें गर्व हैं।दीक्षा के बाद हित शिक्षा प्रदान करते हुए आचार्य रविरत्नसूरी एवं रश्मिरत्नसूरी ने कहा कि हीया ने दीक्षा लेकर गुरू चरणों में अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया है और वो अब आत्मा की खोज में डूब जाएगी। उन्होंने कहा कि संयम जीवन अपनाने वाला बहुत बड़ा त्यागी होता हैं वो अपने जीवन में सर्वपाप प्रवृतियों को त्याग कर धर्म आराधना तपस्चर्या एवं साधना में लीन हो जाता हैं। नमक खारा होने पर भी मानव नमक तक का भी त्याग जीवन में नहीं कर पाता हैं, लेकिन संयम जीवन में वो सब त्याग कर देता हैं और यही सयंम व त्याग धर्मबल को मजबूत बनाता हैं।वर्षीदान कर सांसारिक सामग्री का दान-पुण्य कियादीक्षा के पहले शनिवार को हीया ने वर्षीदान के वरघोड़े में ंअपने हाथों से अनेक सासांरिक सामग्री का दान-पुण्य किया और इस वरघोड़े में 36 कौम ने दीक्षार्थी हीया का फूलमालाओं एवं अक्षत से वधामणा कर उसके संयम मार्ग पर चलने के निर्णय की जय जयकार की। दीक्षा समारोह में आबूगोड के 27 गांवों के समाज बन्धुओं ने उपस्थित होकर साधु-साध्वी भगवंतों के दर्शन वदंन कर दीक्षार्थी व उसके माता-पिता को अपनी शुभकामनाएं दी ओर दीक्षीर्थी को भेंट किए जाने वाले उपकरणों को वोहराने यानि अर्पण का लाभ लिया।दीक्षा के बाद आचार्य रविरत्नसूरी ने अचलगढ के लिए व रश्मिरत्नसूरी ने पाली के लिए विहार किया।

Trending, धर्म एवं यात्रा

होलाष्टक: 15 दिन मांगलिक कार्यों पर रोक: दवे

सिरोही। होली से आठ दिन पूर्व होलाष्टक एवं होली से सात दिन बाद शीतला सप्तमी तक माताजी का अगता होने से कुल 15 दिन तक समस्त शुभ कार्यों पर रोक रहेगी।ज्योतिष एवं वास्तुविद आचार्य प्रदीप दवे ने बताया कि फाल्गुन शुक्ला अष्टमी मंगलवार से फाल्गुन पूर्णिमा मंगलवार 3 मार्च तक कुल आठ दिन होलाष्टक रहेगा तथा होलाष्टक समाप्त होते ही चैत्र कृष्ण प्रतिपदा बुधवार 4 मार्च से चैत्र कृष्ण सप्तमी मंगलवार 10 मार्च अर्थात शीतला सप्तमी तक कुल सात दिन माताजी का अगता रहेगा। इस प्रकार होलाष्टक एवं अगता होने से कुल 15 दिन शुभ कार्यों पर रोक रहेगी। इस अवधि में गृह प्रवेश, विवाह मुहूत्र्त, मुंडन, देव प्रतिष्ठा आदि मांगलिक कार्य नहीं हो सकेंगे। भारतीय ज्योतिष, लौकिक एवं स्थानीय मान्यतानुसार इस अवधि में मानसिक तनाव दूर करने, मौज-मस्ती, हास-परिहास, व्यंग्य-विनोद, हंसी-ठिठोली, फाग-गायन, चंगवादन, हुडदंग, गेरनृत्य, ढूंढ, सामाजिक मेलजोल बढ़ाने तथा चेचक से बचाव के लिए 15 दिन तक समस्त शुभ कार्यों पर रोक रहती है। इन दिनों में आकाशीय ग्रह शिथिल रहते हैं। जिससे उनका प्रभाव नकारात्मक रहता है। इसी कारण मनुष्य के शरीर की प्रकृति शिथिल हो जाती है तथा दिन में नींद, सुस्ती व आलस्य का प्रभाव बढ़ जाता है तथा रात्रि की नींद कम हो जाती है।क्या होता है होलाष्टकआचार्य प्रदीप दवे ने बताया कि होली से पूर्व जो आठ दिन होते है। उसे होलाष्टक कहते है। इस अवधि में ग्रहों के शिथिल होने से उनका प्रभाव नकारात्मक होने मांगलिक कार्य करने की मनाही है।क्या होता है अगतालौकिक धार्मिक एवं स्थानीय मान्यता अनुसार चेचक से बचने के लिए होली दहन से शीतला सप्तमी तक ओरी व शीतला माता को प्रसन्न किया जाता है। इसके लिए समस्त महत्वपूर्ण कार्य रोक कर बड़ी चेचक से बचने के लिए शीतला माता व छोटी चेचक से बचने के लिए ओरी माता की पूजा की जाती है व महिलाएं माताजी के भजन व गीत गाती है। पहले चेचक का बहुत प्रकोप रहता था और छोटेे बच्चे काल के ग्रास बन जाते थे। अत: बड़ी चेचक व छोटी चेचक से बचने के लिए शीतला व ओरी माता के भजन, गीत तथा ठंडा भोजन का प्रसाद चढाकर शीतला व ओरी माता को प्रसन्न किया जाता था।

Trending, राज्य-शहर

Rajasthan news प्रदेश में 31 लाख 36 हजार 286 वोटर कटे

जयपुर। राजस्थान निर्वाचन विभाग ने 199 विधानसभा सीटों की एसआईआर के बाद फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन कर दिया। प्रदेश में 31 लाख 36 हजार 286 वोटर कट गए हैं। निर्वाचन विभाग से जारी आंकड़ों के मुताबिक ड्राफ्ट लिस्ट के बाद 12.91 लाख नए वोटर जोड़े हैं, जबकि 2.42 लाख के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं।भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशन और मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजस्थान की देखरेख में राजस्थान में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। शनिवार को राज्य की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया, जिसमें करीब 5 करोड़ 15 लाख से अधिक मतदाता शामिल हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि यह अभियान 27 अक्टूबर 2025 से 21 फरवरी 2026 तक चरणबद्ध तरीके से चलाया गया। प्रारंभिक सूची में 5,46,56,215 मतदाता थे, लेकिन गहन सत्यापन, दावे-आपत्तियों और संशोधन प्रक्रिया के बाद अंतिम सूची में कुल 5,15,19,929 मतदाता दर्ज किए गए।एसआईआर की फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने के बाद अब प्रदेश में 5 करोड़ 15 लाख 19 हजार 929 वोटर हैं, जबकि 27 अक्टूबर 2025 को एसआईआर शुरू होने से पहले कुल 5 करोड़ 46 लाख 56 हजार 215 वोटर थे। जोधपुर जिले में एसआईआर के तहत फाइनल वोटर लिस्ट 2 लाख से ज्यादा वोटर्स के नाम कट गए हैं। सबसे ज्यादा नाम पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र में हटाए गए, जबकि ओसियां में सबसे कम नाम कटे हैं। वहीं, पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत की विधानसभा में 9 हजार से ज्यादा मतदाता बढ़े हैं। फाइनल वोटर लिस्ट में लिंगानुपात में 2 अंकों की बढ़ोतरी हुई है, महिला वोटर्स की संख्या बढ़ी है। ड्राफ्ट लिस्ट के वक्त लिंगानुपात यानी प्रति हजार पुरुष वोटर पर महिलाओं की संख्या 909 थी, जो अब 911 हो गई। लिंगानुपात में जयपुर जिले में 7 अंक की बढ़ोतरी हुई है, जबकि कोटा में 6 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। अजमेर, सिरोही, डूंगरपुर, बूंदी, झालावाड़ और बारां में 4 अंकों की बढोतरी हुई है।ड्राफ्ट लिस्ट के बाद फाइनल वोटर लिस्ट में 18 से 19 साल के युवा वोटर्स की संख्या में 4,35,061 की बढ़ोतरी हुई है। राज्य में जयपुर जिले में 1.30 प्रतिशत, बाड़मेर में 1.26 प्रतिशत, भरतपुर में 1.22 प्रतिशत, फलौदी में 1.18 प्रतिशत और बूंदी में 1.09 प्रतिशत युवा मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने बताया कि वोटर लिस्ट में नाम जोडऩे, हटाने का काम जारी रहेगा। बीएलओ के पास फॉर्म भरकर अब भी वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाया जा सकता है। इसके लिए फॉर्म 6 भरना होगा। वोटर पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन भी नाम जुड़वा सकते हैं।जोधपुर जिले में एसआईआर के बाद फाइनल वोटर लिस्ट में 2 लाख 3 हजार 381 मतदाता कम हो गए हैं, जिसके बाद जिले में अब 20 लाख 97 हजार 971 वोटर्स हैं। जोधपुर के सरदारपुरा विधानसभा से सबसे ज्यादा 51 हजार 71 और सबसे कम नाम 7 हजार 512 ओसियां विधानसभा से कटे हैं। मतदाता सूची में सबसे ज्यादा 1 लाख 69 हजार 197 पुरुष और 1 लाख 52 हजार 394 महिला मतदाता लूणी विधानसभा में है, जबकि सबसे कम 83 हजार 664 पुरुष और 81 हजार 193 महिला मतदाता जोधपुर शहर विधानसभा सीट पर हैं। पाली में एसआईआर की फाइनल वोटर लिस्ट में 27 हजार 633 मतदाता बढ गए हैं। अब जिले में कुल 14 लाख 15 हजार 156 मतदाता हो गए हैं। इसमें सबसे ज्यादा 9 हजार 558 मतदाता पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत की सुमेरपुर विधानसभा में बढे हैं, जबकि पाली में सबसे ज्यादा 2,996 नाम काटे गए हैं।

Trending, Uncategorized, राज्य-शहर

नगर परिषद का 1469 करोड़ का बजट, बदलेगी तस्वीर

जोधपुर। संभागीय आयुक्त व नगर परिषद प्रशासक डा. प्रतिभासिंह ने गुरुवार को 1469 करोड़ रुपए का वार्षिक बजट पेश किया। शहर में 15 नए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने का बजट में निर्णय लिया गया है।नगर निगम के एकीकरण के बाद पहली बार यह बजट पेश हुआ है। पूर्व में निगम का क्षेत्रफल 234 वर्ग किलोमीटर था, जो अब बढक़र 290 वर्ग किलोमीटर हो गया है। बजट को अब राज्य सरकार को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।संभागीय आयुक्त डॉ. प्रतिभा सिंह ने बताया कि इस बजट का फोकस सफाई व्यवस्था के एकीकरण, डिजिटल पारदर्शिता, ट्रैफिक प्रबंधन, हरित ऊर्जा और खेल सुविधाओं के विस्तार पर है। निर्वाचित होकर आने वाले पार्षदों को विकास कार्यों के लिए 60 लाख रुपए तक की अनुशंसा का प्रावधान भी रखा गया है। गत वर्ष के मुकाबले इस बार करीब 112 करोड़ कम का बजट जारी किया गया है। गत वर्ष निगम उत्तर और दक्षिण दोनों मिलाकर 1581 करोड़ का बजट जारी किया गया था, लेकिन इस बार निगम की ओर से घाटे का बजट पेश किया गया है। बजट में घोषणा के मुताबिक नगर निगम की ओर से भूमि का रिकॉर्ड डिजिटलाइजेशन किया जाएगा। वर्तमान में निगम क्षेत्राधिकार की करीब 1 लाख फाइलें हैं। जिनमें से 22 हजार का डिजिटलाइजेशन किया जा चुका है। शेष अन्य के लिए इस बजट में 11 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। ऐसे में आने वाले समय में निगम एरिया के प्लॉट, खाली जमीन से लेकर सभी तरह को बिल्डिंग आदि की जानकारी डिजिटल भी मिल सकेगी। इससे निगम के सिस्टम में बैठे दलाल, भ्रष्टाचारियों ओर फर्जी डॉक्यूमेंट बनाकर प्लॉट पर अपना कब्जा बताने वालों पर भी लगाम लगेगी। पेश किए बजट से आने वाले समय में शहर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, दो प्रमुख मार्गों को आदर्श मार्ग बनाने ओर कचरा ढोने से लेकर उसकी प्रोसेसिंग के कामों में एक ही वेंडर को लगाने के प्रस्ताव पारित किए गए। अब इस बजट को राज्य सरकार को भेजा जाएगा। अब नए बजट के तहत जीतकर आने वाले पार्षदों को विकास कार्यों के लिए 60 लाख रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है।प्रशासक प्रतिभा सिंह ने बताया प्रदेश सरकार की चालू वित्तीय घोषणा के तहत इवी और सीएजी स्टेशन पीपीपी मोड में विकसित किए जाएंगे। वर्तमान में शहर में दस जगहों पर इसका कार्य प्रगति पर है। निगम बजट में अब आने वाले समय में 30 जगहों पर इवी स्टेशन प्रस्तावित किए हैं। शहर के 7 टूरिस्ट पैलेस पर भी ये स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के लिए शहर में 15 नए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने का बजट में निर्णय लिया गया है। वर्तमान में जोधपुर शहर के उम्मेद क्लब और गांधी मैदान के पीछे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स डॅपलप किया जा रहा है। वहीं, शहर के दो प्रमुख सडक़ों को विकसित किया जाएगा। इसमें सडक़ को चौड़ा करना, फुटपाथ, वृक्षारोपण आदि किया जाएगा।

Trending, धर्म एवं यात्रा

मुमुक्षु हीया कोठारी 22 को बनेगी साध्वी

सिरोही। जैन समाज के भगवान नेमीनाथ का पथ स्वीकार करने वाली कृष्णगंज निवासी हीया कोठारी का तीन दिवसीय दीक्षा महोत्सव शुक्रवार को कृृष्णगंज में शुरु होगा। महोत्सव के पहले दिन गुरू भगवंतों का सामैया होगा। दूसरे दिन वर्षीदान शोभायात्रा, मुमुक्षु हीया का अंतिम वायणा (भोजन) व शाम 7 बजे संसारिक जीवन को अलविदा समारोह होगा। तीसरे रत्नत्रयी का प्राप्ति कार्यक्रम में चर्तुविद संघ के समक्ष दीक्षा विधि होगी। दीक्षा दिलाने के लिए आचार्य भगवंत रविरत्नसूरी, रश्मिरत्नसूरी एवं जयेशरत्नसूरी शनिवार को कृष्णगंज पहुंचेंगे। हीया ने मास्टर ऑफ साइन्स में इन्ॅफोरमेशन टेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के बाद उनमें संसार के प्रति विरक्त भाव जागे ओर उन्होंने दीक्षा दानेश्वरी आचार्य गुणरत्नसूरी के समुदाय में दीक्षा लेने के लिए धार्मिक क्षेत्र में प्रवेश किया। मुमुक्षा हीया कोठारी ने कहा कि वे प्रभु नेम के वात्सल्य के सागर में डूबने के लिए दीक्षा ग्रहण कर रही हैं। दीक्षार्थी के माता-पिता कला बेन-विनोद कुमार कोठारी ने शुभाशीर्वाद दिया। दीक्षार्थी के पावापुरी तीर्थ में दर्शन आगमन पर तीर्थ संस्थापक केपी संघवी परिवार की प्रमुखा तपस्वीरत्न श्रीमती रतनबेन बाबूलाल संघवी ने मुमुक्षु हीया बेन एवं उनकी माता कलाबेन एवं पिताश्री विनोद भाई कोठारी का तिलक-माला एवं शॉल ओढाकर बहुमान किया।

Shopping Cart
Scroll to Top