नेशनल वन स्टार एंड्योरेंस चैंपियनशिप 7–8 मार्च को जयपुर में
जयपुर/जोधपुर। भारतीय अश्वारोहण खेल के लिए गौरव का विषय है कि लगभग एक दशक बाद जयपुर में 100 किमी नेशनल वन स्टार एंड्योरेंस चैंपियनशिप 2025–26 का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता 07 एवं 08 मार्च 2026 को बेगास रोड, सांझरिया (आरईसी मणिपाल यूनिवर्सिटी के समीप) स्थित Royal Equestrian Club परिसर में आयोजित होगी। यह आयोजन Equestrian Federation of India के तत्वावधान में तथा Rajasthan Equestrian Association के सहयोग से संपन्न होगा। महासंघ के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय आयोजन प्रतियोगिता के मुख्य संयोजक एवं रॉयल इक्वेस्ट्रियन क्लब के निदेशक कैप्टन मुकेश सिंह शक्तावत ने बताया कि प्रतियोगिता अंतरराष्ट्रीय तकनीकी दिशानिर्देशों, नियमों एवं विनियमों के अनुरूप संचालित की जाएगी। देश के विभिन्न राज्यों से चयनित घुड़सवार इसमें भाग लेंगे और अपनी सहनशक्ति, कौशल एवं रणनीति का प्रदर्शन करेंगे।7 मार्च को प्रातः 5 बजे फ्लैग ऑफ, चैंपियनशिप का विधिवत शुभारंभ 07 मार्च 2026 को प्रातः 5:00 बजे फ्लैग ऑफ के साथ होगा।उद्घाटन अवसर पर जनप्रतिनिधि एवं विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहेंगे।प्रतियोगिता का समापन 08 मार्च 2026 की सायंकाल होगा, जिसमें विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा। जूरी की देखरेख में पारदर्शी संचालन चैंपियनशिप की निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु जूरी का गठन किया गया है। ईएफआई के कर्नल जगत सिंह द्वारा निम्न अधिकारियों को जूरी सदस्य नियुक्त किया गया है। इसमें कर्नल अशोक यादव,कर्नल सरप्रताप सिंह,कर्नल सी. एस. सोहल सदस्य नियुक्त किए गए है। एंड्योरेंस चैंपियनशिप के इवेंट कॉर्डिनेटर एवं जोधपुर के राइडर दुष्यंत सिंह मेड़तिया ने बताया कि सफल आयोजन के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है। मुख्य जिम्मेदारियां इस प्रकार हैं। दुष्यंत सिंह मेड़तिया (राठौड़)– इवेंट कॉर्डिनेटर, रामूराम देवासी – कैम्प इंचार्ज, हरभजन सिंह – अस्तबल मैनेजर, जयराम देवासी – आवास एवं अन्य व्यवस्थाएं संभालेंगे। 100 किमी नेशनल वन स्टार एंड्योरेंस क्या है? कॉर्डिनेटर दुष्यंत सिंह राठौड़ ने बताया कि यह घुड़सवारी (Equestrian) की एंड्योरेंस विधा की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता है, जिसमें घुड़सवार और उसका घोड़ा निर्धारित समय सीमा के भीतर 100 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करते हैं। 100 किमी वन स्टार इवेंट में भाग लेने वाले राइडर्स सामान्यतः 40 किमी एवं 80 किमी स्तर पूर्ण कर चुके होते हैं। यह राष्ट्रीय सीनियर श्रेणी में प्रवेश का महत्वपूर्ण चरण है। प्रतियोगिता की प्रक्रिया कैसे होती है? 100 किमी दूरी को विभिन्न चरणों (Loops) में विभाजित किया जाता है। हर चरण के बाद वेटरनरी चेक (Vet Check) होता है, जिसमें घोड़े की— हार्ट रेट, सांस, चाल (Gait), डिहाइड्रेशनमांसपेशियों की स्थिति की जांच की जाती है। यदि घोड़ा फिट नहीं पाया जाता, तो राइडर को अयोग्य घोषित किया जा सकता है। इसलिए यह खेल “घोड़े की सुरक्षा पहले” के सिद्धांत पर आधारित है। राष्ट्रीय पहचान और भविष्य के अवसर यह आधिकारिक राष्ट्रीय चैंपियनशिप है। प्रदर्शन के आधार पर राइडर्स की राष्ट्रीय रैंकिंग बनती है। वन स्टार स्तर सफलतापूर्वक पूरा करने पर खिलाड़ी आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए पात्र बन सकते हैं। राजस्थान के लिए गौरव का अवसर करीब दस वर्षों बाद जयपुर में 100 किमी राष्ट्रीय वन स्टार एंड्योरेंस चैंपियनशिप का आयोजन राज्य के अश्वारोहण खेल के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली एंड्योरेंस खेल के प्रमुख केंद्र हैं। रेगिस्तानी एवं खुले ट्रैक के कारण राजस्थान एंड्योरेंस के लिए आदर्श माना जाता है।इवेंट कॉर्डिनेटर दुष्यंत सिंह ने कहा कि 100 किमी नेशनल वन स्टार एंड्योरेंस चैंपियनशिप केवल एक रेस नहीं, बल्कि घुड़सवार और घोड़े के बीच विश्वास, संतुलन और सहनशक्ति की सबसे बड़ी परीक्षा है।यह प्रतियोगिता राष्ट्रीय स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है और इसमें सफलता भविष्य में बड़े अवसरों के द्वार खोल सकती है।














